General Science: 55 MCQs with Answers
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सामान्य विज्ञान से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न — भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान तथा आविष्कार।
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Q1. स्फिग्मोमैनोमीटर से क्या मापा जाता है?
Right Answer: रक्त दाब
Explanation:
स्फिग्मोमैनोमीटर एक ऐसा उपकरण है जिससे मानव शरीर का रक्त दाब मापा जाता है। इसका आविष्कार सन 1881 में सैमुअल सिगफ्रीड कार्ल रिटर वॉन बाश ने किया था। इसमें एक कफ, एक पंप तथा दाब मापने के लिए पारा स्तंभ अथवा डायल लगा होता है, और इसका प्रयोग सामान्यतः स्टेथोस्कोप के साथ किया जाता है। एक स्वस्थ वयस्क का सामान्य रक्तचाप लगभग 120 बटा 80 मिलीमीटर पारा माना जाता है, जिसमें पहला अंक प्रकुंचन तथा दूसरा अनुशिथिलन दाब दर्शाता है। रक्तचाप अधिक होने की स्थिति को उच्च रक्तचाप कहते हैं।
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Q2. कुहासा किसके कारण होता है?
Right Answer: संघनन
Explanation:
कुहासा अथवा कोहरा संघनन की प्रक्रिया के कारण बनता है। जब वायु में उपस्थित जलवाष्प ठंडी होकर द्रव अवस्था में बदलती है, तो वह धूल के सूक्ष्म कणों के चारों ओर जमकर अत्यंत छोटी जल बूँदों का रूप ले लेती है और यही बूँदें वायुमंडल की निचली परत में तैरती रहती हैं। इससे दृश्यता घट जाती है। यह प्रायः शीत ऋतु में प्रातःकाल होता है, जब धरातल के निकट की वायु ओसांक बिंदु तक ठंडी हो जाती है। बादल भी संघनन से ही बनते हैं, अंतर केवल इतना है कि वे अधिक ऊँचाई पर बनते हैं।
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Q3. मरीचिका की परिघटना किसके कारण होती है?
Right Answer: प्रकाश का संपूर्ण आंतरिक परावर्तन
Explanation:
मरीचिका की परिघटना प्रकाश के संपूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण होती है। मरुस्थल अथवा गर्म सड़क पर धरातल के निकट की वायु अधिक गर्म होकर विरल हो जाती है, जबकि ऊपर की वायु अपेक्षाकृत ठंडी एवं सघन रहती है। दूर की वस्तु से आने वाली प्रकाश किरणें सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाते हुए क्रमशः मुड़ती जाती हैं और क्रांतिक कोण से अधिक होने पर पूर्ण आंतरिक परावर्तित हो जाती हैं। इससे प्रेक्षक को वस्तु का उल्टा प्रतिबिंब दिखाई देता है, जो जल जैसा प्रतीत होता है। हीरे की चमक भी इसी सिद्धांत पर आधारित है।
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Q4. मथने के पश्चात दूध से क्रीम किस कारण से पृथक हो जाती है?
Right Answer: अपकेंद्री बल
Explanation:
दूध को मथने पर उसमें से क्रीम अपकेंद्री बल के कारण पृथक हो जाती है। जब दूध को तीव्र गति से घुमाया जाता है तो अधिक घनत्व वाले कण बाहर की ओर फेंक दिए जाते हैं, जबकि कम घनत्व वाली वसा अर्थात क्रीम केंद्र की ओर एकत्र हो जाती है। इसी सिद्धांत पर क्रीम सेपरेटर तथा प्रयोगशाला में प्रयुक्त सेंट्रीफ्यूज मशीन कार्य करती है। रक्त के अवयवों को अलग करने तथा कपड़े धोने की मशीन में पानी निचोड़ने में भी यही सिद्धांत काम आता है। यह वस्तुतः एक छद्म बल है जो घूर्णी निर्देश तंत्र में अनुभव किया जाता है।
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Q5. किस उपकरण को वायुयान की चाल मापने के लिए प्रयोग करते हैं?
