HTET Economics PGT 2024 Solved Exam Paper

HTET Economics PGT 2024 Solved Exam Paper

HTET Economics PGT 2024 Solved Exam Paper: 150 Questions with Answers

HTET Economics PGT 2024 Solved Exam Paper: Exam Pattern and Preparation Notes

HTET Economics PGT 2024 Solved Exam Paper - India Study Institute

HTET is conducted by the Board of School Education Haryana (BSEH), Bhiwani, and PGT Economics falls under HTET Level 3, for candidates teaching Classes IX to XII. Like every HTET level, this paper has 150 multiple-choice questions worth 150 marks, completed in 150 minutes, with no negative marking. Check the official BSEH website for the current year's notification before you register.

The PGT Economics paper mixes Child Development and Pedagogy questions with the subject-specific portion, which usually spans microeconomics, macroeconomics, Indian economic development, and economics teaching methodology. Since there's no negative marking, attempt every question rather than leaving doubtful ones blank; a guess costs nothing while a blank answer guarantees zero.

Economics PGT candidates often lose marks on numerical and graph-based questions rather than definition-based ones, since exam papers phrase demand-supply and national income problems differently than textbooks do. Work through diagrams and calculations on rough paper first, and read each question twice before selecting an answer.

Most first-time HTET PGT Economics candidates underestimate how much of the paper is pedagogy and general awareness rather than pure Economics content. Roughly a third of the 150 questions typically fall outside the core subject portion, covering child development, teaching methods, and general knowledge about Haryana and education policy. If you've spent all your revision time on economic theory and none on pedagogy, you're likely to lose more marks there than you expect.

Solve this 2024 paper under real exam conditions: set a 150-minute timer, attempt every question in one sitting, and check the answer key only once you've finished. Note down which topics cost you the most marks, whether it's national income numericals, macroeconomic theory, or pedagogy, and revise those specifically before your next attempt.

HTET Economics PGT 2024 Solved Exam Paper

HTET Economics PGT 2024 (Level-3) का हल सहित प्रश्न पत्र। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा आयोजित हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के अर्थशास्त्र विषय (भाग-IV) के सभी प्रश्न, चारों विकल्प, सही उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या के साथ।

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Psychology (30 Questions)

Q1. मैक्डूगल के अनुसार, 'घृणा' का संवेग किस मूल प्रवृत्ति के साथ जुड़ा हुआ है ?

Right Answer: निवृत्ति


Explanation:

प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक विलियम मैकडूगल (William McDougall) ने मनोविज्ञान में 'मूल प्रवृत्तियों का सिद्धान्त' (Theory of Instincts) प्रतिपादित किया था। उनका मानना था कि मनुष्य के हर व्यवहार के पीछे कोई न कोई मूल प्रवृत्ति होती है।

मैकडूगल ने कुल 14 मूल प्रवृत्तियाँ (Instincts) बताई हैं और स्पष्ट किया है कि प्रत्येक मूल प्रवृत्ति के जाग्रत होने पर एक विशेष संवेग (Emotion) उत्पन्न होता है।

दिए गए विकल्पों के आधार पर मूल प्रवृत्ति और उनसे जुड़े संवेगों का सही मिलान इस प्रकार है:

(1) निवृत्ति (Repulsion) ➔ घृणा (Disgust) : जब इंसान के सामने कोई सड़ी-गली, खराब या अप्रिय वस्तु/स्थिति आती है, तो वह उससे दूर हटना (निवृत्ति) चाहता है। इस मूल प्रवृत्ति के कारण हमारे अंदर 'घृणा' का संवेग पैदा होता है। (यही इस प्रश्न का सही उत्तर है)।

(2) पलायन (Escape) ➔ भय (Fear) : जब किसी खतरनाक स्थिति का सामना होता है, तो इंसान के अंदर 'भय' या डर का संवेग उत्पन्न होता है, जिसके परिणामस्वरूप वह वहाँ से भागने (पलायन) की मूल प्रवृत्ति दर्शाता है।

(3) युयुत्सा (Combat) ➔ क्रोध (Anger) : युयुत्सा का अर्थ है युद्ध करने या लड़ने की इच्छा। यह मूल प्रवृत्ति तब जाग्रत होती है जब व्यक्ति के भीतर 'क्रोध' (गुस्सा) का संवेग हावी होता है।

(4) जिज्ञासा (Curiosity) ➔ आश्चर्य (Wonder) : जब हम कोई नई, अनोखी या रहस्यमयी चीज़ देखते हैं तो हमें 'आश्चर्य' का संवेग महसूस होता है, जो हमारे अंदर उस चीज़ के बारे में और अधिक जानने की 'जिज्ञासा' (मूल प्रवृत्ति) पैदा करता है।

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Q2. सीखने की परिस्थिति में सुसंगत तथ्यों को असुसंगत तथ्यों से अलग करके प्रस्तुत करना, सीखने के किस नियम का परिचायक है ?

Right Answer: तत्त्व प्रबलता का नियम


Explanation:

यह प्रश्न प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक ई. एल. थार्नडाइक (E. L. Thorndike) के सीखने के नियमों (Laws of Learning) से संबंधित है। थार्नडाइक ने सीखने के 3 मुख्य (Primary) नियम और 5 गौण (Secondary) नियम दिए थे। यह प्रश्न उनके गौण नियमों पर आधारित है।

(3) तत्त्व प्रबलता का नियम (Principle of prepotency of elements): इसे 'आंशिक क्रिया का नियम' (Law of Partial Activity) भी कहा जाता है। इस नियम के अनुसार, जब कोई व्यक्ति या अधिगमकर्ता किसी नई परिस्थिति या समस्या का सामना करता है, तो वह पूरी स्थिति पर आँख मूंदकर प्रतिक्रिया करने के बजाय, उसके सबसे महत्वपूर्ण या सुसंगत (Relevant) तत्वों को पहचानता है और अनावश्यक या असुसंगत (Irrelevant) तत्वों को छोड़ देता है। सुसंगत तथ्यों को अलग करके प्रस्तुत करना इसी नियम का हिस्सा है, ताकि बच्चा केवल काम की बातों पर ध्यान केंद्रित कर सके।

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Q3. समावेशी शिक्षा की दृष्टि से निम्नलिखित में से कौन-सी निःशक्त बच्चों की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए ?

Right Answer: दूसरों पर निर्भर रहने की आवश्यकता


Explanation:

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) का मुख्य उद्देश्य सामान्य बच्चों और विशेष आवश्यकता वाले (निःशक्त/दिव्यांग) बच्चों को एक ही छत के नीचे, एक साथ शिक्षा प्रदान करना है। इसका सबसे बड़ा लक्ष्य निःशक्त बच्चों को आत्मनिर्भर (Independent) और सशक्त बनाना है, न कि उन्हें दूसरों पर आश्रित (Dependent) रखना।

आइए अन्य विकल्पों को समझें कि वे निःशक्त बच्चों की आवश्यकताएं क्यों हैं:

(1) स्वयं की निःशक्तता से निपटने की आवश्यकता: समावेशी शिक्षा में बच्चों को यह सिखाया जाता है कि वे अपनी शारीरिक या मानसिक कमियों (निःशक्तता) को स्वीकार करें और आत्मविश्वास के साथ उनका सामना करें। यह उनकी एक बहुत बड़ी मनोवैज्ञानिक आवश्यकता है।

(2) उचित निर्देशन एवं परामर्श की आवश्यकता: निःशक्त बच्चों को सही शैक्षणिक और करियर मार्गदर्शन के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक परामर्श (Counselling) की बहुत आवश्यकता होती है, ताकि वे हीन भावना का शिकार न हों और सही दिशा में आगे बढ़ सकें।

(3) दूसरों पर निर्भर रहने की आवश्यकता (सही उत्तर): शिक्षा का उद्देश्य ही इंसान को स्वावलंबी (Self-reliant) बनाना है। किसी भी दृष्टि से बच्चों को यह नहीं सिखाया जाना चाहिए कि वे अपने जीवन के लिए दूसरों पर निर्भर रहें। इसलिए, यह समावेशी शिक्षा की दृष्टि से कोई आवश्यकता नहीं है।

(4) सहायक उपकरणों की आवश्यकता: दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ब्रेल लिपि या ऑडियो बुक्स, श्रवणबाधित बच्चों के लिए हियरिंग एड (Hearing aid), और शारीरिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए व्हीलचेयर जैसे सहायक उपकरण (Assistive equipments) उनकी बुनियादी जरूरत हैं। ये उपकरण उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करते हैं।

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Q4. बण्डूरा के सामाजिक अधिगम सिद्धान्त के सोपानों को क्रम से व्यवस्थित कीजिए :

(a) व्यवहार का प्रत्यक्षीकरण 

(b) व्यवहार का पुनर्बलन

(c) व्यवहार का स्मरण

(d) स्मरण की क्रियात्मक परिणति

सही कूट का चयन कीजिए :

Right Answer: (a), (c), (d), (b)


Explanation:

अल्बर्ट बण्डूरा (Albert Bandura) ने सामाजिक अधिगम का सिद्धान्त (Social Learning Theory) प्रतिपादित किया था, जिसे 'अवलोकनात्मक अधिगम' (Observational Learning) या 'मॉडलिंग' (Modeling) भी कहा जाता है।

बण्डूरा के अनुसार, बच्चे या व्यक्ति दूसरों (मॉडल) के व्यवहार को देखकर सीखते हैं। किसी भी नए व्यवहार को देखकर सीखने की इस प्रक्रिया को बण्डूरा ने चार मुख्य सोपानों (चरणों) में बाँटा है, जिनका सही क्रम इस प्रकार है:

1. अवधान या प्रत्यक्षीकरण (Attention / Perception of behaviour) - (a) सीखने की शुरुआत तब होती है जब व्यक्ति किसी मॉडल (जैसे- शिक्षक, माता-पिता, या टीवी का कोई पात्र) के व्यवहार को पूरे ध्यान से देखता है और उसे समझता (प्रत्यक्षीकरण) है। बिना ध्यान दिए कोई भी व्यवहार सीखा नहीं जा सकता।

2. धारण या स्मरण (Retention / Remember of behaviour) - (c) मॉडल के व्यवहार को ध्यान से देखने के बाद, व्यक्ति उस व्यवहार को अपने मस्तिष्क में स्मृति (Memory) के रूप में सुरक्षित कर लेता है ताकि जरूरत पड़ने पर उसे याद किया जा सके।

3. पुनरुत्पादन या क्रियात्मक परिणति (Reproduction / Convert the memory into action) - (d) इस चरण में व्यक्ति अपने मस्तिष्क में याद की गई बातों (स्मरण) को वास्तविक शारीरिक क्रिया या व्यवहार में बदलने का प्रयास करता है। यानी वह वैसा ही करने की कोशिश करता है जैसा उसने मॉडल को करते हुए देखा था।

4. अभिप्रेरणा या पुनर्बलन (Motivation / Reinforcement of behaviour) - (b) अंतिम चरण में यह तय होता है कि व्यक्ति उस सीखे गए व्यवहार को भविष्य में दोहराएगा या नहीं। यदि मॉडल के समान व्यवहार करने पर व्यक्ति को समाज से तारीफ, पुरस्कार या सकारात्मक 'पुनर्बलन' मिलता है, तो वह उस व्यवहार को अपना लेता है। यदि उसे डांट या सजा मिलती है, तो वह उस व्यवहार को छोड़ देता है।

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Q5. प्रारंभिक किशोरावस्था में संवेगों के संबंध में कौन-सा विकल्प सही है ?

Right Answer: अनियंत्रित एवं अयुक्तिसंगत


Explanation:

प्रारंभिक किशोरावस्था (Early Adolescence - लगभग 10 से 14 वर्ष की आयु) में बच्चों के शारीरिक, मानसिक और हार्मोनल स्तर पर बहुत तीव्र बदलाव होते हैं। मनोवैज्ञानिक जी. स्टेनली हॉल ने किशोरावस्था को "तनाव और तूफान" (Storm and Stress) की अवस्था कहा है।

इस उम्र में संवेगों (Emotions) की प्रकृति को निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  • अनियंत्रित (Uncontrolled): प्रारंभिक किशोरावस्था में संवेग बहुत तीव्र होते हैं और किशोरों का अपनी भावनाओं पर नियंत्रण बहुत कम होता है। वे अचानक से बहुत अधिक गुस्सा हो सकते हैं, या छोटी सी बात पर बहुत अधिक दुखी हो सकते हैं। उनके मूड में तेजी से बदलाव (Mood swings) आना इस अवस्था की एक सामान्य विशेषता है।
  • अयुक्तिसंगत या तर्कहीन (Irrational): इस उम्र में मस्तिष्क का वह हिस्सा (Prefrontal Cortex) जो तार्किक सोच, विवेक और निर्णय लेने को नियंत्रित करता है, पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ होता है। इसके विपरीत, भावनाओं को नियंत्रित करने वाला हिस्सा (Amygdala) अत्यधिक सक्रिय होता है। इसलिए, उनके संवेगात्मक निर्णय अक्सर किसी ठोस तर्क या विवेक पर आधारित नहीं होते हैं; वे बस भावनाओं के बहाव में आकर प्रतिक्रिया देते हैं।
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Q6. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त के अनुसार, जब अधिगमकर्ता अपने और अपने पर्यावरण के बीच उचित तालमेल बनाए रखता है, तो यह प्रक्रिया कहलाती है :

Right Answer: संतुलनीकरण


Explanation:

जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development) सिद्धान्त में, संतुलनीकरण (Equilibration) वह जैविक और मानसिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक बच्चा (अधिगमकर्ता) अपनी समझ और बाहरी दुनिया (पर्यावरण) के बीच संतुलन (Balance) स्थापित करता है।

इसे बेहतर ढंग से समझने के लिए पियाजे द्वारा बताई गई अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को समझना भी जरूरी है:

  • आत्मसातीकरण (Assimilation): जब कोई बच्चा किसी नई जानकारी या नए अनुभव को अपने पहले से मौजूद ज्ञान या विचार (जिसे पियाजे 'स्कीमा' कहते हैं) में आसानी से फिट कर लेता है, तो उसे आत्मसातीकरण कहते हैं।
    • उदाहरण: एक बच्चे ने कुत्ते को देखा है जिसके चार पैर हैं। जब वह पहली बार किसी बिल्ली को देखता है, तो वह उसे भी 'कुत्ता' ही कहता है।
  • समायोजीकरण / समायोजन (Accommodation): जब नई जानकारी बच्चे की पुरानी समझ से मेल नहीं खाती (यानी असंतुलन पैदा होता है), तो बच्चा अपने पुराने ज्ञान (स्कीमा) में बदलाव या संशोधन करता है।
    • उदाहरण: जब बच्चे को पता चलता है कि यह जानवर भौंकता नहीं बल्कि म्याऊँ करता है, तो वह अपने दिमाग में बिल्ली के लिए एक नया 'स्कीमा' (विचार) बनाता है।
  • संतुलनीकरण (Equilibration): यह आत्मसातीकरण और समायोजीकरण के बीच की कड़ी है। बच्चा लगातार अपने पर्यावरण से नई चीजें सीखता है। जब पुरानी समझ काम नहीं आती (असंतुलन या Disequilibrium), तो वह नई समझ (Accommodation) विकसित करता है। इस पूरी प्रक्रिया के माध्यम से अपने मानसिक विचारों और बाहरी पर्यावरण के बीच एक सफल तालमेल (Balance) बनाए रखने की प्रक्रिया को ही 'संतुलनीकरण' या 'साम्यधारण' कहा जाता है।
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Q7. सर्जनशील बच्चों की पहचान हेतु शिक्षक द्वारा कौन-से परीक्षण प्रशासित किए जा सकते हैं ?

(a) आकृति निर्माण परीक्षण

(b) उत्पाद उन्नयन परीक्षण

(c) प्रचलित उपयोग परीक्षण

(d) चित्र पूर्ति परीक्षण

सही कूट का चयन कीजिए :

Right Answer: (a), (b) एवं (d)


Explanation:

सर्जनशील (Creative) बच्चों की पहचान करने के लिए अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) और नवीनता का मापन किया जाता है। दिए गए परीक्षणों का विश्लेषण इस प्रकार है:

(a) आकृति निर्माण परीक्षण (Figure construction test): यह परीक्षण सृजनात्मकता को मापता है। इसमें बच्चे को कुछ बुनियादी आकार (जैसे गोला, त्रिभुज) दिए जाते हैं और उनसे कोई नई और मौलिक आकृति बनाने को कहा जाता है।

(b) उत्पाद उन्नयन परीक्षण (Product improvement test): यह भी सृजनात्मकता का एक प्रमुख परीक्षण है। इसमें बच्चे को कोई साधारण वस्तु या खिलौना दिया जाता है और पूछा जाता है कि इसे और अधिक मजेदार या उपयोगी बनाने के लिए इसमें क्या बदलाव किए जा सकते हैं।

(c) प्रचलित उपयोग परीक्षण (Usual uses test): यह विकल्प गलत है। सृजनात्मकता मापने के लिए 'अप्रचलित या नवीन उपयोग परीक्षण' (Unusual uses test) का प्रयोग किया जाता है (जैसे- ईंट के नए-नए उपयोग बताना)। 'प्रचलित' (Usual) उपयोग बताना सामान्य बुद्धि या स्मृति का हिस्सा है, सृजनात्मकता का नहीं।

(d) चित्र पूर्ति परीक्षण (Picture completion test): यह सृजनात्मकता का एक महत्वपूर्ण अशाब्दिक परीक्षण है। इसमें अधूरी रेखाओं या चित्रों को पूरा करके एक अर्थपूर्ण और मौलिक चित्र बनाने के लिए कहा जाता है।

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Q8. कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धान्त की निम्नलिखित अवस्थाओं को उनकी विशेषता के साथ सुमेलित कीजिए :

नैतिक अवस्थाएंविशेषता 
(a) इनाम के लालच में अनुपालन(i) दूसरों की स्वीकृति पाना
(b) सामाजिक व्यवस्था बनाए रखना अवस्था(ii) स्वार्थपूर्ति पर आधारित 
(c) अच्छे अन्तः वैयक्तिक संबंध(iii) अन्तःकरण द्वारा मान्य शाश्वत मूल्य
(d) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धान्त(iv) न्याय एवं कानून को महत्त्व 

सही कूट का चयन कीजिए :

Right Answer: (a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)


Explanation:

कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धान्त की अवस्थाओं की व्याख्या

लॉरेंस कोहलबर्ग ने नैतिक विकास को 3 मुख्य स्तरों और 6 अवस्थाओं में बांटा है। दिए गए विकल्पों का सही मिलान और उसका कारण इस प्रकार है:

  • (a) इनाम के लालच में अनुपालन ➔ (ii) स्वार्थपूर्ति पर आधारित यह 'पूर्व-पारंपरिक स्तर' (Pre-conventional level) की दूसरी अवस्था (साधनात्मक सापेक्षवादी उन्मुखता) है। इसमें बच्चे का व्यवहार इस बात पर निर्भर करता है कि कोई कार्य करने से उसे क्या व्यक्तिगत लाभ या इनाम मिलेगा। यह पूरी तरह से स्वार्थ और अपनी जरूरतों को पूरा करने पर आधारित होता है।
  • (b) सामाजिक व्यवस्था बनाए रखना अवस्था ➔ (iv) न्याय एवं कानून को महत्त्व यह 'पारंपरिक स्तर' (Conventional level) की चौथी अवस्था है। इस चरण में व्यक्ति यह समझने लगता है कि समाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए सामाजिक नियमों, कानूनों और न्याय व्यवस्था का सम्मान करना और उनका पालन करना आवश्यक है।
  • (c) अच्छे अन्तः वैयक्तिक संबंध ➔ (i) दूसरों की स्वीकृति पाना यह 'पारंपरिक स्तर' की तीसरी अवस्था है, जिसे "अच्छा लड़का/अच्छी लड़की" (Good boy-Good girl) अवस्था भी कहा जाता है। इसमें व्यक्ति अपने परिवार या समाज में दूसरों की नज़र में अच्छा बनने और उनकी प्रशंसा या स्वीकृति पाने के लिए नैतिक व्यवहार करता है।
  • (d) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धान्त ➔ (iii) अन्तःकरण द्वारा मान्य शाश्वत मूल्य यह 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-conventional level) की छठी और सर्वोच्च अवस्था है। यहाँ व्यक्ति समाज के स्थापित कानूनों से भी ऊपर उठकर मानवता, न्याय, समानता और अपने अन्तःकरण (अंतरात्मा) के शाश्वत मूल्यों के आधार पर निर्णय लेता है।
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Q9. निम्नलिखित में से कौन-सी समावेशी शिक्षा की एक विशेषता नहीं है ?

Right Answer: यह अशक्त बच्चों की विशिष्ट शिक्षा तक सीमित रहती है


Explanation:

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) का मूल मंत्र 'सभी के लिए शिक्षा' है। यह केवल अशक्त (विकलांग/दिव्यांग) बच्चों तक सीमित नहीं है। समावेशी शिक्षा का अर्थ है—सामान्य बच्चों, अशक्त बच्चों, प्रतिभाशाली बच्चों और समाज के हर वर्ग (विभिन्न भाषा, जाति, धर्म) के बच्चों को एक ही नियमित कक्षा में एक साथ बैठाकर पढ़ाना।

केवल अशक्त बच्चों को अलग से पढ़ाना "विशिष्ट शिक्षा" (Special Education) कहलाता है, जो समावेशी शिक्षा के बिल्कुल विपरीत अवधारणा है। इसलिए यह कथन समावेशी शिक्षा की विशेषता नहीं है।

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Q10. निम्नलिखित में से कौन-सा शिक्षण-अधिगम को प्रभावित करने वाला वातावरणीय कारक नहीं है ?

Right Answer: परिपक्वता


Explanation:

परिपक्वता एक आंतरिक और जैविक (Biological/Internal) प्रक्रिया है। यह छात्र के शारीरिक और मानसिक विकास (उम्र के साथ समझ और क्षमताओं का बढ़ना) से संबंधित है। किसी भी चीज़ को सीखने के लिए छात्र का शारीरिक और मानसिक रूप से परिपक्व होना ज़रूरी है, लेकिन यह उसका 'व्यक्तिगत कारक' (Personal factor) है, न कि कोई बाहरी या 'वातावरणीय कारक' (Environmental factor)।

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Q11. निम्नलिखित में से कौन-सी सतत एवं व्यापक मूल्यांकन की विशेषता नहीं है ?

Right Answer: केवल शैक्षिक उपलब्धि को मापना


Explanation:

सतत और व्यापक मूल्यांकन (CCE - Continuous and Comprehensive Evaluation) में "व्यापक" (Comprehensive) शब्द का स्पष्ट अर्थ छात्र के सर्वांगीण विकास (all-round development) का आकलन करना है। इस रूपरेखा के अनुसार मूल्यांकन में शैक्षिक (Scholastic - जैसे गणित, विज्ञान और भाषाएं) और सह-शैक्षिक (Co-scholastic - जैसे जीवन कौशल, दृष्टिकोण, मूल्य, खेल और कला) दोनों क्षेत्रों को शामिल किया जाना अनिवार्य है। केवल अकादमिक प्रदर्शन या शैक्षिक उपलब्धि को मापना CCE प्रणाली के "व्यापक" लक्ष्य के बिल्कुल विपरीत है।

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Q12. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रगतिशील शिक्षा का एक घटक नहीं है ?

Right Answer: स्मरण


Explanation:

जॉन डीवी (John Dewey) जैसे शिक्षाविदों द्वारा समर्थित 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) रटने (rote learning) और तथ्यों को निष्क्रिय रूप से ग्रहण करने का कड़ा विरोध करती है। स्मरण का मुख्य ध्यान किसी भी जानकारी के व्यावहारिक उपयोग को समझे बिना उसे केवल दोहराने और याद करने पर होता है। यह प्रगतिशील शिक्षा के मूल दर्शन के बिल्कुल विपरीत है, क्योंकि यह शिक्षा प्रणाली पाठ्यपुस्तक की सामग्री को रटने के बजाय आलोचनात्मक सोच (critical thinking), समस्या-समाधान (problem-solving) और गहरी वैचारिक समझ (conceptual understanding) को प्राथमिकता देती है।

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Q13. श्रवण बाधित बच्चों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा अनुदेशन का तरीका उपयुक्त है?

