Chemistry - Physical Chemistry: 21 MCQs with Answers
Chemistry- Physical Chemistry
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0%Q1. सभी तत्वों की एंथैल्पी उनकी संदर्भ अवस्था में होती है :
Right Answer: शून्य
Explanation:
किसी भी तत्व की उसकी सन्दर्भ अथवा मानक अवस्था में एंथैल्पी परिभाषा के अनुसार शून्य मानी जाती है। इसका कारण यह है कि एंथैल्पी का निरपेक्ष मान ज्ञात नहीं किया जा सकता, केवल परिवर्तन मापा जा सकता है, अतः एक सर्वमान्य सन्दर्भ बिन्दु आवश्यक होता है। मानक अवस्था वह है जिसमें तत्व 298 केल्विन तथा एक बार दाब पर अपने सर्वाधिक स्थायी भौतिक रूप में हो, जैसे कार्बन के लिए ग्रेफाइट, ऑक्सीजन के लिए O₂ गैस तथा ब्रोमीन के लिए द्रव। इसी आधार पर यौगिकों की विरचन एंथैल्पी परिभाषित होती है।
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Q2. एक अभिक्रिया का स्थिर दाब पर ∆ H का तापमान के साथ परिवर्तन निम्नलिखित में से किसके बराबर है ?
Right Answer: ΔC𝗉
Explanation:
स्थिर दाब पर किसी अभिक्रिया की एंथैल्पी में ताप के साथ होने वाला परिवर्तन किरचॉफ के समीकरण से दिया जाता है, जिसके अनुसार ΔH का ताप के सापेक्ष अवकलज अभिक्रिया के लिए ऊष्माधारिताओं के अन्तर अर्थात् ΔCp के बराबर होता है। यहाँ ΔCp का अर्थ है उत्पादों की स्थिर दाब ऊष्माधारिताओं का योग घटा अभिकारकों की स्थिर दाब ऊष्माधारिताओं का योग। इसी सूत्र से एक ताप पर ज्ञात अभिक्रिया-एंथैल्पी को दूसरे ताप पर परिकलित किया जाता है। स्थिर आयतन पर यही सम्बन्ध ΔU तथा ΔCv के बीच लागू होता है।
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Q3. निम्नलिखित में से कौन-सा उत्क्रमणीय प्रक्रम के लिए सही है ?
Right Answer: ΔS(निकाय) + ΔS(परिवेश) = 0
Explanation:
ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम के अनुसार किसी भी प्रक्रम में विश्व की कुल एन्ट्रॉपी, अर्थात् निकाय तथा परिवेश की एन्ट्रॉपी परिवर्तनों का योग, कभी घटता नहीं। उत्क्रमणीय प्रक्रम में निकाय प्रत्येक क्षण साम्यावस्था के अत्यन्त निकट रहता है और उसमें कोई अपव्यय नहीं होता; इसीलिए निकाय जितनी एन्ट्रॉपी प्राप्त करता है, परिवेश ठीक उतनी ही खो देता है और कुल योग शून्य रहता है। इसके विपरीत अनुत्क्रमणीय अर्थात् स्वतःप्रवर्तित प्रक्रम में यह योग सदैव शून्य से अधिक होता है, और ऋणात्मक योग असम्भव है।
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Q4. क्रायोस्कोपिक स्थिरांक K𝒇 की इकाई है :
Right Answer: K kg mol⁻¹
Explanation:
हिमांक में अवनमन अनुसंधापक गुणधर्म है और इसका सूत्र है — हिमांक अवनमन बराबर क्रायोस्कोपिक स्थिरांक गुणा मोललता। यहाँ हिमांक अवनमन की इकाई केल्विन है तथा मोललता की इकाई मोल प्रति किलोग्राम है। अतः क्रायोस्कोपिक स्थिरांक की इकाई केल्विन को मोल प्रति किलोग्राम से भाग देने पर प्राप्त होती है, अर्थात् केल्विन किलोग्राम प्रति मोल। इसे मोलल अवनमन स्थिरांक भी कहा जाता है और यह विलायक का अभिलक्षण है, विलेय का नहीं; जल के लिए इसका मान 1.86 केल्विन किलोग्राम प्रति मोल है।
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Q5. सेल Cd | CdCl₂·5H₂O (संतृप्त) || AgCl(s) | Ag का EMF 25°C पर 0.7 वोल्ट है। इसके लिए मुक्त ऊर्जा परिवर्तन है :
Right Answer: –135.1 kJ
Explanation:
किसी विद्युत रासायनिक सेल के लिए गिब्ज मुक्त ऊर्जा परिवर्तन तथा सेल विभव के बीच सम्बन्ध है — ΔG बराबर ऋण n गुणा F गुणा E, जहाँ n स्थानान्तरित इलेक्ट्रॉनों की संख्या तथा F फैराडे स्थिरांक 96500 कूलॉम प्रति मोल है। दिए गए सेल में कैडमियम का ऑक्सीकरण Cd से Cd²⁺ में होता है, अतः दो इलेक्ट्रॉन स्थानान्तरित होते हैं। इस प्रकार ΔG बराबर ऋण 2 गुणा 96500 गुणा 0.7 अर्थात् ऋण 135100 जूल, जो ऋण 135.1 किलोजूल के बराबर है। ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि सेल अभिक्रिया स्वतःप्रवर्तित है।
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Q6. 1 × 10⁻⁸ M HCl के जलीय विलयन का pH क्या होगा ?