Right Answer: पीटोट ट्यूब
Explanation:
वायुयान की चाल मापने के लिए पीटोट ट्यूब नामक उपकरण का प्रयोग किया जाता है। इसका आविष्कार फ्रांसीसी इंजीनियर हेनरी पीटो ने किया था। यह गतिशील वायु के गतिज दाब तथा स्थैतिक दाब के अंतर को मापकर वायुयान की सापेक्ष गति ज्ञात करता है और यह बर्नूली के प्रमेय पर आधारित है। इसे विमान के पंख अथवा अग्र भाग पर लगाया जाता है। यदि यह ट्यूब बर्फ अथवा धूल से अवरुद्ध हो जाए तो गलत रीडिंग मिलने से गंभीर दुर्घटना हो सकती है। ऊँचाई मापने के लिए ऑल्टीमीटर तथा वायु वेग के लिए एनीमोमीटर प्रयुक्त होता है।
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Q6. किस उपकरण द्वारा यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है?
Right Answer: डायनेमो
Explanation:
यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने वाला उपकरण डायनेमो अथवा विद्युत जनित्र कहलाता है। यह माइकल फैराडे द्वारा प्रतिपादित विद्युत चुंबकीय प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करता है, जिसके अनुसार चुंबकीय क्षेत्र में किसी चालक कुंडली को घुमाने पर उसमें विद्युत वाहक बल प्रेरित हो जाता है। इसके विपरीत विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है। ट्रांसफार्मर केवल प्रत्यावर्ती धारा के वोल्टेज को घटाता या बढ़ाता है। साइकिल की लाइट जलाने वाला छोटा उपकरण भी डायनेमो का ही एक सरल उदाहरण है।
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Q7. लहसुन की विशिष्ट गंध निम्नलिखित में से किसके कारण होती है?
Right Answer: सल्फरयुक्त यौगिक
Explanation:
लहसुन की विशिष्ट तीखी गंध उसमें उपस्थित सल्फरयुक्त यौगिकों के कारण होती है। लहसुन में एलिइन नामक यौगिक पाया जाता है और जब इसे काटा या कुचला जाता है तो एलिइनेज नामक एंजाइम की क्रिया से एलिसिन बनता है, जो इसकी विशिष्ट गंध एवं औषधीय गुणों के लिए उत्तरदायी है। एलिसिन में जीवाणुरोधी तथा कवकरोधी गुण होते हैं और यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल घटाने में सहायक माना जाता है। इसी प्रकार प्याज में भी सल्फर यौगिक होते हैं, जो काटते समय आँखों में जलन एवं आँसू उत्पन्न करते हैं।
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Q8. कार चालक की सुरक्षा के लिए प्रयोग में आने वाले वायु थैले अर्थात एयरबैग में क्या होता है?
Right Answer: सोडियम एजाइड
Explanation:
कार में लगे एयरबैग में सोडियम एजाइड नामक रासायनिक यौगिक भरा होता है। दुर्घटना के समय संवेदक के संकेत पर यह यौगिक अत्यंत तीव्र गति से विघटित होकर नाइट्रोजन गैस उत्पन्न करता है, जिससे थैला मात्र कुछ मिलीसेकंड में फूल जाता है और चालक का सिर तथा छाती स्टीयरिंग से टकराने से बच जाती है। इस अभिक्रिया में बनने वाला सोडियम धातु पोटैशियम नाइट्रेट तथा सिलिका के साथ क्रिया कर हानिरहित काँच जैसा पदार्थ बना देता है। सोडियम एजाइड स्वयं अत्यंत विषैला होता है, इसलिए इसका प्रयोग नियंत्रित रूप में किया जाता है।
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Q9. सोने की शुद्धता मापने के लिए कैरेट शब्द का प्रयोग किया जाता है। सोने का शुद्धतम रूप क्या है?
