Music: 60 MCQs with Answers

Music MCQ Questions
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Music MCQs on Hindustani classical music, ragas, talas, instruments and musicologists। संगीत विषय के महत्त्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न, उत्तर एवं व्याख्या सहित — HTET, CTET, UGC-NET, KVS, NVS एवं अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के लिए उपयोगी।

Q11. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म (मार्ग – कला की मात्रा) सही सुमेलित है ?

Right Answer: वार्तिक – 4 मात्रा

प्राचीन मार्गी ताल पद्धति में क्रिया की गति के आधार पर तीन मार्ग माने गए — चित्र, वार्तिक तथा दक्षिण। इनमें चित्र मार्ग सर्वाधिक द्रुत होता है और उसमें एक कला की मात्रा सबसे कम रहती है; वार्तिक उससे विलम्बित तथा दक्षिण सर्वाधिक विलम्बित होता है, जिसमें एक कला में सर्वाधिक मात्राएँ आती हैं। इस क्रम में कला की मात्रा क्रमशः दुगुनी होती जाती है, अतः चित्र में दो, वार्तिक में चार तथा दक्षिण में आठ मात्राएँ मानी जाती हैं। दिए गए विकल्पों में केवल वार्तिक तथा चार मात्रा का युग्म ही इस क्रम के अनुरूप है।

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Q12. भिन्न को चुनिए :

Right Answer: सपाट

अचरक, कुरुला तथा सरोक — ये तीनों प्राचीन एवं मध्यकालीन ग्रन्थों में वर्णित गमक अर्थात् स्वर के कम्पनयुक्त अलंकरण के प्रकार हैं, जिन्हें गायन एवं वादन दोनों में स्वर को सुशोभित करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है। इसके विपरीत सपाट गमक नहीं, बल्कि तान का एक प्रकार है, जिसमें स्वर सीधे आरोह-अवरोह क्रम में बिना किसी वक्रता अथवा कम्पन के सपाट रूप में लिए जाते हैं। इसीलिए वर्ग की दृष्टि से सपाट ही भिन्न पड़ता है। तानों के अन्य प्रकारों में कूट, मिश्र, गिटकिरी तथा जबड़े की तान आते हैं।

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Q13. राष्ट्रीय गान ‘जन - गण - मन’ की रचना किस वर्ष की गई ?

Right Answer: 1911

राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की रचना रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने 1911 में बांग्ला में की और इसे पहली बार 27 दिसम्बर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया। मूल गीत ‘भारत भाग्य विधाता’ पाँच पदों का ब्रह्म संगीत है, जिसका केवल प्रथम पद राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया गया। इसका अंग्रेजी अनुवाद ‘मॉर्निंग सॉन्ग ऑफ इंडिया’ शीर्षक से स्वयं कवि ने किया और उसकी धुन आन्ध्र प्रदेश के मदनपल्ले में तैयार हुई। संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्रगान के रूप में अंगीकार किया; इसके गायन का निर्धारित समय बावन सेकंड है।

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Q14. निम्नलिखित में से कौन - सा युग्म सुमेलित नहीं है ?

Right Answer: कासगंज, भेंडी बाजार – टप्पा

ध्रुपद की चार प्रमुख वाणियाँ गौड़हार, खंडार, नौहार तथा डागुर हैं, अतः खंडार एवं नौहार का ध्रुपद से सम्बन्ध सही है। ख्याल के प्रमुख घरानों में ग्वालियर, आगरा, किराना, जयपुर-अतरौली, पटियाला तथा भेंडी बाजार आते हैं, अतः किराना एवं आगरा का ख्याल से सम्बन्ध भी सही है। ठुमरी की दो प्रमुख शैलियाँ पूरब अंग तथा पंजाब अंग हैं। चौथा युग्म गलत है, क्योंकि भेंडी बाजार ख्याल गायकी का घराना है, टप्पा का नहीं; टप्पा की परम्परा पंजाब, ग्वालियर तथा बनारस से जुड़ी है और उसका विकास शोरी मियाँ ने किया।

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Q15. लक्षणों द्वारा ताल पहचानिए — (i) समपदी ताल (ii) 4 ताली, 2 खाली

Right Answer: चौताल

चौताल बारह मात्राओं का ताल है, जो ध्रुपद एवं धमार गायन तथा पखावज वादन का प्रमुख ताल माना जाता है। इसमें छह विभाग होते हैं और प्रत्येक विभाग दो-दो मात्राओं का रहता है, इसलिए यह समपदी ताल कहलाता है, क्योंकि इसके सभी खण्ड बराबर हैं। इसके विभाग चिन्ह इस प्रकार हैं — सम, खाली, दूसरी ताली, खाली, तीसरी ताली तथा चौथी ताली, अर्थात् कुल चार ताली एवं दो खाली। इसका ठेका ‘धा धा, दिन ता, किट धा, दिन ता, तिट कत, गदि गन’ है। इसे चारताल भी कहा जाता है।

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Q16. कर्नाटक ताल को पहचानिए : "7 + 2 + 2"

