Chemistry - Chemical Bonding and Molecular Structure: 4 MCQs with Answers
Chemistry- Chemical Bonding and Molecular Structure
रासायनिक आबंध, संकरण, VSEPR सिद्धांत, आण्विक ज्यामिति तथा आबंध कोटि पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q1. निम्नलिखित में से कौन रेखीय है ?
Right Answer: N₃⁻
एजाइड आयन में केन्द्रीय नाइट्रोजन परमाणु sp संकरित होता है और उस पर कोई एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म नहीं होता; उसके दोनों ओर दो सिग्मा आबंध बनते हैं तथा शेष इलेक्ट्रॉन दो लम्बवत पाई निकाय बनाते हैं। इसी कारण यह आयन 180 डिग्री आबंध कोण के साथ पूर्णतः रेखीय होता है और उसकी संरचना कार्बन डाइऑक्साइड के समइलेक्ट्रॉनी है। इसके विपरीत कार्बोनेट तथा नाइट्रेट आयनों में केन्द्रीय परमाणु sp² संकरित होकर 120 डिग्री कोण वाली त्रिकोणीय समतलीय आकृति बनाता है, तथा बोरोन टेट्राफ्लोराइड आयन sp³ संकरण के साथ चतुष्फलकीय होता है।
Q2. VSEPR सिद्धांत के अनुसार I₃⁻ आयन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है ?
Right Answer: केन्द्रीय I परमाणु में चार इलेक्ट्रॉन युग्म होते हैं।
त्रिआयोडाइड आयन तब बनता है जब आयोडीन को पोटैशियम आयोडाइड के जलीय विलयन में घोला जाता है; इसी कारण आयोडीन जल में अल्प विलेय होते हुए भी KI विलयन में सरलता से घुल जाती है। इसकी संरचना BrICl⁻ जैसे अन्य त्रिपरमाणुक अन्तराहैलोजन आयनों के समान रेखीय होती है और आबंध कोण 180 डिग्री रहता है। तीसरा कथन गलत है, क्योंकि केन्द्रीय आयोडीन परमाणु के चारों ओर कुल पाँच इलेक्ट्रॉन युग्म होते हैं — दो आबंधी तथा तीन एकाकी — जिससे संकरण sp³d होता है और ज्यामिति त्रिकोणीय द्विपिरैमिडी में से रेखीय आकृति निकलती है।
Q3. निम्नलिखित में से किन स्पीशीज़ के आकार और आबंध कोटि समान हैं ?
Right Answer: O₃, NO₂⁻
ओजोन तथा नाइट्राइट आयन दोनों में केन्द्रीय परमाणु sp² संकरित होता है और उस पर एक एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म रहता है, अतः दोनों की आकृति कोणीय अर्थात् मुड़ी हुई होती है और आबंध कोण लगभग 117 से 120 डिग्री के बीच रहता है। दोनों में अनुनाद के कारण दोनों आबंध समतुल्य हो जाते हैं और प्रत्येक की आबंध कोटि डेढ़ होती है, क्योंकि दो सिग्मा आबंधों पर एक पाई आबंध विस्थानीकृत रहता है। इसके विपरीत कार्बन डाइऑक्साइड रेखीय है और उसकी आबंध कोटि दो है, तथा एजाइड आयन भी रेखीय है।
Q4. निम्नलिखित में से किसमें आयनिक गुण का प्रतिशत सबसे अधिक है ?
Right Answer: HF
किसी सहसंयोजी आबंध में आयनिक लक्षण का प्रतिशत दोनों परमाणुओं की विद्युतऋणात्मकता के अन्तर पर निर्भर करता है; अन्तर जितना अधिक होगा, आबंध उतना ही ध्रुवीय एवं आयनिक होगा। हाइड्रोजन हैलाइडों में फ्लोरीन सर्वाधिक विद्युतऋणात्मक तत्व है, अतः हाइड्रोजन फ्लोराइड में यह अन्तर सबसे अधिक लगभग 1.9 होता है और उसका आयनिक लक्षण भी सर्वाधिक, लगभग 43 प्रतिशत, आँका जाता है। नीचे जाने पर हैलोजन की विद्युतऋणात्मकता घटती जाती है, अतः HCl, HBr तथा HI में आयनिक लक्षण क्रमशः घटता जाता है। इसी अत्यधिक ध्रुवता एवं हाइड्रोजन आबंधन के कारण हाइड्रोजन फ्लोराइड दुर्बल अम्ल है।