Right Answer: 24 कैरेट
Explanation:
सोने का शुद्धतम रूप 24 कैरेट होता है, जो लगभग 99.9 प्रतिशत शुद्ध स्वर्ण को दर्शाता है। कैरेट पद्धति में चौबीस भागों के अनुपात में शुद्धता मापी जाती है, अतः 22 कैरेट सोने में बाईस भाग स्वर्ण तथा दो भाग अन्य धातुएँ होती हैं, जो लगभग 91.6 प्रतिशत शुद्धता के बराबर है। शुद्ध सोना अत्यंत मुलायम होता है, इसलिए आभूषण बनाने के लिए इसमें ताँबा अथवा चाँदी मिलाई जाती है। भारत में आभूषणों के लिए सामान्यतः 22 कैरेट सोने का प्रयोग होता है और भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा हॉलमार्किंग अनिवार्य की गई है।
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Q10. किसी लकड़ी की बनी पुरानी मूर्ति की आयु किसका प्रयोग कर ज्ञात की जा सकती है?
Right Answer: कार्बन कालनिर्धारण
Explanation:
लकड़ी अथवा किसी भी जैविक पदार्थ से बनी पुरानी वस्तु की आयु कार्बन कालनिर्धारण विधि से ज्ञात की जाती है, जिसे रेडियो कार्बन डेटिंग कहा जाता है। इसका विकास विलियर्ड लिब्बी ने किया था, जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला। इस विधि में कार्बन के रेडियोधर्मी समस्थानिक कार्बन चौदह की मात्रा मापी जाती है, जिसका अर्ध आयु काल लगभग 5730 वर्ष है। जीवित प्राणी के मरने के बाद कार्बन चौदह का अवशोषण रुक जाता है और वह क्षय होता रहता है। यह विधि लगभग पचास हजार वर्ष तक की आयु के लिए विश्वसनीय मानी जाती है।
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Q11. पेंट उद्योग के श्रमिकों को किस प्रकार के प्रदूषण के जोखिम का सामना करना पड़ता है?
Right Answer: सीसा प्रदूषण
Explanation:
पेंट उद्योग में कार्यरत श्रमिकों को मुख्यतः सीसा अर्थात लेड प्रदूषण के जोखिम का सामना करना पड़ता है। पारंपरिक रंगों में सीसा युक्त यौगिकों का प्रयोग रंग की चमक तथा टिकाऊपन बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है। सीसा शरीर में एकत्र होकर तंत्रिका तंत्र, गुर्दों तथा रक्त निर्माण प्रणाली को क्षति पहुँचाता है और इससे होने वाले रोग को प्लंबिज्म कहते हैं। बच्चों में यह बौद्धिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इसी कारण अब अनेक देशों में सीसा रहित पेंट अनिवार्य कर दिए गए हैं और भारत में भी इसकी अधिकतम सीमा निर्धारित है।
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Q12. बीड़ी लपेटने वाले आच्छादन के रूप में प्रयोग में आने वाले पत्ते किस वृक्ष से प्राप्त होते हैं?
Right Answer: तेंदू
Explanation:
बीड़ी लपेटने के लिए तेंदू वृक्ष के पत्तों का प्रयोग किया जाता है, जिसका वानस्पतिक नाम डायोस्पायरॉस मेलानोक्सिलॉन है। यह वृक्ष मुख्यतः मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड तथा महाराष्ट्र के शुष्क पर्णपाती वनों में पाया जाता है। तेंदू पत्ता एक महत्वपूर्ण लघु वन उपज है और इसे हरा सोना भी कहा जाता है, क्योंकि यह लाखों वनवासी परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। इसका संग्रहण सामान्यतः अप्रैल एवं मई माह में किया जाता है। वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत ग्राम सभाओं को इसके संग्रहण एवं विक्रय का अधिकार दिया गया है।
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Q13. कौन सा एक विटामिन अमरूद में प्रचुरता से पाया जाता है?
