Mathematics - गणित शिक्षाशास्त्र: 25 MCQs with Answers

गणित शिक्षाशास्त्र - Mathematics
Mathematics - गणित शिक्षाशास्त्र

Mathematics- गणित शिक्षाशास्त्र

गणित शिक्षण एवं शिक्षाशास्त्र से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न, उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या सहित — HTET, CTET एवं अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षाओं हेतु।

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Q11. कौन-सा गणितीय सूत्र अक्सर गणित में सबसे असाधारण और सुन्दर परिणामों में से एक माना जाता है, क्योंकि यह असंबंधित लगने वाली संख्याओं को आपस में जोड़ता है ?

Right Answer: आयलर सर्वसमिका


Explanation:

आयलर सर्वसमिका को प्रायः गणित का सबसे सुन्दर समीकरण कहा जाता है, क्योंकि यह एक ही संक्षिप्त संबंध में गणित की पाँच मूलभूत नियतांक संख्याओं — शून्य, एक, अपरिमेय संख्या e, वृत्त से जुड़ा π तथा काल्पनिक इकाई i — को एक साथ जोड़ देती है। ये संख्याएँ गणित की भिन्न-भिन्न शाखाओं से आती हैं और देखने में परस्पर असंबंधित लगती हैं, फिर भी यह सर्वसमिका उन्हें एक सूत्र में बाँध देती है। अतः विकल्प (2) सही उत्तर है।
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Q12. निम्नलिखित में से कौन-सी विधि गणितीय सामग्री के शिक्षण में शामिल नहीं है ?

Right Answer: रटने की विधि


Explanation:

गणित शिक्षण की मान्य विधियाँ वे हैं जो बालक को स्वयं करके, खोजकर एवं तर्क द्वारा अवधारणा तक पहुँचाती हैं। क्रियाकलाप आधारित विधि में वह मूर्त सामग्री से प्रयोग करता है, अन्वेषणात्मक विधि में शिक्षक प्रश्न पूछकर उसे स्वयं खोजने की ओर प्रेरित करता है, तथा आगमनात्मक-निर्गमनात्मक विधि में वह उदाहरणों से नियम और नियम से अनुप्रयोग तक जाता है। रटने की विधि में समझ के बिना केवल यांत्रिक स्मरण होता है, जो गणित की प्रकृति के विपरीत है। अतः विकल्प (3) सही उत्तर है।
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Q13. चतुर्भुजों के कोणों को चाँदे से मापकर उनका योग लगभग 360° ज्ञात करने की यह गतिविधि किस शिक्षण-विधि को दर्शाती है ?

शिक्षिका छात्रों को कागज पर पैमाने (Ruler) और पेन्सिल की सहायता से कुछ चतुर्भुज बनाने को कहती है। फिर वे उन्हें चाँदे (प्रोट्रैक्टर) से चतुर्भुजों के कोणों को ज्ञात कर, प्रत्येक चतुर्भुज के कोणों का योग करने को कहती है। छात्र यह पाते हैं कि प्रत्येक चतुर्भुज के कोणों का योग लगभग 360° या पूरा 360° है।

Right Answer: आगमनात्मक विधि


Explanation:

आगमनात्मक विधि में शिक्षण विशिष्ट उदाहरणों से आरंभ होकर सामान्य नियम की ओर बढ़ता है। यहाँ छात्र स्वयं अनेक चतुर्भुज बनाते हैं, प्रत्येक के कोण चाँदे से मापते हैं और उनका योग निकालते हैं। बार-बार यही परिणाम मिलने पर वे स्वयं इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि किसी भी चतुर्भुज के चारों कोणों का योग तीन सौ साठ डिग्री होता है। इस प्रकार नियम पहले नहीं बताया गया, बल्कि प्रेक्षण से निकाला गया। निगमनात्मक विधि में इसका उल्टा होता है। अतः उत्तर आगमनात्मक विधि है।
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Q14. गणित पढ़ाते हुए एक अध्यापिका इस कथन पर पहुँचती है : “ A का निहितार्थ B है”। इसका अर्थ है :