Right Answer: 6.96
Explanation:
1 × 10⁻⁸ मोलर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल इतना तनु है कि उसका सीधे ऋणात्मक लघुगणक लेने पर pH आठ आएगा, जो असम्भव है क्योंकि अम्ल का pH कभी सात से अधिक नहीं हो सकता। ऐसी अत्यन्त तनु दशा में जल के स्वआयनन से प्राप्त हाइड्रोजन आयनों की उपेक्षा नहीं की जा सकती। कुल हाइड्रोजन आयन सान्द्रता आवेश संतुलन एवं जल के आयनिक गुणनफल से निकाली जाती है, जो लगभग 1.05 × 10⁻⁷ मोलर आती है। इसका ऋणात्मक लघुगणक लेने पर pH लगभग 6.96 प्राप्त होता है, जो सात से थोड़ा कम होकर अम्लीय प्रकृति दर्शाता है।
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Q7. यदि किसी अभिक्रिया का वेग स्थिरांक k = 3 × 10⁻⁴ L mol⁻¹ s⁻¹ है, तो इसकी कोटि है :
Right Answer: 2
Explanation:
किसी n कोटि की अभिक्रिया के वेग स्थिरांक की इकाई मोल प्रति लीटर की घात एक घटा n गुणा समय की घात ऋण एक होती है। यहाँ वेग स्थिरांक की इकाई लीटर प्रति मोल प्रति सेकंड दी गई है, जिसे मोल प्रति लीटर की घात ऋण एक गुणा सेकंड की घात ऋण एक लिखा जा सकता है। इसकी तुलना सामान्य सूत्र से करने पर एक घटा n बराबर ऋण एक प्राप्त होता है, जिससे n का मान दो निकलता है। अतः अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है। शून्य कोटि में यह इकाई मोल प्रति लीटर प्रति सेकंड होती है।
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Q8. Ca(OH)₂ का पूर्ण आयनीकरण मानते हुए उसके 0.001 M विलयन के pH की गणना कीजिए :
Right Answer: 11.3
Explanation:
कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड द्विअम्लीय क्षार है, अतः पूर्ण आयनन मानने पर उसका प्रत्येक सूत्र-मात्रक दो हाइड्रॉक्साइड आयन देता है। 0.001 मोलर विलयन में हाइड्रॉक्साइड आयनों की सान्द्रता 2 × 10⁻³ मोलर हो जाती है। इसका ऋणात्मक लघुगणक लेने पर pOH बराबर 3 घटा 0.301 अर्थात् लगभग 2.7 प्राप्त होता है। चूँकि 25 डिग्री सेल्सियस पर pH तथा pOH का योग 14 होता है, अतः pH बराबर 14 घटा 2.7 अर्थात् 11.3 आता है। यह मान सात से काफी अधिक है, जो विलयन की प्रबल क्षारीय प्रकृति दर्शाता है।
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Q9. N₂(g) + 3H₂(g) → 2NH₃(g), ΔH° = −92.4 kJ mol⁻¹ है। NH₃(g) की मानक विरचन एंथैल्पी क्या है ?
Right Answer: −46.2 kJ mol⁻¹
Explanation:
मानक विरचन एंथैल्पी वह एंथैल्पी परिवर्तन है जो अपने तत्वों की मानक अवस्थाओं से किसी यौगिक का ठीक एक मोल बनने पर होता है। दिए गए समीकरण में एक मोल नाइट्रोजन तथा तीन मोल हाइड्रोजन से अमोनिया के दो मोल बनते हैं और उसके लिए एंथैल्पी परिवर्तन ऋण 92.4 किलोजूल प्रति मोल है। चूँकि यह मान दो मोल अमोनिया के लिए है, अतः एक मोल के लिए उसे दो से भाग देना होगा, जिससे ऋण 46.2 किलोजूल प्रति मोल प्राप्त होता है। ऋणात्मक चिह्न बताता है कि अमोनिया का निर्माण ऊष्माक्षेपी प्रक्रम है।
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Q10. प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए 99.9% अभिक्रिया पूर्ण होने का समय 50% पूर्ण होने का कितना गुना है ?
Right Answer: 10 गुना
Explanation:
प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए समय का सूत्र है — t बराबर 2.303 बटा k गुणा प्रारम्भिक सान्द्रता तथा शेष सान्द्रता के अनुपात का लघुगणक। 99.9 प्रतिशत पूर्ण होने पर शेष केवल 0.1 प्रतिशत बचता है, अतः अनुपात 1000 होगा और उसका लघुगणक तीन। इस प्रकार यह समय 2.303 गुणा 3 बटा k अर्थात् 6.909 बटा k आता है। दूसरी ओर 50 प्रतिशत पूर्ण होने का समय अर्थात् अर्धआयु 0.693 बटा k होती है। दोनों का अनुपात 6.909 को 0.693 से भाग देने पर ठीक 10 आता है, अतः यह समय अर्धआयु का दस गुना होता है।
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