Right Answer: विटामिन C
Explanation:
अमरूद में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जिसका रासायनिक नाम एस्कॉर्बिक अम्ल है। रोचक तथ्य यह है कि अमरूद में संतरे एवं नींबू की तुलना में कई गुना अधिक विटामिन सी होता है। यह विटामिन जल में घुलनशील है और शरीर में संचित नहीं होता, इसलिए इसे प्रतिदिन आहार से लेना आवश्यक है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, घाव भरने में सहायता करता है तथा कोलेजन के निर्माण के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से स्कर्वी रोग होता है, जिसमें मसूड़ों से रक्त आना तथा दाँत कमजोर होने के लक्षण दिखाई देते हैं।
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Q14. मानव शरीर में किस ग्रंथि में आयोडीन संगृहीत होता है?
Right Answer: थायरॉयड ग्रंथि
Explanation:
मानव शरीर में आयोडीन थायरॉयड ग्रंथि में संगृहीत होता है, जो गर्दन में श्वास नली के अग्र भाग पर तितली के आकार की होती है। यह ग्रंथि थायरॉक्सिन तथा ट्राईआयोडोथायरोनिन नामक हार्मोन बनाती है, जिनके निर्माण के लिए आयोडीन अनिवार्य है। ये हार्मोन शरीर के उपापचय, वृद्धि एवं विकास को नियंत्रित करते हैं। आयोडीन की कमी से घेंघा रोग हो जाता है, जिसमें यह ग्रंथि फूल जाती है, तथा बच्चों में क्रेटिनिज्म हो सकता है। इसी कारण भारत में आयोडीनयुक्त नमक के प्रयोग को अनिवार्य रूप से प्रोत्साहित किया जाता है।
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Q15. मानव शरीर में मलेरिया किस जीव के कारण होता है?
Right Answer: प्लाज्मोडियम
Explanation:
मानव शरीर में मलेरिया प्लाज्मोडियम नामक एककोशिकीय प्रोटोजोआ परजीवी के कारण होता है। इसकी मुख्य प्रजातियाँ प्लाज्मोडियम वाइवैक्स, फैल्सीपेरम, मलेरी तथा ओवेल हैं, जिनमें फैल्सीपेरम सर्वाधिक घातक मानी जाती है। यह परजीवी मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से मानव शरीर में पहुँचता है, अतः मच्छर रोग का कारण नहीं बल्कि वाहक है। शरीर में पहुँचकर यह यकृत तथा लाल रक्त कणिकाओं में गुणन करता है, जिससे बारी-बारी से ठंड लगकर तेज बुखार आता है। रोनाल्ड रॉस ने मच्छर तथा मलेरिया के इसी संबंध की खोज की थी।
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Q16. व्यायाम के दौरान मानव शरीर में पसीना आना किस प्रक्रिया का होना इंगित करता है?
Right Answer: परासरण नियमन
Explanation:
व्यायाम के दौरान पसीना आना परासरण नियमन की प्रक्रिया को इंगित करता है, जिसे ऑस्मोरेगुलेशन कहते हैं। इसके अंतर्गत शरीर अपने आंतरिक जल एवं लवणों की सांद्रता को संतुलित बनाए रखता है। पसीना त्वचा में उपस्थित स्वेद ग्रंथियों से निकलता है और इसमें जल के साथ सोडियम क्लोराइड तथा यूरिया जैसे पदार्थ भी होते हैं। पसीने के वाष्पीकरण से त्वचा से ऊष्मा का ह्रास होता है, जिससे शरीर का तापमान भी नियंत्रित रहता है। अत्यधिक पसीना निकलने पर शरीर में जल एवं लवण की कमी हो सकती है, इसलिए तरल पदार्थ लेना आवश्यक होता है।
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Q17. दूध किसके कारण दही में परिवर्तित होता है?
