Psychology: 257 MCQs with Answers
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Q81. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन विकास के संदर्भ में सही नहीं है ?
Right Answer: सभी बच्चों का विकास एक-समान होता है।
Explanation:
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Q82. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सीखने की विराम विधि के महत्व को इंगित नहीं करता ?
Right Answer: स्मृति चिह्न समेकित नहीं होते
Explanation:
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Q83. निम्नलिखित में से कौन-सा निबंधात्मक प्रकार के प्रश्नों का एक रूप नहीं है ?
Right Answer: प्रत्याभिज्ञानात्मक
Explanation:
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Q84. किस अधिगम निर्योग्यता में निम्नलिखित हस्तक्षेप कार्यक्रम सुझाए गए हैं ? (A) भाषायी समझ के लिए प्रयास (B) वर्तनी सुधार के लिए अभ्यास
Right Answer: डिस्लेक्सिया
Explanation:
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Q85. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अधिगम के संबंध में सही नहीं है ?
Right Answer: अधिगम परिपक्वता के कारण व्यवहार में परिवर्तन है।
Explanation:
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Q86. एक बच्चा किसी पाठ को अपनी सुविधानुसार कई भागों में बाँटकर सीखता है। यह सीखने की कौन-सी विधि है ?
Right Answer: अंश विधि
Explanation:
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Q87. ‘समीपस्थ विकास का क्षेत्र’ यह संप्रत्यय किस मनोवैज्ञानिक द्वारा प्रस्तुत किया गया है ?
Right Answer: वायगोट्स्की
Explanation:
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Q88. गैने के अधिगम प्रतिमान के अनुसार किसी संप्रत्यय अधिगम के पूर्व किस प्रकार के अधिगम की आवश्यकता नहीं होगी ?
Right Answer: नियम अधिगम
Explanation:
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Q89. 90-110 बुद्धि लब्धि प्रसार किस बौद्धिक श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है ?
Right Answer: औसत
Explanation:
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Q90. निम्नांकित में से किसने नैतिक विकास का सिद्धांत दिया है ?
Right Answer: पियाजे ने
Explanation:
नैतिक विकास पर सर्वप्रथम व्यवस्थित सिद्धांत जीन पियाजे ने प्रस्तुत किया। उन्होंने बच्चों के खेल के नियमों का अध्ययन करके नैतिकता की दो अवस्थाएँ बताईं — परायत्त नैतिकता (नैतिक यथार्थवाद), जिसमें नियम अपरिवर्तनीय माने जाते हैं, और स्वायत्त नैतिकता (नैतिक सापेक्षवाद), जिसमें बच्चा नियमों को आपसी सहमति से बना मानने लगता है। बाद में कोहलबर्ग ने इसी आधार पर नैतिक विकास के तीन स्तर और छह अवस्थाएँ दीं। वायगोट्स्की सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत, फ्रायड मनोलैंगिक विकास तथा बंडुरा सामाजिक अधिगम सिद्धांत के लिए जाने जाते हैं, इसलिए सही उत्तर पियाजे है।
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Q91. तृतीयक चक्रीय प्रतिक्रियाएँ विकसित होती हैं :
Right Answer: संवेदात्मक गामक अवस्था के दौरान
Explanation:
तृतीयक चक्रीय प्रतिक्रियाएँ पियाजे की संवेदी-गामक (सेंसरी मोटर) अवस्था की पाँचवीं उप-अवस्था हैं, जो लगभग 12 से 18 माह की आयु में विकसित होती हैं। इस अवस्था में शिशु किसी क्रिया को ज्यों-का-त्यों दोहराने के स्थान पर उसमें जान-बूझकर परिवर्तन करके परिणाम देखता है, जैसे गेंद को कभी धीरे तो कभी जोर से गिराकर आवाज़ का अंतर समझना। इसे 'लघु वैज्ञानिक' व्यवहार कहा जाता है, क्योंकि शिशु प्रयोग द्वारा नया ज्ञान अर्जित करता है। यह पूरी अवस्था जन्म से दो वर्ष तक चलती है।
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Q92. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन विकास के सन्दर्भ में सही नहीं है ?
