Psychology - Heredity and Environment: 8 MCQs with Answers

Heredity and Environment - Psychology
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Psychology- Heredity and Environment

Heredity and Environment MCQs, Practice Test & Previous Year Questions

Welcome to the Heredity and Environment section, where you can practice high-quality MCQs, online quizzes, previous year questions, and detailed explanations on one of the most important topics in Child Development and Pedagogy (CDP). This page is designed to help students and teaching aspirants strengthen their understanding of how heredity and environmental factors influence a child's growth, development, learning, and personality.

Heredity refers to the genetic traits inherited from parents, while the environment includes all external factors that influence an individual's physical, mental, emotional, and social development. Understanding the relationship between heredity and environment is essential for educators, as both play a significant role in shaping a child's abilities, behavior, intelligence, and overall development.

Our question bank includes carefully selected multiple-choice questions based on the latest exam syllabus and previous year papers. Each question comes with a detailed explanation to help you understand key concepts and improve your performance in competitive examinations.

What You'll Learn

  • Meaning of Heredity and Environment
  • Characteristics of Heredity
  • Types and Components of Environment
  • Role of Genes and Environment in Child Development
  • Nature vs. Nurture Debate
  • Influence of Family, School, and Society
  • Factors Affecting Learning and Development
  • Educational Implications for Teachers
  • Previous Year Questions with Solutions
  • Topic-wise Practice Tests and Online Quizzes

This study material is highly useful for candidates preparing for CTET, HTET, REET, UPTET, DSSSB, KVS, NVS, PRT, TGT, PGT, B.Ed., D.El.Ed., Super TET, State TETs, and other teaching eligibility and recruitment examinations. Regular practice will help you improve conceptual clarity, increase accuracy, and build confidence for the final exam.

Start solving Heredity and Environment MCQs today and enhance your preparation with free online quizzes, detailed explanations, and exam-oriented practice questions.

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Q1. निम्नलिखित में से कौन आनुवंशिकता से प्रभावित नहीं होता ?

Right Answer: अभिवृत्ति


Explanation:

यहाँ सभी विकल्पों का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अभिवृत्ति आनुवंशिकता (Heredity) से प्रभावित क्यों नहीं होती:

  • (1) अभिक्षमता (Aptitude): अभिक्षमता का अर्थ है किसी विशिष्ट कार्य या क्षेत्र (जैसे- संगीत, गणित, या कला) में कौशल सीखने की जन्मजात क्षमता या योग्यता। यह काफी हद तक आनुवंशिकता और जैविक कारकों से प्रभावित होती है।
  • (2) अभिवृत्ति (Attitude): अभिवृत्ति (या दृष्टिकोण) किसी व्यक्ति, वस्तु, विचार या परिस्थिति के प्रति सकारात्मक या नकारात्मक सोचने और महसूस करने का एक तरीका है। यह पूरी तरह से अर्जित (Learned) होती है। बच्चा अपने परिवार, समाज, संस्कृति और अनुभवों (वातावरण) से सीखता है कि उसे किस चीज़ के प्रति कैसा नज़रिया रखना है। इसका आनुवंशिकता से कोई सीधा संबंध नहीं होता।
  • (3) संवेग (Emotion): संवेगात्मक प्रवृत्तियाँ (जैसे- जल्दी क्रोधित होना, शांत रहना, या डरना) व्यक्ति के मूल स्वभाव (Temperament) से जुड़ी होती हैं। मूल स्वभाव का एक बड़ा हिस्सा आनुवंशिक बनावट और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर निर्भर करता है।
  • (4) अभिरुचि (Interest): यद्यपि अभिरुचि वातावरण से बहुत अधिक प्रभावित होती है, लेकिन कई मनोवैज्ञानिक अध्ययनों (जैसे जुड़वां बच्चों पर किए गए शोध) में पाया गया है कि कुछ चीज़ों में रुचि रखने का झुकाव (जैसे- अंतर्मुखी या बहिर्मुखी गतिविधियाँ) व्यक्ति की आनुवंशिक संरचना से भी थोड़ा प्रभावित हो सकता है।
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Q2. बण्डूरा के सामाजिक अधिगम सिद्धान्त के सोपानों को क्रम से व्यवस्थित कीजिए :