Right Answer: B होने के लिए A पर्याप्त प्रतिबन्ध है।


Explanation:

गणितीय तर्कशास्त्र में यदि कहा जाए कि A का निहितार्थ B है, तो इसका आशय है कि जब भी A सत्य होगा, B अवश्य सत्य होगा। इस स्थिति में A को B के लिए पर्याप्त प्रतिबन्ध कहा जाता है, क्योंकि केवल A का घटित होना ही B को सुनिश्चित कर देता है। साथ ही B को A के लिए आवश्यक प्रतिबन्ध कहते हैं। ध्यान रहे कि A का B के लिए आवश्यक होना तभी सत्य होगा जब विलोम कथन भी सही हो, जो यहाँ नहीं दिया गया। अतः सही उत्तर तीसरा विकल्प है।
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Q15. यदि किसी विद्यार्थी को ज्यामिति के प्रमेयों पर आधारित प्रश्न हल करने में कठिनाई होती है, तो निम्नलिखित में से किस विधि को शिक्षक को अपनाना चाहिए ?

Right Answer: बहुसंवेदी मॉडल और शिक्षण सामग्री के उपयोग से विभिन्न ज्यामितीय प्रमेयों को समझने में और उनके अनुप्रयोग में विद्यार्थी की सहायता करना।


Explanation:

ज्यामिति के प्रमेय अमूर्त होते हैं, इसलिए जिस विद्यार्थी को इन्हें लागू करने में कठिनाई हो, उसे रटाना या दण्ड देना समाधान नहीं है, बल्कि इससे गणित के प्रति भय और बढ़ता है। श्यामपट्ट से चरण उतारना भी केवल यांत्रिक नकल है, जिसमें समझ विकसित नहीं होती। सबसे उपयुक्त रणनीति यह है कि बहुसंवेदी मॉडल, आकृतियाँ तथा शिक्षण सामग्री का प्रयोग करके विद्यार्थी को प्रमेय का मूर्त अनुभव कराया जाए, जिससे वह उसके अर्थ और अनुप्रयोग दोनों को समझ सके। यही रचनावादी दृष्टिकोण है। अतः तीसरा विकल्प सही है।
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Q16. एक शिक्षक एक वृत्ताकार कागज को पतले-पतले त्रिज्यखण्डों में काटता है और उन्हें आयत बनाने के लिए संरेखित करता है। यह एक गतिविधि है, जो .......... व्युत्पन्न करने के तरीके को दर्शाती है।

Right Answer: वृत्त के क्षेत्रफल का सूत्र


Explanation:

जब एक वृत्ताकार कागज को बहुत पतले त्रिज्यखण्डों में काटकर उन्हें बारी-बारी ऊपर नीचे रखते हुए संरेखित किया जाता है, तो बनी आकृति लगभग एक आयत जैसी दिखती है। इस आयत की लम्बाई वृत्त की आधी परिधि अर्थात पाई गुणा त्रिज्या होती है और चौड़ाई त्रिज्या होती है। अतः क्षेत्रफल बराबर पाई गुणा त्रिज्या का वर्ग प्राप्त होता है। इस प्रकार यह गतिविधि वृत्त के क्षेत्रफल का सूत्र व्युत्पन्न करने की विधि दर्शाती है, न कि परिधि या व्यास। अतः दूसरा विकल्प सही है।
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Q17. निम्नलिखित में से कौन-सा गणित प्रयोगशाला का उद्देश्य नहीं हो सकता ?

