Music - Folk and Devotional Songs: 3 MCQs with Answers
Music- Folk and Devotional Songs
लोकगीत, भजन, राष्ट्रगान तथा भक्ति संगीत परम्परा पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q1. राष्ट्रीय गान ‘जन - गण - मन’ की रचना किस वर्ष की गई ?
Right Answer: 1911
राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की रचना रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने 1911 में बांग्ला में की और इसे पहली बार 27 दिसम्बर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया। मूल गीत ‘भारत भाग्य विधाता’ पाँच पदों का ब्रह्म संगीत है, जिसका केवल प्रथम पद राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया गया। इसका अंग्रेजी अनुवाद ‘मॉर्निंग सॉन्ग ऑफ इंडिया’ शीर्षक से स्वयं कवि ने किया और उसकी धुन आन्ध्र प्रदेश के मदनपल्ले में तैयार हुई। संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्रगान के रूप में अंगीकार किया; इसके गायन का निर्धारित समय बावन सेकंड है।
Q2. ‘कजरी’ लोकगीत से संबंधित प्रमुख स्थान कौन - सा है ?
Right Answer: मिर्जापुर
कजरी उत्तर प्रदेश तथा बिहार के पूर्वी क्षेत्र का प्रसिद्ध वर्षा-ऋतु लोकगीत है और उसका सर्वप्रमुख केन्द्र मिर्जापुर माना जाता है, इसीलिए ‘मिर्जापुरी कजरी’ की अपनी विशिष्ट पहचान है। इसे मुख्यतः श्रावण मास में, विशेषकर कजरी तीज पर, स्त्रियाँ समूह में गाती हैं और इसके भाव विरह, प्रकृति-वर्णन तथा सावन की मस्ती से जुड़े रहते हैं। बनारस तथा गाजीपुर की कजरी भी प्रसिद्ध है, और उपशास्त्रीय मंचों पर इसे ठुमरी अंग में भी प्रस्तुत किया जाता है। चैती, झूला तथा बिरहा इसी परम्परा के अन्य ऋतु-गीत हैं।
Q3. गीत ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ के रचयिता कौन हैं ?
Right Answer: नरसी मेहता
‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ पन्द्रहवीं शताब्दी के गुजराती संत-कवि नरसी मेहता की रचना है। इस भजन में सच्चे वैष्णव के लक्षण गिनाए गए हैं — जो दूसरों की पीड़ा को समझे, दुखियों की सेवा कर अभिमान न करे, सबका आदर करे, वाणी, कर्म एवं मन से निर्मल रहे, पराई स्त्री को माता समान माने और लोभ एवं कपट से दूर रहे। महात्मा गाँधी को यह भजन अत्यन्त प्रिय था और उनके आश्रम की प्रार्थना सभाओं में यह नियमित रूप से गाया जाता था, जिससे यह स्वतंत्रता आन्दोलन की भावभूमि का अंग बन गया। इसे प्रायः राग खमाज अथवा मिश्र पीलू में गाया जाता है।