(a) व्यवहार का प्रत्यक्षीकरण 

(b) व्यवहार का पुनर्बलन

(c) व्यवहार का स्मरण

(d) स्मरण की क्रियात्मक परिणति

सही कूट का चयन कीजिए :

Right Answer: (a), (c), (d), (b)


Explanation:

अल्बर्ट बण्डूरा (Albert Bandura) ने सामाजिक अधिगम का सिद्धान्त (Social Learning Theory) प्रतिपादित किया था, जिसे 'अवलोकनात्मक अधिगम' (Observational Learning) या 'मॉडलिंग' (Modeling) भी कहा जाता है।

बण्डूरा के अनुसार, बच्चे या व्यक्ति दूसरों (मॉडल) के व्यवहार को देखकर सीखते हैं। किसी भी नए व्यवहार को देखकर सीखने की इस प्रक्रिया को बण्डूरा ने चार मुख्य सोपानों (चरणों) में बाँटा है, जिनका सही क्रम इस प्रकार है:

1. अवधान या प्रत्यक्षीकरण (Attention / Perception of behaviour) - (a) सीखने की शुरुआत तब होती है जब व्यक्ति किसी मॉडल (जैसे- शिक्षक, माता-पिता, या टीवी का कोई पात्र) के व्यवहार को पूरे ध्यान से देखता है और उसे समझता (प्रत्यक्षीकरण) है। बिना ध्यान दिए कोई भी व्यवहार सीखा नहीं जा सकता।

2. धारण या स्मरण (Retention / Remember of behaviour) - (c) मॉडल के व्यवहार को ध्यान से देखने के बाद, व्यक्ति उस व्यवहार को अपने मस्तिष्क में स्मृति (Memory) के रूप में सुरक्षित कर लेता है ताकि जरूरत पड़ने पर उसे याद किया जा सके।

3. पुनरुत्पादन या क्रियात्मक परिणति (Reproduction / Convert the memory into action) - (d) इस चरण में व्यक्ति अपने मस्तिष्क में याद की गई बातों (स्मरण) को वास्तविक शारीरिक क्रिया या व्यवहार में बदलने का प्रयास करता है। यानी वह वैसा ही करने की कोशिश करता है जैसा उसने मॉडल को करते हुए देखा था।

4. अभिप्रेरणा या पुनर्बलन (Motivation / Reinforcement of behaviour) - (b) अंतिम चरण में यह तय होता है कि व्यक्ति उस सीखे गए व्यवहार को भविष्य में दोहराएगा या नहीं। यदि मॉडल के समान व्यवहार करने पर व्यक्ति को समाज से तारीफ, पुरस्कार या सकारात्मक 'पुनर्बलन' मिलता है, तो वह उस व्यवहार को अपना लेता है। यदि उसे डांट या सजा मिलती है, तो वह उस व्यवहार को छोड़ देता है।

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Q3. समावेशी शिक्षा की दृष्टि से निम्नलिखित में से कौन-सी निःशक्त बच्चों की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए ?

Right Answer: दूसरों पर निर्भर रहने की आवश्यकता


Explanation:

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) का मुख्य उद्देश्य सामान्य बच्चों और विशेष आवश्यकता वाले (निःशक्त/दिव्यांग) बच्चों को एक ही छत के नीचे, एक साथ शिक्षा प्रदान करना है। इसका सबसे बड़ा लक्ष्य निःशक्त बच्चों को आत्मनिर्भर (Independent) और सशक्त बनाना है, न कि उन्हें दूसरों पर आश्रित (Dependent) रखना।

आइए अन्य विकल्पों को समझें कि वे निःशक्त बच्चों की आवश्यकताएं क्यों हैं:

(1) स्वयं की निःशक्तता से निपटने की आवश्यकता: समावेशी शिक्षा में बच्चों को यह सिखाया जाता है कि वे अपनी शारीरिक या मानसिक कमियों (निःशक्तता) को स्वीकार करें और आत्मविश्वास के साथ उनका सामना करें। यह उनकी एक बहुत बड़ी मनोवैज्ञानिक आवश्यकता है।

