Psychology: 257 MCQs with Answers
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Q101. बालक अन्तर्बोध परीक्षण किसके द्वारा विकसित किया गया ?
Right Answer: बैलक
Explanation:
बालक अन्तर्बोध परीक्षण (चाइल्ड एपरसेप्शन टेस्ट – CAT) का निर्माण लियोपोल्ड बैलक तथा सोन्या बैलक ने 1949 में किया था। यह 3 से 10 वर्ष के बच्चों के व्यक्तित्व के मापन हेतु प्रयुक्त एक प्रक्षेपी (प्रोजेक्टिव) परीक्षण है, जिसमें पशुओं के चित्र दिखाकर बच्चे से कहानी बनवाई जाती है और उसके उत्तरों से उसकी आंतरिक भावनाएँ, संघर्ष तथा पारिवारिक संबंध समझे जाते हैं। यह मरे के प्रासंगिक अंतर्बोध परीक्षण (TAT) का बाल-संस्करण है। थर्स्टन, थॉर्नडाइक एवं ऑलपोर्ट का सम्बन्ध क्रमशः बुद्धि तथा व्यक्तित्व शीलगुण सिद्धांतों से है।
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Q102. उपलब्धि अभिप्रेरणा सिद्धान्त किसने प्रतिपादित किया था ?
Right Answer: मैकलिलैण्ड
Explanation:
उपलब्धि अभिप्रेरणा का सिद्धांत डेविड मैकलिलैण्ड ने जॉन एटकिंसन के साथ मिलकर प्रतिपादित किया। इसके अनुसार व्यक्ति में तीन प्रमुख आवश्यकताएँ होती हैं — उपलब्धि की आवश्यकता (nAch), सम्बद्धता की आवश्यकता (nAff) तथा शक्ति की आवश्यकता (nPow)। उच्च उपलब्धि अभिप्रेरणा वाले व्यक्ति मध्यम कठिनाई वाले, चुनौतीपूर्ण किन्तु प्राप्य लक्ष्य चुनते हैं और प्रतिपुष्टि चाहते हैं। मैकलिलैण्ड ने इसके मापन हेतु प्रासंगिक अंतर्बोध परीक्षण का प्रयोग किया। मास्लो ने आवश्यकता पदानुक्रम, कुर्ट लेविन ने क्षेत्र सिद्धांत तथा हर्जबर्ग ने द्वि-कारक सिद्धांत दिया, जो अभिप्रेरणा के अन्य महत्वपूर्ण सिद्धांत हैं। अतः सही उत्तर मैकलिलैण्ड है।
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Q103. शृंखलन - सम्प्रत्यय आधारित है :
Right Answer: क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत पर
Explanation:
शृंखलन (चेनिंग) का सम्प्रत्यय स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत पर आधारित है। इसमें किसी जटिल कौशल को छोटी-छोटी सरल क्रियाओं में बाँटकर क्रमबद्ध रूप से सिखाया जाता है और प्रत्येक चरण अगले चरण के लिए उद्दीपक तथा पिछले चरण के लिए पुनर्बलक का कार्य करता है। जूते के फीते बाँधना या हाथ धोना इसी प्रकार सिखाया जाता है। इसे अग्र शृंखलन तथा पश्च शृंखलन दोनों रूपों में प्रयोग किया जाता है और यह विशेष आवश्यकता वाले बालकों के शिक्षण में अत्यंत उपयोगी है।
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Q104. बुद्धि का त्रिआयामी सिद्धान्त किसके द्वारा प्रतिपादित किया गया है ?
Right Answer: गिलफर्ड
Explanation:
बुद्धि का त्रिआयामी सिद्धांत जे. पी. गिलफर्ड ने दिया, जिसे 'बुद्धि संरचना मॉडल' (SOI) कहते हैं। इसमें बुद्धि के तीन आयाम हैं — संक्रिया (ऑपरेशन), विषय-वस्तु (कंटेंट) तथा उत्पाद (प्रोडक्ट)। प्रारम्भ में 5 × 4 × 6 = 120 कारक बताए गए, जिन्हें बाद में बढ़ाकर 180 तक किया गया। गिलफर्ड ने ही अपसारी चिंतन को सृजनात्मकता का आधार माना। स्फीयरमैन ने द्वि-कारक, थर्स्टन ने समूह कारक तथा थॉर्नडाइक ने बहु-कारक सिद्धांत दिया। अतः सही उत्तर गिलफर्ड है।
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Q105. निम्नलिखित में से कौन-सी पुनर्बलन की अनुसूची नहीं है ?
