Mathematics - आँकड़े एवं सांख्यिकी: 13 MCQs with Answers

आँकड़े एवं सांख्यिकी - Mathematics
Mathematics - आँकड़े एवं सांख्यिकी

Mathematics- आँकड़े एवं सांख्यिकी

आँकड़े एवं सांख्यिकी से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न, उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या सहित — HTET, CTET एवं अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षाओं हेतु।

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Q1. प्रेक्षणों 15, 50, 120, 6, 80, 100, 10, 8, 10, 15, 15 के परिसर, बहुलक और माध्यिका का माध्य है :

Right Answer: 48


Explanation:

दिए गए प्रेक्षण हैं पन्द्रह, पचास, एक सौ बीस, छह, अस्सी, सौ, दस, आठ, दस, पन्द्रह तथा पन्द्रह। परिसर बराबर उच्चतम घटा निम्नतम अर्थात एक सौ बीस घटा छह बराबर एक सौ चौदह है। बहुलक वह मान है जो सर्वाधिक बार आया, यहाँ पन्द्रह तीन बार आया है, अतः बहुलक पन्द्रह है। आरोही क्रम में ग्यारह प्रेक्षणों का छठा मान माध्यिका होगा, जो पन्द्रह है। अब इन तीनों का माध्य निकालने पर एक सौ चौदह जोड़ पन्द्रह जोड़ पन्द्रह बराबर एक सौ चवालीस, जिसे तीन से भाग देने पर अड़तालीस मिलता है।
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Q2. यदि एक बंटन का माध्य और बहुलक क्रमशः 74 और 29 हैं, तो बंटन की माध्यिका है :

Right Answer: 59


Explanation:

माध्य, माध्यिका तथा बहुलक के बीच कार्ल पियर्सन का अनुभवजन्य संबंध है — बहुलक = 3 × माध्यिका − 2 × माध्य। यहाँ माध्य 74 तथा बहुलक 29 दिया गया है। सूत्र में मान रखने पर 29 = 3 × माध्यिका − 2 × 74, अर्थात् 29 = 3 × माध्यिका − 148। इससे 3 × माध्यिका = 29 + 148 = 177, जिससे माध्यिका = 59 प्राप्त होती है। यह संबंध असममित (स्क्यूड) बंटन के लिए लागू होता है; पूर्णतः सममित बंटन में तीनों माप बराबर होते हैं। अतः सही उत्तर 59 है।

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Q3. एक मानक विचलन का संख्यात्मक मान कभी भी नहीं हो सकता है :

Right Answer: ऋणात्मक


Explanation:

मानक विचलन की गणना में सर्वप्रथम प्रत्येक प्रेक्षण तथा माध्य के अन्तर का वर्ग लिया जाता है, फिर उन वर्गों का औसत निकालकर उसका धनात्मक वर्गमूल लिया जाता है। चूँकि किसी भी वास्तविक संख्या का वर्ग ऋणात्मक नहीं हो सकता और वर्गमूल भी धनात्मक ही लिया जाता है, अतः मानक विचलन का संख्यात्मक मान कभी ऋणात्मक नहीं हो सकता। यदि सभी प्रेक्षण आपस में समान हों तो यह शून्य हो सकता है, किन्तु उससे कम कभी नहीं। यही इसका आधारभूत गुण है।

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Q4. यदि 10 संख्याओं का माध्य 96 है और उनमें से एक संख्या 150 है, तो शेष नौ संख्याओं का माध्य क्या होगा ?

Right Answer: 90


Explanation:

दस संख्याओं का माध्य 96 दिया गया है, अतः उन सबका कुल योग 10 गुणा 96 अर्थात् 960 होगा। इनमें से एक संख्या 150 है, जिसे कुल योग में से घटाने पर शेष नौ संख्याओं का योग 960 घटा 150 अर्थात् 810 प्राप्त होता है। अब शेष नौ संख्याओं का माध्य निकालने के लिए इस योग को नौ से भाग दिया जाता है, जिससे 810 बटा 9 अर्थात् 90 उत्तर मिलता है। ध्यातव्य है कि 150 माध्य से काफी बड़ी थी, इसीलिए उसे हटाने पर माध्य 96 से घटकर 90 हो गया।

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Q5. संख्याओं 10, 9, 21, 16, 24 के माध्य से माध्य विचलन है :

Right Answer: 5.2


Explanation:

सर्वप्रथम दी गई पाँच संख्याओं का माध्य निकाला जाता है। इनका योग 10 जोड़ 9 जोड़ 21 जोड़ 16 जोड़ 24 अर्थात् 80 है, जिसे पाँच से भाग देने पर माध्य 16 प्राप्त होता है। अब प्रत्येक संख्या का माध्य से निरपेक्ष अन्तर लिया जाता है, जो क्रमशः 6, 7, 5, 0 तथा 8 आता है। इन विचलनों का योग 26 है। इसे प्रेक्षणों की संख्या पाँच से भाग देने पर माध्य विचलन 26 बटा 5 अर्थात् 5.2 प्राप्त होता है।

