Psychology - Personality: 21 MCQs with Answers
Psychology- Personality
Personality MCQs, Practice Test & Previous Year Questions
Welcome to the Personality section, your comprehensive destination for practicing Personality MCQs, online quizzes, previous year questions, and detailed explanations. Personality is one of the most important topics in Child Development and Pedagogy (CDP) and is frequently asked in teaching eligibility tests and various competitive examinations.
Personality refers to the unique combination of physical, emotional, intellectual, social, and behavioral characteristics that distinguish one individual from another. It influences how a person thinks, feels, behaves, and interacts with others. Understanding personality development, personality traits, assessment methods, and major personality theories enables teachers to recognize individual learner differences and create supportive, learner-centered classroom environments.
Our carefully curated question bank includes exam-oriented multiple-choice questions based on the latest syllabus and previous year examination patterns. Every question is accompanied by a detailed explanation to strengthen conceptual understanding and improve problem-solving skills.
What You'll Learn
- Meaning and Nature of Personality
- Characteristics of Personality
- Determinants of Personality Development
- Types and Traits of Personality
- Major Theories of Personality
- Personality Assessment Methods
- Personality Development in Children
- Role of Heredity and Environment in Personality
- Educational Implications of Personality
- Classroom Applications for Teachers
- Previous Year Questions with Solutions
- Topic-wise Practice Tests and Online Quizzes
This study material is highly beneficial for candidates preparing for CTET, HTET, REET, UPTET, DSSSB, KVS, NVS, PRT, TGT, PGT, B.Ed., D.El.Ed., Super TET, State TETs, and other teaching eligibility and recruitment examinations. Regular practice will improve your conceptual clarity, understanding of educational psychology, and confidence in solving pedagogy-based questions.
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Your Progress
0%Q1. फ्रॉयड के मनोलैंगिक विकास सिद्धान्त के अनुसार, वह अवस्था जिसमें किशोर विपरीत लिंग के प्रति आकर्षित होते हैं, उसे कहा जाता है :
Right Answer: जनन अवस्था
Explanation:
सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के मनोलैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) में पांच अवस्थाएं हैं। किशोर अवस्था (adolescence) में होने वाले परिवर्तनों के लिए जनन अवस्था ही जिम्मेदार है:
- जनन अवस्था (Genital Stage): यह अवस्था किशोरावस्था से शुरू होती है और जीवन के अंत तक चलती है। इस चरण की मुख्य विशेषता यह है कि व्यक्ति की कामेच्छा (libido) फिर से जागृत होती है, लेकिन इस बार उसका ध्यान अपने स्वयं के शरीर के बजाय विपरीत लिंग के व्यक्तियों के साथ संबंध बनाने और यौन परिपक्वता प्राप्त करने पर केंद्रित होता है। किशोरों में सामाजिक और यौन आकर्षण इसी चरण का हिस्सा है।
अन्य विकल्पों का संक्षिप्त विवरण:
- लिंग अवस्था (Phallic Stage - 3 से 6 वर्ष): यहाँ बच्चा अपने लिंग के प्रति जागरूक होता है। इसमें 'ओडिपस' (Oedipus) और 'इलेक्ट्रा' (Electra) ग्रंथियाँ विकसित होती हैं।
- गुदा अवस्था (Anal Stage - 1 से 3 वर्ष): इस अवस्था में बच्चा मल-त्याग के नियंत्रण (potty training) पर ध्यान केंद्रित करता है।
- अव्यक्त अवस्था (Latency Stage - 6 वर्ष से यौवनारंभ तक): यह एक शांत अवस्था है जहाँ यौन भावनाएं दब जाती हैं और बच्चा सामाजिक कौशल और स्कूल के कार्यों पर ध्यान देता है।
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Q2. बालक अन्तर्बोध परीक्षण किसके द्वारा विकसित किया गया ?
