Mathematics - ज्यामिति: 21 MCQs with Answers

ज्यामिति - Mathematics
Mathematics - ज्यामिति

Mathematics- ज्यामिति

ज्यामिति से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न, उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या सहित — HTET, CTET एवं अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षाओं हेतु।

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Q1. गणित की वह कौन-सी शाखा है जिसमें स्थान, आकृतियों और स्थानिक सम्बन्धों का अध्ययन किया जाता है, जिसमें बिन्दु, रेखाएँ और समतल इसके निर्माण खण्ड होते हैं ?

Right Answer: ज्यामिति


Explanation:

ज्यामिति गणित की वह शाखा है जो स्थान, आकृतियों, उनके आकार, विस्तार तथा पारस्परिक स्थानिक संबंधों का अध्ययन करती है। इसके आधारभूत निर्माण खण्ड बिन्दु, रेखा एवं समतल हैं, जिन्हें अपरिभाषित पद माना जाता है और जिनके आधार पर शेष सभी परिभाषाएँ एवं प्रमेय खड़ी होती हैं। बीजगणित अज्ञात राशियों एवं चरों के संबंधों का अध्ययन करता है, त्रिकोणमिति त्रिभुज की भुजाओं एवं कोणों के संबंधों का, तथा सांख्यिकी आँकड़ों के संकलन एवं विश्लेषण का। अतः विकल्प (2) सही है।
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Q2. यदि ABC एक समबाहु त्रिभुज है तथा AD, BC पर लम्बवत है, तो (AD)² बराबर है :

Right Answer: 3 (DC)²


Explanation:

समबाहु त्रिभुज में शीर्ष से आधार पर खींचा गया लम्ब आधार को समद्विभाजित भी करता है। मान लीजिए भुजा a है, तब D भुजा BC का मध्य बिन्दु होगा और DC = a/2 होगा। समकोण त्रिभुज ADC में पाइथागोरस प्रमेय लगाने पर AD² = AC² − DC² = a² − (a/2)² = a² − a²/4 = 3a²/4 प्राप्त होता है। अब DC² = a²/4 है, अतः AD² को DC² के पदों में लिखने पर AD² = 3 × (a²/4) = 3 (DC)² आता है। अतः विकल्प (3) सही उत्तर है।
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Q3. O केन्द्र वाले वृत्त के बिन्दु A पर AC एक स्पर्श रेखा है। त्रिभुज OAC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, तब ∠OCA का मान होगा :

Right Answer: 45°


Explanation:

वृत्त के किसी बिन्दु पर खींची गई स्पर्श रेखा उस बिन्दु से जाने वाली त्रिज्या पर लम्बवत होती है। यहाँ AC बिन्दु A पर स्पर्श रेखा है और OA त्रिज्या है, अतः ∠OAC = 90° होगा। अब त्रिभुज OAC समद्विबाहु दिया गया है। किसी त्रिभुज में दो समकोण संभव नहीं हैं, इसलिए बराबर कोण शेष दोनों ही हो सकते हैं, अर्थात् ∠OCA = ∠AOC। त्रिभुज के कोणों का योग 180° होता है, अतः 90° + 2∠OCA = 180°, जिससे ∠OCA = 45°। अतः विकल्प (2) सही है।
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Q4. यदि A, B, C तीन स्वेच्छ बिन्दु हैं, तब इन बिन्दुओं से गुजरने वाले समतलों की संख्या होगी :

Right Answer: 1


Explanation:

त्रिविमीय ज्यामिति का मूल अभिगृहीत यह है कि किन्हीं तीन असंरेख बिन्दुओं से होकर एक और केवल एक ही समतल गुजर सकता है। दो बिन्दु मिलकर केवल एक रेखा निर्धारित करते हैं और उस रेखा से होकर अनगिनत समतल गुजर सकते हैं; किन्तु जैसे ही रेखा से बाहर स्थित तीसरा बिन्दु जोड़ा जाता है, समतल की स्थिति पूर्णतः निश्चित हो जाती है। इसी सिद्धांत के कारण तिपाई सदैव स्थिर रहती है। अतः ऐसे समतलों की संख्या एक होगी और विकल्प (1) सही उत्तर है।
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Q5. 10 भुजाओं वाले एक नियमित बहुभुज के सभी अन्तःकोणों का योग है :

Right Answer: 8 π


Explanation:

किसी n भुजाओं वाले बहुभुज के सभी अन्तःकोणों का योग सूत्र से ज्ञात किया जाता है, जो है n घटा दो का पूरा गुणा एक सौ अस्सी डिग्री। यहाँ भुजाओं की संख्या दस है, इसलिए योग बराबर होगा दस घटा दो अर्थात आठ गुणा एक सौ अस्सी, जो चौदह सौ चालीस डिग्री होता है। विकल्प रेडियन में दिए गए हैं और एक सौ अस्सी डिग्री बराबर पाई रेडियन होता है, अतः चौदह सौ चालीस डिग्री बराबर आठ पाई रेडियन हुआ। अतः सही उत्तर आठ पाई है।
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Q6. एक समबाहु त्रिभुज की भुजा एवं ऊँचाई का अनुपात है :

