Mathematics - संख्या पद्धति: 27 MCQs with Answers

संख्या पद्धति - Mathematics
Mathematics - संख्या पद्धति

Mathematics- संख्या पद्धति

संख्या पद्धति से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न, उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या सहित — HTET, CTET एवं अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षाओं हेतु।

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Q1. निम्न में अगली संख्या क्या होगी ? 10, 17, 36, 73, 134, ?

Right Answer: 225


Explanation:

इस श्रेणी का नियम पदों के अंतर देखने पर स्पष्ट होता है। क्रमागत पदों के अंतर हैं — 17 − 10 = 7, 36 − 17 = 19, 73 − 36 = 37 तथा 134 − 73 = 61। अब इन अंतरों के भी अंतर लीजिए — 19 − 7 = 12, 37 − 19 = 18 तथा 61 − 37 = 24। ये द्वितीय अंतर 12, 18, 24 हैं, जो प्रत्येक बार 6 से बढ़ रहे हैं, अतः अगला द्वितीय अंतर 30 होगा। इससे अगला प्रथम अंतर 61 + 30 = 91 बनेगा और अगला पद 134 + 91 = 225 होगा। अतः विकल्प (3) सही है।
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Q2. 1 तथा 31 के मध्य स्थित सम संख्याओं का योगफल है :

Right Answer: 240


Explanation:

1 और 31 के बीच आने वाली सम संख्याएँ 2, 4, 6 से लेकर 30 तक हैं। यह एक समांतर श्रेढ़ी है जिसका पहला पद 2, सार्व अंतर 2 तथा अंतिम पद 30 है। पदों की संख्या n = (30 − 2)/2 + 1 = 15 होगी। समांतर श्रेढ़ी के योग का सूत्र S = (n/2)(पहला पद + अंतिम पद) लगाने पर S = (15/2)(2 + 30) = (15/2) × 32 = 15 × 16 = 240 प्राप्त होता है। वैकल्पिक रूप से 2(1 + 2 + … + 15) = 2 × 120 = 240 भी लिखा जा सकता है। अतः विकल्प (3) सही है।
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Q3. इकाई को सम्मिलित करते हुए 120 के भाजकों की संख्या होगी :

Right Answer: 16


Explanation:

किसी संख्या के भाजकों की संख्या ज्ञात करने के लिए पहले उसका अभाज्य गुणनखंडन कीजिए। 120 = 2 × 60 = 2 × 2 × 30 = 2 × 2 × 2 × 15 = 2³ × 3¹ × 5¹। अब नियम यह है कि प्रत्येक अभाज्य की घात में एक जोड़कर सबका गुणनफल कर दिया जाए। अतः भाजकों की संख्या = (3 + 1) × (1 + 1) × (1 + 1) = 4 × 2 × 2 = 16। इनमें 1 तथा स्वयं 120 भी सम्मिलित हैं। अतः विकल्प (2) सही उत्तर है।
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Q4. (1 + 3 + 5 + …… + 3983) / 1992 बराबर है :

Right Answer: 1992


Explanation:

पहले n विषम संख्याओं का योग सदैव n² होता है — यह एक प्रसिद्ध सर्वसमिका है। यहाँ अंतिम पद 3983 है। विषम संख्याओं का व्यापक पद 2n − 1 होता है, अतः 2n − 1 = 3983 से n = 3984 ÷ 2 = 1992 प्राप्त होता है। इसका अर्थ है कि श्रेणी में कुल 1992 पद हैं और उनका योग 1992² होगा। अब इस योग को 1992 से भाग देने पर 1992² ÷ 1992 = 1992 मिलता है। अतः व्यंजक का मान 1992 है और विकल्प (1) सही उत्तर है।
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Q5. यदि √(0.05 × 0.5 × a) = 0.5 × 0.5 × √b हो, तो a/b का मान है :

Right Answer: 2.50


Explanation:

दिया गया समीकरण है शून्य दशमलव शून्य पाँच गुणा शून्य दशमलव पाँच गुणा a का वर्गमूल बराबर शून्य दशमलव पाँच गुणा शून्य दशमलव पाँच गुणा b का वर्गमूल। दोनों पक्षों का वर्ग करने पर बायाँ पक्ष बनता है शून्य दशमलव शून्य दो पाँच गुणा a तथा दायाँ पक्ष बनता है शून्य दशमलव शून्य छह दो पाँच गुणा b। अब a बटा b बराबर हुआ शून्य दशमलव शून्य छह दो पाँच भाग शून्य दशमलव शून्य दो पाँच, जो दो दशमलव पाँच के बराबर आता है। अतः सही उत्तर दो दशमलव पाँच शून्य है।
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Q6. यदि x = (3/4) ÷ (5/6), y = 3 ÷ [(4 ÷ 5) ÷ 6], z = [3 ÷ (4 ÷ 5)] ÷ 6 और w = 3 ÷ 4 (5 ÷ 6), तो :

