Psychology - Educational Philosophy and Thinkers: 11 MCQs with Answers

Educational Philosophy and Thinkers - Psychology
Psychology - Educational Philosophy and Thinkers

Psychology- Educational Philosophy and Thinkers

शिक्षा दर्शन एवं प्रमुख शिक्षाशास्त्रियों के विचारों से संबंधित प्रश्न — रूसो, सुकरात, जॉन लॉक एवं विवेकानंद।

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Q1. शिक्षा का मुख्य कार्य उत्तम नैतिक चरित्र का विकास करना है, यह कथन किसका है?

Right Answer: स्वामी विवेकानंद


Explanation:

शिक्षा का मुख्य कार्य उत्तम नैतिक चरित्र का विकास करना है, यह कथन स्वामी विवेकानंद का है। उनके अनुसार शिक्षा मनुष्य में पहले से विद्यमान पूर्णता की अभिव्यक्ति है और इसका उद्देश्य केवल सूचनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, मानसिक शक्ति का विकास तथा आत्मनिर्भरता है। उन्होंने कहा था कि हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र बने, मन की शक्ति बढ़े, बुद्धि का विकास हो और व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा हो सके। वे मानव निर्माणकारी शिक्षा के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।

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Q2. शिक्षा अर्थात एजुकेशन शब्द की उत्पत्ति किस भाषा से हुई है?

Right Answer: लैटिन


Explanation:

एजुकेशन शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा से हुई है। यह लैटिन के एडुकेटम, एडुकेयर तथा एडुसेरे जैसे शब्दों से बना माना जाता है। एडुकेटम का अर्थ है शिक्षित करना अथवा पढ़ाने की कला, एडुकेयर का अर्थ है पालन-पोषण करना या ऊपर उठाना तथा एडुसेरे का अर्थ है आगे बढ़ाना या बाहर निकालना। इन सभी अर्थों से यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा बालक के भीतर छिपी शक्तियों को बाहर लाने की प्रक्रिया है। हिंदी में शिक्षा शब्द संस्कृत की शिक्ष धातु से बना है, जिसका अर्थ सीखना अथवा सिखाना होता है।

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Q3. एडुको शब्द का क्या अर्थ है?

Right Answer: प्रशिक्षित करना


Explanation:

एडुको लैटिन भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है प्रशिक्षित करना अथवा भीतर से बाहर निकालना। यह शिक्षा की उस मूल अवधारणा को दर्शाता है जिसके अनुसार बालक के भीतर पहले से विद्यमान क्षमताओं, शक्तियों एवं गुणों को उभारना ही शिक्षा का वास्तविक कार्य है। यह विचार शिक्षा को केवल बाहर से ज्ञान भरने की प्रक्रिया मानने के विरुद्ध है। इसी संदर्भ में एडुकेयर का अर्थ पालन-पोषण करना तथा एडुसेरे का अर्थ आगे ले जाना है। यह अर्थ बाल केंद्रित शिक्षा तथा प्रगतिशील शिक्षा दर्शन का आधार माना जाता है।

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Q4. प्रकृति को महान शिक्षक किसने बताया है?

Right Answer: रवींद्रनाथ टैगोर


Explanation:

प्रकृति को महान शिक्षक रवींद्रनाथ टैगोर ने बताया है। उनका दृढ़ मत था कि बालक का सर्वांगीण विकास बंद कक्षाओं की चारदीवारी में नहीं, बल्कि प्रकृति की खुली गोद में ही सम्भव है। इसी विचार को मूर्त रूप देने के लिए उन्होंने सन 1901 में शांतिनिकेतन की स्थापना की, जहाँ कक्षाएँ वृक्षों के नीचे खुले वातावरण में लगती थीं। आगे चलकर यही विश्वभारती विश्वविद्यालय बना। वे प्रकृतिवाद तथा आदर्शवाद के समन्वयकर्ता माने जाते हैं। उन्होंने गीतांजलि की रचना की, जिसके लिए उन्हें सन 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला।

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Q5. उठो, जागो और आगे बढ़ते रहो, जब तक सफलता नहीं मिल जाती, यह कथन किसका है?

Right Answer: स्वामी विवेकानंद


Explanation:

उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए, यह प्रसिद्ध कथन स्वामी विवेकानंद का है। यह कठोपनिषद के प्रसिद्ध श्लोक उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत से प्रेरित है। स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था और उनका मूल नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। वे रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे और सन 1893 में शिकागो की विश्व धर्म संसद में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण ने विश्व में भारतीय वेदांत दर्शन की धाक जमा दी। उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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Q6. शिक्षा जन्म से प्रारंभ होती है तथा माता उपयुक्त परिचारिका है, यह कथन किसका है?

Right Answer: सुकरात


Explanation:

शिक्षा जन्म से प्रारंभ होती है तथा माता उपयुक्त परिचारिका है, यह कथन यूनानी दार्शनिक सुकरात का है। इसके द्वारा उन्होंने यह बताया कि बालक की शिक्षा विद्यालय जाने से नहीं, बल्कि जन्म के साथ ही घर से आरंभ हो जाती है और माता ही उसकी प्रथम एवं सर्वश्रेष्ठ शिक्षिका होती है। सुकरात प्रश्नोत्तर पर आधारित संवाद विधि के लिए प्रसिद्ध हैं, जिसे सुकरात प्रणाली कहा जाता है। उनका प्रसिद्ध कथन है स्वयं को जानो। वे प्लेटो के गुरु थे और प्लेटो अरस्तू के गुरु थे। युवाओं को भ्रष्ट करने के आरोप में उन्हें विष देकर मृत्युदंड दिया गया था।

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Q7. प्रकृतिवाद का जन्मदाता किसे माना जाता है?

