Chemistry: 62 MCQs with Answers
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Chemistry MCQs on physical, organic and inorganic chemistry। रसायन विज्ञान विषय के महत्त्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न, उत्तर एवं व्याख्या सहित — HTET, CTET, UGC-NET, KVS, NVS एवं अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के लिए उपयोगी।
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Q1. न्यूक्लिक अम्लों में फ्यूरेनोस रूप में शर्करा इकाइयाँ किन कार्बनों के हाइड्रोक्सिल समूहों द्वारा फॉस्फेट से जुड़ी होती हैं ?
Right Answer: C₃ और C₅
Explanation:
न्यूक्लिक अम्लों में शर्करा इकाई फ्यूरेनोस अर्थात् पंचसदस्यीय वलय के रूप में रहती है। इसमें तीसरे तथा पाँचवें कार्बन के हाइड्रॉक्सिल समूह फॉस्फोरिक अम्ल के साथ एस्टर आबंध बनाते हैं, जिससे एक न्यूक्लिओटाइड का 3′ कार्बन अगले न्यूक्लिओटाइड के 5′ कार्बन से जुड़ जाता है। इसी 3′-5′ फॉस्फोडाइएस्टर आबंध से शर्करा-फॉस्फेट का लम्बा मेरुदण्ड बनता है, जिससे शृंखला को 5′ से 3′ दिशा प्राप्त होती है। पहला कार्बन नाइट्रोजन क्षार से ग्लाइकोसिडिक आबंध द्वारा जुड़ा रहता है, जबकि द्वितीय कार्बन पर डी०एन०ए० में हाइड्रॉक्सिल नहीं होता और आर०एन०ए० में होता है।
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Q2. सभी तत्वों की एंथैल्पी उनकी संदर्भ अवस्था में होती है :
Right Answer: शून्य
Explanation:
किसी भी तत्व की उसकी सन्दर्भ अथवा मानक अवस्था में एंथैल्पी परिभाषा के अनुसार शून्य मानी जाती है। इसका कारण यह है कि एंथैल्पी का निरपेक्ष मान ज्ञात नहीं किया जा सकता, केवल परिवर्तन मापा जा सकता है, अतः एक सर्वमान्य सन्दर्भ बिन्दु आवश्यक होता है। मानक अवस्था वह है जिसमें तत्व 298 केल्विन तथा एक बार दाब पर अपने सर्वाधिक स्थायी भौतिक रूप में हो, जैसे कार्बन के लिए ग्रेफाइट, ऑक्सीजन के लिए O₂ गैस तथा ब्रोमीन के लिए द्रव। इसी आधार पर यौगिकों की विरचन एंथैल्पी परिभाषित होती है।
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Q3. एक अभिक्रिया का स्थिर दाब पर ∆ H का तापमान के साथ परिवर्तन निम्नलिखित में से किसके बराबर है ?
Right Answer: ΔC𝗉
Explanation:
स्थिर दाब पर किसी अभिक्रिया की एंथैल्पी में ताप के साथ होने वाला परिवर्तन किरचॉफ के समीकरण से दिया जाता है, जिसके अनुसार ΔH का ताप के सापेक्ष अवकलज अभिक्रिया के लिए ऊष्माधारिताओं के अन्तर अर्थात् ΔCp के बराबर होता है। यहाँ ΔCp का अर्थ है उत्पादों की स्थिर दाब ऊष्माधारिताओं का योग घटा अभिकारकों की स्थिर दाब ऊष्माधारिताओं का योग। इसी सूत्र से एक ताप पर ज्ञात अभिक्रिया-एंथैल्पी को दूसरे ताप पर परिकलित किया जाता है। स्थिर आयतन पर यही सम्बन्ध ΔU तथा ΔCv के बीच लागू होता है।
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Q4. निम्नलिखित में से कौन-सा उत्क्रमणीय प्रक्रम के लिए सही है ?
Right Answer: ΔS(निकाय) + ΔS(परिवेश) = 0
Explanation:
ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम के अनुसार किसी भी प्रक्रम में विश्व की कुल एन्ट्रॉपी, अर्थात् निकाय तथा परिवेश की एन्ट्रॉपी परिवर्तनों का योग, कभी घटता नहीं। उत्क्रमणीय प्रक्रम में निकाय प्रत्येक क्षण साम्यावस्था के अत्यन्त निकट रहता है और उसमें कोई अपव्यय नहीं होता; इसीलिए निकाय जितनी एन्ट्रॉपी प्राप्त करता है, परिवेश ठीक उतनी ही खो देता है और कुल योग शून्य रहता है। इसके विपरीत अनुत्क्रमणीय अर्थात् स्वतःप्रवर्तित प्रक्रम में यह योग सदैव शून्य से अधिक होता है, और ऋणात्मक योग असम्भव है।
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Q5. निम्नलिखित में से किस संकुल में sp³d² संकरण पाया जाता है ?