Right Answer: अभिप्रेरणा
Explanation:
पुनर्बलन की अनुसूचियाँ (शेड्यूल्स ऑफ रीइन्फोर्समेंट) स्किनर द्वारा दी गई हैं और मुख्यतः चार हैं — स्थिर अनुपात, परिवर्तनशील (चर) अनुपात, स्थिर अन्तराल तथा परिवर्तनशील अन्तराल। अनुपात अनुसूचियाँ अनुक्रियाओं की संख्या पर तथा अन्तराल अनुसूचियाँ बीते हुए समय पर आधारित होती हैं। इनमें चर अनुपात अनुसूची सबसे अधिक स्थायी एवं उच्च अनुक्रिया दर देती है। इसके अतिरिक्त सतत पुनर्बलन नए व्यवहार को शीघ्र सिखाता है, जबकि आंशिक पुनर्बलन उसे अधिक स्थायी बनाता है और विलोपन के प्रति प्रतिरोधी करता है। अभिप्रेरणा एक आंतरिक प्रेरक अवस्था है, पुनर्बलन देने की कोई अनुसूची नहीं। अतः सही उत्तर अभिप्रेरणा है।
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Q106. अन्तर्दृष्टि का सिद्धान्त किसके द्वारा दिया गया ?
Right Answer: गेस्टाल्टवादी द्वारा
Explanation:
अन्तर्दृष्टि (इनसाइट) का सिद्धांत गेस्टाल्टवादियों, विशेषकर वोल्फगैंग कोहलर ने दिया। कोहलर ने टेनेरीफ द्वीप पर सुल्तान नामक वनमानुष पर प्रयोग किए, जिसमें उसने डंडों को जोड़कर या बक्सों को एक के ऊपर एक रखकर केला प्राप्त किया। यह सीखना प्रयास एवं त्रुटि से नहीं, बल्कि समस्या के सम्पूर्ण प्रारूप को अचानक समझ लेने से हुआ। इसमें सीखना एकाएक होता है, स्थायी रहता है तथा नई परिस्थितियों में सरलता से स्थानांतरित होता है। अतः सही उत्तर गेस्टाल्टवादी द्वारा है।
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Q107. भय संवेग किस मूल प्रवृत्ति से जुड़ा है ?
Right Answer: पलायन
Explanation:
मैक्डूगल ने अपने मूल प्रवृत्ति सिद्धांत में प्रत्येक मूल प्रवृत्ति के साथ एक संवेग जोड़ा। उनके अनुसार भय का संवेग पलायन (एस्केप या फ्लाइट) की मूल प्रवृत्ति से जुड़ा है, क्योंकि भय होने पर जीव खतरे से दूर भागने का प्रयास करता है। इसी प्रकार निवृत्ति के साथ घृणा, लड़ाई (युयुत्सा) के साथ क्रोध तथा जिज्ञासा के साथ आश्चर्य का संवेग जुड़ा है। मैक्डूगल ने कुल 14 मूल प्रवृत्तियाँ बताईं। अतः भय संवेग से जुड़ी मूल प्रवृत्ति पलायन है।
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Q108. निम्नलिखित में से कौन-सा बुद्धि लब्धि गणना का सही सूत्र है ? C . A .