(a) सांकेतिक भाषा

(b) अंगुली वर्तनी

(c) ओष्ठ पठन

(d) संकेतित भाषण

Right Answer: (a), (b), (c) एवं (d)


Explanation:

व्याख्या: ये सभी तकनीकें क्यों उपयुक्त हैं?

  1. (a) सांकेतिक भाषा (Sign Language): यह श्रवण बाधित बच्चों के लिए संचार का सबसे प्राथमिक और प्राकृतिक माध्यम है। इसमें हाथों के संकेतों, चेहरे के हाव-भाव और शरीर की भाषा का उपयोग करके विचारों का आदान-प्रदान किया जाता है।
  2. (b) अंगुली वर्तनी (Finger Spelling): इसमें हाथों की उंगलियों के आकार का उपयोग करके वर्णमाला के अक्षरों को दर्शाया जाता है। यह उन शब्दों (जैसे नाम, विशिष्ट तकनीकी शब्द) के लिए बहुत उपयोगी है जिनका कोई विशिष्ट सांकेतिक चिन्ह नहीं होता।
  3. (c) ओष्ठ पठन (Lip Reading): इसमें बच्चा वक्ता के होंठों की हलचल को देखकर यह समझने की कोशिश करता है कि क्या कहा जा रहा है। यह बच्चों को समाज में संवाद करने में बहुत मदद करता है।
  4. (d) संकेतित भाषण (Cued Speech): यह एक ऐसी प्रणाली है जिसमें भाषण (speech) को स्पष्ट करने के लिए हाथों के संकेतों (cues) का उपयोग किया जाता है। यह होंठों के आकार (lip shapes) और हाथों के संकेतों को मिलाता है, ताकि बच्चा ध्वनियों के बीच अंतर कर सके जो दिखने में एक जैसे लगते हैं (जैसे 'p' और 'b')।
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Q14. 'लेखन क्षमता का एक विकार जिसमें अधिगमकर्ता को अक्षर निर्माण, वर्तनी, गत्यात्मक समन्वय आदि में कठिनाई होती है' यह विकार कहलाता है :

Right Answer: डिस्ग्राफिया


Explanation:

डिस्ग्राफिया (Dysgraphia) एक विशिष्ट अधिगम अक्षमता (Learning Disability) है जो मुख्य रूप से लेखन (writing) से संबंधित होती है।

जैसा कि आपने उल्लेख किया, इस विकार से ग्रसित अधिगमकर्ता को निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ता है:

  • अक्षर निर्माण (Letter Formation): अक्षरों को सही आकार या बनावट में लिखने में कठिनाई।
  • वर्तनी (Spelling): शब्दों की वर्तनी में गलतियाँ करना।
  • गत्यात्मक समन्वय (Fine Motor Coordination): हाथ और उंगलियों के सूक्ष्म समन्वय में कमी, जिससे कलम पकड़ने और लिखने में समस्या होती है।
  • लेखन की गति: लिखने की गति का बहुत धीमा होना या लिखने के दौरान हाथ में जल्दी थकान महसूस होना।

अन्य विकल्पों का संक्षिप्त परिचय:

  1. डिस्लेक्सिया (Dyslexia): यह पढ़ने से संबंधित विकार है। इसमें बच्चे को अक्षरों को पहचानने, शब्दों को पढ़ने या वाक्यों को समझने में कठिनाई होती है।
  2. डिस्प्रेक्सिया (Dyspraxia): यह शारीरिक समन्वय (Motor Coordination) से संबंधित विकार है। इसमें व्यक्ति को शारीरिक संतुलन बनाने, बोलने या सूक्ष्म शारीरिक गतिविधियों (जैसे बटन लगाना या जूते के फीते बांधना) में कठिनाई होती है। (नोट: लेखन में कठिनाई इसका एक उप-हिस्सा हो सकती है, लेकिन मुख्य परिभाषा लेखन विकार के लिए 'डिस्ग्राफिया' ही है।)
  3. डिस्कैल्कुलिया (Dyscalculia): यह गणित से संबंधित विकार है। इसमें संख्याओं को समझने, गणना (calculation) करने और गणितीय अवधारणाओं को सीखने में कठिनाई होती है।
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Q15. निम्नलिखित में से कौन-सी सीखने की बाल केन्द्रित विधि नहीं है ?

Right Answer: प्रदर्शन


Explanation:

शिक्षा मनोविज्ञान में शिक्षण विधियों को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा जा सकता है: शिक्षक-केंद्रित (Teacher-centered) और बाल-केंद्रित (Child-centered)।

प्रदर्शन विधि (Demonstration Method): यह मुख्य रूप से शिक्षक-केंद्रित होती है। इसमें शिक्षक स्वयं किसी प्रक्रिया, प्रयोग या उपकरण का प्रदर्शन (Demonstrate) करता है, जबकि छात्र उसे ध्यानपूर्वक देखते हैं। यहाँ सीखने की प्रक्रिया में छात्र की भूमिका मुख्य रूप से एक 'दर्शक' (Observer) की होती है, न कि 'सक्रिय सहभागी' (Active participant) की। इसीलिए इसे बाल-केंद्रित नहीं माना जाता।

अन्य विकल्प बाल-केंद्रित क्यों हैं?

(2) क्षेत्र भ्रमण (Field Trip): इसमें छात्र प्रत्यक्ष रूप से वातावरण में जाकर अनुभव प्राप्त करते हैं। यह पूर्णतः अनुभव-आधारित और छात्र-सक्रियता पर केंद्रित है।

(3) अभिक्रमित अनुदेशन (Programmed Instruction): यह व्यक्तिगत गति (Self-pacing) पर आधारित विधि है। इसमें छात्र अपनी क्षमता के अनुसार सामग्री को छोटे-छोटे चरणों में पढ़कर और अभ्यास करके सीखता है। शिक्षक की भूमिका यहाँ केवल एक मार्गदर्शक की होती है।

(4) प्रायोजना (Project Method): यह विधि 'करके सीखने' (Learning by doing) के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें छात्र अपनी रुचि और समस्या समाधान के आधार पर प्रोजेक्ट पूरा करते हैं, जिसमें उनकी सक्रिय भागीदारी सबसे अधिक होती है।

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Q16. उच्च माध्यमिक स्तर के अधिगमकर्ताओं के लिए सीखने की कौन-सी रणनीति उपयुक्त नहीं है ?

Right Answer: अधिगम कार्य स्मृति स्तर पर करना


Explanation:

शिक्षण के तीन प्रमुख स्तर होते हैं: स्मृति स्तर (Memory Level), अवबोध स्तर (Understanding Level), और चिंतन स्तर (Reflective Level)।

  • स्मृति स्तर (Memory Level): यह शिक्षण का सबसे निचला स्तर है, जो केवल रटने (Rote Learning) और तथ्यों को याद रखने पर केंद्रित होता है। उच्च माध्यमिक स्तर (11वीं-12वीं कक्षा) के विद्यार्थी किशोरावस्था में होते हैं, जहाँ उनकी बौद्धिक क्षमताएं विकसित हो चुकी होती हैं। इस स्तर पर उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे केवल तथ्यों को याद न करें, बल्कि उनका विश्लेषण करें और उन्हें व्यावहारिक जीवन में लागू करें। इसलिए, केवल स्मृति स्तर तक सीमित रहना उनके लिए अनुपयुक्त और अपर्याप्त है।

अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये क्यों उपयुक्त हैं?):

(2) ज्ञान की स्वयं खोज करने देना: यह 'डिस्कवरी लर्निंग' (Discovery Learning) पर आधारित है। उच्च माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच विकसित करने के लिए यह बहुत प्रभावी है।

(3) कक्षा अन्तःक्रिया को उचित स्थान देना: जब विद्यार्थी चर्चा करते हैं और एक-दूसरे के विचारों को सुनते हैं, तो उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और स्थायी होती है। यह सामाजिक अधिगम (Social Learning) को बढ़ावा देता है।

(4) शिक्षण-अधिगम विद्यार्थी केन्द्रित होना: आधुनिक शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से विद्यार्थी केंद्रित (Student-centered) है। इसका अर्थ है कि शिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की आवश्यकताओं, रुचियों और उनकी सीखने की गति के अनुसार होना चाहिए, न कि केवल शिक्षक के व्याख्यान पर आधारित।

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Q17. फ्रॉयड के मनोलैंगिक विकास सिद्धान्त के अनुसार, वह अवस्था जिसमें किशोर विपरीत लिंग के प्रति आकर्षित होते हैं, उसे कहा जाता है :

Right Answer: जनन अवस्था


Explanation:

सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के मनोलैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) में पांच अवस्थाएं हैं। किशोर अवस्था (adolescence) में होने वाले परिवर्तनों के लिए जनन अवस्था ही जिम्मेदार है:

  • जनन अवस्था (Genital Stage): यह अवस्था किशोरावस्था से शुरू होती है और जीवन के अंत तक चलती है। इस चरण की मुख्य विशेषता यह है कि व्यक्ति की कामेच्छा (libido) फिर से जागृत होती है, लेकिन इस बार उसका ध्यान अपने स्वयं के शरीर के बजाय विपरीत लिंग के व्यक्तियों के साथ संबंध बनाने और यौन परिपक्वता प्राप्त करने पर केंद्रित होता है। किशोरों में सामाजिक और यौन आकर्षण इसी चरण का हिस्सा है।

अन्य विकल्पों का संक्षिप्त विवरण:

  1. लिंग अवस्था (Phallic Stage - 3 से 6 वर्ष): यहाँ बच्चा अपने लिंग के प्रति जागरूक होता है। इसमें 'ओडिपस' (Oedipus) और 'इलेक्ट्रा' (Electra) ग्रंथियाँ विकसित होती हैं।
  2. गुदा अवस्था (Anal Stage - 1 से 3 वर्ष): इस अवस्था में बच्चा मल-त्याग के नियंत्रण (potty training) पर ध्यान केंद्रित करता है।
  3. अव्यक्त अवस्था (Latency Stage - 6 वर्ष से यौवनारंभ तक): यह एक शांत अवस्था है जहाँ यौन भावनाएं दब जाती हैं और बच्चा सामाजिक कौशल और स्कूल के कार्यों पर ध्यान देता है।
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Q18. निम्नलिखित में से कौन-सा अर्जित अभिप्रेरक नहीं है ?

Right Answer: दर्द परिवर्जन


Explanation:

अभिप्रेरक (Motives) के प्रकार और उनकी व्याख्या

मनोविज्ञान में अभिप्रेरकों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा जाता है: जन्मजात या प्राथमिक (Innate/Primary) और अर्जित या द्वितीयक (Acquired/Secondary)।

दर्द परिवर्जन (Pain Avoidance) जन्मजात क्यों है?

दर्द परिवर्जन (दर्द से बचना) एक जैविक और जन्मजात (Innate/Biological) अभिप्रेरक है। यह हमारे जीवित रहने (survival) के लिए तंत्रिका तंत्र (nervous system) में पहले से मौजूद एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया है। इसे समाज या पर्यावरण से सीखने की आवश्यकता नहीं होती है — एक नवजात शिशु भी बिना किसी पूर्व अनुभव के दर्द से बचने के लिए अपना शरीर पीछे खींच लेता है। भूख, प्यास, और नींद की तरह, यह भी एक शारीरिक आवश्यकता है।

अन्य विकल्प अर्जित (Acquired) क्यों हैं?

अर्जित अभिप्रेरक (Acquired motives) वे होते हैं जिन्हें मनुष्य अपने पर्यावरण, संस्कृति और सामाजिक अंतःक्रिया (social interactions) के माध्यम से सीखता या विकसित करता है।

  • (1) संबंधन (Affiliation): दोस्तों, परिवार या समाज के साथ जुड़ने और समूह का हिस्सा बनने की इच्छा। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और यह आवश्यकता समाज में रहकर सीखी जाती है।
  • (2) उपलब्धि (Achievement): जीवन में सफलता प्राप्त करने, उत्कृष्ट बनने और कठिन लक्ष्यों को हासिल करने की चाह (जैसे M.Tech या किसी अन्य परीक्षा में टॉप करना)। यह हमारी परवरिश, शिक्षा और सामाजिक परिवेश द्वारा विकसित होती है।
  • (3) अनुमोदन (Approval): दूसरों (जैसे माता-पिता, शिक्षक या समाज) से स्वीकृति, प्रशंसा और मान्यता प्राप्त करने की इच्छा। यह भी पूरी तरह से एक मनोवैज्ञानिक आवश्यकता है जो हम अपने अनुभवों से सीखते हैं।

चूंकि संबंधन, उपलब्धि और अनुमोदन जीवन के अनुभवों से 'अर्जित' (Acquired) किए जाते हैं, इसलिए केवल 'दर्द परिवर्जन' ही ऐसा विकल्प है जो जन्मजात (Innate) है और अर्जित नहीं है।

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Q19. वर्नन के पदानुक्रमिक बुद्धि सिद्धान्त के सही अनुक्रम (ऊपर से नीचे) का चयन कीजिए :

Right Answer: सामान्य कारक -> लघु कारक -> प्रमुख कारक -> विशिष्ट कारक


Explanation:

1. सामान्य कारक (General Factor - g)

  • शीर्ष स्तर: पदानुक्रम के सबसे ऊपर सामान्य कारक होता है।
  • इसका अर्थ: यह किसी व्यक्ति की समग्र मानसिक ऊर्जा और बौद्धिक क्षमता को दर्शाता है। यह एक ऐसी सामान्य बुद्धि है जिसका उपयोग व्यक्ति हर प्रकार के मानसिक या संज्ञानात्मक कार्यों (cognitive tasks) में करता है।

2. प्रमुख समूह कारक (Major Group Factors)

  • दूसरा स्तर: सामान्य कारक आगे चलकर दो मुख्य व्यापक श्रेणियों में विभाजित हो जाता है।
  • इसका अर्थ: वर्नन ने दो प्रमुख समूह कारक बताए हैं:
    • शाब्दिक-शैक्षिक (v:ed): स्कूली शिक्षा, भाषा, पढ़ने-लिखने और गणित से संबंधित क्षमताएं।
    • स्थानिक-यांत्रिक (k:m): व्यावहारिक, शारीरिक और यांत्रिक (mechanical) क्षमताएं, जिनमें दिशाओं और आकृतियों की समझ (spatial awareness) शामिल है।

3. लघु समूह कारक (Minor Group Factors)

  • तीसरा स्तर: प्रमुख समूह कारक आगे छोटे और अधिक विशिष्ट श्रेणियों में विभाजित होते हैं।
  • इसका अर्थ: उदाहरण के लिए, 'शाब्दिक-शैक्षिक' कारक आगे चलकर मौखिक प्रवाह (verbal fluency), संख्यात्मक क्षमता (numerical ability), या तार्किक सोच जैसे लघु कारकों में बंट सकता है। इसी तरह स्थानिक-यांत्रिक कारक यांत्रिक समझ या हस्त-कौशल में बंट सकता है।

4. विशिष्ट कारक (Specific Factors - s)

  • निचला स्तर: पदानुक्रम के सबसे निचले आधार पर विशिष्ट कारक होते हैं।
  • इसका अर्थ: ये किसी एक विशेष कार्य या परीक्षण को करने के लिए आवश्यक अत्यंत विशिष्ट क्षमताएं हैं (जैसे बीजगणित के किसी विशेष समीकरण को हल करने की क्षमता या किसी खास मशीन के पुर्जे जोड़ने की क्षमता)।

संक्षेप में, वर्नन का मानना था कि यद्यपि हम सभी में एक अंतर्निहित सामान्य बुद्धि होती है, लेकिन व्यवहार में यह पहले व्यापक कौशल (प्रमुख), फिर संकीर्ण कौशल (लघु), और अंततः विशिष्ट कार्यों के लिए अत्यधिक विशिष्ट कौशल में फ़िल्टर हो जाती है।

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Q20. समावेशी शिक्षा विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के किस संवैधानिक अधिकार की रक्षा करती है ?

Right Answer: शिक्षा का अधिकार


Explanation:

सही है: भारत के संविधान में अनुच्छेद 21-A के तहत "शिक्षा का अधिकार" (Right to Education - RTE) एक मौलिक अधिकार है। यह अधिकार जाति, धर्म, लिंग या शारीरिक/मानसिक क्षमता के आधार पर भेदभाव किए बिना सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा की गारंटी देता है। समावेशी शिक्षा इसी संवैधानिक अधिकार को धरातल पर लागू करती है, यह सुनिश्चित करते हुए कि दिव्यांग या विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN) मुख्यधारा के स्कूलों से बाहर न रहें। 

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Q21. निम्नलिखित में से कौन-सी वंचित बालकों की सामान्य विशेषता नहीं है ?

Right Answer: वे शारीरिक रूप से अक्षम दिखते हैं


Explanation:

'वंचित बालक' (Deprived Children) वे होते हैं जिन्हें अपने विकास के लिए आवश्यक अवसर, संसाधन या सुविधाएं नहीं मिल पातीं। आइए विकल्पों का विश्लेषण करें:

(1) वे शारीरिक रूप से अक्षम दिखते हैं (यह गलत है): यह कहना कि वंचित बालक 'शारीरिक रूप से अक्षम' (Disabled) होते हैं, पूरी तरह गलत है। वंचना (Deprivation) एक सामाजिक और आर्थिक स्थिति है, न कि कोई शारीरिक बीमारी या विकलांगता। एक वंचित बच्चा शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ और सक्षम हो सकता है। यह उनकी अनिवार्य विशेषता नहीं है।

(2) वे सामाजिक रूप से अलाभान्वित होते हैं (सही): वंचना का एक मुख्य पहलू सामाजिक अलगाव है, जहाँ उन्हें समाज की मुख्यधारा से पर्याप्त अवसर या सम्मान नहीं मिलता।

(3) वे आर्थिक रूप से वंचित होते हैं (सही): वंचना का सबसे बड़ा कारण अक्सर गरीबी होती है, जिसके कारण बच्चे बुनियादी सुविधाओं (भोजन, शिक्षा, कपड़े) से दूर रह जाते हैं।

(4) वे संवेगात्मक रूप से हीन महसूस करते हैं (सही): जब बच्चों को बार-बार यह महसूस कराया जाता है कि वे दूसरों से पीछे हैं, या जब उन्हें पर्याप्त स्नेह और प्रोत्साहन नहीं मिलता, तो उनमें 'हीन भावना' (Inferiority Complex) विकसित होना स्वाभाविक है।

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Q22. निम्नलिखित में से प्रश्नों का कौन-सा प्रकार विद्यार्थियों के भावों की अभिव्यक्ति एवं तार्किक चिंतन की जाँच के लिए उपयुक्त नहीं है ?

Right Answer: बहु विकल्पात्मक प्रकार


Explanation:

इस प्रश्न का उद्देश्य यह जानना है कि किस प्रकार के प्रश्न भावों की अभिव्यक्ति (Expression of feelings) और तार्किक चिंतन (Logical thinking) को जाँचने के लिए उपयुक्त नहीं हैं।

बहु विकल्पात्मक प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs): ये प्रश्न 'अभिसारी चिंतन' (Convergent Thinking) पर आधारित होते हैं। इसमें विद्यार्थी को दिए गए विकल्पों में से केवल एक सही उत्तर चुनना होता है। यहाँ विद्यार्थी के पास अपने विचारों, भावनाओं या तर्क को विस्तार से रखने का कोई अवसर नहीं होता। यह केवल स्मृति (Memory) और पहचान (Recognition) की जाँच करता है, न कि सृजनात्मक या तार्किक चिंतन की। इसीलिए यह "उपयुक्त नहीं" है।

विश्लेषणात्मक (Analytical), समालोचनात्मक (Critical) और विवेचनात्मक (Discussion) प्रकार:

  • ये प्रश्न 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) को बढ़ावा देते हैं।
  • इनमें छात्र को समस्या के विभिन्न पहलुओं पर विचार करना होता है, अपने तर्क (Logic) देने होते हैं और अपने विचारों (Feelings/Perspective) को विस्तार से लिखना होता है।
  • ये तीनों प्रकार उच्च-स्तरीय चिंतन कौशल (Higher Order Thinking Skills - HOTS) विकसित करने के लिए सर्वोत्तम माने जाते हैं।
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Q23. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैयक्तिक भिन्नता के संबंध में सही नहीं है ?

Right Answer: वैयक्तिक भिन्नता का कारण सामाजिक वातावरण होता है, भौतिक वातावरण नहीं।


Explanation:

(1) सही है: वैयक्तिक भिन्नता का अर्थ ही है कि हर व्यक्ति दूसरे से अलग है, चाहे वह बुद्धि/ज्ञान (Cognitive) के स्तर पर हो या कार्य करने की क्षमता (Psychomotor) के स्तर पर।

(2) सही है: किसी व्यक्ति की प्रजाति (Species) या आनुवंशिकता (Heredity) उसके विकास और विशेषताओं को प्रभावित करती है, जो वैयक्तिक भिन्नता का एक आधार है।

(3) गलत है: यह कथन गलत है क्योंकि यह अधूरा है। वैयक्तिक भिन्नता केवल सामाजिक वातावरण का परिणाम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और भौतिक (भौगोलिक, प्राकृतिक, जलवायु आदि) दोनों प्रकार के वातावरण का परिणाम होती है। भौतिक वातावरण भी व्यक्ति के स्वास्थ्य, विकास और व्यवहार को गहराई से प्रभावित करता है। चूँकि यह कथन "भौतिक वातावरण को नकारता है" (not the physical environment), इसलिए यह मनोवैज्ञानिक दृष्टि से गलत है।

(4) सही है: जैसे-जैसे व्यक्ति की आयु बढ़ती है, उसके अनुभव, सोच और क्षमताएं बदलती हैं। आयु के बढ़ने के साथ-साथ दो व्यक्तियों के बीच भिन्नता और अधिक स्पष्ट हो जाती है।

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Q24. विकास एवं अधिगम के साथ उसके संबंध के बारे में कौन-सा कथन गलत है ?

Right Answer: परिपक्वता की सीमाओं के बावजूद जब सीखने को प्रोत्साहित किया जाता है तो विकास एक निश्चित बिन्दु से आगे जा सकता है।


Explanation:

(1) सीखने के अवसरों से वंचित होना विकास को सीमित करता है: यह कथन सही है। विकास और अधिगम परस्पर जुड़े हैं। यदि एक बच्चे को सीखने के पर्याप्त अवसर नहीं मिलेंगे, तो उसका संज्ञानात्मक और शारीरिक विकास पूरी तरह नहीं हो पाएगा।

(2) बच्चे तब तक नहीं सीख सकते जब तक वे विकासात्मक रूप से सीखने के लिए तैयार न हों: यह कथन सही है। इसे 'परिपक्वता की तत्परता' (Readiness) का सिद्धांत कहते हैं। उदाहरण के लिए, यदि एक बच्चा शारीरिक रूप से चलने के लिए परिपक्व नहीं है, तो उसे लाख सिखाने पर भी वह नहीं चल पाएगा।

(3) विकास परिपक्वता और सीखने का उत्पाद है: यह कथन बिल्कुल सही है (अक्सर इसे Development = Maturation X Learning के सूत्र के रूप में पढ़ा जाता है)। विकास केवल जैविक परिपक्वता (Maturation) का ही परिणाम नहीं है, बल्कि उसमें अनुभव और सीखने का भी समान योगदान होता है।

(4) परिपक्वता की सीमाओं के बावजूद जब सीखने को प्रोत्साहित किया जाता है तो विकास एक निश्चित बिन्दु से आगे जा सकता है (यह कथन गलत है): मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से, विकास की एक जैविक सीमा होती है जो परिपक्वता (Maturation) द्वारा निर्धारित होती है। आप किसी बच्चे को उसकी विकासात्मक अवस्था (Stage) से बहुत आगे नहीं धकेल सकते, चाहे आप कितना भी प्रोत्साहन क्यों न दें। हर कौशल के लिए एक 'क्रिटिकल पीरियड' होता है; परिपक्वता की सीमाओं को लांघकर विकास संभव नहीं है। इसीलिए, यह कथन विकास के सिद्धांतों के विपरीत होने के कारण 'गलत' है।

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Q25. विद्यार्थियों की समग्र उपलब्धि और प्रवीणता का मूल्यांकन करने के लिए, सीखने की अवधि के अंत में अभिकल्पित मूल्यांकन कहलाता है :

Right Answer: सीखने का मूल्यांकन


Explanation:

मूल्यांकन के मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं जिन्हें समझना बहुत आवश्यक है:

  • सीखने का मूल्यांकन (Assessment of Learning): यह मूल्यांकन सीखने की अवधि के अंत में (जैसे सत्र के अंत में, फाइनल परीक्षा में) किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह जानना होता है कि छात्र ने निर्धारित समय में कितना और क्या सीखा है। यह आमतौर पर 'योगात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) का हिस्सा होता है। चूँकि आपका प्रश्न "अवधि के अंत" की बात कर रहा है, इसलिए सही उत्तर (1) है।
  • सीखने के लिए मूल्यांकन (Assessment for Learning): यह मूल्यांकन सीखने की प्रक्रिया के दौरान (जैसे क्लास में पढ़ाते समय सवाल पूछना) किया जाता है। इसका उद्देश्य शिक्षण प्रक्रिया को बेहतर बनाना और छात्रों की कमियों को सुधारना होता है। यह 'रचनात्मक मूल्यांकन' (Formative Assessment) का हिस्सा होता है।
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Q26. बच्चों में सामाजीकरण को बढ़ावा देने में शिक्षक का निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य सहायक नहीं है ?