Right Answer: [CoF₆]³⁻
Explanation:
किसी अष्टफलकीय संकुल में संकरण इस बात पर निर्भर करता है कि लिगन्ड प्रबल है या दुर्बल। फ्लोराइड आयन स्पेक्ट्रमी शृंखला में अत्यन्त दुर्बल लिगन्ड है, अतः [CoF₆]³⁻ में यह d-इलेक्ट्रॉनों को युग्मित नहीं करा पाता। फलस्वरूप भीतरी 3d कक्षक उपलब्ध नहीं रहते और संकरण बाहरी कक्षकों का उपयोग करते हुए sp³d² होता है, जिससे यह बाह्य कक्षक अथवा उच्च चक्रण संकुल बनता है और अनुचुम्बकीय होता है। इसके विपरीत अमोनिया, ऑक्सैलेट तथा सायनाइड प्रबल लिगन्ड हैं, अतः वे d²sp³ संकरण वाले भीतरी कक्षक संकुल बनाते हैं।
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Q6. क्रायोस्कोपिक स्थिरांक K𝒇 की इकाई है :
Right Answer: K kg mol⁻¹
Explanation:
हिमांक में अवनमन अनुसंधापक गुणधर्म है और इसका सूत्र है — हिमांक अवनमन बराबर क्रायोस्कोपिक स्थिरांक गुणा मोललता। यहाँ हिमांक अवनमन की इकाई केल्विन है तथा मोललता की इकाई मोल प्रति किलोग्राम है। अतः क्रायोस्कोपिक स्थिरांक की इकाई केल्विन को मोल प्रति किलोग्राम से भाग देने पर प्राप्त होती है, अर्थात् केल्विन किलोग्राम प्रति मोल। इसे मोलल अवनमन स्थिरांक भी कहा जाता है और यह विलायक का अभिलक्षण है, विलेय का नहीं; जल के लिए इसका मान 1.86 केल्विन किलोग्राम प्रति मोल है।
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Q7. सेल Cd | CdCl₂·5H₂O (संतृप्त) || AgCl(s) | Ag का EMF 25°C पर 0.7 वोल्ट है। इसके लिए मुक्त ऊर्जा परिवर्तन है :
Right Answer: –135.1 kJ
Explanation:
किसी विद्युत रासायनिक सेल के लिए गिब्ज मुक्त ऊर्जा परिवर्तन तथा सेल विभव के बीच सम्बन्ध है — ΔG बराबर ऋण n गुणा F गुणा E, जहाँ n स्थानान्तरित इलेक्ट्रॉनों की संख्या तथा F फैराडे स्थिरांक 96500 कूलॉम प्रति मोल है। दिए गए सेल में कैडमियम का ऑक्सीकरण Cd से Cd²⁺ में होता है, अतः दो इलेक्ट्रॉन स्थानान्तरित होते हैं। इस प्रकार ΔG बराबर ऋण 2 गुणा 96500 गुणा 0.7 अर्थात् ऋण 135100 जूल, जो ऋण 135.1 किलोजूल के बराबर है। ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि सेल अभिक्रिया स्वतःप्रवर्तित है।
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Q8. 1 × 10⁻⁸ M HCl के जलीय विलयन का pH क्या होगा ?
Right Answer: 6.96
Explanation:
1 × 10⁻⁸ मोलर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल इतना तनु है कि उसका सीधे ऋणात्मक लघुगणक लेने पर pH आठ आएगा, जो असम्भव है क्योंकि अम्ल का pH कभी सात से अधिक नहीं हो सकता। ऐसी अत्यन्त तनु दशा में जल के स्वआयनन से प्राप्त हाइड्रोजन आयनों की उपेक्षा नहीं की जा सकती। कुल हाइड्रोजन आयन सान्द्रता आवेश संतुलन एवं जल के आयनिक गुणनफल से निकाली जाती है, जो लगभग 1.05 × 10⁻⁷ मोलर आती है। इसका ऋणात्मक लघुगणक लेने पर pH लगभग 6.96 प्राप्त होता है, जो सात से थोड़ा कम होकर अम्लीय प्रकृति दर्शाता है।
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Q9. ट्रिस (एथेन-1,2-डाइऐमीन) कोबाल्ट (III) सल्फेट है :
Right Answer: [Co(en)₃]₂(SO₄)₃
Explanation:
ट्रिस उपसर्ग बताता है कि एथेन-1,2-डाइऐमीन अर्थात् एथिलीनडाइऐमीन के तीन अणु लिगन्ड के रूप में उपस्थित हैं। यह उदासीन द्विदन्तुर लिगन्ड है, अतः संकुल आयन पर आवेश केवल कोबाल्ट की ऑक्सीकरण अवस्था से आता है, जो नाम में रोमन तीन से दर्शाया गया है। इस प्रकार धनायन [Co(en)₃]³⁺ है। सल्फेट आयन का आवेश ऋण दो है, अतः विद्युत उदासीनता के लिए दो धनायन तथा तीन सल्फेट आयन चाहिए। इसीलिए सही सूत्र [Co(en)₃]₂(SO₄)₃ है। यह संकुल आयन अष्टफलकीय होता है और तीन द्विदन्तुर वलयों के कारण प्रकाशिक समावयवता भी दर्शाता है।
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Q10. d³ धातु आयन के अष्टफलकीय संकुलों की CFSE है :
Right Answer: −1.2 Δ₀
Explanation:
अष्टफलकीय क्षेत्र में पाँच d कक्षक विभाजित होकर निम्न ऊर्जा वाले तीन t2g तथा उच्च ऊर्जा वाले दो eg कक्षकों में बँट जाते हैं। t2g कक्षक में स्थित प्रत्येक इलेक्ट्रॉन क्रिस्टल क्षेत्र स्थायीकरण ऊर्जा में ऋण 0.4 Δ₀ का योगदान देता है, जबकि eg कक्षक का प्रत्येक इलेक्ट्रॉन धन 0.6 Δ₀ का। d³ विन्यास में हुण्ड नियम के अनुसार तीनों इलेक्ट्रॉन तीनों t2g कक्षकों में अयुग्मित रूप से भरते हैं, चाहे लिगन्ड प्रबल हो या दुर्बल। अतः कुल स्थायीकरण ऊर्जा 3 गुणा ऋण 0.4 अर्थात् ऋण 1.2 Δ₀ होती है।
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