Right Answer: (M.A. / C.A.) × 100
Explanation:
बुद्धि लब्धि (Intelligence Quotient) का सूत्र विलियम स्टर्न ने दिया और टरमन ने इसे 100 से गुणा करके व्यावहारिक बनाया। सही सूत्र है — बुद्धि लब्धि = (मानसिक आयु ÷ वास्तविक आयु) × 100, अर्थात् (M.A. / C.A.) × 100। यदि किसी 8 वर्ष के बालक की मानसिक आयु 10 वर्ष है, तो उसकी बुद्धि लब्धि (10/8) × 100 = 125 होगी। मानसिक आयु का सम्प्रत्यय बिने ने दिया था। शेष तीनों विकल्पों में अंश और हर उलटे या गुणनखंड गलत हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प (2) है।
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Q109. ब्रॉनफेनब्रेनेर के जैव पारिस्थितिकीय सिद्धांत के अनुसार नियम और कानून उदाहरण हैं :
Right Answer: बृहत्तंत्र के
Explanation:
ब्रॉनफेनब्रेनर के जैव-पारिस्थितिकीय सिद्धांत में बालक के परिवेश को पाँच स्तरों में बाँटा गया है। सूक्ष्म तंत्र में परिवार, विद्यालय तथा सहपाठी जैसे प्रत्यक्ष सम्पर्क वाले परिवेश आते हैं; मेसो तंत्र इन परिवेशों के आपसी संबंधों को दर्शाता है; बाह्य तंत्र में माता-पिता का कार्यस्थल जैसे अप्रत्यक्ष प्रभाव आते हैं; बृहत् तंत्र (मैक्रो सिस्टम) में समाज की संस्कृति, मूल्य, विचारधारा, नियम एवं कानून सम्मिलित हैं; तथा समय तंत्र समय के साथ होने वाले परिवर्तनों को दर्शाता है। अतः नियम और कानून बृहत् तंत्र के उदाहरण हैं।
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Q110. डिसकैल्कुलिया एक प्रकार है :
Right Answer: अधिगम अक्षमता का
Explanation:
डिसकैल्कुलिया एक विशिष्ट अधिगम अक्षमता है जिसमें बालक को संख्याओं की पहचान, गणना, जोड़-घटाव, संख्या-क्रम तथा गणितीय संकल्पनाओं को समझने में कठिनाई होती है, जबकि उसकी बुद्धि सामान्य होती है। इसी श्रेणी में डिस्लेक्सिया (पठन अक्षमता), डिस्ग्राफिया (लेखन अक्षमता) तथा डिस्प्रैक्सिया (गत्यात्मक समन्वय की अक्षमता) आती हैं। यह न तो मानसिक मंदता है, न मानसिक रुग्णता और न ही चलन अक्षमता, क्योंकि इनमें क्रमशः बौद्धिक स्तर, मानसिक स्वास्थ्य तथा शारीरिक गतिशीलता प्रभावित होती है। अतः सही उत्तर अधिगम अक्षमता है।
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Q111. निम्नलिखित में से कौन-सा एक सकारात्मक पुनर्बलक के रूप में प्रयोग नहीं हो सकता है ?
Right Answer: कड़वी दवा
Explanation:
सकारात्मक पुनर्बलक वह सुखद उद्दीपक है जो किसी अनुक्रिया के बाद दिए जाने पर उस व्यवहार की पुनरावृत्ति की सम्भावना बढ़ा देता है, जैसे टॉफी, बिस्किट, पैसा, प्रशंसा या पुरस्कार। कड़वी दवा एक अप्रिय अर्थात् विरुचिकर उद्दीपक है, इसलिए वह सकारात्मक पुनर्बलक के रूप में कार्य नहीं कर सकती; उसे हटाने पर वह नकारात्मक पुनर्बलन बन सकती है और देने पर दंड। यही कारण है कि विकल्प (3) सही उत्तर है। स्किनर ने इन्हीं संकल्पनाओं को क्रियाप्रसूत अनुबंधन में स्पष्ट किया।
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Q112. निम्नांकित में से कौन - सा निरीक्षणात्मक अधिगम का तत्व है ?