Right Answer: वैयक्तिक परियोजना कार्य देना


Explanation:

सामाजीकरण (Socialization) वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से बच्चे समाज के नियमों, मूल्यों, और व्यवहारों को सीखते हैं और अन्य लोगों के साथ घुलना-मिलना सीखते हैं। एक शिक्षक का उद्देश्य कक्षा में ऐसे अवसर प्रदान करना होता है जिससे बच्चे एक-दूसरे से जुड़ सकें। 

(1) वैयक्तिक परियोजना कार्य देना (Individual Project Work): जब शिक्षक किसी बच्चे को 'व्यक्तिगत' या 'अकेले' करने वाला प्रोजेक्ट देता है, तो बच्चा केवल अपने आप तक सीमित रहता है। इसमें उसे अन्य बच्चों के साथ बातचीत या सहयोग करने का मौका नहीं मिलता। इसलिए, यह सामाजीकरण को बढ़ावा देने में सहायक नहीं है। 

(2) सामाजिक जिम्मेदारियाँ सौंपना: (जैसे- क्लास मॉनिटर बनाना या ग्रुप लीडर बनाना) इससे बच्चों में नेतृत्व और सहयोग की भावना आती है, जो सामाजीकरण को बढ़ाता है।

(3) सह-पाठ्यगामी गतिविधियों का आयोजन करना: (जैसे- खेलकूद, नाटक, या सांस्कृतिक कार्यक्रम) इनमें बच्चे समूह में काम करते हैं, जिससे उनका सामाजिक विकास होता है।

(4) सामाजिक सहभागिता के लिए अभिप्रेरित करना: बच्चों को एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करना सामाजीकरण का प्रत्यक्ष तरीका है।

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Q27. निम्नलिखित में से कौन-सा नवीन लक्षणों के अधिग्रहण के अन्तर्गत विकासात्मक परिवर्तन का एक उदाहरण नहीं है ?

Right Answer: थायमस ग्रंथि


Explanation:

मानव विकास के अध्ययन (जैसे हरलॉक के विकास के सिद्धांतों) में, विकासात्मक परिवर्तनों को मुख्य रूप से विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है, जिनमें 'नवीन लक्षणों का अधिग्रहण' (नई चीजें जुड़ना) और 'पुराने लक्षणों का लोप' (पुरानी चीजें समाप्त होना) शामिल हैं। 

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Q28. निम्नलिखित में से कौन-सी लैंगिक पक्षपातपूर्ण क्रियाएँ शैक्षिक अभ्यासों में सम्मिलित नहीं होनी चाहिए ?

निम्नलिखित में से कौन-सी लैंगिक पक्षपातपूर्ण क्रियाएँ शैक्षिक अभ्यासों में सम्मिलित नहीं होनी चाहिए ?

(a) सजातीय समूहन 

(b) लिंग तटस्थ विषय-वस्तु 

(c) रूढ़िबद्ध व्यावसायिक मार्गदर्शन 

(d) शिक्षक की पूर्वाग्रही अभिवृत्ति 

सही कूट का चयन कीजिए :

Right Answer: (a), (c) एवं (d)


Explanation:

इस प्रश्न को ध्यान से समझने की आवश्यकता है। प्रश्न में पूछा गया है कि कौन-सी "लैंगिक पक्षपातपूर्ण क्रियाएँ" (Gender Biased Practices) शैक्षिक अभ्यासों (Classroom Practices) में सम्मिलित नहीं होनी चाहिए।

यहाँ प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण दिया गया है:

  • (a) सजातीय समूहन (Homogeneous Grouping): लिंग के आधार पर लड़के और लड़कियों के अलग-अलग समूह बनाना (जैसे- लड़कों का अलग ग्रुप, लड़कियों का अलग ग्रुप)। यह एक पक्षपातपूर्ण क्रिया है, जो बच्चों में दूरियां बढ़ाती है। इसे कक्षा में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
  • (b) लिंग तटस्थ विषय-वस्तु (Gender-Neutral Content): ऐसी पाठ्यपुस्तकें या सामग्री जिसमें लड़के और लड़कियों को समान रूप से प्रस्तुत किया गया हो (जैसे- पाठ में महिला को डॉक्टर और पुरुष को खाना बनाते हुए दिखाना)। यह एक सकारात्मक और अच्छी क्रिया है। इसे शिक्षा में शामिल किया जाना चाहिए (यह पक्षपातपूर्ण नहीं है)।
  • (c) रूढ़िबद्ध व्यावसायिक मार्गदर्शन (Stereotypical Vocational Guidance): बच्चों को उनके लिंग के आधार पर करियर की सलाह देना (जैसे- लड़कियों को कहना कि तुम गृह विज्ञान या नर्सिंग चुनो, और लड़कों को इंजीनियरिंग या सेना में जाने को कहना)। यह पूरी तरह से लैंगिक पक्षपात है, इसे शिक्षा में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
  • (d) शिक्षक की पूर्वाग्रही अभिवृत्ति (Biased Attitude of Teacher): शिक्षक का यह सोचना कि "लड़के गणित में अच्छे होते हैं और लड़कियाँ भाषा में।" यह पूर्वाग्रह बच्चों के विकास को रोकता है, इसलिए इसे भी कक्षा में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
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Q29. निम्नलिखित में से कौन आनुवंशिकता से प्रभावित नहीं होता ?

Right Answer: अभिवृत्ति


Explanation:

यहाँ सभी विकल्पों का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अभिवृत्ति आनुवंशिकता (Heredity) से प्रभावित क्यों नहीं होती:

  • (1) अभिक्षमता (Aptitude): अभिक्षमता का अर्थ है किसी विशिष्ट कार्य या क्षेत्र (जैसे- संगीत, गणित, या कला) में कौशल सीखने की जन्मजात क्षमता या योग्यता। यह काफी हद तक आनुवंशिकता और जैविक कारकों से प्रभावित होती है।
  • (2) अभिवृत्ति (Attitude): अभिवृत्ति (या दृष्टिकोण) किसी व्यक्ति, वस्तु, विचार या परिस्थिति के प्रति सकारात्मक या नकारात्मक सोचने और महसूस करने का एक तरीका है। यह पूरी तरह से अर्जित (Learned) होती है। बच्चा अपने परिवार, समाज, संस्कृति और अनुभवों (वातावरण) से सीखता है कि उसे किस चीज़ के प्रति कैसा नज़रिया रखना है। इसका आनुवंशिकता से कोई सीधा संबंध नहीं होता।
  • (3) संवेग (Emotion): संवेगात्मक प्रवृत्तियाँ (जैसे- जल्दी क्रोधित होना, शांत रहना, या डरना) व्यक्ति के मूल स्वभाव (Temperament) से जुड़ी होती हैं। मूल स्वभाव का एक बड़ा हिस्सा आनुवंशिक बनावट और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर निर्भर करता है।
  • (4) अभिरुचि (Interest): यद्यपि अभिरुचि वातावरण से बहुत अधिक प्रभावित होती है, लेकिन कई मनोवैज्ञानिक अध्ययनों (जैसे जुड़वां बच्चों पर किए गए शोध) में पाया गया है कि कुछ चीज़ों में रुचि रखने का झुकाव (जैसे- अंतर्मुखी या बहिर्मुखी गतिविधियाँ) व्यक्ति की आनुवंशिक संरचना से भी थोड़ा प्रभावित हो सकता है।
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Q30. सही कूट का चयन कीजिए :

बुद्धि के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

(a) बौद्धिक विकास पर आनुवंशिकता का प्रभाव पड़ता है, वातावरण का नहीं। 

(b) लैंगिक भिन्नता बौद्धिक भिन्नता का कारण नहीं होती। 

(c) तीव्र बुद्धि, तीव्र स्मरणशक्ति की परिचायक होती है। 

(d) बुद्धि नवीन परिस्थितियों में समायोजन की योग्यता देती है।

सही कूट का चयन कीजिए :

Right Answer: (a) एवं (c)


Explanation:

  • कथन (a) "बौद्धिक विकास पर आनुवंशिकता का प्रभाव पड़ता है, वातावरण का नहीं" – यह कथन सत्य नहीं है। बुद्धि के विकास में आनुवंशिकता (Heredity) और वातावरण (Environment) दोनों की परस्पर क्रिया (Interaction) महत्वपूर्ण होती है। केवल एक को ज़िम्मेदार ठहराना गलत है। अच्छा वातावरण मिलने पर बुद्धि का बेहतर विकास होता है।
  • कथन (b) "लैंगिक भिन्नता बौद्धिक भिन्नता का कारण नहीं होती" – यह कथन बिल्कुल सत्य है। महिला या पुरुष होने से किसी की बुद्धि कम या ज़्यादा नहीं होती। आधुनिक मनोविज्ञान यह स्पष्ट मानता है कि लिंग के आधार पर बुद्धि में कोई अंतर नहीं होता।
  • कथन (c) "तीव्र बुद्धि, तीव्र स्मरणशक्ति की परिचायक होती है" – यह कथन पूरी तरह सत्य नहीं माना जाता। स्मरणशक्ति (Memory) और बुद्धि (Intelligence) दो अलग-अलग मानसिक क्षमताएं हैं। कोई व्यक्ति चीज़ों को बहुत जल्दी रट या याद रख सकता है (तीव्र स्मरणशक्ति), लेकिन ज़रूरी नहीं कि उसकी तार्किक या समस्या-समाधान की क्षमता (बुद्धि) भी उतनी ही तीव्र हो। इसलिए तीव्र बुद्धि को केवल तीव्र स्मरणशक्ति का परिचायक नहीं माना जा सकता।
  • कथन (d) "बुद्धि नवीन परिस्थितियों में समायोजन की योग्यता देती है" – यह कथन बिल्कुल सत्य है। प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिकों (जैसे स्टर्न) के अनुसार, बुद्धि की परिभाषा ही यही है कि व्यक्ति नई परिस्थितियों और वातावरण में खुद को कितनी कुशलता से ढाल या समायोजित (Adjust) कर पाता है।
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Hindi Grammar (15 Questions) Shown in the original language — translating a language paper would change the answer.

Q1. विलोम की दृष्टि से असंगत विकल्प चुनिए :

Right Answer: आकृष्ट - विकृष्ट


Explanation:

व्याख्या:

  • आकृष्ट (सही विकल्प): 'आकृष्ट' का विलोम 'विकृष्ट' नहीं, बल्कि 'अनाकृष्ट' या 'विकर्षित' होता है। (आकृष्ट का अर्थ है 'खींचा हुआ' या 'आकर्षित', जबकि विकृष्ट का अर्थ होता है 'खींचा हुआ' ही; अतः ये विलोम नहीं हैं।)

अन्य विकल्प क्यों संगत हैं:

  • (2) आह्वान - अनाह्वान: यह सही है (आह्वान का अर्थ बुलाना और अनाह्वान का अर्थ न बुलाना)।
  • (3) कलंकित - निष्कलंक: यह सही है (कलंकित का अर्थ दाग लगा हुआ और निष्कलंक का अर्थ दाग रहित)।
  • (4) ऐहिक - पारलौकिक: यह सही है (ऐहिक का अर्थ इस लोक से संबंधित और पारलौकिक का अर्थ परलोक से संबंधित)।
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Q2. वर्णों की ध्वनिगत विशेषताओं के संदर्भ में असंगत चुनिए :

Right Answer: ऋ - अग्र, संवृत, वृत्तमुखी


Explanation:

व्याख्या: स्वरों का वर्गीकरण ओठों की स्थिति (होठों के आकार) के आधार पर दो प्रकार से होता है:

  1. वृत्तमुखी (Rounded): जिनके उच्चारण में होंठ गोल हो जाते हैं (उ, ऊ, ओ, औ)।
  2. अवृत्तमुखी (Unrounded): जिनके उच्चारण में होंठ गोल नहीं होते (अ, आ, इ, ई, ए, ऐ, ऋ)।

विकल्प (2) में 'ऋ' को वृत्तमुखी बताया गया है, जो कि गलत है। 'ऋ' का उच्चारण करते समय होंठ गोल नहीं होते, इसलिए यह अवृत्तमुखी स्वर है (साथ ही यह अग्र और संवृत है)।

अन्य विकल्प सही क्यों हैं:

  • (1) उ - पश्च, संवृत, वृत्तमुखी: जिह्वा के पश्च (पिछले) भाग से बोला जाता है, उच्चारण में मुख लगभग बंद (संवृत) रहता है और होंठ गोल (वृत्तमुखी) होते हैं।
  • (3) अ - मध्य, ह्रस्व, उदासीन: यह जिह्वा के मध्य भाग से बोला जाता है, एकमात्रिक (ह्रस्व) है और इसे 'उदासीन स्वर' भी कहा जाता है।
  • (4) आ - पश्च, विवृत, अवृत्तमुखी: जिह्वा के पश्च भाग से बोला जाता है, मुख पूरा खुलता है (विवृत) और होंठ गोल नहीं होते (अवृत्तमुखी)।
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Q3. हिंदी अध्यापक की विशिष्ट विशेषताओं में सम्मिलित नहीं है :

Right Answer: शिक्षा तथा उपाधियाँ


Explanation:

व्याख्या: एक सफल और श्रेष्ठ हिंदी अध्यापक की 'विशिष्ट विशेषताओं' (Qualities/Characteristics) में उसके आंतरिक गुण, ज्ञान और कौशल आते हैं।

  • (1) साहित्य का ज्ञान, (2) भाषा शिक्षण की विधियों का ज्ञान और (3) हिंदी भाषा पर विशिष्ट अधिकार — ये तीनों एक हिंदी शिक्षक की व्यावहारिक और विशिष्ट विशेषताएँ हैं, जो उसे कक्षा में प्रभावी रूप से पढ़ाने के योग्य बनाती हैं।
  • (4) शिक्षा तथा उपाधियाँ (Degrees and Qualifications): ये शिक्षक बनने के लिए आवश्यक 'अनिवार्य योग्यताएँ' (Eligibility criteria) तो हैं, लेकिन ये उसकी "विशिष्ट विशेषताएँ" या शिक्षण कौशल नहीं हैं। मात्र डिग्री होने से कोई व्यक्ति एक अच्छा शिक्षक नहीं बन जाता; एक अच्छे शिक्षक की पहचान उसके विषय-ज्ञान और पढ़ाने की शैली (methods) से होती है।
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Q4. निम्नलिखित में से अशुद्ध शब्द समूह का चयन कीजिए :

Right Answer: सीधा साधा, अठोतर, उहापोह


Explanation:

व्याख्या:

  • सीधा साधा: यह अशुद्ध है। इसका शुद्ध रूप 'सीधा-सादा' होता है।
  • अठोतर: यह अशुद्ध है। इसका शुद्ध रूप 'अठोत्तर' (अठ् + उत्तर = आठ अधिक) होता है।
  • उहापोह: यह अशुद्ध है। इसका शुद्ध रूप 'ऊहापोह' (असमंजस की स्थिति) होता है, जिसमें दीर्घ 'ऊ' का प्रयोग होता है।

अन्य विकल्प क्यों शुद्ध हैं:

  • विकल्प (2): 'दाशरथि' (दशरथ + इ), 'स्थायित्व' और 'विद्यार्थिपरिषद्' (समास होने पर 'विद्यार्थी' की 'ई' की मात्रा ह्रस्व 'इ' हो जाती है, जैसे- मन्त्रिपरिषद्) सभी शुद्ध हैं।
  • विकल्प (3): 'सुधीजन' (सुधी + जन), 'प्रेयसी' और 'निजीकरण' सभी वर्तनी की दृष्टि से पूर्णतः शुद्ध हैं।
  • विकल्प (4): 'वेश्या', 'शशिभूषण' और 'शक्तीकरण' भी शुद्ध हैं (ध्यान दें: 'करण' प्रत्यय जुड़ने पर 'शक्ति' की ह्रस्व 'इ' की मात्रा दीर्घ 'ई' में बदल जाती है, जैसे- शुद्धीकरण, स्पष्टीकरण)।
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Q5. समास की दृष्टि से संगत विकल्प चुनिए :

Right Answer: श्रमसाध्य - करण तत्पुरुष


Explanation:

व्याख्या: सभी विकल्पों का समास विग्रह इस प्रकार है:

  1. श्रमसाध्य (सही): इसका विग्रह है "श्रम से साध्य" (अर्थात् जिसे श्रम के द्वारा साधा या पूरा किया जा सके)। यहाँ 'से' (के द्वारा) साधन का बोध करा रहा है, इसलिए यहाँ करण तत्पुरुष समास है।

अन्य विकल्प असंगत (गलत) क्यों हैं:

(1) चक्षुश्रवा: इसका विग्रह है "चक्षुओं (आँखों) से सुनता है जो" अर्थात् सर्प (साँप)। इसमें कोई पद प्रधान न होकर किसी तीसरे अर्थ का बोध हो रहा है, इसलिए इसमें बहुव्रीहि समास है (इतरेतर द्वन्द्व नहीं)।

(2) आपादमस्तक: इसका विग्रह है "पाद (पैर) से लेकर मस्तक (सिर) तक"। इसमें प्रथम पद 'आ' उपसर्ग/अव्यय है, इसलिए यहाँ अव्ययीभाव समास है (बहुव्रीहि नहीं)।

(3) जातिगत: इसका विग्रह है "जाति को गत (गया हुआ)"। यहाँ 'को' विभक्ति का लोप हुआ है, इसलिए इसमें कर्म तत्पुरुष समास है (अधिकरण तत्पुरुष नहीं)।

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Q6. निर्देश : (प्रश्न संख्या 33-36) निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

नया निश्चय ही एक मूल्य है। पर निरंतरता भी एक मूल्य है। साहित्य दोनों में से एक को चुनने की हिमाकत सौभाग्य से नहीं करता है, क्योंकि वह जानता है कि एक के बिना दूसरा संभव नहीं है। परंपरा अपने को पुनर्नवा किए बिना सजीव नहीं रह सकती। मनुष्य दोनों आयामों में रहता है इतिहास में और अनन्त में। वह बदलता है और फिर भी बना रहता है। दोनों आयाम मनुष्य के यहाँ अंतर्भुक्त हैं वे अलग-थलग या विविक्त नहीं होते। बहुत कुछ बदलता है: समाज, परिस्थितियाँ, आर्थिक व्यापार, मानव संबंध और उनके संगुंफन आदि पर प्रेम, ईर्ष्या, मोह-मत्सर, राग-विराग, हर्ष-विषाद आदि वही बने रहते हैं। नयी दृष्टि होती है, तो अपने लिए अनिवार्यतः नया शिल्प भी खोजती है। विश्लेषण के लिए भले हम कथ्य और शिल्प को अलग-थलग कर लेते हैं, पर रचना में वे अद्वैत हैं। नया अंततः निरंतरता में समाहित होकर अपनी वैधता पाता है, पर वह निरंतरता को कहीं न कहीं बदल भी देता है। निरंतरता नए के हस्तक्षेप और उसके समाहार के बाद वही नहीं रह जाती, जो पहले थी। हम यह भूल जाते हैं कि आज जो पुराना लगता है, वह कभी नया था। बिना समकालीनता के कालातीत नहीं हुआ जा सकता, लेकिन सिर्फ समकालीनता के बाड़े में बँधे रहकर भी कालातीत नहीं हुआ जा सकता। नया समय को सीधे और उसके बदले हुए ब्योरों में पकड़ने के साहस से उपजता है, पर अगर वह समय के पार न देख पाये, तो टिकाऊ नहीं हो सकता। जो कालातीत है, वही हर समय नया होता चलता है। 

नयापन टिकाऊ होता है :

Right Answer: जब वह समकालीन भी हो और कालातीत भी।


Explanation:

व्याख्या: गद्यांश की अंतिम पंक्तियों में स्पष्ट किया गया है: "बिना समकालीनता के कालातीत नहीं हुआ जा सकता... नया समय को सीधे और उसके बदले हुए ब्योरों में पकड़ने के साहस से उपजता है (यानी समकालीनता), पर अगर वह समय के पार न देख पाये (यानी कालातीत न हो), तो टिकाऊ नहीं हो सकता।"

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Q7. निर्देश : (प्रश्न संख्या 33-36) निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

नया निश्चय ही एक मूल्य है। पर निरंतरता भी एक मूल्य है। साहित्य दोनों में से एक को चुनने की हिमाकत सौभाग्य से नहीं करता है, क्योंकि वह जानता है कि एक के बिना दूसरा संभव नहीं है। परंपरा अपने को पुनर्नवा किए बिना सजीव नहीं रह सकती। मनुष्य दोनों आयामों में रहता है इतिहास में और अनन्त में। वह बदलता है और फिर भी बना रहता है। दोनों आयाम मनुष्य के यहाँ अंतर्भुक्त हैं वे अलग-थलग या विविक्त नहीं होते। बहुत कुछ बदलता है: समाज, परिस्थितियाँ, आर्थिक व्यापार, मानव संबंध और उनके संगुंफन आदि पर प्रेम, ईर्ष्या, मोह-मत्सर, राग-विराग, हर्ष-विषाद आदि वही बने रहते हैं। नयी दृष्टि होती है, तो अपने लिए अनिवार्यतः नया शिल्प भी खोजती है। विश्लेषण के लिए भले हम कथ्य और शिल्प को अलग-थलग कर लेते हैं, पर रचना में वे अद्वैत हैं। नया अंततः निरंतरता में समाहित होकर अपनी वैधता पाता है, पर वह निरंतरता को कहीं न कहीं बदल भी देता है। निरंतरता नए के हस्तक्षेप और उसके समाहार के बाद वही नहीं रह जाती, जो पहले थी। हम यह भूल जाते हैं कि आज जो पुराना लगता है, वह कभी नया था। बिना समकालीनता के कालातीत नहीं हुआ जा सकता, लेकिन सिर्फ समकालीनता के बाड़े में बँधे रहकर भी कालातीत नहीं हुआ जा सकता। नया समय को सीधे और उसके बदले हुए ब्योरों में पकड़ने के साहस से उपजता है, पर अगर वह समय के पार न देख पाये, तो टिकाऊ नहीं हो सकता। जो कालातीत है, वही हर समय नया होता चलता है। 

कौन-सा कथन असत्य है ?

Right Answer: कथ्य और शिल्प दोनों एक-दूसरे से स्वायत्त होते हैं।

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Q8. निर्देश : (प्रश्न संख्या 33-36) निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

नया निश्चय ही एक मूल्य है। पर निरंतरता भी एक मूल्य है। साहित्य दोनों में से एक को चुनने की हिमाकत सौभाग्य से नहीं करता है, क्योंकि वह जानता है कि एक के बिना दूसरा संभव नहीं है। परंपरा अपने को पुनर्नवा किए बिना सजीव नहीं रह सकती। मनुष्य दोनों आयामों में रहता है इतिहास में और अनन्त में। वह बदलता है और फिर भी बना रहता है। दोनों आयाम मनुष्य के यहाँ अंतर्भुक्त हैं वे अलग-थलग या विविक्त नहीं होते। बहुत कुछ बदलता है: समाज, परिस्थितियाँ, आर्थिक व्यापार, मानव संबंध और उनके संगुंफन आदि पर प्रेम, ईर्ष्या, मोह-मत्सर, राग-विराग, हर्ष-विषाद आदि वही बने रहते हैं। नयी दृष्टि होती है, तो अपने लिए अनिवार्यतः नया शिल्प भी खोजती है। विश्लेषण के लिए भले हम कथ्य और शिल्प को अलग-थलग कर लेते हैं, पर रचना में वे अद्वैत हैं। नया अंततः निरंतरता में समाहित होकर अपनी वैधता पाता है, पर वह निरंतरता को कहीं न कहीं बदल भी देता है। निरंतरता नए के हस्तक्षेप और उसके समाहार के बाद वही नहीं रह जाती, जो पहले थी। हम यह भूल जाते हैं कि आज जो पुराना लगता है, वह कभी नया था। बिना समकालीनता के कालातीत नहीं हुआ जा सकता, लेकिन सिर्फ समकालीनता के बाड़े में बँधे रहकर भी कालातीत नहीं हुआ जा सकता। नया समय को सीधे और उसके बदले हुए ब्योरों में पकड़ने के साहस से उपजता है, पर अगर वह समय के पार न देख पाये, तो टिकाऊ नहीं हो सकता। जो कालातीत है, वही हर समय नया होता चलता है। 

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है ?