Right Answer: बैलक
Explanation:
बालक अन्तर्बोध परीक्षण (चाइल्ड एपरसेप्शन टेस्ट – CAT) का निर्माण लियोपोल्ड बैलक तथा सोन्या बैलक ने 1949 में किया था। यह 3 से 10 वर्ष के बच्चों के व्यक्तित्व के मापन हेतु प्रयुक्त एक प्रक्षेपी (प्रोजेक्टिव) परीक्षण है, जिसमें पशुओं के चित्र दिखाकर बच्चे से कहानी बनवाई जाती है और उसके उत्तरों से उसकी आंतरिक भावनाएँ, संघर्ष तथा पारिवारिक संबंध समझे जाते हैं। यह मरे के प्रासंगिक अंतर्बोध परीक्षण (TAT) का बाल-संस्करण है। थर्स्टन, थॉर्नडाइक एवं ऑलपोर्ट का सम्बन्ध क्रमशः बुद्धि तथा व्यक्तित्व शीलगुण सिद्धांतों से है।
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Q3. सिगमंड फ्रायड जाने जाते हैं :
Right Answer: मनोलैंगिक विकास के सिद्धान्त के लिए
Explanation:
सिगमंड फ्रायड मनोविश्लेषणवाद के जनक हैं और वे मनोलैंगिक विकास के सिद्धांत के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने विकास की पाँच अवस्थाएँ बताईं — मौखिक, गुदा, लिंग प्रधान, गुप्तावस्था तथा जननांगीय। उन्होंने व्यक्तित्व की तीन संरचनाएँ इदम्, अहम् तथा पराहम् भी दीं। सामाजिक विकास का सिद्धांत एरिक एरिक्सन ने, संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत जीन पियाजे ने तथा नैतिक विकास का सिद्धांत कोहलबर्ग ने दिया। फ्रायड ने चेतन, अर्धचेतन तथा अचेतन मन की अवधारणा भी प्रस्तुत की और स्वप्न विश्लेषण एवं मुक्त साहचर्य जैसी उपचार विधियाँ विकसित कीं। अतः सही उत्तर मनोलैंगिक विकास का सिद्धांत है।
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Q4. ‘एक बालक का उसकी माता के प्रति आकर्षण’ को फ्रायड ने कहा है :
Right Answer: ओडिपस ग्रंथि
Explanation:
फ्रायड के मनोलैंगिक विकास सिद्धांत की लिंग प्रधान (फैलिक) अवस्था, जो लगभग 3 से 6 वर्ष तक चलती है, में बालक अपनी माता के प्रति आकर्षण अनुभव करता है और पिता को प्रतिद्वंद्वी समझता है। इसे फ्रायड ने ग्रीक कथा के आधार पर 'ओडिपस ग्रंथि' कहा। इसका स्त्री-संस्करण, जिसमें बालिका पिता के प्रति आकर्षित होती है, 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' कहलाता है। इस संघर्ष के समाधान से ही पराहम् और लिंग-भूमिका का विकास होता है। अतः सही उत्तर ओडिपस ग्रंथि है।
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Q5. किस प्रकार के व्यक्तित्व वाले लोगों में अवसाद के प्रति प्रवणता पाई जाती है ?
Right Answer: टाइप D
Explanation:
टाइप D अर्थात् ‘डिस्ट्रेस्ड’ व्यक्तित्व की अवधारणा हृदय-रोग विशेषज्ञ जोहान डेनोलेट ने दी। इसमें दो स्थायी विशेषताएँ मिलती हैं — नकारात्मक भावुकता तथा सामाजिक अवरोध। ऐसे व्यक्ति चिन्ता, चिड़चिड़ाहट और उदासी का लगातार अनुभव करते हैं, किन्तु अस्वीकृति के भय से इन भावनाओं को दूसरों के सामने प्रकट नहीं करते। यही दमित नकारात्मक संवेग उन्हें अवसाद तथा हृदय रोग के प्रति अत्यधिक प्रवण बनाते हैं। इसके विपरीत टाइप A प्रतिस्पर्धी एवं उतावला, टाइप B शान्त एवं सहनशील तथा टाइप C भावनाओं को दबाने वाला व्यक्तित्व माना जाता है।
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Q6. जब लोग भ्रामक और बेईमान तरीके से दूसरों के साथ छेड़छाड़ और शोषण करके अपनी शक्ति प्रेरणा व्यक्त करते हैं, तो प्रयुक्त शब्द होता है :
Right Answer: मेकियावेलिनिस्म
Explanation:
मेकियावेलियनिज्म शब्द सोलहवीं शताब्दी के इतालवी विचारक निकोलो मेकियावेली की कृति ‘द प्रिंस’ से लिया गया है। मनोविज्ञान में रिचर्ड क्रिस्टी तथा फ्लोरेंस गीस ने इसे एक व्यक्तित्व शीलगुण के रूप में मापा। उच्च मेकियावेलियन व्यक्ति भावनात्मक रूप से तटस्थ रहते हैं, नैतिक नियमों को लचीला मानते हैं तथा अपने स्वार्थ हेतु छल, चापलूसी और भ्रामक तरीकों से दूसरों को नियंत्रित एवं शोषित करते हैं। इसी रूप में वे अपनी शक्ति-प्रेरणा व्यक्त करते हैं। नार्सिसिज्म तथा मनोविकृति के साथ मिलकर यह व्यक्तित्व की ‘श्याम त्रयी’ बनाता है।
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Q7. वेक्टर - आइडी विवरण प्रणाली सिद्धान्त (वीआइडीएएस) व्यक्तित्व सिद्धान्त किसके द्वारा प्रतिपादित किया गया था ?