Right Answer: संग्रहण
Explanation:
अल्बर्ट बंडुरा के निरीक्षणात्मक या प्रेक्षणात्मक अधिगम (सामाजिक अधिगम) के चार आवश्यक तत्व हैं — ध्यान (अटेंशन), संग्रहण या धारण (रिटेंशन), पुनरुत्पादन (रिप्रोडक्शन) तथा अभिप्रेरणा (मोटिवेशन)। इनमें संग्रहण का अर्थ है प्रतिमान के व्यवहार को स्मृति में प्रतीकात्मक रूप से संचित करना, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसे दोहराया जा सके। बुद्धिमत्ता, अनुबंधन तथा व्यक्तित्व इस प्रक्रिया के घटक नहीं हैं। बंडुरा ने बताया कि बालक माता-पिता, शिक्षक तथा मीडिया के पात्रों को प्रतिमान बनाकर बहुत-सा व्यवहार बिना किसी प्रत्यक्ष पुनर्बलन के सीख लेता है। अतः दिए गए विकल्पों में निरीक्षणात्मक अधिगम का तत्व संग्रहण (रिटेंशन) है।
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Q113. सिगमंड फ्रायड जाने जाते हैं :
Right Answer: मनोलैंगिक विकास के सिद्धान्त के लिए
Explanation:
सिगमंड फ्रायड मनोविश्लेषणवाद के जनक हैं और वे मनोलैंगिक विकास के सिद्धांत के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने विकास की पाँच अवस्थाएँ बताईं — मौखिक, गुदा, लिंग प्रधान, गुप्तावस्था तथा जननांगीय। उन्होंने व्यक्तित्व की तीन संरचनाएँ इदम्, अहम् तथा पराहम् भी दीं। सामाजिक विकास का सिद्धांत एरिक एरिक्सन ने, संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत जीन पियाजे ने तथा नैतिक विकास का सिद्धांत कोहलबर्ग ने दिया। फ्रायड ने चेतन, अर्धचेतन तथा अचेतन मन की अवधारणा भी प्रस्तुत की और स्वप्न विश्लेषण एवं मुक्त साहचर्य जैसी उपचार विधियाँ विकसित कीं। अतः सही उत्तर मनोलैंगिक विकास का सिद्धांत है।
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Q114. 90-110 बुद्धि लब्धि प्रसार बुद्धि की किस श्रेणी को दर्शाता है ?
Right Answer: औसत बुद्धि
Explanation:
बुद्धि लब्धि के वर्गीकरण में 90 से 110 का प्रसार सामान्य या औसत बुद्धि को दर्शाता है और जनसंख्या का लगभग आधा भाग इसी श्रेणी में आता है। सामान्यतः 110-120 उच्च औसत, 120-140 प्रखर या श्रेष्ठ तथा 140 से ऊपर प्रतिभाशाली माना जाता है; इसी प्रकार 80-90 मंद, 70-80 क्षीण बुद्धि तथा 70 से नीचे मानसिक मंदता की श्रेणियाँ हैं। यह वर्गीकरण टरमन के स्टैनफोर्ड-बिने परीक्षण पर आधारित है। अतः 90-110 का प्रसार औसत बुद्धि को दर्शाता है।
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Q115. निम्नांकित में से कौन - सी तकनीक दृष्टिबाधित बालक के शिक्षण हेतु प्रयोग की जाती है ?
Right Answer: टेलर फ्रेम
Explanation:
टेलर फ्रेम एक विशेष उपकरण है जिसका प्रयोग दृष्टिबाधित बालकों को गणित की संक्रियाएँ — जोड़, घटाव, गुणा, भाग, वर्गमूल आदि सिखाने के लिए किया जाता है। इसमें अष्टकोणीय छिद्रों वाला एक फ्रेम तथा टाइप पिनें होती हैं, जिन्हें विभिन्न दिशाओं में रखकर अंक दर्शाए जाते हैं। इनके अतिरिक्त ब्रेल लिपि, अबेकस तथा टॉकिंग बुक्स भी प्रयुक्त होती हैं। पी.ई.सी.एस. का प्रयोग स्वलीनता (ऑटिज़्म) में तथा संकेत भाषा का प्रयोग श्रवण बाधित बालकों के लिए होता है। अतः सही उत्तर टेलर फ्रेम है।
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Q116. बोबो डॉल पर किया गया अनुसंधान अधिगम के किस सैद्धांतिक दृष्टिकोण की पुष्टि करता है ?
