Psychology - Social Psychology: 6 MCQs with Answers
Psychology- Social Psychology
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0%Q1. जब आप यह देखते हैं कि अन्य लोग भी मृत्युदण्ड के पक्ष में हैं तो आप यह अनुभव करते हैं कि यह विचार या दृष्टिकोण जनता के द्वारा वैधीकृत किया जा रहा है। यह एक प्रकार का ........... है।
Right Answer: अनुरूपता प्रभाव
Explanation:
बैंडवैगन प्रभाव वह प्रवृत्ति है जिसमें किसी विचार या व्यवहार को केवल इसलिए सही एवं वैध मान लिया जाता है क्योंकि बहुत से लोग उसे अपना रहे हैं। इसका आधार सूचनात्मक सामाजिक प्रभाव है, जिसमें व्यक्ति दूसरों के व्यवहार को वास्तविकता का प्रमाण मान लेता है। मृत्युदण्ड के उदाहरण में व्यक्ति अपने विचार को स्वयं जाँचने के बजाय जनसमर्थन को ही उसकी वैधता का प्रमाण मान लेता है। यह प्रभाव चुनाव, विज्ञापन एवं फैशन में सामान्य रूप से दिखाई देता है। अनुपालन प्रत्यक्ष अनुरोध की तथा आज्ञाकारिता किसी सत्ता के आदेश की स्वीकृति है।
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Q2. लोग कभी-कभी गलती से यह मान लेते हैं कि दूसरों की राय उनसे अलग होती है, जब भी ऐसा होता है, लोग दिखाते हैं :
Right Answer: बहुलवादी अज्ञान
Explanation:
बहुलवादी अज्ञान वह स्थिति है जिसमें समूह के अधिकांश सदस्य निजी रूप से एक ही मत रखते हैं, किन्तु प्रत्येक गलती से यह मान लेता है कि दूसरों के विचार उससे भिन्न हैं। इसका कारण यह है कि लोग अपनी असहमति खुलकर व्यक्त नहीं करते और दूसरों की चुप्पी को सहमति समझ लेते हैं। परिणामस्वरूप कोई भी बोलता नहीं और अनुपयोगी परम्पराएँ बनी रहती हैं। कक्षा में शंका होते हुए भी प्रश्न न पूछना तथा आपात स्थिति में दर्शक-प्रभाव इसके उदाहरण हैं। संज्ञानात्मक असंगति फेस्टिंगर की अवधारणा है, जो परस्पर विरोधी संज्ञानों के तनाव से जुड़ी है।
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Q3. जब व्यक्ति ‘‘करने योग्य कार्यों की सूची’’ तैयार कर यह सोचता है कि वह उन कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कर लेंगे, परंतु बमुश्किल ही उन्हें पूरा कर पाता है, को कहते हैं :
Right Answer: नियोजन भ्रांति
Explanation:
नियोजन भ्रांति की अवधारणा डेनियल कानेमन तथा एमोस ट्वर्सकी ने दी। यह वह व्यवस्थित पूर्वाग्रह है जिसमें व्यक्ति किसी कार्य को पूरा करने में लगने वाले समय, लागत एवं जोखिम का कम आकलन करता है और लाभ का अधिक। ‘करने योग्य कार्यों की सूची’ बनाते समय वह आदर्श परिस्थितियों की कल्पना करता है और बीमारी, व्यवधान तथा विलम्ब जैसी सामान्य बाधाओं को गणना में नहीं लेता। रोचक बात यह है कि पिछले अनुभवों में बार-बार देरी होने पर भी यह भ्रांति बनी रहती है। इससे बचने का उपाय है समान कार्यों के वास्तविक आँकड़ों पर आधारित बाह्य दृष्टिकोण अपनाना।
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Q4. पूर्वाग्रह से संबंधित एक सिद्धान्त जो बताता है कि जैसे-जैसे प्रतिस्पर्धा बढे़गी समूह के सदस्य एक दूसरे के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण तेजी से विकसित करेंगे, कहलाता है :
Right Answer: यथार्थवादी संघर्ष सिद्धान्त
Explanation:
यथार्थवादी संघर्ष सिद्धान्त बताता है कि पूर्वाग्रह एवं अन्तर्समूह शत्रुता का मूल कारण सीमित संसाधनों के लिए वास्तविक प्रतिस्पर्धा है। जैसे-जैसे नौकरी, भूमि अथवा शक्ति के लिए स्पर्धा बढ़ती है, समूह के सदस्य दूसरे समूह के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण, रूढ़धारणाएँ तथा शत्रुता तेजी से विकसित करने लगते हैं। मुज़फ़र शेरिफ़ के प्रसिद्ध ‘रॉबर्स केव’ प्रयोग ने इसे प्रमाणित किया, जहाँ प्रतिस्पर्धी खेलों ने दो बालक-समूहों को शत्रु बना दिया। उसी अध्ययन में यह भी दिखा कि दोनों समूहों को मिलकर पूरा करने योग्य अधिस्थ लक्ष्य देने पर यह शत्रुता घट जाती है।
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Q5. अभिवृत्ति परिवर्तन के द्विचरणीय अवधारणा के प्रतिपादक थे :
Right Answer: मोहसिन
Explanation:
अभिवृत्ति परिवर्तन की द्विचरणीय अवधारणा भारतीय मनोवैज्ञानिक एस० एम० मोहसिन ने प्रस्तुत की। उनके अनुसार अभिवृत्ति एक ही झटके में नहीं बदलती, बल्कि दो चरणों से गुजरती है। प्रथम चरण में लक्ष्य-व्यक्ति उस स्रोत के प्रति अपनी अभिवृत्ति बदलता है जो परिवर्तन का प्रयास कर रहा है, अर्थात् वह स्रोत की विश्वसनीयता, आकर्षण एवं समानता को स्वीकार करता है। द्वितीय चरण में ही वह उस स्रोत द्वारा प्रस्तुत विषय-वस्तु के प्रति अपनी अभिवृत्ति बदलता है। इस प्रकार स्रोत में विश्वास अभिवृत्ति परिवर्तन की अनिवार्य पूर्वशर्त बन जाता है।
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Q6. टकमैन ने बताया कि समूह पाँच विकासात्मक अनुक्रमों से गुजरता है, सही क्रम है :
Right Answer: आकृतिकरण, विप्लवन, मानक निर्माण, निष्पादन एवं समापन
Explanation:
ब्रूस टकमैन ने समूह विकास के चरण बताए, जिनमें बाद में पाँचवाँ चरण जोड़ा गया। पहला चरण आकृतिकरण है, जिसमें सदस्य एक-दूसरे को जानते हैं और औपचारिक व्यवहार करते हैं। दूसरा विप्लवन है, जिसमें भूमिका तथा नेतृत्व को लेकर संघर्ष एवं मतभेद उभरते हैं। तीसरा मानक निर्माण है, जहाँ समूह के नियम एवं मानक तय होते हैं और सामंजस्य बनता है। चौथा निष्पादन है, जिसमें समूह लक्ष्य की ओर प्रभावी ढंग से कार्य करता है। अन्तिम चरण समापन है, जिसमें कार्य पूरा होने पर समूह विसर्जित हो जाता है।
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