Right Answer: रेमंड कैटल
Explanation:
वेक्टर-आइडी विवरण प्रणाली (VIDAS) रेमंड बी० कैटल की देन है। कैटल ने व्यक्तित्व के अध्ययन में कारक विश्लेषण का व्यापक प्रयोग किया और शीलगुणों को सतही तथा मूल शीलगुणों में बाँटा। उनकी इस प्रणाली में प्रत्येक शीलगुण को एक सांख्यिकीय सदिश (वेक्टर) तथा एक विशिष्ट पहचान संख्या द्वारा व्यवस्थित रूप से वर्णित किया जाता है, जिससे व्यक्तित्व का वर्णन वस्तुनिष्ठ एवं मापनीय बन सके। इसी पद्धति पर उन्होंने सोलह व्यक्तित्व कारक प्रश्नावली विकसित की। हेनरी मुरे का अभिप्रेरक-दबाव, सुलिवन का अन्तर्वैयक्तिक तथा फ्रोम का मानवतावादी सिद्धान्त इससे भिन्न हैं।
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Q8. किसी व्यक्ति के व्यवहार, क्षमताओं और गुणों से संबंधित दृष्टिकोण, निर्णय और मूल्यों की समग्रता को कहा जाता है :
Right Answer: आत्मप्रत्यय
Explanation:
आत्मप्रत्यय से तात्पर्य उन समस्त दृष्टिकोणों, निर्णयों तथा मूल्यों की समग्रता से है जो व्यक्ति अपने व्यवहार, क्षमताओं एवं गुणों के विषय में धारण करता है। यह ‘मैं कौन हूँ’ प्रश्न का उत्तर है और अनुभवों, दूसरों की प्रतिक्रियाओं तथा सामाजिक तुलना से क्रमशः विकसित होता है। कार्ल रोजर्स ने इसे वास्तविक स्व तथा आदर्श स्व में विभाजित किया और दोनों के बीच अधिक अन्तर को कुसमायोजन का कारण बताया। इसके विपरीत आत्मसम्मान आत्मप्रत्यय का मूल्यांकनात्मक पक्ष है, जबकि आत्मबोध स्वयं के प्रति सचेत होने की अवस्था है।
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Q9. पैथोग्नोमिक वर्बलाइजे़शन नामक चर किस प्रोजेक्टिव परीक्षण द्वारा मापा जाता है ?
Right Answer: होल्ट्जमैन स्याहीधब्बा परीक्षण (एचआईटी)
Explanation:
होल्ट्जमैन स्याहीधब्बा परीक्षण का निर्माण वेन एच० होल्ट्जमैन ने रोर्शाक परीक्षण की सांख्यिकीय कमियों को दूर करने हेतु किया। इसमें पैंतालीस कार्ड होते हैं और प्रत्येक पर केवल एक अनुक्रिया ली जाती है, जिससे अनुक्रियाओं की संख्या नियंत्रित रहती है और विश्वसनीयता बढ़ जाती है। इसमें बाईस वस्तुनिष्ठ चरों का अंकन होता है, जिनमें ‘पैथोग्नोमिक वर्बलाइजे़शन’ प्रमुख है। यह चर अनुक्रिया में प्रकट होने वाले विचित्र, अवास्तविक एवं विकृत चिन्तन को मापता है और मनोविदलता जैसी गम्भीर मानसिक विकृतियों के नैदानिक संकेत देता है।
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Q10. व्यक्तित्व कारकों के संदर्भ में, दूसरों पर विश्वास करना, स्पष्टवादिता और विनम्रता जैसी विशेषताओं का द्योतक है :
Right Answer: सहमतता
Explanation:
कोस्टा तथा मैक्री के पंचकारक प्रतिमान में सहमतता एक प्रमुख विस्तृत आयाम है। इसके अन्तर्गत दूसरों पर विश्वास करना, स्पष्टवादिता, परोपकारिता, अनुपालन, विनम्रता तथा कोमल-हृदयता जैसी उप-विशेषताएँ आती हैं। उच्च सहमतता वाले व्यक्ति सहयोगी, क्षमाशील एवं सहानुभूतिपूर्ण होते हैं, जबकि निम्न सहमतता वाले सन्देही, प्रतिस्पर्धी और आक्रामक। शेष चार कारक हैं — बहिर्मुखता, जो सामाजिकता एवं उत्साह दर्शाती है; कर्तव्यनिष्ठा, जो अनुशासन एवं संगठन से जुड़ी है; अनुभव करने का खुलापन, जो कल्पनाशीलता एवं जिज्ञासा से; तथा तंत्रिकातापिता, जो भावनात्मक अस्थिरता से सम्बन्धित है।
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