Right Answer: यह एकआयामी होता है।
Explanation:
विकास एक बहुआयामी (मल्टीडाइमेंशनल) प्रक्रिया है, एकआयामी नहीं। इसमें शारीरिक, संज्ञानात्मक, संवेगात्मक, सामाजिक तथा नैतिक — सभी आयाम साथ-साथ विकसित होते हैं, इसलिए कथन 'यह एकआयामी होता है' गलत है। शेष तीनों कथन सही हैं — विकास गर्भाधान से मृत्यु तक चलने वाली एक सतत प्रक्रिया है; इसकी प्रवृत्ति संचयी होती है, अर्थात् पूर्व अनुभवों पर आगे का विकास आधारित रहता है; तथा विकास की गति और स्तर में वैयक्तिक विभिन्नताएँ स्पष्ट रूप से पाई जाती हैं। अतः सही उत्तर विकल्प (2) है।
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Q93. उत्क्रमणीय योग्यता विकसित होने की अवस्था है :
Right Answer: मूर्त संक्रियात्मक अवस्था
Explanation:
उत्क्रमणीयता (रिवर्सिबिलिटी) अर्थात् किसी मानसिक क्रिया को उलटकर मूल स्थिति में लौटने की योग्यता पियाजे की मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष) में विकसित होती है। इसी अवस्था में बालक संरक्षण (कंज़र्वेशन), वर्गीकरण, क्रमबद्धता तथा विकेन्द्रीकरण जैसी संक्रियाएँ भी सीखता है। पूर्व संक्रियात्मक अवस्था में बालक आत्मकेन्द्रित रहता है और उत्क्रमणीयता का अभाव होता है। औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था में अमूर्त एवं परिकल्पनात्मक चिंतन आता है, जबकि संवेदी गामक अवस्था में केवल इन्द्रिय-गत्यात्मक अनुभव होते हैं। अतः सही उत्तर मूर्त संक्रियात्मक अवस्था है।
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Q94. ‘निकटता के सिद्धांत’ की संकल्पना किसके द्वारा दी गयी है ?
Right Answer: वर्दीमर द्वारा
Explanation:
'निकटता का नियम' (लॉ ऑफ प्रॉक्सिमिटी) गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के प्रत्यक्षीकरण संगठन नियमों में से एक है, जिसे मैक्स वर्दीमर ने प्रतिपादित किया। इसके अनुसार जो वस्तुएँ एक-दूसरे के अधिक निकट होती हैं, उन्हें हम एक ही समूह के रूप में देखते हैं। गेस्टाल्टवादियों के अन्य प्रमुख नियम हैं — समानता का नियम, निरन्तरता का नियम, समापन का नियम तथा सरलता का नियम। वर्दीमर, कोहलर तथा कोफ्का इस सम्प्रदाय के संस्थापक माने जाते हैं। थॉर्नडाइक प्रयास एवं त्रुटि, पावलॉव शास्त्रीय अनुबंधन तथा स्किनर क्रियाप्रसूत अनुबंधन के लिए प्रसिद्ध हैं। अतः सही उत्तर वर्दीमर द्वारा है।
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Q95. निम्नांकित में से किसका अध्ययन मनोविज्ञान एवं बाल विकास के प्रतिच्छेद बिन्दु पर स्थित है ?
Right Answer: विकासात्मक मनोविज्ञान
Explanation:
विकासात्मक मनोविज्ञान वह शाखा है जो मनोविज्ञान एवं बाल विकास के प्रतिच्छेद बिन्दु पर स्थित है। यह जन्म से मृत्यु तक व्यक्ति में होने वाले शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक एवं संवेगात्मक परिवर्तनों का क्रमबद्ध अध्ययन करती है, इसलिए बाल विकास इसका केन्द्रीय भाग है। सामाजिक मनोविज्ञान समूह-व्यवहार तथा अंतर्वैयक्तिक संबंधों का, औद्योगिक मनोविज्ञान कार्यस्थल एवं उत्पादकता का तथा संगठनात्मक मनोविज्ञान संस्थागत संरचना एवं नेतृत्व का अध्ययन करता है। इन तीनों का केन्द्र वयस्क एवं संस्था है, बालक नहीं। विकासात्मक मनोविज्ञान की सहायता से ही शिक्षक बालक की आयु-स्तरीय आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण योजना बना पाता है। इसलिए सही उत्तर विकासात्मक मनोविज्ञान है।
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Q96. मनोविज्ञान की प्रथम प्रयोगशाला के खोजकर्ता/प्रतिपादक थे :
Right Answer: विलियम वुण्ट
Explanation:
मनोविज्ञान की प्रथम प्रयोगशाला की स्थापना सन् 1879 में जर्मनी के लिपजिग विश्वविद्यालय में विलियम वुण्ट ने की थी। इसी घटना को मनोविज्ञान के एक स्वतंत्र विज्ञान के रूप में जन्म माना जाता है, इसलिए वुण्ट को 'प्रयोगात्मक मनोविज्ञान का जनक' कहा जाता है। उन्होंने अन्तर्निरीक्षण विधि द्वारा चेतना के तत्वों का अध्ययन किया और संरचनावाद की नींव रखी। एल्फ्रेड एडलर व्यक्तिगत मनोविज्ञान, सिरील बर्ट बुद्धि परीक्षण तथा जीन पियाजे संज्ञानात्मक विकास के लिए जाने जाते हैं। अतः सही उत्तर विलियम वुण्ट है।
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Q97. निम्नांकित में से कौन-सी पियाजे के संज्ञानात्मक विकास की अवस्था नहीं है ?