Right Answer: रूसो


Explanation:

शिक्षा में प्रकृतिवाद का जन्मदाता फ्रांसीसी दार्शनिक जीन जैक्स रूसो को माना जाता है। उनका प्रसिद्ध कथन है कि ईश्वर की बनाई प्रत्येक वस्तु अच्छी है, किंतु मनुष्य के हाथ लगते ही वह बिगड़ जाती है। उन्होंने अपनी पुस्तक एमील में बाल केंद्रित शिक्षा का प्रतिपादन किया और कहा कि बालक को पुस्तकों के स्थान पर प्रकृति से सीधे सीखने देना चाहिए। उन्होंने निषेधात्मक शिक्षा तथा प्राकृतिक परिणामों द्वारा अनुशासन की संकल्पना दी। उनके विचारों ने पेस्टालॉजी, फ्रोबेल तथा मॉन्टेसरी जैसे शिक्षाशास्त्रियों को गहराई से प्रभावित किया।

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Q8. दर्शन अर्थात फिलॉसफी शब्द किस भाषा से लिया गया है?

Right Answer: ग्रीक


Explanation:

फिलॉसफी शब्द ग्रीक भाषा से लिया गया है। यह दो ग्रीक शब्दों फिलॉस तथा सोफिया से मिलकर बना है, जिनमें फिलॉस का अर्थ है प्रेम तथा सोफिया का अर्थ है ज्ञान। इस प्रकार फिलॉसफी का शाब्दिक अर्थ हुआ ज्ञान से प्रेम। इस शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग यूनानी गणितज्ञ एवं दार्शनिक पाइथागोरस ने किया था। दर्शन की प्रमुख शाखाओं में तत्व मीमांसा, ज्ञान मीमांसा तथा मूल्य मीमांसा सम्मिलित हैं। शिक्षा एवं दर्शन का घनिष्ठ संबंध है, क्योंकि दर्शन जीवन के लक्ष्य निर्धारित करता है और शिक्षा उन्हें प्राप्त करने का साधन प्रस्तुत करती है।

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Q9. मस्तिष्क कोरी पटिया के समान है, जिस पर अनुभव के द्वारा कुछ भी लिखा जा सकता है, यह कथन किसका है?

Right Answer: जॉन लॉक


Explanation:

मस्तिष्क कोरी पटिया के समान है, यह कथन अंग्रेज दार्शनिक जॉन लॉक का है। उन्होंने इसके लिए टेबुला रासा शब्द का प्रयोग किया, जिसका अर्थ है खाली स्लेट। उनके अनुसार जन्म के समय मानव मस्तिष्क पूर्णतः रिक्त होता है और समस्त ज्ञान इंद्रियों के माध्यम से प्राप्त अनुभवों से ही अर्जित होता है। यह विचार अनुभववाद का आधार है और जन्मजात विचारों की अवधारणा को अस्वीकार करता है। शिक्षा के क्षेत्र में इस सिद्धांत का महत्वपूर्ण निहितार्थ यह है कि उचित वातावरण एवं अनुभव देकर किसी भी बालक को वांछित दिशा में विकसित किया जा सकता है।

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Q10. मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, यह कथन किसका है?

Right Answer: अरस्तू


Explanation:

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, यह प्रसिद्ध कथन यूनानी दार्शनिक अरस्तू का है। उन्होंने अपनी पुस्तक पॉलिटिक्स में कहा कि जो व्यक्ति समाज में नहीं रह सकता अथवा जिसे समाज की आवश्यकता नहीं, वह या तो पशु है या फिर देवता। उनके अनुसार मनुष्य स्वभाव से ही एक राजनीतिक तथा सामाजिक प्राणी है और समाज के बिना उसका पूर्ण विकास सम्भव नहीं। अरस्तू प्लेटो के शिष्य तथा सिकंदर महान के गुरु थे। उन्हें राजनीति विज्ञान का जनक तथा तर्कशास्त्र का प्रवर्तक माना जाता है और उन्होंने यथार्थवाद का प्रतिपादन किया।

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Q11. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

Right Answer: 1953


Explanation:

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की स्थापना सन 1953 में हुई थी, जब तत्कालीन शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने इसका औपचारिक उद्घाटन किया। इसे सन 1956 में संसद द्वारा पारित अधिनियम के माध्यम से एक वैधानिक निकाय का दर्जा प्रदान किया गया। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। इसका मुख्य कार्य उच्च शिक्षा के मानकों का निर्धारण एवं समन्वय करना तथा विश्वविद्यालयों को अनुदान उपलब्ध कराना है। इसकी स्थापना की संस्तुति सन 1948 की डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाले विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग ने की थी।

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Published: 28 July 2026 | Last Updated: 19 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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