(2) उचित निर्देशन एवं परामर्श की आवश्यकता: निःशक्त बच्चों को सही शैक्षणिक और करियर मार्गदर्शन के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक परामर्श (Counselling) की बहुत आवश्यकता होती है, ताकि वे हीन भावना का शिकार न हों और सही दिशा में आगे बढ़ सकें।

(3) दूसरों पर निर्भर रहने की आवश्यकता (सही उत्तर): शिक्षा का उद्देश्य ही इंसान को स्वावलंबी (Self-reliant) बनाना है। किसी भी दृष्टि से बच्चों को यह नहीं सिखाया जाना चाहिए कि वे अपने जीवन के लिए दूसरों पर निर्भर रहें। इसलिए, यह समावेशी शिक्षा की दृष्टि से कोई आवश्यकता नहीं है।

(4) सहायक उपकरणों की आवश्यकता: दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ब्रेल लिपि या ऑडियो बुक्स, श्रवणबाधित बच्चों के लिए हियरिंग एड (Hearing aid), और शारीरिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए व्हीलचेयर जैसे सहायक उपकरण (Assistive equipments) उनकी बुनियादी जरूरत हैं। ये उपकरण उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करते हैं।

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Q4. सीखने की परिस्थिति में सुसंगत तथ्यों को असुसंगत तथ्यों से अलग करके प्रस्तुत करना, सीखने के किस नियम का परिचायक है ?

Right Answer: तत्त्व प्रबलता का नियम


Explanation:

यह प्रश्न प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक ई. एल. थार्नडाइक (E. L. Thorndike) के सीखने के नियमों (Laws of Learning) से संबंधित है। थार्नडाइक ने सीखने के 3 मुख्य (Primary) नियम और 5 गौण (Secondary) नियम दिए थे। यह प्रश्न उनके गौण नियमों पर आधारित है।

(3) तत्त्व प्रबलता का नियम (Principle of prepotency of elements): इसे 'आंशिक क्रिया का नियम' (Law of Partial Activity) भी कहा जाता है। इस नियम के अनुसार, जब कोई व्यक्ति या अधिगमकर्ता किसी नई परिस्थिति या समस्या का सामना करता है, तो वह पूरी स्थिति पर आँख मूंदकर प्रतिक्रिया करने के बजाय, उसके सबसे महत्वपूर्ण या सुसंगत (Relevant) तत्वों को पहचानता है और अनावश्यक या असुसंगत (Irrelevant) तत्वों को छोड़ देता है। सुसंगत तथ्यों को अलग करके प्रस्तुत करना इसी नियम का हिस्सा है, ताकि बच्चा केवल काम की बातों पर ध्यान केंद्रित कर सके।

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Q5. मैक्डूगल के अनुसार, 'घृणा' का संवेग किस मूल प्रवृत्ति के साथ जुड़ा हुआ है ?

Right Answer: निवृत्ति


Explanation:

प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक विलियम मैकडूगल (William McDougall) ने मनोविज्ञान में 'मूल प्रवृत्तियों का सिद्धान्त' (Theory of Instincts) प्रतिपादित किया था। उनका मानना था कि मनुष्य के हर व्यवहार के पीछे कोई न कोई मूल प्रवृत्ति होती है।

मैकडूगल ने कुल 14 मूल प्रवृत्तियाँ (Instincts) बताई हैं और स्पष्ट किया है कि प्रत्येक मूल प्रवृत्ति के जाग्रत होने पर एक विशेष संवेग (Emotion) उत्पन्न होता है।

दिए गए विकल्पों के आधार पर मूल प्रवृत्ति और उनसे जुड़े संवेगों का सही मिलान इस प्रकार है:

(1) निवृत्ति (Repulsion) ➔ घृणा (Disgust) : जब इंसान के सामने कोई सड़ी-गली, खराब या अप्रिय वस्तु/स्थिति आती है, तो वह उससे दूर हटना (निवृत्ति) चाहता है। इस मूल प्रवृत्ति के कारण हमारे अंदर 'घृणा' का संवेग पैदा होता है। (यही इस प्रश्न का सही उत्तर है)।