Right Answer: मनुष्य का समाज समय के साथ परिवर्तनशील है।

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Q9. निर्देश : (प्रश्न संख्या 33-36) निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

नया निश्चय ही एक मूल्य है। पर निरंतरता भी एक मूल्य है। साहित्य दोनों में से एक को चुनने की हिमाकत सौभाग्य से नहीं करता है, क्योंकि वह जानता है कि एक के बिना दूसरा संभव नहीं है। परंपरा अपने को पुनर्नवा किए बिना सजीव नहीं रह सकती। मनुष्य दोनों आयामों में रहता है इतिहास में और अनन्त में। वह बदलता है और फिर भी बना रहता है। दोनों आयाम मनुष्य के यहाँ अंतर्भुक्त हैं वे अलग-थलग या विविक्त नहीं होते। बहुत कुछ बदलता है: समाज, परिस्थितियाँ, आर्थिक व्यापार, मानव संबंध और उनके संगुंफन आदि पर प्रेम, ईर्ष्या, मोह-मत्सर, राग-विराग, हर्ष-विषाद आदि वही बने रहते हैं। नयी दृष्टि होती है, तो अपने लिए अनिवार्यतः नया शिल्प भी खोजती है। विश्लेषण के लिए भले हम कथ्य और शिल्प को अलग-थलग कर लेते हैं, पर रचना में वे अद्वैत हैं। नया अंततः निरंतरता में समाहित होकर अपनी वैधता पाता है, पर वह निरंतरता को कहीं न कहीं बदल भी देता है। निरंतरता नए के हस्तक्षेप और उसके समाहार के बाद वही नहीं रह जाती, जो पहले थी। हम यह भूल जाते हैं कि आज जो पुराना लगता है, वह कभी नया था। बिना समकालीनता के कालातीत नहीं हुआ जा सकता, लेकिन सिर्फ समकालीनता के बाड़े में बँधे रहकर भी कालातीत नहीं हुआ जा सकता। नया समय को सीधे और उसके बदले हुए ब्योरों में पकड़ने के साहस से उपजता है, पर अगर वह समय के पार न देख पाये, तो टिकाऊ नहीं हो सकता। जो कालातीत है, वही हर समय नया होता चलता है।

साहित्य का अभीष्ट है :

Right Answer: नएपन एवं निरंतरता दोनों को चुनना


Explanation:

गद्यांश की दूसरी ही पंक्ति में स्पष्ट रूप से लिखा गया है: "साहित्य दोनों में से एक को चुनने की हिमाकत सौभाग्य से नहीं करता है, क्योंकि वह जानता है कि एक के बिना दूसरा संभव नहीं है।"

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Q10. निम्नलिखित में से मौन वाचन का उद्देश्य नहीं है :

Right Answer: उचित लय और गति प्रदान करना


Explanation:

'लय' (Rhythm), 'आरोह-अवरोह' (आवाज़ का उतार-चढ़ाव) और 'स्वर' का प्रयोग सस्वर वाचन (Reading Aloud) यानी बोल-बोल कर पढ़ने में किया जाता है। मौन वाचन में चूँकि आवाज़ नहीं निकाली जाती और होंठ भी नहीं हिलते, इसलिए इसमें 'लय' (Rhythm) का कोई काम नहीं होता। अतः यह मौन वाचन का उद्देश्य नहीं है।

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Q11. किस विकल्प में उपसर्ग विभाजन नियमानुसार है ?

Right Answer: निश्शुल्क, निष्पक्ष, निस्स्वार्थ - 'निस्' उपसर्ग


Explanation:

(3) निश्शुल्क, निष्पक्ष, निस्स्वार्थ - 'निस्' उपसर्ग संस्कृत व्याकरण के नियमानुसार, 'निश्', 'निष्' और 'निस्' से शुरू होने वाले शब्दों में मूल रूप से 'निस्' उपसर्ग ही होता है। संधि नियमों के कारण विसर्ग या 'स्' का रूप बदलकर 'श्' या 'ष्' हो जाता है:

  • निश्शुल्क: निस् + शुल्क (स् का श् होना)
  • निष्पक्ष: निस् + पक्ष (स् का ष् होना)
  • निस्स्वार्थ: निस् + स्वार्थ अतः इस विकल्प में उपसर्ग का विभाजन पूर्णतः नियमानुसार है।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?

(1) अपरिग्रह, अपरोक्ष, अपर्ण - 'अप' उपसर्ग यह विकल्प गलत है क्योंकि सभी शब्दों में 'अप' उपसर्ग नहीं है:

  • अपरिग्रह: अपि/अ + परिग्रह (यहाँ 'अ' उपसर्ग है, 'अप' नहीं)।
  • अपरोक्ष: अ + परोक्ष (जो प्रत्यक्ष न हो - यहाँ 'अ' उपसर्ग है)।
  • अपर्ण: अ + पर्ण (बिना पत्तों का - यहाँ 'अ' उपसर्ग है)।

(2) आरण्यक, आवश्यक, आधुनिक - 'आ' उपसर्ग यह विकल्प गलत है क्योंकि ये शब्द उपसर्ग से नहीं, बल्कि प्रत्यय के योग से बने हैं:

  • आरण्यक: अरण्य + अक (प्रत्यय)
  • आवश्यक: अवश + यक/इक (प्रत्यय)
  • आधुनिक: अधुना + इक (प्रत्यय) इनमें 'आ' उपसर्ग नहीं है, बल्कि प्रत्यय लगने के कारण आदि-स्वर (पहला अक्षर) 'अ' से 'आ' में बदल गया है।

(4) व्याधि, वीक्षण, व्यतिरेक - 'वी' उपसर्ग यह विकल्प व्याकरण की दृष्टि से अशुद्ध है क्योंकि हिंदी या संस्कृत में 'वी' (बड़ी ई) नाम का कोई उपसर्ग नहीं होता। इन सभी शब्दों में 'वि' (छोटी इ) उपसर्ग है:

  • व्याधि: वि + आधि
  • वीक्षण: वि + ईक्षण (यहाँ 'वि' का 'इ' और 'ईक्षण' का 'ई' मिलकर दीर्घ संधि से 'वीक्षण' बना है, पर मूल उपसर्ग 'वि' ही है)।
  • व्यतिरेक: वि + अतिरेक
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Q12. संधि की दृष्टि से अनुपयुक्त विकल्प चुनिए :

Right Answer: दैत्यारि, गत्यानुसार, अगन्याशय - यण संधि


Explanation:

विकल्प (1) का विश्लेषण (अनुपयुक्त विकल्प)

  • गत्यानुसार: गति + अनुसार = गत्यानुसार ($इ + अ = य$) — यण संधि (यह सही है)
  • अग्न्याशय: अग्नि + आशय = अग्न्याशय ($इ + आ = या$) — यण संधि (यह भी सही है)
  • दैत्यारि: दैत्य + अरि = दैत्यारि ($अ + अ = आ$) — यहाँ दीर्घ स्वर संधि है, न कि यण संधि।

    नोट: चूँकि 'दैत्यारि' में दीर्घ संधि है, इसलिए यह पूरा समूह 'यण संधि' के अंतर्गत आना गलत है।

अन्य विकल्पों का स्पष्टीकरण (जो कि सही हैं)

(2) दीर्घ संधि (सही)

  • मिताहार: मित + आहार = मिताहार ($अ + आ = आ$)
  • विकलांग: विकल + अंग = विकलांग ($अ + अ = आ$)
  • भूर्ध्व: भू + ऊर्ध्व = भूर्ध्व ($ऊ + ऊ = ऊ$)

(3) व्यंजन संधि (सही)

  • दिग्विजय: दिक् + विजय = दिग्विजय (क का ग में परिवर्तन)
  • अब्ज: अप् + ज = अब्ज (प का ब में परिवर्तन)
  • वृहन्नेत्र: वृहत् + नेत्र = वृहन्नेत्र (त का न में परिवर्तन)

(4) विसर्ग संधि (सही)

  • वयोवृद्ध: वयः + वृद्ध = वयोवृद्ध
  • पुरोधा: पुरः + धा = पुरोधा
  • प्रादुर्भूत: प्रादुः + भूत = प्रादुर्भूत
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Q13. किस विकल्प में सार्वनामिक विशेषण का प्रयोग नहीं हुआ है ?

Right Answer: जिसने परिश्रम किया, वह सफल हो गया।


Explanation:

सही विकल्प का विश्लेषण:

(1) जिसने परिश्रम किया, वह सफल हो गया। (सार्वनामिक विशेषण नहीं है)

  • क्यों? इस वाक्य में 'जिसने' और 'वह' सर्वनाम (Pronoun) के रूप में प्रयुक्त हुए हैं, न कि विशेषण के रूप में। यह एक मिश्र वाक्य है जहाँ 'जिसने... वह' संबंधवाचक सर्वनाम का काम कर रहे हैं। इनके तुरंत बाद कोई संज्ञा शब्द नहीं आ रहा है जिसकी ये विशेषता बताएँ।

अन्य विकल्पों में सार्वनामिक विशेषण का प्रयोग (जो संगत हैं):

जब कोई सर्वनाम शब्द किसी संज्ञा शब्द से ठीक पहले आकर उसकी ओर संकेत करता है या उसकी विशेषता बताता है, तो उसे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

(2) यह पुस्तक किससे मँगवाऊँ।

  • यहाँ 'यह' सर्वनाम 'पुस्तक' (संज्ञा) से ठीक पहले आकर उसकी विशेषता बता रहा है (निश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण)।

(3) ऐसे व्यक्ति पर कभी विश्वास मत करो।

  • यहाँ 'ऐसे' सर्वनाम 'व्यक्ति' (संज्ञा) से ठीक पहले आकर उसकी ओर संकेत कर रहा है (यौगिक सार्वनामिक विशेषण)।

(4) आपके घर से कल कोई नौकर आया था।

  • यहाँ 'कोई' सर्वनाम 'नौकर' (संज्ञा) से ठीक पहले आकर उसकी अनिश्चितता को दर्शा रहा है (अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण)।
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Q14. प्रत्यय की दृष्टि से संगत विभाजन चुनिए :

Right Answer: मैथुन, शौच, राघव - 'अ' प्रत्यय


Explanation:

(1) मैथुन, शौच, राघव - 'अ' प्रत्यय (संगत)

  • ये सभी शब्द तद्धित प्रत्यय के अंतर्गत 'अ' प्रत्यय के योग से बने हैं, जहाँ आदि स्वर (पहले अक्षर की मात्रा) में वृद्धि होती है:
    • मिथुन + अ = मैथुन ($इ/ई \rightarrow ऐ$)
    • शुचि + अ = शौच ($उ/ऊ \rightarrow औ$)
    • रघु + अ = राघव ($अ \rightarrow आ$, और अंतिम 'उ' का 'व्' हो जाता है)

अन्य विकल्प क्यों असंगत (गलत) हैं?

(2) फिकैत, डकैत, लड़ैत - 'एत' प्रत्यय (असंगत)

  • इन शब्दों में 'ऐत' प्रत्यय लगा है, 'एत' नहीं (मात्राओं का अंतर है—फेंक + ऐत = फिकैत, डाका + ऐत = डकैत, लड़ना + ऐत = लड़ैत)।

(3) नारदीय, स्थानीय, मानवीय - 'अनीय' प्रत्यय (असंगत)

  • इन शब्दों में 'ईय' प्रत्यय प्रयुक्त हुआ है, 'अनीय' नहीं (नारद + ईय = नारदीय, स्थान + ईय = स्थानीय, मानव + ईय = मानवीय)।

(4) कौशेय, सौजन्य, कौमार्य - 'एय' प्रत्यय (असंगत)

  • इस विकल्प में मिले-जुले प्रत्यय हैं:
    • कौशेय में 'एय' प्रत्यय है (कोश + एय)।
    • परंतु सौजन्य (सुजन + य) और कौमार्य (कुमार + य) में 'य' प्रत्यय लगा है, 'एय' नहीं। इसलिए यह विभाजन पूरी तरह संगत नहीं है।
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Q15. वाक्य में प्रयुक्त क्रिया की दृष्टि से असंगत विकल्प का चयन कीजिए :

Right Answer: मदारी अनेक करतब दिखलाकर बच्चों को ललचाता है - अकर्मक क्रिया


Explanation:

क्यों असंगत है? इस वाक्य में 'ललचाता है' एक सकर्मक क्रिया (Transitive Verb) है, अकर्मक नहीं। वाक्य में क्रिया का फल 'बच्चों' (कर्म) पर पड़ रहा है। यदि हम प्रश्न करें "मदारी किसे ललचाता है?", तो उत्तर मिलता है "बच्चों को"। इसलिए यह विकल्प गलत (असंगत) दिया गया है।

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English Grammar (15 Questions) Shown in the original language — translating a language paper would change the answer.

Q1. Direction: Read the following poem and answer the questions that follow:

Mother, I am the one you sent away when the doctor told you I would be a girl - In the end they had to give me an injection to kill me. Before I died I heard the traffic rushing outside, the monsoon slush, the wind sulking through your beloved Mumbai I could have clutched the neon blue no one wanted No one wanted To touch me except later in the autopsy room when they knew my mouth would not search for anything and my head could be measured and bent cut apart. I looked like a sliced pomegranate. The fruit you never touched. Mother, I am the one you sent away When the doctor told you I would be a girl - your second girl. Afterwards, as soon as you could you put on your grass - green sari - the orange stems of the parijatak blossoms glistened in your hair - Afterwards everyone smiled. But now I ask you to look for me, mother, look for me because I won't come to you in your dreams, Look for me, mother, look because I won't become a flower I won't turn into a butterfly And I am not a part of anyone's song. Look, mother, look for the place where you have sent me. Look for the unspeakable. for the place that can never be described. Look for me, mother, because this is what you have done. Look for me, mother, because this is not 'God's will'. Look for me, mother because I smell of formaldehyde I smell of formaldehyde and still, I wish you would look for me, mother.

Find the word in the poem which means "shone due to being wet".

Right Answer: glistened

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Q2. Direction: Read the following poem and answer the questions that follow:

Mother, I am the one you sent away when the doctor told you I would be a girl - In the end they had to give me an injection to kill me. Before I died I heard the traffic rushing outside, the monsoon slush, the wind sulking through your beloved Mumbai I could have clutched the neon blue no one wanted No one wanted To touch me except later in the autopsy room when they knew my mouth would not search for anything and my head could be measured and bent cut apart. I looked like a sliced pomegranate. The fruit you never touched. Mother, I am the one you sent away When the doctor told you I would be a girl - your second girl. Afterwards, as soon as you could you put on your grass - green sari - the orange stems of the parijatak blossoms glistened in your hair - Afterwards everyone smiled. But now I ask you to look for me, mother, look for me because I won't come to you in your dreams, Look for me, mother, look because I won't become a flower I won't turn into a butterfly And I am not a part of anyone's song. Look, mother, look for the place where you have sent me. Look for the unspeakable. for the place that can never be described. Look for me, mother, because this is what you have done. Look for me, mother, because this is not 'God's will'. Look for me, mother because I smell of formaldehyde I smell of formaldehyde and still, I wish you would look for me, mother. 

Fill in the blank with the correct option: 

"I looked like a sliced pomegranate" is an example of _____

Right Answer: simile

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Q3. Direction: Read the following poem and answer the questions that follow:

Mother, I am the one you sent away when the doctor told you I would be a girl - In the end they had to give me an injection to kill me. Before I died I heard the traffic rushing outside, the monsoon slush, the wind sulking through your beloved Mumbai I could have clutched the neon blue no one wanted No one wanted To touch me except later in the autopsy room when they knew my mouth would not search for anything and my head could be measured and bent cut apart. I looked like a sliced pomegranate. The fruit you never touched. Mother, I am the one you sent away When the doctor told you I would be a girl - your second girl. Afterwards, as soon as you could you put on your grass - green sari - the orange stems of the parijatak blossoms glistened in your hair - Afterwards everyone smiled. But now I ask you to look for me, mother, look for me because I won't come to you in your dreams, Look for me, mother, look because I won't become a flower I won't turn into a butterfly And I am not a part of anyone's song. Look, mother, look for the place where you have sent me. Look for the unspeakable. for the place that can never be described. Look for me, mother, because this is what you have done. Look for me, mother, because this is not 'God's will'. Look for me, mother because I smell of formaldehyde I smell of formaldehyde and still, I wish you would look for me, mother.

Which one of the following is used as a literary device in the poem for effectiveness?

Right Answer: repetition

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Q4. Direction: Read the following poem and answer the questions that follow:

Mother, I am the one you sent away when the doctor told you I would be a girl - In the end they had to give me an injection to kill me. Before I died I heard the traffic rushing outside, the monsoon slush, the wind sulking through your beloved Mumbai I could have clutched the neon blue no one wanted No one wanted To touch me except later in the autopsy room when they knew my mouth would not search for anything and my head could be measured and bent cut apart. I looked like a sliced pomegranate. The fruit you never touched. Mother, I am the one you sent away When the doctor told you I would be a girl - your second girl. Afterwards, as soon as you could you put on your grass - green sari - the orange stems of the parijatak blossoms glistened in your hair - Afterwards everyone smiled. But now I ask you to look for me, mother, look for me because I won't come to you in your dreams, Look for me, mother, look because I won't become a flower I won't turn into a butterfly And I am not a part of anyone's song. Look, mother, look for the place where you have sent me. Look for the unspeakable. for the place that can never be described. Look for me, mother, because this is what you have done. Look for me, mother, because this is not 'God's will'. Look for me, mother because I smell of formaldehyde I smell of formaldehyde and still, I wish you would look for me, mother.

Why was the infant in the womb killed?

Right Answer: because the mother didn't want a second girl child

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Q5. Direction: Read the following poem and answer the questions that follow:

Mother, I am the one you sent away when the doctor told you I would be a girl - In the end they had to give me an injection to kill me. Before I died I heard the traffic rushing outside, the monsoon slush, the wind sulking through your beloved Mumbai I could have clutched the neon blue no one wanted No one wanted To touch me except later in the autopsy room when they knew my mouth would not search for anything and my head could be measured and bent cut apart. I looked like a sliced pomegranate. The fruit you never touched. Mother, I am the one you sent away When the doctor told you I would be a girl - your second girl. Afterwards, as soon as you could you put on your grass - green sari - the orange stems of the parijatak blossoms glistened in your hair - Afterwards everyone smiled. But now I ask you to look for me, mother, look for me because I won't come to you in your dreams, Look for me, mother, look because I won't become a flower I won't turn into a butterfly And I am not a part of anyone's song. Look, mother, look for the place where you have sent me. Look for the unspeakable. for the place that can never be described. Look for me, mother, because this is what you have done. Look for me, mother, because this is not 'God's will'. Look for me, mother because I smell of formaldehyde I smell of formaldehyde and still, I wish you would look for me, mother.

Find a word from the poem which means "post mortem":

Right Answer: autopsy

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Q6. Direction: Read the following poem and answer the questions that follow:

Mother, I am the one you sent away when the doctor told you I would be a girl - In the end they had to give me an injection to kill me. Before I died I heard the traffic rushing outside, the monsoon slush, the wind sulking through your beloved Mumbai I could have clutched the neon blue no one wanted No one wanted To touch me except later in the autopsy room when they knew my mouth would not search for anything and my head could be measured and bent cut apart. I looked like a sliced pomegranate. The fruit you never touched. Mother, I am the one you sent away When the doctor told you I would be a girl - your second girl. Afterwards, as soon as you could you put on your grass - green sari - the orange stems of the parijatak blossoms glistened in your hair - Afterwards everyone smiled. But now I ask you to look for me, mother, look for me because I won't come to you in your dreams, Look for me, mother, look because I won't become a flower I won't turn into a butterfly And I am not a part of anyone's song. Look, mother, look for the place where you have sent me. Look for the unspeakable. for the place that can never be described. Look for me, mother, because this is what you have done. Look for me, mother, because this is not 'God's will'. Look for me, mother because I smell of formaldehyde I smell of formaldehyde and still, I wish you would look for me, mother. 

Fill in the blank with the correct option: 

According to the speaker the mother disliked _____ 

Right Answer: pomegranates

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Q7. Direction: Read the following poem and answer the questions that follow:

Mother, I am the one you sent away when the doctor told you I would be a girl - In the end they had to give me an injection to kill me. Before I died I heard the traffic rushing outside, the monsoon slush, the wind sulking through your beloved Mumbai I could have clutched the neon blue no one wanted No one wanted To touch me except later in the autopsy room when they knew my mouth would not search for anything and my head could be measured and bent cut apart. I looked like a sliced pomegranate. The fruit you never touched. Mother, I am the one you sent away When the doctor told you I would be a girl - your second girl. Afterwards, as soon as you could you put on your grass - green sari - the orange stems of the parijatak blossoms glistened in your hair - Afterwards everyone smiled. But now I ask you to look for me, mother, look for me because I won't come to you in your dreams, Look for me, mother, look because I won't become a flower I won't turn into a butterfly And I am not a part of anyone's song. Look, mother, look for the place where you have sent me. Look for the unspeakable. for the place that can never be described. Look for me, mother, because this is what you have done. Look for me, mother, because this is not 'God's will'. Look for me, mother because I smell of formaldehyde I smell of formaldehyde and still, I wish you would look for me, mother.

Who is "I" in the opening line ?

Right Answer: the killed infant girl

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Q8. Direction: Read the following poem and answer the questions that follow:

Mother, I am the one you sent away when the doctor told you I would be a girl - In the end they had to give me an injection to kill me. Before I died I heard the traffic rushing outside, the monsoon slush, the wind sulking through your beloved Mumbai I could have clutched the neon blue no one wanted No one wanted To touch me except later in the autopsy room when they knew my mouth would not search for anything and my head could be measured and bent cut apart. I looked like a sliced pomegranate. The fruit you never touched. Mother, I am the one you sent away When the doctor told you I would be a girl - your second girl. Afterwards, as soon as you could you put on your grass - green sari - the orange stems of the parijatak blossoms glistened in your hair - Afterwards everyone smiled. But now I ask you to look for me, mother, look for me because I won't come to you in your dreams, Look for me, mother, look because I won't become a flower I won't turn into a butterfly And I am not a part of anyone's song. Look, mother, look for the place where you have sent me. Look for the unspeakable. for the place that can never be described. Look for me, mother, because this is what you have done. Look for me, mother, because this is not 'God's will'. Look for me, mother because I smell of formaldehyde I smell of formaldehyde and still, I wish you would look for me, mother.

What does the killed infant smell of ?

Right Answer: formaldehyde

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Q9. Direction: Read the following poem and answer the questions that follow:

Mother, I am the one you sent away when the doctor told you I would be a girl - In the end they had to give me an injection to kill me. Before I died I heard the traffic rushing outside, the monsoon slush, the wind sulking through your beloved Mumbai I could have clutched the neon blue no one wanted No one wanted To touch me except later in the autopsy room when they knew my mouth would not search for anything and my head could be measured and bent cut apart. I looked like a sliced pomegranate. The fruit you never touched. Mother, I am the one you sent away When the doctor told you I would be a girl - your second girl. Afterwards, as soon as you could you put on your grass - green sari - the orange stems of the parijatak blossoms glistened in your hair - Afterwards everyone smiled. But now I ask you to look for me, mother, look for me because I won't come to you in your dreams, Look for me, mother, look because I won't become a flower I won't turn into a butterfly And I am not a part of anyone's song. Look, mother, look for the place where you have sent me. Look for the unspeakable. for the place that can never be described. Look for me, mother, because this is what you have done. Look for me, mother, because this is not 'God's will'. Look for me, mother because I smell of formaldehyde I smell of formaldehyde and still, I wish you would look for me, mother. 