Right Answer: जीवाणु
Explanation:
दूध का दही में परिवर्तन जीवाणुओं के कारण होता है। इसमें मुख्य भूमिका लैक्टोबैसिलस नामक जीवाणु की होती है, जो दूध में उपस्थित शर्करा लैक्टोज को लैक्टिक अम्ल में बदल देता है। इस अम्ल के कारण दूध का प्रोटीन केसीन स्कंदित होकर जम जाता है और दूध गाढ़ा होकर दही बन जाता है। यही कारण है कि दही का स्वाद खट्टा होता है। इस प्रक्रिया को किण्वन कहा जाता है और यह गर्म तापमान पर तीव्र गति से होती है। दही में उपस्थित ये लाभदायक जीवाणु प्रोबायोटिक कहलाते हैं और पाचन तंत्र के लिए हितकर होते हैं।
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Q18. मानव हृदय का कौन सा प्रकोष्ठ पूर्णतः ऑक्सीजनीकृत रक्त को महाधमनी में और वहाँ से पूरे शरीर में भेजता है?
Right Answer: बायाँ निलय
Explanation:
मानव हृदय का बायाँ निलय पूर्णतः ऑक्सीजनीकृत रक्त को महाधमनी में पंप करता है, जहाँ से वह सम्पूर्ण शरीर में वितरित होता है। मानव हृदय में चार प्रकोष्ठ होते हैं, जिनमें दो अलिंद तथा दो निलय सम्मिलित हैं। फेफड़ों से शुद्ध रक्त फुफ्फुस शिरा द्वारा बाएँ अलिंद में आता है, फिर द्विवलनी कपाट से होकर बाएँ निलय में पहुँचता है। पूरे शरीर में रक्त भेजना पड़ता है, इसलिए बाएँ निलय की भित्ति सबसे मोटी एवं पेशीय होती है। दायाँ निलय अशुद्ध रक्त को फेफड़ों की ओर भेजता है।
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Q19. डार्विन फिंचेस शब्द का प्रयोग किस समूह के लिए किया जाता है?
Right Answer: पक्षियों के लिए
Explanation:
डार्विन फिंचेस शब्द का प्रयोग पक्षियों के एक विशेष समूह के लिए किया जाता है, जो गैलापैगोस द्वीप समूह पर पाए जाते हैं। चार्ल्स डार्विन ने अपनी एचएमएस बीगल यात्रा के दौरान इनका अध्ययन किया और पाया कि विभिन्न द्वीपों पर रहने वाली इन पक्षियों की चोंचों की बनावट उनके भोजन के अनुसार भिन्न-भिन्न थी। यह अनुकूली विकिरण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें एक ही पूर्वज से अनेक प्रजातियाँ विकसित हो जाती हैं। इसी प्रेक्षण ने प्राकृतिक वरण के सिद्धांत की नींव रखी, जिसे डार्विन ने ऑरिजिन ऑफ स्पीशीज में प्रस्तुत किया।
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Q20. बेरी-बेरी रोग किस विटामिन की कमी से होता है?
Right Answer: विटामिन B1
Explanation:
बेरी-बेरी रोग विटामिन बी1 की कमी से होता है, जिसका रासायनिक नाम थायमिन है। यह विटामिन कार्बोहाइड्रेट के उपापचय तथा तंत्रिका तंत्र के समुचित कार्य के लिए आवश्यक होता है। इसकी कमी से मांसपेशियों में कमजोरी, हाथ-पैरों में सुन्नपन, भूख न लगना तथा गंभीर स्थिति में हृदय संबंधी विकार उत्पन्न हो जाते हैं। यह रोग विशेषकर उन क्षेत्रों में पाया जाता था जहाँ अत्यधिक पॉलिश किए हुए चावल मुख्य भोजन थे, क्योंकि पॉलिश करने से ऊपरी परत के साथ थायमिन निकल जाता है। साबुत अनाज, दालें तथा मेवे इसके अच्छे स्रोत हैं।
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