Right Answer: छात्रों को गणित की परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्थान सुनिश्चित करवाना।


Explanation:

गणित प्रयोगशाला का उद्देश्य गणित को मूर्त, रोचक और क्रियात्मक बनाना है। यहाँ शिक्षण-अधिगम सामग्री के प्रयोग से छात्र अवधारणाओं को समझते हैं, खेल, पहेलियों तथा मॉडल के माध्यम से समस्या समाधान करते हैं और विषय के प्रति उनकी रुचि व उत्साह बढ़ता है। ये तीनों वास्तविक उद्देश्य हैं। किन्तु छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए मात्र एक स्थान उपलब्ध कराना प्रयोगशाला का उद्देश्य नहीं है, क्योंकि इससे वह केवल अध्ययन कक्ष बनकर रह जाएगी और उसका क्रियात्मक स्वरूप समाप्त हो जाएगा। अतः दूसरा विकल्प सही उत्तर है।
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Q18. एक गणित की कक्षा में पढ़ाते हुए अध्यापक कहता है, “दो पूर्णांकों का सर्वनिष्ठ भाजक (सार्वभाजक) वह संख्या है जो कि दोनों दिए गए पूर्णांकों को विभाजित करती है।” तो यह है एक :

Right Answer: परिभाषा


Explanation:

गणित में परिभाषा वह कथन है जो किसी पद अथवा संकल्पना का अर्थ स्पष्ट रूप से नियत कर देती है। यहाँ अध्यापक बता रहा है कि दो पूर्णांकों का सर्वनिष्ठ भाजक वह संख्या है जो दोनों को विभाजित करती है, अर्थात वह सर्वनिष्ठ भाजक पद का अर्थ नियत कर रहा है। अतः यह एक परिभाषा है। प्रस्ताव वह कथन होता है जो सत्य या असत्य हो सकता है, स्वयंसिद्ध बिना प्रमाण के स्वीकृत सत्य होता है तथा मुक्त वाक्य में चर होने के कारण सत्यता निश्चित नहीं होती। अतः उत्तर परिभाषा है।
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Q19. “गणित, तर्क प्रवृत्ति को मन में व्यवस्थित करने का/बसाने का एक तरीका है”, यह परिभाषा दी गई है :

Right Answer: लॉक द्वारा


Explanation:

गणित की अनेक परिभाषाएँ विभिन्न विद्वानों ने दी हैं, जो विषय के भिन्न-भिन्न पक्षों पर बल देती हैं। प्रसिद्ध अंग्रेज दार्शनिक जॉन लॉक ने गणित को तर्क प्रवृत्ति से जोड़ते हुए कहा कि गणित मन में तर्क करने की आदत को व्यवस्थित करने अथवा बसाने का एक तरीका है। इस परिभाषा में गणित को मात्र संख्याओं का विषय न मानकर मानसिक अनुशासन और तार्किक चिंतन का साधन बताया गया है। गैलीलियो ने गणित को प्रकृति की भाषा कहा तथा ब्रूनर ने अधिगम सिद्धान्त दिए। अतः उत्तर लॉक है।
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Q20. निम्नलिखित में से कौन-सा गणितीय प्रमेय के सन्दर्भ में सही नहीं है ?

Right Answer: किसी भी प्रमेय को सिद्ध करने का एकमात्र तरीका होता है।


Explanation:

गणितीय प्रमेय वे कथन हैं जो कुछ निश्चित गणितीय तथ्यों के विषय में सामान्यीकृत सत्यता व्यक्त करते हैं और जिन्हें तर्क द्वारा सिद्ध किया जा सकता है। जो कथन अभी सिद्ध नहीं हुए, उन्हें अनुमान अथवा कंजेक्चर कहा जाता है। ये तीनों बातें सही हैं। किन्तु यह कहना कि किसी प्रमेय को सिद्ध करने का केवल एक ही तरीका होता है, गलत है। पाइथागोरस प्रमेय जैसे अनेक प्रमेयों के सैकड़ों भिन्न प्रमाण उपलब्ध हैं, जो बीजगणितीय, ज्यामितीय अथवा निर्देशांक विधि से दिए जाते हैं। अतः तीसरा कथन सही नहीं है।
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Published: 27 July 2026 | Last Updated: 19 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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I am an educational content creator dedicated to making learning simple, engaging, and accessible for students preparing for competitive exams. He specializes in creating high-quality study materials, including notes, multiple-choice questions (MCQs), previous year question papers, practice tests, and exam-oriented resources.

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