Right Answer: x और w बराबर हैं।


Explanation:

भाग की संक्रिया में कोष्ठक का स्थान परिणाम बदल देता है, यही इस प्रश्न का मूल बिन्दु है। पहले x निकालें, तीन बटा चार में पाँच बटा छह का भाग देने पर नौ बटा दस प्राप्त होता है। y बराबर तीन में चार बटा पाँच पर छह का भाग देने पर साढ़े बाईस आता है। z बराबर तीन में चार बटा पाँच का भाग देकर फिर छह का भाग देने पर पाँच बटा आठ मिलता है। w में चार और पाँच बटा छह का गुणनफल भाजक बनता है, जिससे नौ बटा दस आता है। अतः x और w बराबर हैं।
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Q7. माना y = 597 × 10²² + 73.5 × 10²¹, जब y को मानक रूप 6.0435 × 10ⁿ में व्यक्त किया जाए, तो n का मान है :

Right Answer: 24


Explanation:

दिया गया है y बराबर पाँच सौ सत्तानवे गुणा दस की घात बाईस जोड़ तिहत्तर दशमलव पाँच गुणा दस की घात इक्कीस। दोनों पदों को समान घात पर लाने के लिए पहले पद को दस की घात इक्कीस के रूप में लिखते हैं, जिससे वह पाँच हजार नौ सौ सत्तर गुणा दस की घात इक्कीस बन जाता है। अब जोड़ने पर छह हजार तैंतालीस दशमलव पाँच गुणा दस की घात इक्कीस मिलता है। इसे मानक रूप में लिखने पर छह दशमलव शून्य चार तीन पाँच गुणा दस की घात चौबीस प्राप्त होता है, अतः n बराबर चौबीस है।
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Q8. √(6 + √(6 + √(6 + ..... ∞))) बराबर है :

Right Answer: 3


Explanation:

यह एक अनन्त करणी (इनफिनिट सर्ड) का प्रश्न है। माना √(6 + √(6 + √(6 + …∞))) = x। चूँकि यह श्रेणी अनन्त है, इसलिए वर्गमूल के भीतर भी वही मान x आएगा, अर्थात् x = √(6 + x)। दोनों पक्षों का वर्ग करने पर x² = 6 + x, अर्थात् x² − x − 6 = 0। इसे हल करने पर (x − 3)(x + 2) = 0, जिससे x = 3 अथवा x = −2 मिलता है। करणी का मान ऋणात्मक नहीं हो सकता, अतः x = 3।

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Q9. सरल कीजिए : 2 ÷ [2 + 2 ÷ {2 + 2 ÷ (2 + 2 ÷ 3)}] बराबर है :

Right Answer: 11/15


Explanation:

इस प्रश्न को BODMAS नियम के अनुसार सबसे भीतरी कोष्ठक से बाहर की ओर हल किया जाता है। पहले 2 ÷ 3 = 2/3, फिर 2 + 2/3 = 8/3। अब 2 ÷ (8/3) = 3/4, तथा 2 + 3/4 = 11/4। इसके बाद 2 ÷ (11/4) = 8/11, तथा 2 + 8/11 = 30/11। अंत में 2 ÷ (30/11) = 22/30 = 11/15। ध्यान रहे कि क्रम सदैव कोष्ठक — छोटा कोष्ठक, मझला कोष्ठक, बड़ा कोष्ठक — फिर भाग, गुणा, जोड़ और घटाव का होता है। अतः सही उत्तर 11/15 है।

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Q10. निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या परिमेय संख्या नहीं है ?

Right Answer: 2


Explanation:

परिमेय संख्या वह संख्या है जिसे p/q के रूप में लिखा जा सके, जहाँ p और q पूर्णांक हों तथा q ≠ 0 हो। इस आधार पर 15/4, 10/3 तथा 21/4 तीनों परिमेय संख्याएँ हैं, क्योंकि ये पहले से ही भिन्न के रूप में हैं और इनका दशमलव प्रसार सांत या आवर्ती होता है। इसके विपरीत √2 का मान 1.41421356… है, जो न सांत है और न आवर्ती, इसलिए इसे p/q के रूप में नहीं लिखा जा सकता। ऐसी संख्याओं को अपरिमेय संख्या कहते हैं। अतः सही उत्तर √2 है।

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Published: 27 July 2026 | Last Updated: 31 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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I am an educational content creator dedicated to making learning simple, engaging, and accessible for students preparing for competitive exams. He specializes in creating high-quality study materials, including notes, multiple-choice questions (MCQs), previous year question papers, practice tests, and exam-oriented resources.

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