In which city does the foeticide take place ?

Right Answer: Mumbai

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Q10. Direction: (Q. No. 51 to 60): Read the following poem and answer the questions that follow:

Mother, I am the one you sent away when the doctor told you I would be a girl - In the end they had to give me an injection to kill me. Before I died I heard the traffic rushing outside, the monsoon slush, the wind sulking through your beloved Mumbai I could have clutched the neon blue no one wanted No one wanted To touch me except later in the autopsy room when they knew my mouth would not search for anything and my head could be measured and bent cut apart. I looked like a sliced pomegranate. The fruit you never touched. Mother, I am the one you sent away When the doctor told you I would be a girl - your second girl. Afterwards, as soon as you could you put on your grass - green sari - the orange stems of the parijatak blossoms glistened in your hair - Afterwards everyone smiled. But now I ask you to look for me, mother, look for me because I won't come to you in your dreams, Look for me, mother, look because I won't become a flower I won't turn into a butterfly And I am not a part of anyone's song. Look, mother, look for the place where you have sent me. Look for the unspeakable. for the place that can never be described. Look for me, mother, because this is what you have done. Look for me, mother, because this is not 'God's will'. Look for me, mother because I smell of formaldehyde I smell of formaldehyde and still, I wish you would look for me, mother.

Who does the girl address?

Right Answer: the mother

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Q11. Fill in the blank with the correct option:

The two kinds of listening are _____

Right Answer: intensive and extensive


Explanation:

In English language teaching pedagogy (which is standard for teaching exams like CTET, HTET, and UPTET), the listening skill is categorized exactly like the reading skill:

  • Intensive listening: This focuses on careful attention to specific details, sounds, words, or grammar. The goal is accuracy and language focus (e.g., listening to a short dialogue to hear specific pronunciation or answer a direct question).
  • Extensive listening: This involves listening to longer, more generalized materials for overall understanding, fluency, and enjoyment without worrying about understanding every single word (e.g., listening to an English podcast, story, or movie).
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Q12. Fill in the blank with the correct option:

_____ skill involves training the learner to listen for the English speech sounds including stress and intonation patterns.

Right Answer: aural-oral


Explanation:

Aural-oral skill involves training the learner to listen for the English speech sounds including stress and intonation patterns.

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Q13. Fill in the blank with the correct option:

Nesfield's grammar is an instance of _____ grammar.

Right Answer: prescriptive


Explanation:

J.C. Nesfield's grammar books (such as English Grammar: Past and Present) are classic examples of prescriptive grammar.

Here is why:

  • Prescriptive Grammar: This approach lays down strict rules about how a language should or must be used. It focuses on what is grammatically "correct" versus "incorrect," often based on traditional or classical rules. Nesfield's books were written exactly for this purpose—to teach students the rigid, formal rules of Standard English.

Why the other options are incorrect:

(1) Universal Grammar: This is a modern linguistic theory (proposed by Noam Chomsky) suggesting that the ability to learn grammar is hard-wired into the human brain and that all human languages share a common structural basis.

(2) Cognitive Grammar: This is a psychological approach to language that argues grammar and meaning are deeply tied to human cognition and how we perceive the world.

(3) Descriptive Grammar: This is the modern linguistic approach that observes and describes how native speakers actually use the language in real life, without judging it as "right" or "wrong." Nesfield did the exact opposite of this.

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Q14. Choose the correct option:

Assertion A: The disadvantage of print material is that it lacks interaction and the use of audio-visual elements. 

Assertion B: Print materials are not portable, not easily available and are not cost effective.

Right Answer: A is true; B is false


Explanation:

In general, print materials are:

  • Portable – Books and notes can be carried easily.
  • Easily available – They are widely accessible in libraries, bookstores, and schools.
  • Cost-effective – Especially when compared with many digital devices and multimedia resources.
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Q15. Fill in the blank with the correct option:

Teaching learners to discuss a poem in English in their native language is an instance of the use of _____

Right Answer: multilingual resources


Explanation:

When learners use their native language (mother tongue) to understand, analyze, or discuss complex material in a second language (like an English poem), this teaching approach is known as using the mother tongue as a "resource." In modern language pedagogy, this practice is often called "Translanguaging" or utilizing multilingual resources to help students grasp difficult concepts in the target language.

Why the other options are incorrect:

  • (1) evaluative comprehension: This refers to making judgments or forming opinions about a text. While discussing a poem might involve evaluation, the specific act of using a native language to do so highlights the use of a multilingual strategy, not just the act of evaluating.
  • (3) pre-reading skills: These are activities done before reading a text to prepare the learner (like looking at titles to predict the story or learning key vocabulary). Discussing the meaning of a poem usually happens during or after reading.
  • (4) first language acquisition: This refers to the natural, subconscious process by which infants and young children learn their very first language from birth. It is a developmental milestone, not a teaching strategy used in a classroom to learn a second language.
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Reasoning (10 Questions)

Q1. निम्न वर्ण श्रेणी का अगला पद ज्ञात कीजिए

रेखा : वर्ग : : चाप : ?

Right Answer: वृत्त


Explanation:

जिस प्रकार एक वर्ग (Square) का निर्माण सीधी रेखाओं (Lines) से मिलकर होता है (अर्थात वर्ग की बाहरी सीमा सीधी रेखाएँ होती हैं), ठीक उसी प्रकार एक वृत्त (Circle) का निर्माण चाप (Arc) से होता है (वृत्त की परिधि या बाहरी सीमा एक निरंतर चाप होती है)।

गोला (Sphere) और गेंद (Ball) 3D आकृतियाँ हैं, जबकि रेखा, वर्ग, चाप और वृत्त 2D ज्यामितीय आकृतियाँ (Geometric shapes) हैं। इसलिए 'वृत्त' ही सबसे सटीक उत्तर है।

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Q2. निम्न वर्ण श्रेणी का अगला पद ज्ञात कीजिए :

MQNRO, JSKTL, GUHVI, DWEXF, ?

Right Answer: AYBZC


Explanation:

हल करने का तरीका:

इस शृंखला में प्रत्येक पद के अक्षरों के बीच एक निश्चित पैटर्न चल रहा है। आइए प्रत्येक पद के अक्षरों की तुलना उनके स्थानों (पहले, दूसरे, तीसरे आदि) के आधार पर करें:

  • पहला अक्षर (-3 का पैटर्न): M (13) ➔ J (10) ➔ G (7) ➔ D (4) अगला अक्षर: D (4) - 3 = A (1)
  • दूसरा अक्षर (+2 का पैटर्न): Q (17) ➔ S (19) ➔ U (21) ➔ W (23) अगला अक्षर: W (23) + 2 = Y (25)
  • तीसरा अक्षर (-3 का पैटर्न): N (14) ➔ K (11) ➔ H (8) ➔ E (5) अगला अक्षर: E (5) - 3 = B (2)
  • चौथा अक्षर (+2 का पैटर्न): R (18) ➔ T (20) ➔ V (22) ➔ X (24) अगला अक्षर: X (24) + 2 = Z (26)
  • पाँचवाँ अक्षर (-3 का पैटर्न): O (15) ➔ L (12) ➔ I (9) ➔ F (6) अगला अक्षर: F (6) - 3 = C (3)

इन सभी अक्षरों को मिलाने पर, श्रेणी का अगला पद AYBZC बनता है।

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Q3. निम्न संख्या श्रेणी में लुप्त पद ज्ञात कीजिए :

Right Answer: 65


Explanation:

हल करने का तरीका (Step-by-step logic):

यह संख्या श्रेणी एक विशेष पैटर्न का पालन कर रही है। प्रत्येक पद प्राकृतिक संख्याओं (1, 2, 3...) के घन (cube) में 1 जोड़ने पर प्राप्त हो रहा है। इसका सूत्र $n^3 + 1$ है:

  • पहला पद: $1^3 + 1 = 1 + 1 = 2$
  • दूसरा पद: $2^3 + 1 = 8 + 1 = 9$
  • तीसरा पद: $3^3 + 1 = 27 + 1 = 28$
  • चौथा पद (लुप्त): $4^3 + 1 = 64 + 1 = 65$
  • पाँचवाँ पद: $5^3 + 1 = 125 + 1 = 126$
  • छठा पद: $6^3 + 1 = 216 + 1 = 217$
  • सातवाँ पद: $7^3 + 1 = 343 + 1 = 344$

अतः, पैटर्न के अनुसार प्रश्नवाचक चिह्न (?) के स्थान पर 65 आएगा।

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Q4. A, P, R, X, Y और Z एक पंक्ति में बैठे हुए हैं। Y और Z मध्य में हैं और A तथा P अन्तिम शीर्षों पर हैं। R, A के एकदम बायीं ओर है। P के एकदम दायीं ओर कौन बैठा हुआ है ?

Right Answer: X


Explanation:

1. पंक्ति निर्धारित करें चूँकि कुल 6 व्यक्ति हैं, इसलिए पंक्ति में 6 स्थान होंगे: _ _ _ _ _ _

2. अंतिम सिरों पर व्यक्तियों को बिठाएं हमें प्रश्न में बताया गया है कि A और P अन्तिम शीर्षों (सिरों) पर हैं। संभावना 1: P _ _ _ _ A संभावना 2: A _ _ _ _ P

3. R का स्थान और सही सिरे निर्धारित करें यह दिया गया है कि R, A के एकदम बायीं ओर है। यदि A पहले स्थान (एकदम बायीं ओर) पर बैठा होता, तो उसके बायीं ओर R के लिए कोई जगह नहीं बचती। इसलिए, A को अंतिम स्थान (एकदम दायीं ओर) पर ही होना चाहिए, जिससे यह तय हो जाता है कि P पहले स्थान (एकदम बायीं ओर) पर बैठेगा। व्यवस्था: P _ _ _ R A

4. मध्य के व्यक्तियों को बिठाएं हमें पता है कि Y और Z मध्य में हैं (यानी तीसरे और चौथे स्थान पर)। व्यवस्था: P _ [Y या Z] [Z या Y] R A

5. बचा हुआ स्थान भरें अब केवल X बचा है, और P के ठीक बगल में केवल एक ही स्थान (दूसरा स्थान) खाली है। अंतिम व्यवस्था: P X [Y/Z] [Z/Y] R A

निष्कर्ष: इस अंतिम व्यवस्था से यह बिल्कुल स्पष्ट है कि P के एकदम दायीं ओर X बैठा हुआ है।

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Q5. निम्न श्रेणी का अगला पद ज्ञात कीजिए:

\(\left(\frac{AG}{d}\right)^6,\; \left(\frac{CK}{g}\right)^{21},\; \left(\frac{EO}{j}\right)^{46},\; \left(\frac{GS}{m}\right)^{78},\; ?\)

Right Answer: \(\left(\frac{IX}{q}\right)^{127}\)

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Q6. रेखा 10 किमी सीधे चलती है और फिर दायें मुड़कर 10 किमी चलती है

रेखा 10 किमी सीधे चलती है और फिर दायें मुड़कर 10 किमी चलती है। फिर हर बार बायीं ओर मुड़कर वो क्रमशः 5, 15 और 15 किमी चलती है। अपने प्रारम्भिक बिन्दु से अब वो कितनी दूर है ?

Right Answer: 5 किमी


Explanation:

मान लीजिए रेखा अपने प्रारंभिक बिंदु से उत्तर (North) दिशा की ओर चलना शुरू करती है। (आप कोई भी दिशा मान सकते हैं, अंत में दूरी समान ही आएगी)।

कदम-दर-कदम रेखा की यात्रा:

  1. "रेखा 10 किमी सीधे चलती है"
    • रेखा उत्तर की ओर 10 किमी चली।
    • (कुल दूरी: उत्तर = 10 किमी)
  2. "फिर दायें मुड़कर 10 किमी चलती है"
    • उत्तर से दाएँ मुड़ने का मतलब है पूर्व (East) की ओर मुड़ना।
    • वह पूर्व की ओर 10 किमी चली।
    • (वर्तमान स्थिति: उत्तर = 10 किमी, पूर्व = 10 किमी)
  3. "फिर बायीं ओर मुड़कर 5 किमी चलती है" (पहला बायाँ मोड़)
    • पूर्व से बाएँ मुड़ने का मतलब है वापस उत्तर (North) की ओर मुड़ना।
    • वह उत्तर की ओर 5 किमी चली।
    • (वर्तमान स्थिति: उत्तर = 10 + 5 = 15 किमी, पूर्व = 10 किमी)
  4. "फिर बायीं ओर मुड़कर 15 किमी चलती है" (दूसरा बायाँ मोड़)
    • उत्तर से बाएँ मुड़ने का मतलब है पश्चिम (West) की ओर मुड़ना।
    • वह पश्चिम की ओर 15 किमी चली।
    • (वर्तमान स्थिति: उत्तर = 15 किमी। पूर्व में वह 10 किमी थी, लेकिन पश्चिम में 15 किमी आ गई, यानी प्रारंभिक बिंदु से पश्चिम की तरफ 5 किमी हो गई।)
  5. "फिर बायीं ओर मुड़कर 15 किमी चलती है" (तीसरा बायाँ मोड़)
    • पश्चिम से बाएँ मुड़ने का मतलब है दक्षिण (South) की ओर मुड़ना।
    • वह दक्षिण की ओर 15 किमी चली।

अंतिम स्थिति का विश्लेषण:

  • उत्तर-दक्षिण (Vertical) दूरी: वह कुल 15 किमी उत्तर की ओर गई थी (स्टेप 1 में 10 किमी + स्टेप 3 में 5 किमी) और अंत में 15 किमी दक्षिण की ओर आ गई। यानी उत्तर-दक्षिण की दूरी 15 - 15 = 0 हो गई। वह अपने प्रारंभिक बिंदु वाली क्षैतिज रेखा (horizontal line) पर आ गई है।
  • पूर्व-पश्चिम (Horizontal) दूरी: वह 10 किमी पूर्व की ओर गई थी, लेकिन फिर 15 किमी पश्चिम की ओर आ गई।
  • अतः प्रारंभिक बिंदु से उसकी दूरी = 15 किमी - 10 किमी = 5 किमी (प्रारंभिक बिंदु से पश्चिम की दिशा में)।

निष्कर्ष: वह अपने प्रारंभिक बिंदु से 5 किमी की दूरी पर है।

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Q7. पाँच व्यक्ति P, Q, R, S, और T एक अखबार पढ़ते हैं।

पाँच व्यक्ति P, Q, R, S, और T एक अखबार पढ़ते हैं। जो व्यक्ति सर्वप्रथम पढ़ता है, वह R को दे देता है। जो सबसे आखिरी में पढ़ता है, वो P से लेता है। T पढ़ने में प्रथम या अन्तिम नहीं है। P और Q के बीच दो पाठक थे। आखिरी में अखबार कौन पढ़ता है ?

Right Answer: S


Explanation:

कथनों का विश्लेषण:

  1. "जो व्यक्ति सर्वप्रथम पढ़ता है, वह R को दे देता है।"
    • इसका मतलब है कि R अखबार पढ़ने वाला दूसरा व्यक्ति है।
    • क्रम: [1] [R] [3] [4] [5]
  2. "जो सबसे आखिरी में पढ़ता है, वो P से लेता है।"
    • सबसे आखिरी व्यक्ति (5वाँ) अखबार P से लेता है, जिसका मतलब है कि P 4थे स्थान पर है।
    • क्रम: [1] [R] [3] [P] [5]
  3. "T पढ़ने में प्रथम या अन्तिम नहीं है।"
    • T पहले [1] और पाँचवें [5] स्थान पर नहीं आ सकता।
    • दूसरा और चौथा स्थान पहले ही (R और P) से भरा हुआ है, इसलिए T के लिए केवल तीसरा [3] स्थान बचता है।
    • क्रम: [1] [R] [T] [P] [5]
  4. "P और Q के बीच दो पाठक थे।"
    • P चौथे स्थान पर है। P और Q के बीच 2 पाठक तभी हो सकते हैं जब Q पहले [1] स्थान पर हो (ताकि बीच में दूसरे और तीसरे स्थान वाले पाठक आ सकें)।
    • क्रम: [Q] [R] [T] [P] [5]
  5. अंतिम पाठक कौन है?
    • अब हमारे पास केवल एक व्यक्ति S बचा है और एक ही स्थान (5वाँ/आखिरी) खाली है।
    • इसलिए, S आखिरी में अखबार पढ़ेगा।
    • पूरा क्रम: Q ➞ R ➞ T ➞ P ➞ S

निष्कर्ष: सबसे आखिरी में अखबार S पढ़ता है।

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Q8. A, C का पिता है और D, B का पुत्र है। E, A का भ्राता है। C, D की बहन है। B, E से किस प्रकार सम्बन्धित है ?

Right Answer: साली/भाभी


Explanation:

प्रश्न के कथनों का विश्लेषण:

  1. "A, C का पिता है"
    • A पुरुष है और C का पिता है।
  2. "C, D की बहन है"
    • C (महिला) और D भाई-बहन हैं।
    • चूँकि A, C का पिता है, इसलिए A, D का भी पिता होगा।
  3. "D, B का पुत्र है"
    • D, B का बेटा है।
    • हमने ऊपर देखा कि D का पिता A है। अगर D का पिता A है और D, B का भी पुत्र है, तो इसका स्पष्ट अर्थ है कि B, D की माता है।
    • इससे यह साबित होता है कि A और B पति-पत्नी हैं (A पति है और B पत्नी है)।
  4. "E, A का भाई है"
    • E पुरुष है।

निष्कर्ष (B का E से संबंध):

  • B, A की पत्नी है।
  • E, A का भाई है।
  • इसलिए, B, E के भाई की पत्नी है।
  • भाई की पत्नी रिश्ते में भाभी (Sister-in-law) लगती है।
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Q9. एक निश्चित कूट भाषा में "sun shines brightly" को "ba lo sul", "houses are brightly lit" को "kado ula ari ba" और "light comes from sun" को "dopi kup lo nro" लिखा जाता है। "sun" और "brightly" के लिए क्रमशः किन कूट शब्दों को लिखा गया है ?

Right Answer: lo, ba


Explanation:

आइए दिए गए कथनों को देखते हैं:

  1. sun shines brightly = ba lo sul
  2. houses are brightly lit = kado ula ari ba
  3. light comes from sun = dopi kup lo nro

चरण 1: "brightly" के लिए कूट (code) ज्ञात करना यदि हम कथन (1) और (2) की तुलना करते हैं, तो दोनों में केवल "brightly" शब्द समान है। इनके कूट शब्दों को देखने पर, दोनों में केवल "ba" समान है। इसलिए, brightly = ba

चरण 2: "sun" के लिए कूट (code) ज्ञात करना यदि हम कथन (1) और (3) की तुलना करते हैं, तो दोनों में केवल "sun" शब्द समान है। इनके कूट शब्दों को देखने पर, दोनों में केवल "lo" समान है। इसलिए, sun = lo

निष्कर्ष: प्रश्न में क्रमशः "sun" और "brightly" के लिए कूट शब्द पूछे गए हैं (यानी पहले sun और फिर brightly)।

  • sun = lo
  • brightly = ba

अतः सही युग्म lo, ba है।

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Q10. यदि 10 दिसम्बर, 2022 को शनिवार था, तो 8 दिसम्बर, 2024 को कौन-सा दिन होगा ?

Right Answer: रविवार


Explanation:

चरण 1: 10 दिसम्बर 2023 का दिन ज्ञात करें

  • एक सामान्य वर्ष में 365 दिन होते हैं, जिसका अर्थ है 52 सप्ताह और 1 विषम दिन (odd day)।
  • 10 दिसम्बर 2022 से 10 दिसम्बर 2023 तक जाने पर 1 विषम दिन जुड़ता है।
  • शनिवार + 1 दिन = रविवार। (यानी 10 दिसम्बर 2023 को रविवार था)।

चरण 2: 10 दिसम्बर 2024 का दिन ज्ञात करें

  • 2024 एक लीप वर्ष (Leap year) है क्योंकि यह 4 से पूर्णतः विभाजित होता है, जिसका अर्थ है कि इसमें फरवरी 29 दिन की होगी।
  • एक लीप वर्ष में 366 दिन होते हैं, जिसका अर्थ है 52 सप्ताह और 2 विषम दिन।
  • 10 दिसम्बर 2023 से 10 दिसम्बर 2024 तक जाने पर 2 विषम दिन जुड़ते हैं।
  • रविवार + 2 दिन = मंगलवार। (यानी 10 दिसम्बर 2024 को मंगलवार होगा)।

चरण 3: 8 दिसम्बर 2024 का दिन निकालें

  • हमें पता है कि 10 दिसम्बर 2024 को मंगलवार है।
  • 8 दिसम्बर, 10 दिसम्बर से ठीक 2 दिन पहले आता है।
  • मंगलवार - 2 दिन = रविवार।
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Mathematics (10 Questions)

Q1. धातु के एक बेलनाकार पाइप का आयतन 748 सेमी³ है। इसकी लंबाई 14 सेमी तथा बाहरी त्रिज्या 9 सेमी है। पाइप की मोटाई कितनी है?

Right Answer: 0.5 cm

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Q2. दो गोलों के पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात 1 : 2 है। उनके आयतनों का अनुपात क्या होगा?

Right Answer: 1 : \(\sqrt{2}\)

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Q3. एक वर्ग तथा एक समबाहु त्रिभुज एक ही वृत्त में अंतःस्थित हैं। यदि उनकी भुजाएँ क्रमशः a तथा b हैं, तो कौन-सा संबंध सत्य है?

Right Answer: \(3a^2=2b^2\)

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Q4. एक वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए जिसका क्षेत्रफल 8 मी., 9 मी. तथा 12 मी. त्रिज्या वाले तीन वृत्तों के कुल क्षेत्रफल के बराबर है।

Right Answer: 17 m

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Q5. एक निश्चित राशि पर 5% वार्षिक दर से 2 वर्ष के लिए चक्रवृद्धि ब्याज तथा सरल ब्याज का अंतर ₹15 है। मूलधन क्या है?

Right Answer: 6000

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Q6. ₹5,290 के लिए A, B और C ने मिलकर एक कार्य किया। A और B ने मिलकर पूरे कार्य का ( frac{19}{23} ) भाग किया। C को कितनी राशि प्राप्त हुई?

Right Answer: 920

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Q7. यदि तीन संख्याएँ 3 : 2 : 5 के अनुपात में हैं तथा उनके वर्गों का योग 1862 है, तो मध्य वाली संख्या क्या है?

Right Answer: 14

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Q8. P ने ₹45,000 से व्यवसाय शुरू किया और Q कुछ समय बाद ₹30,000 के साथ सम्मिलित हुआ। यदि वर्ष के अंत में लाभ 2 : 1 के अनुपात में बाँटा गया, तो Q कब सम्मिलित हुआ?

Right Answer: 5 माह बाद

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Q9. 2880 को पूर्ण वर्ग बनाने के लिए कौन-सी सबसे छोटी संख्या से विभाजित करना चाहिए?

Right Answer: 5

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Q10. यदि (tan theta + sec theta = 4 ), तो ( cos theta ) का मान क्या है?

Right Answer: \(\frac{8}{17}\)

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Haryana GK Questions (10 Questions)

Q1. हरियाणा लोक सेवा आयोग के प्रथम अध्यक्ष कौन थे ?

Right Answer: दरबारी लाल गुप्ता


Explanation:

1 नवंबर 1966 को जब पंजाब से अलग होकर हरियाणा एक नए राज्य के रूप में अस्तित्व में आया, तब हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) का भी गठन किया गया था। इस नवनिर्मित आयोग के प्रथम अध्यक्ष (First Chairman) श्री दरबारी लाल गुप्ता थे।

उन्होंने 1 नवंबर 1966 से अपना कार्यभार संभाला था। वर्तमान में HPSC हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों में ए और बी (A & B) ग्रुप के राजपत्रित (Gazetted) अधिकारियों की भर्ती के लिए जिम्मेदार प्रमुख संस्था है।

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Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा वन्य जीव अभयारण्य शिवालिक पहाड़ियों में अवस्थित है ?