Right Answer: गुप्तावस्था
Explanation:
गुप्तावस्था (लेटेंसी स्टेज) पियाजे की नहीं, बल्कि सिगमंड फ्रायड के मनोलैंगिक विकास सिद्धांत की अवस्था है, जो लगभग 6 से 12 वर्ष तक चलती है। पियाजे के संज्ञानात्मक विकास की चार अवस्थाएँ हैं — संवेदी गामक (0-2 वर्ष), पूर्व संक्रियात्मक (2-7 वर्ष), मूर्त संक्रियात्मक (7-11 वर्ष) तथा औपचारिक संक्रियात्मक (11 वर्ष से आगे)। फ्रायड की अवस्थाएँ मौखिक, गुदा, लिंग प्रधान, गुप्तावस्था एवं जननांगीय हैं। गुप्तावस्था में लैंगिक ऊर्जा दबी रहती है और बालक का ध्यान पढ़ाई, खेल तथा समलिंगी मित्रता की ओर रहता है। अतः जो पियाजे की अवस्था नहीं है, वह गुप्तावस्था है।
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Q98. ‘काल्पनिक दर्शक / श्रोता’ किस अवस्था से सम्बंधित है ?
Right Answer: किशोरावस्था से
Explanation:
'काल्पनिक दर्शक/श्रोता' (इमेजिनरी ऑडियंस) की अवधारणा डेविड एल्काइंड ने दी और यह किशोरावस्था से सम्बंधित है। इसमें किशोर यह मानता है कि सब लोग निरंतर उसी को देख रहे हैं और उसके रूप, वस्त्र तथा व्यवहार का मूल्यांकन कर रहे हैं, जिससे वह अत्यधिक आत्म-सचेत हो जाता है। इसी से जुड़ी दूसरी अवधारणा 'व्यक्तिगत दंतकथा' (पर्सनल फेबल) है, जिसमें किशोर स्वयं को अद्वितीय एवं अभेद्य समझता है। ये दोनों किशोरावस्था के आत्मकेन्द्रण को दर्शाती हैं। अतः सही उत्तर किशोरावस्था है।
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Q99. एक बच्चा कहता है कि ‘चाँद हँस रहा है’। यह निम्न में से किस विशेषता को इंगित करता है ?
Right Answer: एनिमिज्म
Explanation:
जब बच्चा कहता है कि 'चाँद हँस रहा है', तो वह निर्जीव वस्तुओं को जीवित मानकर उन्हें भावनाएँ एवं इच्छाएँ प्रदान कर रहा होता है। पियाजे ने इस विशेषता को 'एनिमिज़्म' (सजीवतावाद) कहा है और यह पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (2 से 7 वर्ष) का प्रमुख लक्षण है। इसी अवस्था में आत्मकेन्द्रण, केन्द्रीकरण, अनुत्क्रमणीयता तथा प्रतीकात्मक चिंतन भी दिखाई देते हैं। आत्मकेन्द्रण का अर्थ है दूसरों के दृष्टिकोण को न समझ पाना, जो यहाँ लागू नहीं होता। अतः सही उत्तर एनिमिज्म है।
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Q100. क्रियाप्रसूत अनुकूलन के अनुसार कौन-सा कथन सही है ?
Right Answer: नकारात्मक पुनर्बलन वांछनीय व्यवहार बढ़ाता है।
Explanation:
क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर) के अनुसार नकारात्मक पुनर्बलन किसी अप्रिय उद्दीपक को हटाकर वांछनीय व्यवहार की आवृत्ति बढ़ाता है, जैसे गृहकार्य पूरा करने पर डाँट का बंद हो जाना। यह दंड से भिन्न है — दंड व्यवहार को घटाता है जबकि पुनर्बलन (सकारात्मक या नकारात्मक) व्यवहार को बढ़ाता है। अतः 'दंड एक सकारात्मक पुनर्बलन है' कथन गलत है। सीखा हुआ व्यवहार भी विलोपन (एक्सटिंक्शन) द्वारा भुलाया जा सकता है। इसलिए सही कथन है — नकारात्मक पुनर्बलन वांछनीय व्यवहार बढ़ाता है।
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