(2) पलायन (Escape) ➔ भय (Fear) : जब किसी खतरनाक स्थिति का सामना होता है, तो इंसान के अंदर 'भय' या डर का संवेग उत्पन्न होता है, जिसके परिणामस्वरूप वह वहाँ से भागने (पलायन) की मूल प्रवृत्ति दर्शाता है।

(3) युयुत्सा (Combat) ➔ क्रोध (Anger) : युयुत्सा का अर्थ है युद्ध करने या लड़ने की इच्छा। यह मूल प्रवृत्ति तब जाग्रत होती है जब व्यक्ति के भीतर 'क्रोध' (गुस्सा) का संवेग हावी होता है।

(4) जिज्ञासा (Curiosity) ➔ आश्चर्य (Wonder) : जब हम कोई नई, अनोखी या रहस्यमयी चीज़ देखते हैं तो हमें 'आश्चर्य' का संवेग महसूस होता है, जो हमारे अंदर उस चीज़ के बारे में और अधिक जानने की 'जिज्ञासा' (मूल प्रवृत्ति) पैदा करता है।

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Q6. निम्नलिखित में से कौन केवल पर्यावरण से प्रभावित होता है ?

Right Answer: अभिवृत्ति


Explanation:

आनुवंशिकता एवं पर्यावरण दोनों मिलकर व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं, किन्तु उनका अनुपात सभी गुणों में समान नहीं होता। मानसिक क्षमताओं अर्थात् बुद्धि पर आनुवंशिकता का प्रबल प्रभाव रहता है; संवेग की मूल क्षमता भी जन्मजात होती है; अभिरुचि में भी वंशानुगत प्रवृत्ति का कुछ योगदान माना जाता है। इसके विपरीत अभिवृत्ति पूर्णतः अर्जित होती है — बालक इसे परिवार, विद्यालय, समाज, संस्कृति एवं अनुभवों से सीखता है। कोई भी बालक किसी वस्तु के प्रति पूर्वनिर्धारित अभिवृत्ति लेकर जन्म नहीं लेता। अतः विकल्प (3) सही उत्तर है।
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Q7. निम्नलिखित में से कौन-सा कारक वैयक्तिक भिन्नताओं को प्रभावित करने वाले वंशानुगत कारकों में सम्मिलित नहीं है ?

Right Answer: अभिवृत्ति


Explanation:

वंशानुक्रम से प्राप्त होने वाले कारक वे हैं जो जीन के माध्यम से माता-पिता से संतान में पहुँचते हैं, जैसे शारीरिक संरचना, रंग, कद, बुद्धि तथा अभिक्षमता। ये वैयक्तिक भिन्नताओं का जैविक आधार बनाते हैं। इसके विपरीत अभिवृत्ति किसी वस्तु, व्यक्ति या विचार के प्रति बनने वाली मानसिक तत्परता है, जो परिवार, विद्यालय, समाज तथा अनुभवों के संपर्क से विकसित होती है। यह जन्मजात न होकर अर्जित होती है और परिवेश बदलने पर बदल भी सकती है। अतः अभिवृत्ति वंशानुगत कारकों में सम्मिलित नहीं है।
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Q8. ब्रॉनफेनब्रेनेर के जैव पारिस्थितिकीय सिद्धांत के अनुसार नियम और कानून उदाहरण हैं :

Right Answer: बृहत्तंत्र के


Explanation:

ब्रॉनफेनब्रेनर के जैव-पारिस्थितिकीय सिद्धांत में बालक के परिवेश को पाँच स्तरों में बाँटा गया है। सूक्ष्म तंत्र में परिवार, विद्यालय तथा सहपाठी जैसे प्रत्यक्ष सम्पर्क वाले परिवेश आते हैं; मेसो तंत्र इन परिवेशों के आपसी संबंधों को दर्शाता है; बाह्य तंत्र में माता-पिता का कार्यस्थल जैसे अप्रत्यक्ष प्रभाव आते हैं; बृहत् तंत्र (मैक्रो सिस्टम) में समाज की संस्कृति, मूल्य, विचारधारा, नियम एवं कानून सम्मिलित हैं; तथा समय तंत्र समय के साथ होने वाले परिवर्तनों को दर्शाता है। अतः नियम और कानून बृहत् तंत्र के उदाहरण हैं।

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Published: 29 June 2026 | Last Updated: 19 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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