Right Answer: खोल ही-रायतान अभयारण्य


Explanation:

  • खोल ही-रायतान अभयारण्य (Khol Hi-Raitan Sanctuary): यह हरियाणा के पंचकूला जिले में स्थित है, जो भौगोलिक दृष्टि से शिवालिक पहाड़ियों (Shivalik Hills) की तलहटी और पहाड़ी क्षेत्र में आता है। यह अभयारण्य चीते (Leopard), सियार (Jackal), और विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों के लिए जाना जाता है।

अन्य विकल्पों की स्थिति इस प्रकार है:

  • खापरवास और भिण्डावास अभयारण्य (Khaparwas & Bhindawas Sanctuary): ये दोनों वन्यजीव अभयारण्य हरियाणा के झज्जर जिले में स्थित हैं, जो मैदानी इलाका और आर्द्रभूमि (Wetlands) क्षेत्र है।
  • नाहर अभयारण्य (Nahar Sanctuary): यह हरियाणा के रेवाड़ी जिले में स्थित है। यह क्षेत्र दक्षिणी हरियाणा में आता है, जहाँ अरावली पर्वतमाला (Aravalli Range) का विस्तार है, न कि शिवालिक का।
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Q3. निम्नलिखित में से किसने मनोहर लाल खट्टर के मुख्यमंत्री काल में मुख्य सचिव के रूप में काम नहीं किया ?

Right Answer: एस० सी० चौधरी


Explanation:

मनोहर लाल खट्टर ने 26 अक्टूबर 2014 को हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली थी। दिए गए विकल्पों में से अधिकारियों के मुख्य सचिव (Chief Secretary) के रूप में कार्यकाल इस प्रकार हैं:

  • एस० सी० चौधरी (S. C. Chaudhary): इनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2013 से 31 जुलाई 2014 तक था। यह भूपिंदर सिंह हुड्डा की सरकार का समय था। अतः इन्होंने मनोहर लाल खट्टर के मुख्यमंत्री काल में काम नहीं किया।
  • शकुन्तला जाखू (Shakuntala Jakhu): इनका कार्यकाल 31 जुलाई 2014 से 30 नवंबर 2014 तक था। मनोहर लाल खट्टर के मुख्यमंत्री बनने (26 अक्टूबर 2014) के बाद शुरुआती कुछ समय तक इन्होंने अपनी सेवाएं दी थीं।
  • पी० के० गुप्ता (P. K. Gupta): इन्हें मनोहर लाल खट्टर की सरकार द्वारा ही 30 नवंबर 2014 को मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था और इनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2014 तक रहा।
  • विजयवर्धन (Vijay Vardhan): इन्होंने 1 अक्टूबर 2020 से 30 नवंबर 2021 तक मुख्य सचिव के रूप में काम किया, जो पूरी तरह से मनोहर लाल खट्टर के मुख्यमंत्री काल के अंतर्गत आता है।
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Q4. सर छोटूराम के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

सर छोटूराम के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं ?

(A) उन्होंने एक काँग्रेसी के रूप में अपने कैरियर की शुरूआत की।

(B) बाद में उन्होंने यूनियनिष्ट पार्टी की सदस्यता ली।

(C) वे अविभाजित पंजाब की सरकार में एक मंत्री थे।

सही कूट का चयन कीजिए :

Right Answer: कथन (A), (B) तथा (C) सही हैं।


Explanation:

  • कथन (A) सत्य है: सर छोटूराम (दीनबंधु सर छोटूराम) ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से की थी। 1916 में वे रोहतक जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे। हालांकि, 1920 में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन (विशेषकर शिक्षण संस्थानों के बहिष्कार) से असहमत होकर उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी।
  • कथन (B) सत्य है: कांग्रेस छोड़ने के बाद, उन्होंने 1923 में सर फज्ल-ए-हुसैन के साथ मिलकर किसानों और जमींदारों के हितों की रक्षा के लिए 'यूनियनिस्ट पार्टी' (Unionist Party) की स्थापना की।
  • कथन (C) सत्य है: वे अविभाजित पंजाब प्रांत के एक प्रमुख राजनीतिक नेता थे। 1937 के प्रांतीय चुनावों के बाद जब पंजाब में यूनियनिस्ट पार्टी की सरकार बनी, तो उन्होंने राजस्व मंत्री (Revenue Minister) के रूप में कार्य किया और किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण कानून (जैसे 'साहूकार पंजीकरण अधिनियम') पारित करवाए।
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Q5. भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान कहाँ स्थापित किया जा रहा है ?

Right Answer: किलोहड़


Explanation:

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), सोनीपत (हरियाणा) की स्थापना सोनीपत जिले के किलोहड़ (Kilohrad) गाँव में की जा रही है। यह संस्थान पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित है और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है। 

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Q6. निम्नलिखित में से कौन-सा जिला रोहतक संभाग का हिस्सा नहीं है ?

Right Answer: रेवाड़ी


Explanation:

प्रशासनिक सुविधा के लिए हरियाणा को 6 मण्डलों (Divisions) में बांटा गया है। रोहतक मण्डल राज्य का सबसे बड़ा मण्डल है, जिसमें कुल 5 जिले शामिल हैं:

  1. रोहतक (Rohtak)
  2. झज्जर (Jhajjar)
  3. सोनीपत (Sonipat)
  4. भिवानी (Bhiwani)
  5. चरखी दादरी (Charkhi Dadri)

रेवाड़ी (Rewari) जिला रोहतक संभाग का हिस्सा नहीं है; यह गुरुग्राम (Gurugram) संभाग के अंतर्गत आता है (गुरुग्राम संभाग में गुरुग्राम, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिले शामिल हैं)।

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Q7. 37वें सूरजकुण्ड अन्तर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले का थीम राज्य कौन-सा था ?

Right Answer: गुजरात


Explanation:

37वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले (37th Surajkund International Crafts Fair) का आयोजन 2 फरवरी से 18 फरवरी 2024 तक हरियाणा के फरीदाबाद में किया गया था। इस संस्करण के लिए:

  • थीम राज्य (Theme State): गुजरात था। (इस मेले में गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प, कला और व्यंजनों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया था।)
  • भागीदार राष्ट्र (Partner Nation): तंजानिया (Tanzania) था।

सूरजकुंड मेले का आयोजन हर साल हरियाणा पर्यटन विभाग और सूरजकुंड मेला प्राधिकरण द्वारा केंद्रीय पर्यटन, कपड़ा, संस्कृति और विदेश मंत्रालयों के सहयोग से किया जाता है।

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Q8. हरियाणा की महिला पहलवान जिसने 2023 का अर्जुन पुरस्कार प्राप्त किया

Right Answer: अंतिम पंघाल


Explanation:

हरियाणा के हिसार जिले (भगाना गांव) की महिला पहलवान अंतिम पंघाल (Antim Panghal) को कुश्ती में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्ष 2023 का अर्जुन पुरस्कार (Arjuna Award) प्रदान किया गया था। वे अंडर-20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप (U-20 World Wrestling Championship) में लगातार दो बार (2022 और 2023) स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं।

  • अंशु मलिक (Anshu Malik): इन्हें 2022 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • गीतिका जाखड़ (Geetika Jakhar): इन्हें 2006 में अर्जुन पुरस्कार मिला था।
  • साक्षी मलिक (Sakshi Malik): रियो ओलंपिक 2016 की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक को 2016 में ही मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार (पहले राजीव गांधी खेल रत्न) से सम्मानित किया गया था।
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Q9. निम्नलिखित में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

(A) गुजरी महल - हिसार

(B) आराम-ए-कौसर - नारनौल 

(C) शेख तैय्यब का मकबरा - जींद 

Right Answer: (A) तथा (B)


Explanation:

(A) गुजरी महल - हिसार (Gujari Mahal - Hisar): यह सही सुमेलित है। गुजरी महल हरियाणा के हिसार शहर में स्थित है। इसका निर्माण 14वीं शताब्दी में दिल्ली सल्तनत के शासक फ़िरोज़ शाह तुग़लक़ ने अपनी प्रेमिका 'गुजरी' रानी के लिए करवाया था।

(B) आराम-ए-कौसर - नारनौल (Aram-e-Kausar - Narnaul): यह सही सुमेलित है। आराम-ए-कौसर (Aram-i-Kausar) हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में स्थित एक ऐतिहासिक मुग़लकालीन स्मारक और बाग है। यह मुग़ल वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण है, जिसे मुग़ल सम्राट अकबर के शासनकाल में नारनौल के सूबेदार शाह कुली खान ने बनवाया था।

(C) शेख तैय्यब का मकबरा - जींद (Tomb of Sheikh Tayyab - Jind): यह गलत सुमेलित है। शेख तैय्यब का मकबरा जींद में नहीं, बल्कि हरियाणा के कैथल (Kaithal) में स्थित है। शेख तैय्यब (लाला मैदनी मल) 16वीं शताब्दी के एक सूफ़ी संत थे और अकबर के दरबार में सलाहकार भी रहे थे।

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Q10. पेहोवा अभिलेख के बारे में निम्नलिखित कथनों को पढ़िए

पेहोवा अभिलेख के बारे में निम्नलिखित कथनों को पढ़िए :

(A) अभिलेख को गुर्जर प्रतिहार राजवंश के एक शासक ने जारी किया था।

(B) अभिलेख के अनुसार पेहोवा घोड़े के व्यापारियों का एक प्रसिद्ध बाजार था।

सही कूट का चयन कीजिए :

Right Answer: दोनों कथन सत्य हैं।


Explanation:

  • कथन (A) सत्य है: पेहोवा अभिलेख (Pehowa Inscription) 9वीं शताब्दी का है और यह गुर्जर-प्रतिहार राजवंश के महान शासक मिहिर भोज (Mihir Bhoja) के शासनकाल से संबंधित है।
  • कथन (B) सत्य है: इस अभिलेख में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि प्राचीन काल में पेहोवा (जिसे उस समय पृथूदक या Prithudaka कहा जाता था) घोड़ों के व्यापार का एक बहुत बड़ा और प्रसिद्ध केंद्र था। इसमें विभिन्न स्थानों से आए घोड़ों के व्यापारियों (horse dealers) का जिक्र है, जो एक मेले में इकट्ठा हुए थे और उन्होंने अपनी बिक्री का कुछ हिस्सा मंदिर के रखरखाव के लिए दान करने का संकल्प लिया था।
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Economy and Banking (60 Questions)

Q1. यदि दो चरों के बीच सहसंबंध गुणांक − 0.90 हो, तो अनिश्चय गुणांक होगा :

Right Answer: 0.19


Explanation:

सहसंबंध गुणांक के वर्ग को निश्चय गुणांक तथा एक में से निश्चय गुणांक घटाने पर प्राप्त मान को अनिश्चय गुणांक कहा जाता है। यहाँ सहसंबंध गुणांक ऋण 0.90 है, अतः उसका वर्ग 0.81 होगा; ध्यान रहे कि ऋणात्मक चिह्न वर्ग करने पर समाप्त हो जाता है। इसलिए निश्चय गुणांक 0.81 हुआ, जिसका अर्थ है कि आश्रित चर के कुल विचरण का 81 प्रतिशत भाग स्वतंत्र चर द्वारा समझाया जा सकता है। शेष अर्थात् एक में से 0.81 घटाने पर 0.19 प्राप्त होता है, और यही अनिश्चय गुणांक है, जो अस्पष्ट रह गए विचरण को दर्शाता है।

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Q2. निम्न में से कौन - सा मूल्य आयत चित्र के द्वारा निर्धारित होता है ?

Right Answer: बहुलक


Explanation:

आयत चित्र अर्थात् हिस्टोग्राम में प्रत्येक वर्ग-अन्तराल को एक आयत से दर्शाया जाता है, जिसकी ऊँचाई उस वर्ग की बारम्बारता के अनुपात में होती है। इसकी सहायता से बहुलक का मान ज्यामितीय विधि से ज्ञात किया जाता है। इसके लिए सबसे ऊँचे आयत अर्थात् बहुलक वर्ग को पहचाना जाता है, फिर उसके ऊपरी दोनों कोनों को क्रमशः उससे पूर्ववर्ती तथा परवर्ती आयत के निकटवर्ती ऊपरी कोनों से तिरछी रेखाओं द्वारा जोड़ा जाता है। इन दोनों रेखाओं के कटान बिन्दु से X-अक्ष पर लम्ब डालने पर जो मान मिलता है, वही बहुलक होता है।

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Q3. देश में कितने शहरों को ‘स्मार्ट सिटी’ के रूप में विकसित करने के लिए चुना जा चुका है ?

Right Answer: 100


Explanation:

स्मार्ट सिटी मिशन का शुभारम्भ 25 जून 2015 को आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा किया गया और इसके अन्तर्गत देश के कुल एक सौ शहरों का चयन विकास हेतु किया जा चुका है। इनका चयन दो चरणों की प्रतिस्पर्धा के माध्यम से हुआ, जिसे स्मार्ट सिटी चैलेंज कहा गया, जिसमें शहरों ने अपनी विकास योजनाएँ प्रस्तुत कीं। मिशन का उद्देश्य आधारभूत संरचना, स्वच्छ एवं संधारणीय पर्यावरण तथा सूचना प्रौद्योगिकी आधारित स्मार्ट समाधानों द्वारा नागरिकों को उत्तम जीवन गुणवत्ता प्रदान करना है। परियोजनाओं का क्रियान्वयन विशेष प्रयोजन वाहन के माध्यम से होता है।

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Q4. आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार 2022-23 में देश में गरीबी का अनुपात क्या था ?

Right Answer: 11.3%


Explanation:

नीति आयोग के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक के आधार पर 2022-23 में देश में गरीबी का अनुपात घटकर लगभग 11.28 प्रतिशत अर्थात् 11.3 प्रतिशत रह गया, जो 2013-14 में 29.17 प्रतिशत था। इस प्रकार नौ वर्षों में लगभग 24.82 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले। यह सूचकांक ऑक्सफोर्ड गरीबी एवं मानव विकास पहल तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की पद्धति पर आधारित है और स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जीवन-स्तर के बारह संकेतकों से बनता है। इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार तथा मध्य प्रदेश में सर्वाधिक गिरावट दर्ज हुई।

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Q5. यदि सभी अवलोकनों को 2 से गुणा कर दिया जाय, तो :

Right Answer: नया प्रमाप विचलन भी 2 से गुणा हो जायेगा


Explanation:

प्रमाप विचलन मापन के पैमाने पर निर्भर करता है। यदि प्रत्येक अवलोकन को किसी अचर संख्या से गुणा कर दिया जाए तो माध्य भी उसी संख्या से गुणित हो जाता है और प्रत्येक विचलन भी उसी अनुपात में बढ़ जाता है। परिणामस्वरूप नया प्रमाप विचलन पुराने प्रमाप विचलन का उसी अचर गुना हो जाता है। यहाँ सभी अवलोकनों को दो से गुणा किया गया है, अतः नया प्रमाप विचलन भी पुराने का दुगुना होगा। ध्यातव्य है कि विचरण गुणांक इस स्थिति में अपरिवर्तित रहता है, क्योंकि प्रमाप विचलन एवं माध्य दोनों समान अनुपात में बदल जाते हैं।

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Q6. कौन - सा कीमत सूचकांक समय उत्क्राम्यता व तत्व उत्क्राम्यता दोनों को संतुष्ट करता है ?

Right Answer: फिशर का सूचकांक


Explanation:

फिशर का सूचकांक लास्पेयर्स तथा पाशे सूचकांकों का गुणोत्तर माध्य होता है और इसी कारण यह दोनों की पक्षपात-प्रवृत्तियों को सन्तुलित कर देता है। लास्पेयर्स सूचकांक आधार वर्ष की मात्राओं को भार मानता है और मूल्यवृद्धि को अधिक आँकता है, जबकि पाशे सूचकांक चालू वर्ष की मात्राओं का उपयोग करता है और उसे कम आँकता है। केवल फिशर का सूचकांक ही समय उत्क्राम्यता तथा तत्व उत्क्राम्यता दोनों कसौटियों को संतुष्ट करता है, इसीलिए इसे आदर्श सूचकांक कहा जाता है। यह वृत्तीय कसौटी को अवश्य संतुष्ट नहीं करता।

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Q7. आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार 2022-23 में देश के किस राज्य में गरीबी का अनुपात सर्वाधिक तथा किस राज्य में सबसे कम था ?

Right Answer: बिहार, केरल


Explanation:

बहुआयामी गरीबी के नवीनतम अनुमानों के अनुसार 2022-23 में बिहार में गरीबी का अनुपात देश में सर्वाधिक तथा केरल में सबसे कम रहा। बिहार में यह लगभग 26.6 प्रतिशत था, जबकि केरल में एक प्रतिशत से भी कम। बिहार की ऊँची गरीबी के प्रमुख कारण निम्न प्रति व्यक्ति आय, कमजोर औद्योगिक आधार, अधिक जनसंख्या घनत्व तथा पोषण एवं विद्यालयी उपस्थिति के संकेतकों में पिछड़ापन हैं। दूसरी ओर केरल में उच्च साक्षरता, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ, प्रभावी सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा प्रेषित धन का प्रवाह गरीबी को न्यूनतम स्तर पर बनाए रखते हैं।

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Q8. ‘से कम’ तथा ‘से अधिक’ ओजाइव वक्रों के कटान बिंदु से ............ का मूल्य प्राप्त होता है।

Right Answer: मध्यकता


Explanation:

संचयी बारम्बारता वक्र को ओजाइव कहा जाता है और इसे दो प्रकार से खींचा जाता है। ‘से कम’ ओजाइव में प्रत्येक वर्ग की ऊपरी सीमा के सामने उससे कम की संचयी बारम्बारता ली जाती है और वक्र ऊपर की ओर चढ़ता है। ‘से अधिक’ ओजाइव में निम्न सीमा के सामने उससे अधिक की संचयी बारम्बारता ली जाती है और वक्र नीचे की ओर उतरता है। जिस बिन्दु पर ये दोनों वक्र एक-दूसरे को काटते हैं, वहाँ से X-अक्ष पर डाला गया लम्ब मध्यका अर्थात् माध्यिका का मान देता है, क्योंकि उसी बिन्दु पर आधे प्रेक्षण नीचे और आधे ऊपर होते हैं।

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Q9. निम्न में से कौन - सा उपाय 1991 में भारत में अपनायी गई उदारीकरण नीति का भाग नहीं था ?

Right Answer: विनिवेश


Explanation:

1991 में अपनाई गई नई आर्थिक नीति के तीन स्तम्भ थे — उदारीकरण, निजीकरण तथा वैश्वीकरण। उदारीकरण के अन्तर्गत औद्योगिक लाइसेंस प्रणाली लगभग समाप्त कर दी गई, आयात-निर्यात पर लगे मात्रात्मक प्रतिबन्ध हटाए गए, शुल्क दरें घटाई गईं तथा रुपये को क्रमशः परिवर्तनशील विनिमय दर व्यवस्था में लाया गया। विनिवेश अर्थात् सार्वजनिक उपक्रमों की हिस्सेदारी बेचना उदारीकरण नहीं, बल्कि निजीकरण की नीति का अंग है, जिसका उद्देश्य निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना तथा सरकारी उपक्रमों की दक्षता सुधारना था।

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Q10. अटल भूजल योजना .......... की सहायता से लागू की जा रही है।

Right Answer: विश्व बैंक


Explanation:

अटल भूजल योजना दिसम्बर 2019 में आरम्भ की गई और यह विश्व बैंक की वित्तीय सहायता से लागू की जा रही है। इसकी कुल लागत छह हजार करोड़ रुपये है, जिसमें आधी राशि विश्व बैंक का ऋण तथा आधी केन्द्र सरकार का अंशदान है। यह योजना जल शक्ति मंत्रालय के अन्तर्गत सात राज्यों — हरियाणा, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश — के भूजल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में चलाई जा रही है। इसकी विशेषता यह है कि यह समुदाय-आधारित है और ग्राम पंचायत स्तर पर जल सुरक्षा योजना बनाकर माँग-पक्ष के प्रबन्धन पर बल देती है।

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Q11. भारत में पहली व्यवस्थित जनगणना पूरे देश में समान पद्धति से कब की गई थी ?

Right Answer: 1872


Explanation:

भारत में पहली व्यवस्थित जनगणना 1872 में लॉर्ड मेयो के काल में सम्पन्न हुई और इसे देशव्यापी स्तर पर समान पद्धति अपनाकर कराया गया, यद्यपि यह एक ही समय पर सर्वत्र नहीं हो सकी और कुछ क्षेत्र छूट भी गए। इसीलिए इसे प्रथम गैर-समकालिक जनगणना कहा जाता है। 1881 में लॉर्ड रिपन के काल में डब्ल्यू० सी० प्लाउडेन के निर्देशन में पहली समकालिक एवं सम्पूर्ण जनगणना हुई और तभी से यह प्रत्येक दस वर्ष पर अबाध रूप से होती आई है। स्वतंत्र भारत की पहली जनगणना 1951 में हुई।

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Q12. निम्न में से कौन - सा कथन r 2 के बारे में सही नहीं है ?

Right Answer: r 2 का मान +1 व − 1 के बीच रहता है।


Explanation:

सहसंबंध गुणांक के वर्ग को निश्चय गुणांक कहा जाता है और यह बताता है कि आश्रित चर के कुल विचरण का कितना भाग स्वतंत्र चर द्वारा समझाया जा सकता है, अर्थात् यह व्याख्येय विचरण तथा कुल विचरण का अनुपात है। इसमें से एक घटाने पर अनिश्चय गुणांक प्राप्त होता है, जो अस्पष्ट रह गए विचरण का भाग दर्शाता है। चौथा कथन गलत है, क्योंकि किसी संख्या का वर्ग कभी ऋणात्मक नहीं होता; अतः निश्चय गुणांक का मान सदैव शून्य तथा एक के बीच रहता है। धन एक और ऋण एक के बीच तो स्वयं सहसंबंध गुणांक का मान रहता है।

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Q13. नाबार्ड के द्वारा किये गये राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन सर्वेक्षण के अनुसार 2021-22 में कृषि साख में गैर संस्थागत साख का अनुपात क्या था ?

Right Answer: 23.40%


Explanation:

नाबार्ड द्वारा कराए गए राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन सर्वेक्षण के 2021-22 के आँकड़ों के अनुसार कृषि परिवारों द्वारा ली गई साख में गैर-संस्थागत स्रोतों का अनुपात लगभग 23.40 प्रतिशत रहा, अर्थात् शेष लगभग तीन-चौथाई साख बैंकों, सहकारी समितियों तथा सूक्ष्म वित्त संस्थाओं जैसे संस्थागत स्रोतों से प्राप्त हुई। यह पिछले सर्वेक्षण की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है और इसका श्रेय किसान क्रेडिट कार्ड, जनधन खातों तथा प्राथमिकता क्षेत्र ऋण नीति को दिया जाता है। गैर-संस्थागत स्रोतों में साहूकार, व्यापारी तथा रिश्तेदार आते हैं, जिनकी ब्याज दरें अत्यधिक ऊँची होती हैं।

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Q14. यदि थोड़े से असममित बंटन में माध्य 20 तथा बहुलक 18 हो, तो माध्यिका होगी :

Right Answer: 19.33


Explanation:

थोड़े से असममित अर्थात् मध्यम रूप से विषम बंटन में तीनों केन्द्रीय प्रवृत्तियों के बीच कार्ल पियर्सन का आनुभविक सम्बन्ध लागू होता है, जिसके अनुसार बहुलक तीन गुणा माध्यिका में से दो गुणा माध्य घटाने पर प्राप्त होता है। इसी को माध्यिका के लिए हल करने पर माध्यिका बराबर दो गुणा माध्य जोड़ बहुलक को तीन से भाग देने पर मिलती है। यहाँ माध्य 20 तथा बहुलक 18 है, अतः दो गुणा 20 अर्थात् 40 में 18 जोड़ने पर 58 आता है और उसे तीन से भाग देने पर 19.33 प्राप्त होता है। इस प्रकार माध्यिका सदैव माध्य तथा बहुलक के बीच स्थित रहती है।

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Q15. भारत में योजना आयोग का गठन कब हुआ था ?