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Q6. यदि कुछ आँकड़ों के माध्य और बहुलक क्रमशः 4 और 10 हैं, तो माध्यिका का मान होगा :

Right Answer: 6


Explanation:

केन्द्रीय प्रवृत्ति के तीनों मापों के बीच कार्ल पियर्सन का आनुभविक सम्बन्ध लागू होता है, जिसके अनुसार बहुलक बराबर तीन गुणा माध्यिका घटा दो गुणा माध्य होता है। इसे माध्यिका के लिए हल करने पर माध्यिका बराबर बहुलक जोड़ दो गुणा माध्य को तीन से भाग देने पर प्राप्त होती है। यहाँ माध्य 4 तथा बहुलक 10 दिया गया है, अतः 10 जोड़ 8 अर्थात् 18 को तीन से भाग देने पर माध्यिका 6 प्राप्त होती है। यह सम्बन्ध केवल मध्यम रूप से विषम वितरणों में ही लागू होता है।

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Q7. यदि एक बंटन का माध्य 25 है और मानक विचलन 8 है, तो विचलन गुणांक का मान क्या है ?

Right Answer: 32%


Explanation:

विचलन गुणांक अथवा विचरण गुणांक सापेक्ष अपकिरण का माप है, जिसका सूत्र मानक विचलन को माध्य से भाग देकर सौ से गुणा करना है। यहाँ माध्य 25 तथा मानक विचलन 8 दिया गया है। इन्हें सूत्र में रखने पर 8 बटा 25 गुणा 100 प्राप्त होता है, जो 32 प्रतिशत के बराबर है। यह माप इसलिए उपयोगी है क्योंकि यह इकाई-निरपेक्ष होता है, अतः भिन्न-भिन्न इकाइयों अथवा भिन्न माध्य वाले दो वितरणों की परिवर्तनशीलता की तुलना इससे सरलता से की जा सकती है।

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Q8. यदि 8, 15, 7, 9, 2, 9 और x का बहुलक 9 है, तो x का मान होगा :

Right Answer: 9


Explanation:

बहुलक वह मान होता है जो किसी आँकड़ा-समूह में सर्वाधिक बार आता है। दिए गए आँकड़ों 8, 15, 7, 9, 2, 9 तथा x में संख्या 9 पहले से ही दो बार उपस्थित है, जबकि शेष सभी संख्याएँ एक-एक बार। यदि x का मान 9 रख दिया जाए तो 9 की बारम्बारता बढ़कर तीन हो जाएगी और वह निर्विवाद रूप से सर्वाधिक बार आने वाला मान बन जाएगा। यदि x कोई अन्य मान होता तो या तो बहुलक अपरिवर्तित रहता या वितरण बहुबहुलकीय हो जाता।

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Q9. नीचे दी गई तालिका 4 दिनों में 5 श्रमिकों की दैनिक मज़दूरी दर्शाती है। श्रमिक C की औसत दैनिक आय क्या है?

तालिका – 4 दिनों में 5 श्रमिकों की दैनिक मज़दूरी

दिन 1: A 200, B 180, C 220, D 160, E 190
दिन 2: A 210, B 175, C 230, D 170, E 195
दिन 3: A 190, B 185, C 215, D 180, E 200
दिन 4: A 220, B 190, C 225, D 175, E 205

Right Answer: 222.5


Explanation:

तालिका से श्रमिक C की चार दिनों की मज़दूरी क्रमशः दो सौ बीस, दो सौ तीस, दो सौ पंद्रह तथा दो सौ पच्चीस रुपये है। औसत निकालने के लिए पहले इन चारों का योग किया जाएगा, जो आठ सौ नब्बे रुपये होता है। अब इस योग को दिनों की संख्या चार से भाग दिया जाएगा। आठ सौ नब्बे को चार से भाग देने पर दो सौ बाईस दशमलव पाँच प्राप्त होता है। अतः श्रमिक C की औसत दैनिक आय 222.5 रुपये है।
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Q10. वर्ष 2022 में अरुण तथा वर्ष 2023 में मोहन के कारोबार के बीच कितना अन्तर है?

निर्देश (प्र.सं. 85-87): नीचे दिया गया चित्र चार व्यापारियों — अरुण, बरखा, चंदन और मोहन — के वर्ष 2022 तथा 2023 में कुल वार्षिक कारोबार (₹ हजार में) को दर्शाता है। चित्र का अध्ययन कर आगे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

चार व्यापारियों अरुण बरखा चंदन और मोहन का वर्ष 2022 तथा 2023 में वार्षिक कारोबार दर्शाने वाला बार चार्ट

Right Answer: ₹60 हजार


Explanation:

चित्रानुसार वर्ष 2022 में अरुण का कारोबार ₹320 हजार तथा वर्ष 2023 में मोहन का कारोबार ₹260 हजार है। अन्तर = 320 − 260 = ₹60 हजार।
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Published: 27 July 2026 | Last Updated: 31 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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I am an educational content creator dedicated to making learning simple, engaging, and accessible for students preparing for competitive exams. He specializes in creating high-quality study materials, including notes, multiple-choice questions (MCQs), previous year question papers, practice tests, and exam-oriented resources.

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