Right Answer: मिश्र जाति त्रिपुट

कर्नाटक संगीत में त्रिपुट ताल की रचना एक लघु तथा दो द्रुत से होती है। द्रुत सदैव दो मात्राओं का होता है, जबकि लघु की मात्रा उसकी जाति पर निर्भर करती है — तिस्र में तीन, चतुरश्र में चार, खंड में पाँच, मिश्र में सात तथा संकीर्ण में नौ। अतः मिश्र जाति त्रिपुट ताल में मात्राएँ 7 जोड़ 2 जोड़ 2 अर्थात् ग्यारह होंगी, जिसका खण्ड-विन्यास ठीक 7+2+2 है। यही प्रश्न में दिया गया है। ध्यातव्य है कि आदि ताल वस्तुतः चतुरश्र जाति त्रिपुट ताल ही है, जिसमें 4+2+2 अर्थात् आठ मात्राएँ होती हैं।

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Q17. वायलिन के तारों को मिलाने की प्रचलित विधियों का चयन कीजिए :

(i) म़ सा प सां
(ii) म़ सा प रें
(iii) प़ सा प सां
(iv) सा़ प सा प

Right Answer: सभी (i), (ii), (iii), (iv)

भारतीय संगीत में वायलिन को पाश्चात्य स्वर-मेल के स्थान पर राग की आवश्यकता के अनुसार मिलाया जाता है और इसके लिए कई प्रचलित पद्धतियाँ हैं। चारों तारों को मन्द्र मध्यम, मध्य षड्ज, मध्य पंचम तथा तार षड्ज में मिलाना अत्यन्त सामान्य है; कुछ वादक चौथे तार को तार ऋषभ में मिलाते हैं ताकि ऊँचे स्वरों का विस्तार सुगम हो। मन्द्र पंचम से आरम्भ करने वाली तथा मन्द्र षड्ज, पंचम, षड्ज, पंचम के क्रम वाली पद्धतियाँ भी कर्नाटक एवं हिन्दुस्तानी दोनों परम्पराओं में प्रयोग में हैं। अतः चारों विधियाँ प्रचलित मानी जाती हैं।

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Q18. झपताल के एक आवर्तन की ‘पौने दोगुन’ लयकारी कितनी मात्रा के बाद प्रारंभ होगी ?

Right Answer: 4

पौने दोगुन लयकारी में मूल लय की तुलना में पौने दो अर्थात् सात-चौथाई गति से बोल बजाए जाते हैं, जिसका अर्थ है कि ताल की चार मात्राओं में रचना की सात मात्राएँ समा जाती हैं। झपताल दस मात्राओं का ताल है, अतः उसके एक आवर्तन की सामग्री पौने दोगुन में केवल दस गुणा चार बटा सात अर्थात् लगभग पौने छह मात्राओं में समाप्त हो जाएगी। सम पर आकर समाप्त होने के लिए उसे आवर्तन के अन्त से इतनी ही पहले आरम्भ करना पड़ेगा, अर्थात् लगभग चौथी मात्रा के बाद। इसीलिए यह लयकारी चार मात्रा के बाद प्रारम्भ की जाती है।

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Q19. निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर तबला वादक को पहचानिए — (i) 1970 में पद्म भूषण से सम्मानित (ii) मुनीर खाँ के शिष्य

Right Answer: अहमद जान थिरकवा

उस्ताद अहमद जान थिरकवा बीसवीं शताब्दी के सर्वाधिक प्रभावशाली तबला वादक माने जाते हैं। उनका जन्म 1892 में मुरादाबाद में हुआ और उन्होंने लखनऊ घराने के उस्ताद मुनीर खाँ से दीर्घकाल तक तालीम प्राप्त की, यद्यपि उनके वादन में दिल्ली, अजराड़ा, फर्रुखाबाद तथा पंजाब — सभी बाजों का समावेश मिलता था। उन्हें 1954 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार तथा 1970 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। ‘थिरकवा’ उपाधि उनकी उँगलियों की अद्भुत थिरकन के कारण मिली थी। 1976 में उनका निधन हुआ।

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Q20. ‘आफ़ताब - ए - सितार’ की उपाधि से सम्मानित संगीतज्ञ कौन हैं ?

Right Answer: विलायत खाँ

उस्ताद विलायत खाँ को ‘आफ़ताब-ए-सितार’ अर्थात् सितार का सूर्य की उपाधि से सम्मानित किया गया। इटावा अथवा इमदादखानी घराने से सम्बद्ध विलायत खाँ ने सितार पर गायकी अंग को चरम पर पहुँचाया, अर्थात् उन्होंने वाद्य से मानव कण्ठ जैसी मींड, गमक तथा बोल-अंग निकालने की शैली विकसित की। उन्होंने सितार की संरचना में भी परिवर्तन किए और ‘विलायतखानी सितार’ प्रचलित हुई। उन्होंने पद्मश्री तथा पद्म भूषण दोनों सम्मान लौटा दिए थे, यह कहते हुए कि चयन समिति उनके संगीत का मूल्यांकन करने में सक्षम नहीं है।

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Published: | Last Updated: | Total Questions: 60
Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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