Right Answer: 15 मार्च, 1950


Explanation:

भारत में योजना आयोग का गठन 15 मार्च 1950 को केन्द्रीय मंत्रिमण्डल के एक प्रस्ताव द्वारा किया गया। यह न तो संवैधानिक निकाय था और न ही सांविधिक, बल्कि एक परामर्शदात्री संस्था थी। प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते थे तथा एक पूर्णकालिक उपाध्यक्ष इसका वास्तविक संचालन करता था। इसका कार्य देश के साधनों का आकलन कर पंचवर्षीय योजनाएँ तैयार करना था; पहली पंचवर्षीय योजना 1951 में आरम्भ हुई, जो हैरॉड-डोमर प्रतिरूप पर आधारित एवं कृषि-केन्द्रित थी। 1 जनवरी 2015 को इसके स्थान पर नीति आयोग की स्थापना कर दी गई।

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Q16. दो गुणों में सहसंबंध ज्ञात करने के लिए प्रयुक्त होता है :

Right Answer: स्पियरमैन का कोटि सहसंबंध गुणांक


Explanation:

जब दो विशेषताएँ गुणात्मक हों, जैसे सौन्दर्य, ईमानदारी अथवा बुद्धिमत्ता, तब उन्हें संख्या में मापा नहीं जा सकता, केवल क्रम अथवा कोटि दी जा सकती है। ऐसी स्थिति में सहसंबंध ज्ञात करने के लिए स्पियरमैन का कोटि सहसंबंध गुणांक प्रयुक्त होता है, जो मूल मानों के स्थान पर कोटियों के अन्तर पर आधारित होता है। कार्ल पियर्सन का गुणांक तभी लागू होता है जब आँकड़े संख्यात्मक रूप में उपलब्ध हों। स्पियरमैन विधि चरम मानों से भी प्रभावित नहीं होती। इसके गुणांक का मान भी सदैव धन एक तथा ऋण एक के बीच रहता है।

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Q17. भारतीय योजनाओं का निर्माता किसे कहा जाता है ?

Right Answer: पी० सी० महालनोबिस


Explanation:

प्रशान्त चन्द्र महालनोबिस को भारतीय योजना का निर्माता अथवा शिल्पकार कहा जाता है। उन्होंने भारतीय सांख्यिकी संस्थान की स्थापना की और द्वितीय पंचवर्षीय योजना का ढाँचा तैयार किया, जिसे महालनोबिस प्रतिरूप कहा जाता है। इस द्विक्षेत्रीय एवं बाद में चतुष्क्षेत्रीय प्रतिरूप में भारी एवं आधारभूत उद्योगों को प्राथमिकता देकर दीर्घकालीन आत्मनिर्भर संवृद्धि का मार्ग सुझाया गया। सांख्यिकी में उन्होंने ‘महालनोबिस दूरी’ तथा वृहत् नमूना सर्वेक्षण की तकनीक दी। उनके जन्मदिन 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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Q18. यदि सभी पदों के मूल्य समान न हों, तो माध्य, गुणोत्तर माध्य तथा हरात्मक माध्य के बीच संबंध को दर्शाया जा सकता है :

Right Answer: X > GM > HM


Explanation:

किसी धनात्मक श्रेणी के तीन प्रमुख माध्यों के बीच एक निश्चित असमिका सदैव लागू होती है — समान्तर माध्य गुणोत्तर माध्य से और गुणोत्तर माध्य हरात्मक माध्य से बड़ा या बराबर होता है। तीनों तभी ठीक बराबर होते हैं जब श्रेणी के सभी पदों के मूल्य आपस में समान हों। प्रश्न में स्पष्ट कहा गया है कि सभी पदों के मूल्य समान नहीं हैं, अतः समता की स्थिति समाप्त हो जाती है और सम्बन्ध कठोर असमिका के रूप में लिखा जाएगा, अर्थात् समान्तर माध्य गुणोत्तर माध्य से तथा गुणोत्तर माध्य हरात्मक माध्य से निश्चित रूप से बड़ा होगा।

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Q19. 2020 में किसी कर्मचारी की मासिक आय 8,000 रुपये थी। उस वर्ष उपभोक्ता कीमत सूचकांक 160 था, जो 2024 में बढ़कर 200 हो गया। कीमत वृद्धि की पूर्ण क्षतिपूर्ति हेतु उसे कितना अतिरिक्त महंगाई भत्ता दिया जाना चाहिए ?

Right Answer: 2,000 रु०


Explanation:

कीमत वृद्धि की पूर्ण क्षतिपूर्ति का अर्थ है कि कर्मचारी की वास्तविक क्रय-शक्ति पहले जैसी बनी रहे। इसके लिए नई मौद्रिक आय को पुरानी आय तथा सूचकांकों के अनुपात के गुणनफल के बराबर होना चाहिए। यहाँ पुरानी आय 8,000 रुपये, आधार वर्ष का सूचकांक 160 तथा चालू वर्ष का सूचकांक 200 है। अतः आवश्यक नई आय 8,000 गुणा 200 बटा 160 अर्थात् 10,000 रुपये होगी। इसमें से मूल आय 8,000 रुपये घटाने पर अतिरिक्त महंगाई भत्ता 2,000 रुपये प्राप्त होता है, जो मूल वेतन का 25 प्रतिशत है।

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Q20. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :

सूची-I
(a) उत्पादन संभावना वक्र के अंदर बिंदु
(b) उत्पादन संभावना वक्र के बाहर बिंदु
(c) उत्पादन संभावना वक्र का बाहर की ओर विवर्तन
(d) उत्पादन संभावना वक्र पर बिंदु

सूची-II
(i) संसाधनों में वृद्धि व तकनीकी विकास
(ii) बेरोजगारी
(iii) अप्राप्य संयोग
(iv) उत्पादन कुशलता

Right Answer: (a-ii) (b-iii) (c-i) (d-iv)


Explanation:

उत्पादन संभावना वक्र के अन्दर स्थित बिन्दु यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था अपने साधनों का पूर्ण उपयोग नहीं कर रही, अर्थात् वहाँ बेरोजगारी अथवा अकुशलता विद्यमान है। वक्र के बाहर का बिन्दु वर्तमान साधनों एवं तकनीक से अप्राप्य संयोग होता है। जब साधनों में वृद्धि हो अथवा तकनीकी विकास हो तो सम्पूर्ण वक्र ही बाहर की ओर विवर्तित हो जाता है, जिसे आर्थिक संवृद्धि कहते हैं। वक्र पर स्थित कोई भी बिन्दु उत्पादन कुशलता को दर्शाता है, क्योंकि वहाँ एक वस्तु का उत्पादन दूसरी को घटाए बिना नहीं बढ़ाया जा सकता।

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Q21. यदि सभी अवलोकन 10 से बढ़ा दिये जायें, तो :

Right Answer: प्रमाप विचलन, माध्य विचलन व चतुर्थक विचलन अपरिवर्तित रहेंगे


Explanation:

अपकिरण के माप यह बताते हैं कि आँकड़े अपने केन्द्रीय मान के चारों ओर कितने फैले हुए हैं। यदि प्रत्येक अवलोकन में एक ही अचर संख्या जोड़ दी जाए तो सम्पूर्ण वितरण अपना आकार बनाए रखते हुए संख्या-रेखा पर उतना ही खिसक जाता है। इससे प्रत्येक मान तथा उसके माध्य के बीच की दूरी अपरिवर्तित रहती है। परिणामस्वरूप प्रमाप विचलन, माध्य विचलन तथा चतुर्थक विचलन तीनों ज्यों के त्यों बने रहते हैं। हाँ, माध्य, माध्यिका तथा बहुलक जैसे केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप उसी अचर संख्या से बढ़ जाते हैं।

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Q22. भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कौन हैं ?

Right Answer: मृत्युंजय कुमार नारायण


Explanation:

भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण हैं। यह पद गृह मंत्रालय के अधीन आता है और इसका दायित्व दशकीय जनगणना कराना, जन्म-मृत्यु का पंजीकरण देखना, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर तैयार करना तथा नमूना पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से जन्म दर, मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर के अनुमान जारी करना है। इस कार्यालय की स्थापना 1961 में हुई थी। भारत में जनगणना 1872 से प्रत्येक दस वर्ष पर होती आई है; 2021 की प्रस्तावित जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी।

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Q23. भारत में ई - नाम (eNAM) को लागू करने वाली प्रमुख एजेंसी है :

Right Answer: लघु कृषक कृषि व्यापार संघ


Explanation:

राष्ट्रीय कृषि बाजार अर्थात् ई-नाम को लागू करने वाली प्रमुख एजेंसी लघु कृषक कृषि व्यापार संघ है, जो कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। ई-नाम 14 अप्रैल 2016 को आरम्भ किया गया एक अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक व्यापार पोर्टल है, जो देश की कृषि उपज मण्डी समितियों को एक एकीकृत ऑनलाइन बाजार से जोड़ता है। इसका उद्देश्य किसानों को अपनी उपज देशभर के क्रेताओं को बेचने की सुविधा देना, मूल्य में पारदर्शिता लाना तथा बिचौलियों की भूमिका घटाना है। इसमें ऑनलाइन बोली, गुणवत्ता जाँच तथा सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था है।

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Q24. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :

सूची-I
(a) गुणोत्तर माध्य
(b) हरात्मक माध्य
(c) बहुलक
(d) माध्यिका

सूची-II
(i) औसत गति
(ii) गुणात्मक समंक
(iii) वृद्धि की दर
(iv) सबसे अधिक बार आने वाला मूल्य

Right Answer: (a-iii) (b-i) (c-iv) (d-ii)


Explanation:

गुणोत्तर माध्य अनुपातों तथा प्रतिशतों का औसत निकालने के लिए उपयुक्त है, इसलिए जनसंख्या अथवा उत्पादन की वृद्धि दर ज्ञात करने में इसी का प्रयोग होता है। हरात्मक माध्य व्युत्क्रमों के समान्तर माध्य का व्युत्क्रम है, अतः जब समान दूरी भिन्न गतियों से तय की गई हो तो औसत गति निकालने के लिए यही उपयुक्त होता है। बहुलक वह मान है जो श्रेणी में सबसे अधिक बार आता है। माध्यिका स्थिति पर आधारित माप है और इसे गुणात्मक समंकों में भी प्रयोग किया जा सकता है, जहाँ मानों को केवल क्रम में रखा जा सकता है।

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Q25. ........... से लेने पर माध्य विचलन का मान न्यूनतम होता है।

Right Answer: माध्यिका


Explanation:

माध्य विचलन किसी केन्द्रीय मान से लिए गए विचलनों के निरपेक्ष मानों का औसत होता है। इसका एक महत्त्वपूर्ण गणितीय गुण यह है कि जब विचलन माध्यिका से लिए जाएँ तो उनका योग तथा औसत दोनों न्यूनतम होते हैं। इसका कारण यह है कि माध्यिका आँकड़ों को दो बराबर भागों में बाँटती है, इसलिए उससे दोनों ओर के विचलन सन्तुलित रहते हैं। इसी कारण सैद्धान्तिक दृष्टि से माध्यिका से लिया गया माध्य विचलन सर्वोत्तम माना जाता है, यद्यपि व्यवहार में गणना की सुविधा के कारण प्रायः समान्तर माध्य से ही माध्य विचलन निकाला जाता है।

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Q26. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :

सूची-I
(a) क्या उत्पादन करें
(b) कैसे उत्पादन करें
(c) किसके लिए उत्पादन करें

सूची-II
(i) आय-वितरण की समस्या
(ii) चयन की समस्या
(iii) उत्पादन-तकनीकी के निर्धारण की समस्या

Right Answer: (a-ii) (b-iii) (c-i)


Explanation:

साधनों की दुर्लभता तथा उनके वैकल्पिक प्रयोगों के कारण प्रत्येक अर्थव्यवस्था के सामने तीन केन्द्रीय समस्याएँ खड़ी होती हैं। ‘क्या उत्पादन करें’ यह चयन की समस्या है, जिसमें तय करना होता है कि सीमित साधनों से कौन-सी वस्तुएँ और कितनी मात्रा में बनाई जाएँ। ‘कैसे उत्पादन करें’ उत्पादन तकनीक के निर्धारण की समस्या है, जिसमें श्रम-प्रधान अथवा पूँजी-प्रधान विधि का चुनाव करना होता है। ‘किसके लिए उत्पादन करें’ आय-वितरण की समस्या है, जो यह तय करती है कि उत्पादित वस्तुएँ समाज के विभिन्न वर्गों में किस अनुपात में बँटेंगी।

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Q27. भारत में आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना कब लागू की गई थी ?

Right Answer: अक्टूबर, 2020


Explanation:

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना अक्टूबर 2020 में आत्मनिर्भर भारत पैकेज 3.0 के अन्तर्गत लागू की गई। इसका उद्देश्य कोविड-19 महामारी के दौरान गए रोजगार की भरपाई करना तथा औपचारिक क्षेत्र में नई नियुक्तियों को प्रोत्साहित करना था। इसके अन्तर्गत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में पंजीकृत प्रतिष्ठानों द्वारा नए कर्मचारियों की भर्ती पर सरकार दो वर्ष तक भविष्य निधि में अंशदान वहन करती है। एक हजार से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में कर्मचारी तथा नियोक्ता दोनों का अंशदान और उससे बड़े प्रतिष्ठानों में केवल कर्मचारी का अंशदान सरकार देती है।

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Q28. भारत का कौन - सा केन्द्रीय मंत्रालय देश में सांख्यिकी प्रणाली के नियोजित और संगठित विकास के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है ?

Right Answer: सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय


Explanation:

भारत में सांख्यिकी प्रणाली के नियोजित एवं संगठित विकास के लिए नोडल एजेंसी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय है। इसका गठन 1999 में हुआ और इसके दो प्रमुख भाग हैं — सांख्यिकी प्रभाग तथा कार्यक्रम कार्यान्वयन प्रभाग। यह राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रीय आय के अनुमान, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक तथा आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण जैसे आँकड़े जारी करता है। यह सांख्यिकीय मानक निर्धारित करता है और अन्य मंत्रालयों की सांख्यिकीय गतिविधियों में समन्वय स्थापित करता है।

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Q29. ब्रिटिश शासन के समय ढाका में निर्मित विशेष प्रकार का सूती वस्त्र किस नाम से मशहूर था ?

Right Answer: मलमल


Explanation:

ब्रिटिश शासन काल में ढाका में बनने वाला अत्यन्त महीन एवं पारदर्शी सूती वस्त्र मलमल के नाम से विश्वविख्यात था। इसकी बुनाई इतनी सूक्ष्म होती थी कि पूरा थान अँगूठी में से निकल जाता था, और इसे ‘बहती हवा’ अथवा ‘संध्या की ओस’ जैसे काव्यात्मक नाम दिए गए थे। मुगल दरबार तथा यूरोप के कुलीन वर्ग में इसकी अपार माँग थी। ब्रिटिश औद्योगिक क्रान्ति के बाद मशीन-निर्मित सस्ते वस्त्रों की बाढ़, भारी आयात शुल्क तथा कम्पनी की दमनकारी नीतियों के कारण यह उद्योग नष्ट हो गया और ढाका की जनसंख्या तक घट गई।

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Q30. भारत के नीति आयोग के उपाध्यक्ष कौन हैं ?

Right Answer: सुमन के० बेरी


Explanation:

नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन के० बेरी हैं, जिन्होंने मई 2022 में राजीव कुमार के स्थान पर यह दायित्व सँभाला। नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर हुई। इसके अध्यक्ष पदेन रूप से भारत के प्रधानमंत्री होते हैं, अतः वर्तमान में नरेन्द्र मोदी इसके अध्यक्ष हैं। उपाध्यक्ष की नियुक्ति प्रधानमंत्री करते हैं और उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होता है। आयोग का पहला उपाध्यक्ष अरविंद पनगड़िया को बनाया गया था। नीति आयोग सहकारी संघवाद तथा नीचे से ऊपर की नियोजन प्रक्रिया पर बल देता है।

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Q31. लागत के आधुनिक सिद्धांत के अनुसार अल्पकालीन औसत परिवर्तनशील लागत (SAVC) की आकृति कैसी होती है ?

Right Answer: प्यालानुमा


Explanation:

लागत के परम्परागत सिद्धांत में अल्पकालीन औसत परिवर्तनशील लागत वक्र U-आकृति का माना जाता है। किन्तु लागत के आधुनिक सिद्धांत के अनुसार फर्म आरम्भ से ही कुछ अतिरिक्त क्षमता जानबूझकर बनाए रखती है, ताकि माँग बढ़ने पर लागत बढ़ाए बिना उत्पादन बढ़ाया जा सके। इस कारण उत्पादन की एक विस्तृत परास में औसत परिवर्तनशील लागत लगभग स्थिर बनी रहती है और वक्र नीचे से चपटा हो जाता है। इसी से उसे प्यालानुमा अर्थात् तश्तरीनुमा आकृति कहा जाता है। इसका आधार आनुभविक अध्ययन हैं, जिनमें U-आकृति की पुष्टि नहीं हुई।

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Q32. जब MR = 0 हो, तो माँग की कीमत लोच (|e|) का मान होता है :

Right Answer: = 1


Explanation:

सीमांत आगम, औसत आगम तथा माँग की कीमत लोच के बीच सम्बन्ध इस सूत्र से व्यक्त होता है — सीमांत आगम बराबर औसत आगम गुणा एक घटा एक बटा लोच। जब लोच का निरपेक्ष मान ठीक एक हो, तो कोष्ठक का मान शून्य हो जाता है और सीमांत आगम भी शून्य हो जाता है। ठीक इसी बिन्दु पर कुल आगम अधिकतम होता है। जब लोच एक से अधिक हो तो सीमांत आगम धनात्मक रहता है और कीमत घटाने पर कुल आगम बढ़ता है, तथा लोच एक से कम होने पर सीमांत आगम ऋणात्मक हो जाता है और कुल आगम घटने लगता है।

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Q33. यह अवधारणा कि बुरी मुद्रा अच्छी मुद्रा को चलन से बाहर कर देती है, कहलाती है :

Right Answer: ग्रेशम का नियम


Explanation:

ग्रेशम का नियम कहता है कि जब दो प्रकार की मुद्राएँ समान वैधानिक मूल्य पर एक साथ प्रचलन में हों, तो बुरी मुद्रा अच्छी मुद्रा को चलन से बाहर कर देती है। यहाँ अच्छी मुद्रा वह है जिसका धातु-मूल्य उसके अंकित मूल्य से अधिक हो और बुरी मुद्रा वह जिसका धातु-मूल्य कम हो। लोग स्वाभाविक रूप से अच्छी मुद्रा को संचित कर लेते हैं, पिघला देते हैं या विदेश भेज देते हैं और लेन-देन में बुरी मुद्रा ही चलाते हैं। यह नियम सोलहवीं शताब्दी के अंग्रेज वित्तीय सलाहकार सर थॉमस ग्रेशम के नाम पर रखा गया है।

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Q34. यदि आवश्यक नकद कोष अनुपात R हो, तो साख गुणक का मान होगा : 1 −

Right Answer: 1/R


Explanation:

साख गुणक अथवा मुद्रा गुणक यह बताता है कि प्राथमिक जमा की एक इकाई से बैंकिंग व्यवस्था कुल कितनी साख का सृजन कर सकती है। यदि आवश्यक नकद कोष अनुपात R हो तो प्रत्येक बैंक अपनी जमा का R भाग कोष में रखकर शेष उधार देता है, और यह प्रक्रिया एक गुणोत्तर श्रेणी बनाती है जिसका योग 1/R होता है। अतः साख गुणक का मान 1/R है। उदाहरणार्थ यदि नकद कोष अनुपात 20 प्रतिशत हो तो गुणक 5 होगा और 1,000 रुपये की प्राथमिक जमा से 5,000 रुपये तक की कुल जमा उत्पन्न हो सकेगी। अनुपात बढ़ने पर साख सृजन की क्षमता घट जाती है।

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Q35. संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों ने संधारणीय विकास के लक्ष्यों को कब स्वीकार किया ?

Right Answer: 2015


Explanation:

संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों ने सितम्बर 2015 में न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में आयोजित शिखर सम्मेलन में ‘संधारणीय विकास हेतु 2030 एजेण्डा’ को सर्वसम्मति से स्वीकार किया, जिसमें सत्रह संधारणीय विकास लक्ष्य तथा एक सौ उनहत्तर उपलक्ष्य सम्मिलित हैं। ये लक्ष्य 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुए और इनकी अवधि 2030 तक है। इन्होंने 2000 में अपनाए गए आठ सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों का स्थान लिया। एजेण्डा का मूल सिद्धांत है कि विकास की प्रक्रिया में कोई भी पीछे न छूटे और आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय तीनों आयामों में सन्तुलन बना रहे।

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Q36. भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार मुद्रा पूर्ति की माप का M₄ है :

Right Answer: M₄ = जनता के पास नकदी + माँग जमा + सावधि जमा + पोस्ट ऑफिस के पास कुल जमा (राष्ट्रीय बचत पत्रों को छोड़कर)


Explanation:

भारतीय रिजर्व बैंक मुद्रा पूर्ति के चार माप प्रस्तुत करता है। M₁ में जनता के पास नकदी, बैंकों की माँग जमा तथा रिजर्व बैंक के पास अन्य जमा आती हैं और यह सर्वाधिक तरल है, इसीलिए इसे संकुचित मुद्रा कहते हैं। M₂ में M₁ के साथ डाकघर की बचत जमा जुड़ती हैं। M₃ में M₁ के साथ बैंकों की सावधि जमा जुड़ती हैं और इसे व्यापक मुद्रा कहा जाता है; मौद्रिक नीति में इसी का सर्वाधिक उपयोग होता है। M₄ सबसे व्यापक माप है, जिसमें M₃ के साथ डाकघर की कुल जमा जोड़ी जाती हैं, किन्तु राष्ट्रीय बचत पत्र छोड़ दिए जाते हैं।

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Q37. किसी देश का व्यापार संतुलन होता है :

Right Answer: वस्तुओं के निर्यात व आयात के मूल्यों का अंतर।


Explanation:

किसी देश का व्यापार संतुलन उसके दृश्य मदों अर्थात् वस्तुओं के निर्यात तथा आयात के मूल्यों का अन्तर होता है। इसमें सेवाओं, निवेश आय अथवा हस्तांतरण भुगतानों को सम्मिलित नहीं किया जाता। निर्यात आयात से अधिक हो तो व्यापार संतुलन अनुकूल तथा कम हो तो प्रतिकूल कहलाता है। इसके विपरीत भुगतान संतुलन एक व्यापक अवधारणा है, जिसमें वस्तुएँ, सेवाएँ, एकपक्षीय हस्तांतरण तथा पूँजी खाते के समस्त लेन-देन सम्मिलित होते हैं। भुगतान संतुलन लेखांकन की दृष्टि से सदैव संतुलित रहता है, जबकि व्यापार संतुलन असंतुलित हो सकता है।

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Q38. निम्न में से कौन - सा कथन सही नहीं है ?

Right Answer: यदि स्थानापन्न वस्तु की कीमत बढ़ जाती है, तो माँग वक्र बायें विवर्तित हो जाता है।


Explanation:

माँग वक्र का विवर्तन कीमत के अतिरिक्त अन्य निर्धारकों में परिवर्तन से होता है। आय बढ़ने पर सामान्य वस्तु का माँग वक्र दायें और हीन वस्तु का बायें विवर्तित होता है। किसी वस्तु के पक्ष में रुचि बदलने पर उसका माँग वक्र दायें खिसक जाता है। चौथा कथन गलत है, क्योंकि स्थानापन्न वस्तु की कीमत बढ़ने पर उपभोक्ता उससे हटकर विचाराधीन वस्तु की ओर मुड़ता है, अतः उसकी माँग बढ़ती है और वक्र दायें विवर्तित होता है, बायें नहीं। स्थानापन्न वस्तुओं की क्रॉस लोच धनात्मक होती है, जबकि पूरक वस्तुओं की ऋणात्मक।

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Q39. कीमत में परिवर्तन के प्रति माँग की प्रतिक्रिया को दर्शाने के लिए लोच की अभिव्यंजना का आविष्कार किसने किया था ?

Right Answer: एल्फ्रेड मार्शल


Explanation:

माँग की कीमत लोच की अभिव्यंजना का आविष्कार एल्फ्रेड मार्शल ने किया और उन्होंने इसे अपनी 1890 की कृति ‘प्रिंसिपल्स ऑफ इकोनॉमिक्स’ में विकसित किया। लोच यह मापती है कि कीमत में एक प्रतिशत परिवर्तन होने पर माँगी गई मात्रा में कितने प्रतिशत परिवर्तन होता है, अर्थात् यह माँग की कीमत-संवेदनशीलता का शुद्ध संख्यात्मक माप है। मार्शल ने ही उपभोक्ता की बचत, प्रतिनिधि फर्म तथा अल्पकाल एवं दीर्घकाल जैसी अनेक आधारभूत अवधारणाएँ दीं। लोच का माप इकाई-निरपेक्ष होता है, इसलिए भिन्न वस्तुओं की तुलना सम्भव हो जाती है।

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Q40. व्यष्टि अर्थशास्त्र और समष्टि अर्थशास्त्र शब्दों का निर्माण किसने किया तथा पहली बार किसने उपयोग में लिया ?