Right Answer: सामाजिक अधिगम
Explanation:
बोबो डॉल प्रयोग अल्बर्ट बंडुरा ने 1961 में किया था। इसमें बच्चों को एक वयस्क द्वारा गुड़िया के साथ आक्रामक व्यवहार करते दिखाया गया और बाद में देखा गया कि बच्चों ने भी वैसा ही व्यवहार दोहराया। इस प्रयोग ने सिद्ध किया कि सीखना केवल प्रत्यक्ष पुनर्बलन से नहीं, बल्कि दूसरों का अनुकरण एवं प्रेक्षण करके भी होता है। इसी आधार पर सामाजिक अधिगम सिद्धांत विकसित हुआ, जिसे बाद में बंडुरा ने सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धांत नाम दिया। अतः सही उत्तर सामाजिक अधिगम है।
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Q117. कोहलबर्ग के अनुसार, दण्ड से बचने हेतु नैतिकता का विकास किस स्तर के अन्तर्गत आता है ?
Right Answer: पूर्व-रूढ़िवादी अवस्था
Explanation:
कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत में तीन स्तर तथा छह अवस्थाएँ हैं। पूर्व-रूढ़िवादी स्तर की पहली अवस्था 'दंड एवं आज्ञापालन उन्मुखता' है, जिसमें बालक केवल दंड से बचने के लिए नियमों का पालन करता है; दूसरी अवस्था स्वार्थ या आदान-प्रदान पर आधारित है। रूढ़िवादी स्तर में 'अच्छा बालक' बनने तथा सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने की भावना आती है, जबकि उत्तर-रूढ़िवादी स्तर में सामाजिक अनुबंध एवं सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत आते हैं। अतः दंड से बचने हेतु नैतिकता पूर्व-रूढ़िवादी स्तर में आती है।
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Q118. ‘अधिगम अक्षमता’ शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसके द्वारा किया गया ?
Right Answer: सैमुअल किर्क
Explanation:
'अधिगम अक्षमता' (लर्निंग डिसेबिलिटी) शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग सन् 1963 में सैमुअल किर्क ने शिकागो के एक सम्मेलन में किया था। उन्होंने इसे ऐसी स्थिति बताया जिसमें सामान्य बुद्धि होने पर भी बालक को पठन, लेखन, गणना या भाषा-प्रयोग में विशिष्ट कठिनाई होती है। लियो कैनर ने स्वलीनता (ऑटिज़्म) का वर्णन किया, जॉन लैंगडन डाउन ने डाउन सिंड्रोम का तथा सिगमंड फ्रायड ने मनोविश्लेषण का प्रतिपादन किया। भारत में निःशक्तजन अधिकार अधिनियम 2016 में विशिष्ट अधिगम अक्षमता को दिव्यांगता की श्रेणी में सम्मिलित किया गया है। अतः इस शब्द के प्रवर्तक सैमुअल किर्क हैं।
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Q119. ‘एक बालक का उसकी माता के प्रति आकर्षण’ को फ्रायड ने कहा है :
Right Answer: ओडिपस ग्रंथि
Explanation:
फ्रायड के मनोलैंगिक विकास सिद्धांत की लिंग प्रधान (फैलिक) अवस्था, जो लगभग 3 से 6 वर्ष तक चलती है, में बालक अपनी माता के प्रति आकर्षण अनुभव करता है और पिता को प्रतिद्वंद्वी समझता है। इसे फ्रायड ने ग्रीक कथा के आधार पर 'ओडिपस ग्रंथि' कहा। इसका स्त्री-संस्करण, जिसमें बालिका पिता के प्रति आकर्षित होती है, 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' कहलाता है। इस संघर्ष के समाधान से ही पराहम् और लिंग-भूमिका का विकास होता है। अतः सही उत्तर ओडिपस ग्रंथि है।
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Q120. शिक्षा का मुख्य कार्य उत्तम नैतिक चरित्र का विकास करना है, यह कथन किसका है?
Right Answer: स्वामी विवेकानंद
Explanation:
शिक्षा का मुख्य कार्य उत्तम नैतिक चरित्र का विकास करना है, यह कथन स्वामी विवेकानंद का है। उनके अनुसार शिक्षा मनुष्य में पहले से विद्यमान पूर्णता की अभिव्यक्ति है और इसका उद्देश्य केवल सूचनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, मानसिक शक्ति का विकास तथा आत्मनिर्भरता है। उन्होंने कहा था कि हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र बने, मन की शक्ति बढ़े, बुद्धि का विकास हो और व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा हो सके। वे मानव निर्माणकारी शिक्षा के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।
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