Right Answer: 2 : √3


Explanation:

समबाहु त्रिभुज की तीनों भुजाएँ बराबर होती हैं। यदि भुजा a हो, तो शीर्ष से आधार पर डाला गया लम्ब आधार को दो बराबर भागों में बाँट देता है। पाइथागोरस प्रमेय लगाने पर ऊँचाई का वर्ग बराबर a का वर्ग घटा a बटा दो का वर्ग होता है, जिससे ऊँचाई मिलती है मूल तीन बटा दो गुणा a। अब भुजा और ऊँचाई का अनुपात हुआ a अनुपात मूल तीन a बटा दो, जो सरल करने पर दो अनुपात मूल तीन बनता है। अतः यही सही उत्तर है।
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Q7. एक चक्रीय चतुर्भुज के कोणों के अर्धकों से निर्मित चतुर्भुज होता है :

Right Answer: चक्रीय चतुर्भुज


Explanation:

चक्रीय चतुर्भुज वह होता है जिसके चारों शीर्ष एक ही वृत्त पर स्थित हों और जिसके आमने-सामने के कोणों का योग एक सौ अस्सी डिग्री होता है। जब ऐसे चतुर्भुज के चारों कोणों के अर्धक खींचे जाते हैं, तो वे परस्पर काटकर एक नया चतुर्भुज बनाते हैं। ज्यामितीय सिद्ध के अनुसार इस नए चतुर्भुज के भी सम्मुख कोणों का योग एक सौ अस्सी डिग्री ही रहता है, इसलिए वह भी चक्रीय चतुर्भुज होता है। यह आयत, वर्ग अथवा समान्तर चतुर्भुज होना आवश्यक नहीं है। अतः उत्तर चक्रीय चतुर्भुज है।
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Q8. ABCD एक समचतुर्भुज है, जिसमें ∠BAC = 50° है, तब 3∠D – 2∠DAC बराबर है :

Right Answer: 140°


Explanation:

समचतुर्भुज में विकर्ण अपने शीर्ष कोणों को समद्विभाजित करते हैं। यहाँ विकर्ण AC कोण A को बाँटता है और कोण BAC पचास डिग्री दिया गया है, अतः पूरा कोण A एक सौ डिग्री हुआ तथा कोण DAC भी पचास डिग्री होगा। समचतुर्भुज में क्रमागत कोणों का योग एक सौ अस्सी डिग्री होता है, इसलिए कोण D बराबर एक सौ अस्सी घटा एक सौ अर्थात अस्सी डिग्री हुआ। अब तीन गुणा कोण D घटा दो गुणा कोण DAC बराबर दो सौ चालीस घटा एक सौ अर्थात एक सौ चालीस डिग्री आता है।
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Q9. यदि 10 सेमी त्रिज्या वाले एक वृत्त में एक समबाहु त्रिभुज ABC बनाया जाता है, तो त्रिभुज ABC की एक भुजा की लम्बाई है :

Right Answer: 10√3 सेमी


Explanation:

जब कोई समबाहु त्रिभुज किसी वृत्त के भीतर इस प्रकार बनाया जाता है कि उसके तीनों शीर्ष वृत्त पर हों, तो वृत्त उसका परिवृत्त कहलाता है और उसकी त्रिज्या परिवृत्त त्रिज्या होती है। समबाहु त्रिभुज के लिए भुजा और परिवृत्त त्रिज्या का संबंध है भुजा बराबर त्रिज्या गुणा मूल तीन। यह इसलिए है क्योंकि केन्द्र पर बनने वाला कोण एक सौ बीस डिग्री होता है। यहाँ त्रिज्या दस सेंटीमीटर दी गई है, अतः भुजा बराबर दस मूल तीन सेंटीमीटर प्राप्त होती है। अतः यही सही उत्तर है।
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Q10. यदि एक चतुर्भुज के सभी कोण 180° से कम हों, तो वह चतुर्भुज है :

Right Answer: उत्तल चतुर्भुज


Explanation:

चतुर्भुज को उसके कोणों के आधार पर उत्तल तथा अवतल में बाँटा जाता है। यदि किसी चतुर्भुज के सभी आन्तरिक कोण एक सौ अस्सी डिग्री से कम हों, तो वह उत्तल चतुर्भुज कहलाता है। ऐसे चतुर्भुज में दोनों विकर्ण उसके भीतर ही रहते हैं और किसी भी भुजा को बढ़ाने पर वह आकृति को नहीं काटती। इसके विपरीत अवतल चतुर्भुज में एक कोण एक सौ अस्सी डिग्री से बड़ा होता है। समान्तर तथा समलम्ब चतुर्भुज उत्तल के ही विशेष प्रकार हैं। अतः सामान्य उत्तर उत्तल चतुर्भुज है।
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Published: 27 July 2026 | Last Updated: 31 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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I am an educational content creator dedicated to making learning simple, engaging, and accessible for students preparing for competitive exams. He specializes in creating high-quality study materials, including notes, multiple-choice questions (MCQs), previous year question papers, practice tests, and exam-oriented resources.

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