Right Answer: रेग्नर फ्रिश


Explanation:

‘माइक्रोइकोनॉमिक्स’ तथा ‘मैक्रोइकोनॉमिक्स’ शब्दों का निर्माण एवं प्रथम प्रयोग नॉर्वेजियन अर्थशास्त्री रेग्नर फ्रिश ने 1933 में किया। व्यष्टि अर्थशास्त्र व्यक्तिगत इकाइयों — उपभोक्ता, फर्म तथा उद्योग — के व्यवहार तथा साधन-आवंटन का अध्ययन करता है, जबकि समष्टि अर्थशास्त्र सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था के समुच्चयों जैसे राष्ट्रीय आय, रोजगार, सामान्य कीमत स्तर तथा आर्थिक संवृद्धि से सम्बद्ध है। फ्रिश ने ‘इकोनोमेट्रिक्स’ शब्द भी गढ़ा और अर्थमिति के विकास में उनके योगदान के लिए उन्हें 1969 में यान टिनबर्गन के साथ प्रथम नोबेल पुरस्कार मिला।

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Q41. 2013-14 से 2022-23 के बीच देश में कितने लोग बहुआयामी गरीबी से मुक्त हो गये ?

Right Answer: 24.8 करोड़


Explanation:

नीति आयोग के जनवरी 2024 के चर्चा-पत्र के अनुसार 2013-14 से 2022-23 के बीच भारत में लगभग 24.82 करोड़ अर्थात् 24.8 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले। इसी अवधि में बहुआयामी गरीबी का प्रचलन 29.17 प्रतिशत से घटकर 11.28 प्रतिशत रह गया। राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा तथा जीवन-स्तर इन तीन आयामों तथा बारह संकेतकों पर आधारित है, जिनमें पोषण, विद्यालयी उपस्थिति, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, आवास तथा बैंक खाता सम्मिलित हैं। सर्वाधिक कमी उत्तर प्रदेश, बिहार तथा मध्य प्रदेश में दर्ज की गई।

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Q42. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :

सूची-I (लागत वक्र)
(a) कुल स्थिर लागत (TFC)
(b) कुल परिवर्तनशील लागत (TVC)
(c) औसत स्थिर लागत (AFC)
(d) औसत कुल लागत (ATC)

सूची-II (आकृति)
(i) U-आकृति
(ii) क्षैतिज सरल रेखा
(iii) प्रतिलोम S आकृति
(iv) आयताकार अतिपरवलय

Right Answer: (a-ii) (b-iii) (c-iv) (d-i)


Explanation:

कुल स्थिर लागत उत्पादन की मात्रा से स्वतंत्र रहती है, इसलिए उसका वक्र X-अक्ष के समानान्तर क्षैतिज सरल रेखा होता है। कुल परिवर्तनशील लागत आरम्भ में घटती दर से और बाद में बढ़ती दर से बढ़ती है, अतः उसका वक्र प्रतिलोम S आकृति का बनता है। औसत स्थिर लागत में स्थिर लागत क्रमशः अधिक इकाइयों में बँटती जाती है, इसलिए वह निरन्तर घटती है और उसका वक्र आयताकार अतिपरवलय होता है, जो अक्षों को कभी नहीं छूता। औसत कुल लागत पहले घटकर न्यूनतम होती है और फिर बढ़ती है, अतः उसका वक्र U-आकृति का होता है।

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Q43. अर्थशास्त्र में प्रगटित अधिमान अवधारणा का प्रयोग किसने और कब किया था ?

Right Answer: सैमुएल्सन, 1938


Explanation:

प्रगटित अधिमान की अवधारणा पॉल ए० सैमुएल्सन ने 1938 में प्रस्तुत की। इसका उद्देश्य उपभोक्ता सिद्धांत को उपयोगिता के अमापनीय एवं आत्मनिष्ठ आधार से मुक्त कर विशुद्ध रूप से देखे जा सकने वाले व्यवहार पर खड़ा करना था। सिद्धांत का मूल तर्क यह है कि यदि उपभोक्ता किन्हीं कीमतों पर बंडल A चुनता है जबकि बंडल B भी उसकी क्रय-शक्ति के भीतर था, तो वह A को B पर प्रगटित अधिमान दे रहा है। इसी से माँग वक्र का ऋणात्मक ढाल तथा प्रतिस्थापन्न एवं आय प्रभाव बिना तटस्थता वक्र खींचे सिद्ध किए जा सकते हैं।

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Q44. संतुलित बजट गुणांक की अवधारणा सबसे पहले किसने दी थी ?

Right Answer: टी० हावेल्मो


Explanation:

संतुलित बजट गुणांक की अवधारणा नॉर्वेजियन अर्थशास्त्री ट्रिग्वे हावेल्मो ने दी, इसीलिए इसे हावेल्मो प्रमेय भी कहा जाता है। इसके अनुसार यदि सरकार अपने व्यय तथा करों दोनों को समान मात्रा में बढ़ाए, जिससे बजट संतुलित बना रहे, तब भी राष्ट्रीय आय उतनी ही मात्रा से बढ़ जाती है और गुणांक का मान ठीक एक होता है। इसका कारण यह है कि सरकारी व्यय का पूरा भाग समग्र माँग में जुड़ता है, जबकि कर का प्रभाव केवल उपभोग पर पड़ता है, क्योंकि करदाता उसका कुछ भाग बचत में से चुकाता है। हावेल्मो को 1989 में नोबेल पुरस्कार मिला।

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Q45. यदि कॉब डगलस उत्पादन फलन Q = AL α K β हो तथा α + β < 1 हो, तो यह दर्शाता है :

Right Answer: पैमाने के घटते प्रतिफल


Explanation:

कॉब-डगलस उत्पादन फलन में घातांक α तथा β क्रमशः श्रम एवं पूँजी की उत्पादन-लोच बताते हैं और इनका योग पैमाने के प्रतिफल की प्रकृति निर्धारित करता है। यदि दोनों साधनों को एक ही अनुपात में बढ़ाया जाए तो उत्पादन उसी अनुपात की α+β घात से बढ़ता है। जब α+β एक के बराबर हो तो पैमाने के स्थिर प्रतिफल, एक से अधिक हो तो बढ़ते प्रतिफल और एक से कम हो तो पैमाने के घटते प्रतिफल मिलते हैं। प्रश्न में योग एक से कम है, अतः यह पैमाने के घटते प्रतिफल दर्शाता है, जिसमें साधन दुगुने करने पर उत्पादन दुगुने से कम बढ़ता है।

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Q46. यदि मौद्रिक सकल घरेलू उत्पाद 3000 रु० हो तथा सकल घरेलू उत्पाद अपस्फीति कारक 150 हो, तो वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद होगा :

Right Answer: 2000 रु०


Explanation:

वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वह मूल्य है जो आधार वर्ष की कीमतों पर मापा जाता है और इसलिए उसमें कीमत-वृद्धि का प्रभाव सम्मिलित नहीं होता। इसे निकालने का सूत्र है — वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद बराबर मौद्रिक सकल घरेलू उत्पाद को अपस्फीति कारक से भाग देकर सौ से गुणा करना। यहाँ मौद्रिक सकल घरेलू उत्पाद 3000 रुपये तथा अपस्फीति कारक 150 है। अतः 3000 को 150 से भाग देने पर 20 और सौ से गुणा करने पर 2000 रुपये प्राप्त होते हैं। इस प्रकार वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद 2000 रुपये होगा।

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Q47. निम्न कथनों को पढ़कर नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :

(a) उत्पादन संभावना वक्र को रूपांतरण वक्र भी कहते हैं।

(b) उत्पादन संभावना वक्र के ढाल के निरपेक्ष मान को x की y के लिए रूपांतरण की सीमांत दर (MRTxy) कहते हैं।

(c) रूपांतरण की सीमांत दर MCx/MCy के बराबर होती है।

(d) साधनों की अपूर्ण स्थानापन्नता के कारण उत्पादन संभावना वक्र मूल बिंदु के प्रति उन्नतोदर होता है।

Right Answer: केवल (a), (b) व (c) सही हैं


Explanation:

पहले तीन कथन सही हैं। उत्पादन संभावना वक्र को रूपांतरण वक्र भी कहा जाता है, क्योंकि उस पर चलने का अर्थ है एक वस्तु के उत्पादन को दूसरी में रूपांतरित करना। इसके ढाल का निरपेक्ष मान रूपांतरण की सीमांत दर कहलाता है और यह दोनों वस्तुओं की सीमांत लागतों के अनुपात के बराबर होती है। कथन (d) गलत है, क्योंकि साधनों की अपूर्ण स्थानापन्नता के कारण अवसर लागत बढ़ती जाती है और वक्र मूल बिंदु के प्रति नतोदर अर्थात् बाहर की ओर उभरा हुआ होता है, उन्नतोदर नहीं।

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Q48. निम्न में से कौन - सा कथन सही है ?

Right Answer: गिफिन वस्तु के लिए कीमत में परिवर्तन का आय प्रभाव धनात्मक तथा प्रतिस्थापन्न प्रभाव से अधिक प्रबल होता है।


Explanation:

कीमत प्रभाव प्रतिस्थापन्न प्रभाव तथा आय प्रभाव का योग होता है। प्रतिस्थापन्न प्रभाव सदैव ऋणात्मक रहता है, अर्थात् वस्तु सस्ती होने पर उसकी माँग बढ़ती ही है। सामान्य वस्तु के लिए आय प्रभाव भी ऋणात्मक होता है और दोनों एक ही दिशा में कार्य करते हैं। हीन वस्तु के लिए आय प्रभाव धनात्मक हो जाता है, अर्थात् वह प्रतिस्थापन्न प्रभाव के विरुद्ध कार्य करता है, किन्तु सामान्यतः उससे दुर्बल रहता है। गिफिन वस्तु एक विशिष्ट हीन वस्तु है जिसमें यह धनात्मक आय प्रभाव प्रतिस्थापन्न प्रभाव से भी प्रबल हो जाता है, फलतः माँग वक्र ऊपर की ओर ढालू हो जाता है।

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Q49. निम्न देशों में से किस देश का स्थान 2022 में मानव विकास में सबसे नीचे था ?

Right Answer: भारत


Explanation:

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की मानव विकास रिपोर्ट 2023-24 में 2022 के आँकड़ों के आधार पर भारत का स्थान 193 देशों में 134वाँ रहा और उसका मानव विकास सूचकांक मान 0.644 था। इसकी तुलना में श्रीलंका 78वें, सूरीनाम 98वें तथा भूटान 125वें स्थान पर रहे। अतः दिए गए देशों में भारत का स्थान सबसे नीचे था। भारत को मध्यम मानव विकास श्रेणी में रखा गया है। सूचकांक तीन आयामों — जन्म के समय जीवन प्रत्याशा, शिक्षा के वर्ष तथा प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय — के ज्यामितीय माध्य से निकाला जाता है।

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Q50. निम्न में से कौन - सा राष्ट्रीय आय का भाग नहीं है ?

Right Answer: वृद्धावस्था पेंशन


Explanation:

राष्ट्रीय आय में केवल वही भुगतान गिने जाते हैं जो उत्पादन प्रक्रिया में किसी वास्तविक योगदान के बदले प्राप्त होते हैं। सामाजिक सुरक्षा में नियोक्ता का अंशदान, बोनस तथा ग्रेच्युटी — ये तीनों कर्मचारी के पारिश्रमिक के ही अंग हैं, अतः राष्ट्रीय आय में सम्मिलित किए जाते हैं। इसके विपरीत वृद्धावस्था पेंशन एक हस्तांतरण भुगतान है, जिसमें प्राप्तकर्ता बदले में कोई वस्तु या सेवा नहीं देता। हस्तांतरण भुगतान केवल क्रयशक्ति का पुनर्वितरण करते हैं, नया उत्पादन नहीं जोड़ते, इसलिए उन्हें राष्ट्रीय आय की गणना से बाहर रखा जाता है।

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Q51. यदि पूर्ण रोजगार पर राष्ट्रीय आय 10,000 है, स्फीतिकारक अंतराल 400 है तथा गुणक का मान 5 है, तो राष्ट्रीय आय का साम्य मूल्य होगा :

Right Answer: 12,000


Explanation:

स्फीतिकारक अंतराल वह मात्रा है जितनी वास्तविक समग्र माँग पूर्ण रोजगार स्तर की समग्र माँग से अधिक होती है। इस अतिरिक्त माँग का प्रभाव गुणक के माध्यम से आय पर पड़ता है, इसलिए आय में वृद्धि स्फीतिकारक अंतराल तथा गुणक के गुणनफल के बराबर होती है। यहाँ अंतराल 400 तथा गुणक 5 है, अतः आय में वृद्धि 400 गुणा 5 अर्थात् 2,000 होगी। इसे पूर्ण रोजगार आय 10,000 में जोड़ने पर साम्य आय 12,000 प्राप्त होती है। ध्यातव्य है कि पूर्ण रोजगार के बाद वास्तविक उत्पादन नहीं बढ़ता, केवल कीमतें बढ़ती हैं।

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Q52. अकाल के कारण की विवेचना के लिए खाद्यान्न उपलब्धता की कमी (Food Availability Decline − FAD) का सिद्धांत किसने दिया था ?

Right Answer: अमर्त्य सेन


Explanation:

खाद्यान्न उपलब्धता में कमी अर्थात् एफ० ए० डी० वह पारम्परिक व्याख्या है जिसके अनुसार अकाल का कारण किसी क्षेत्र में कुल खाद्यान्न उपलब्धता का घट जाना होता है। अकाल के अर्थशास्त्र को व्यवस्थित रूप देने वाले अमर्त्य सेन ने अपनी प्रसिद्ध कृति ‘पॉवर्टी एण्ड फैमिन्स’ में इसी ढाँचे को केन्द्र में रखकर विश्लेषण किया और आगे चलकर अधिकारिता उपागम प्रस्तुत किया। उन्होंने 1943 के बंगाल के अकाल का उदाहरण देकर दिखाया कि अनाज उपलब्ध होते हुए भी लोग भूख से मरे, क्योंकि उनकी क्रय-शक्ति एवं विनिमय-अधिकारिता समाप्त हो गई थी।

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Q53. निम्न कथनों को पढ़कर नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :

(i) इसका विकास मोरिस डी० मोरिस ने किया था।

(ii) यह लोगों के भौतिक खुशहाली के स्तर को मापता है।

(iii) इसमें तीन सूचकांकों — जीवन प्रत्याशा, शिशु मृत्युदर तथा प्रति व्यक्ति आय — को शामिल किया गया है।

(iv) इसका निर्माण 1977 के लिए किया गया।

Right Answer: केवल (i), (ii) व (iv) सही हैं


Explanation:

भौतिक जीवन गुणवत्ता सूचकांक का विकास मोरिस डी० मोरिस ने विदेशी विकास परिषद के लिए किया और इसका उद्देश्य लोगों की भौतिक खुशहाली को आय के स्थान पर उपलब्धियों से मापना था। कथन (iii) गलत है, क्योंकि इसके तीन घटक जीवन प्रत्याशा, शिशु मृत्युदर तथा साक्षरता दर हैं — प्रति व्यक्ति आय इसमें जानबूझकर सम्मिलित नहीं की गई। यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि यह विशुद्ध रूप से गैर-आय सूचकांक है। तीनों घटकों को शून्य से सौ के पैमाने पर लाकर उनका सरल औसत निकाला जाता है।

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Q54. निम्न कथनों को पढ़कर नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :

(a) राजस्व घाटा = राजस्व व्यय − राजस्व प्राप्तियाँ

(b) सकल राजकोषीय घाटा = कुल व्यय − (राजस्व प्राप्तियाँ + गैर-ऋण से सृजित पूँजीगत प्राप्तियाँ)

(c) सकल राजकोषीय घाटा = सकल घरेलू ऋण + भारतीय रिजर्व बैंक से ऋण + विदेशों से ऋण

(d) सकल प्राथमिक घाटा = सकल राजकोषीय घाटा − सकल ब्याज दायित्व

Right Answer: (a), (b), (c) और (d) सही हैं


Explanation:

चारों कथन सही हैं। राजस्व घाटा राजस्व व्यय तथा राजस्व प्राप्तियों का अन्तर है और यह बताता है कि सरकार अपने दैनिक उपभोग-व्यय के लिए भी उधार ले रही है। सकल राजकोषीय घाटा कुल व्यय में से राजस्व प्राप्तियाँ तथा गैर-ऋण सृजित पूँजीगत प्राप्तियाँ घटाकर निकाला जाता है और यह सरकार की कुल उधारी आवश्यकता को दर्शाता है। इसी कारण इसे वित्तपोषण की दृष्टि से घरेलू ऋण, रिजर्व बैंक से ऋण तथा विदेशी ऋण के योग के रूप में भी लिखा जाता है। प्राथमिक घाटा राजकोषीय घाटे में से ब्याज भुगतान घटाने पर मिलता है।

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Q55. उन दो राज्यों के नाम बताइए, जिन्होंने 2023-24 में संधारणीय विकास के लक्ष्यों की उपलब्धि में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

Right Answer: उत्तराखण्ड, केरल


Explanation:

नीति आयोग द्वारा जारी एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखण्ड तथा केरल संयुक्त रूप से देश में प्रथम स्थान पर रहे, दोनों ने 79 अंक प्राप्त किए। यह पहला अवसर था जब उत्तराखण्ड शीर्ष पर पहुँचा, जबकि केरल पिछले संस्करणों में लगातार अग्रणी रहा था। सूचकांक सोलह संधारणीय विकास लक्ष्यों पर राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों के प्रदर्शन को शून्य से सौ के पैमाने पर मापता है। इस संस्करण में देश का समग्र अंक 66 से बढ़कर 71 हो गया, जिसमें निर्धनता उन्मूलन, स्वच्छ ऊर्जा तथा आधारभूत संरचना में सर्वाधिक प्रगति दर्ज हुई।

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Q56. सर्वप्रथम किसने राष्ट्रीय आय में आकलन की तीन विधियों पर जोर दिया ?

Right Answer: साइमन कुजनेट


Explanation:

राष्ट्रीय आय के आकलन की तीन विधियों — उत्पादन अथवा मूल्यवर्धित विधि, आय विधि तथा व्यय विधि — के महत्त्व पर सर्वप्रथम बल देने का श्रेय साइमन कुजनेट को जाता है। उन्होंने 1930 के दशक में अमेरिका के लिए व्यवस्थित राष्ट्रीय आय अनुमान तैयार किए और दिखाया कि तीनों विधियों से गणना करने पर सैद्धान्तिक रूप से एक ही परिणाम आना चाहिए, क्योंकि उत्पादन, आय एवं व्यय एक ही प्रवाह के तीन दृष्टिकोण हैं। इसी कार्य के लिए उन्हें 1971 में अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला और उन्हें राष्ट्रीय आय लेखांकन का जनक कहा जाता है।

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Q57. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :

सूची-I
(a) निरपेक्ष आय परिकल्पना
(b) सापेक्षिक आय परिकल्पना
(c) जीवन चक्र परिकल्पना
(d) स्थायी आय परिकल्पना

सूची-II
(i) फ्रेंको मोदिग्लियानी, आर० ई० ब्रुम्बर्ग तथा ए० एण्डो
(ii) मिल्टन फ्रायडमैन
(iii) आर्थर स्मिथीज तथा जेम्स टॉबिन
(iv) जेम्स ड्यूसेनबरी

Right Answer: (a-iii) (b-iv) (c-i) (d-ii)


Explanation:

कीन्स की निरपेक्ष आय परिकल्पना को अनुभवजन्य आधार पर आगे बढ़ाने तथा उसका बचाव करने का कार्य आर्थर स्मिथीज तथा जेम्स टॉबिन ने किया। सापेक्षिक आय परिकल्पना जेम्स ड्यूसेनबरी की देन है, जिसमें प्रदर्शन प्रभाव तथा रैचेट प्रभाव के माध्यम से बताया गया कि उपभोग व्यक्ति की निरपेक्ष आय पर नहीं, बल्कि दूसरों की तुलना में उसकी सापेक्ष स्थिति पर निर्भर करता है। जीवन चक्र परिकल्पना मोदिग्लियानी, ब्रुम्बर्ग तथा एण्डो ने दी, जिसमें उपभोग सम्पूर्ण जीवनकाल के संसाधनों से जुड़ा है। स्थायी आय परिकल्पना मिल्टन फ्रायडमैन की है।

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Q58. मार्शल - लर्नर शर्त के अनुसार मुद्रा के अवमूल्यन से भुगतान संतुलन में सुधार होता है। यदि आयात की माँग की कीमत लोच व निर्यात की माँग की कीमत लोच का निरपेक्ष मान :

Right Answer: एक से अधिक हो


Explanation:

मार्शल-लर्नर शर्त बताती है कि मुद्रा के अवमूल्यन से भुगतान संतुलन में सुधार तभी होगा जब आयात की माँग की कीमत लोच तथा निर्यात की माँग की कीमत लोच के निरपेक्ष मानों का योग एक से अधिक हो। अवमूल्यन से निर्यात विदेशियों के लिए सस्ते और आयात स्वदेश में महँगे हो जाते हैं। यदि माँग पर्याप्त लोचदार है तो निर्यात की मात्रा तथा आयात में कमी इतनी होगी कि व्यापार संतुलन सुधर जाएगा। लोच कम होने पर मूल्य-प्रभाव मात्रा-प्रभाव पर भारी पड़ता है और आरम्भ में घाटा बढ़ता है, जिसे J-वक्र प्रभाव कहते हैं।

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Q59. उत्पादन की पहली अवस्था कब समाप्त होती है ?

Right Answer: जब परिवर्तनशील साधन की औसत उत्पत्ति अधिकतम हो।


Explanation:

उत्पत्ति के परिवर्तनशील अनुपात के नियम के अन्तर्गत उत्पादन की तीन अवस्थाएँ होती हैं। पहली अवस्था तब समाप्त होती है जब परिवर्तनशील साधन की औसत उत्पत्ति अपने अधिकतम बिन्दु पर पहुँच जाती है, और ठीक उसी बिन्दु पर सीमांत उत्पाद औसत उत्पाद के बराबर होता है। इस अवस्था में स्थिर साधन का पूर्ण उपयोग नहीं हो पाता, इसलिए विवेकशील उत्पादक यहाँ रुकता नहीं। दूसरी अवस्था तब समाप्त होती है जब सीमांत उत्पाद शून्य और कुल उत्पाद अधिकतम हो जाता है; उत्पादन का विवेकपूर्ण क्षेत्र यही दूसरी अवस्था मानी जाती है।

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Q60. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :

सूची-I
(a) X तटस्थ है
(b) Y तटस्थ है
(c) MRSxy स्थिर है
(d) MRSxy वर्धमान है

सूची-II
(i) मूलबिंदु के प्रति नतोदर तटस्थता वक्र
(ii) ऋणात्मक ढाल का सरल रेखीय तटस्थता वक्र
(iii) क्षैतिज तटस्थता वक्र
(iv) उदग्र तटस्थता वक्र

Right Answer: (a-iii) (b-iv) (c-ii) (d-i)


Explanation:

यदि X तटस्थ वस्तु है तो उपभोक्ता की सन्तुष्टि केवल Y से मिलती है; अतः Y स्थिर रखकर X कितना भी बदला जाए सन्तुष्टि वही रहती है और तटस्थता वक्र क्षैतिज हो जाता है। इसके विपरीत Y तटस्थ होने पर सन्तुष्टि केवल X पर निर्भर करती है और वक्र उदग्र अर्थात् ऊर्ध्वाधर हो जाता है। प्रतिस्थापन की सीमांत दर स्थिर होने का अर्थ है दोनों वस्तुएँ पूर्ण स्थानापन्न हैं, अतः वक्र ऋणात्मक ढाल वाली सरल रेखा बनता है। और प्रतिस्थापन की सीमांत दर बढ़ती जाए तो वक्र मूलबिंदु के प्रति नतोदर हो जाता है।

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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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