Fine Art: 60 MCQs with Answers

Fine Art MCQ Questions and Answers
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Fine Art MCQ Questions and Answers

Fine Art MCQs on Indian and Western painting, sculpture, art history and art techniques. Get Fine Art multiple choice questions with detailed answers and explanations. India Study Institute brings Fine Art MCQ Questions and Answers for HTET Exam. ललित कला विषय के महत्त्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न, उत्तर एवं व्याख्या सहित — HTET, CTET, UGC-NET, KVS, NVS एवं अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के लिए उपयोगी। 

Other Exam Papers:

Q41. किस भारतीय कलाचार्य ने पुनर्जागरण कला हेतु चित्र सृजन के अतिरिक्त प्राचीन कला साहित्य की ओर भी कला मुनीषियों का ध्यान आकृष्ट किया ?

Right Answer: अबनीन्द्रनाथ टैगोर


Explanation:

अबनीन्द्रनाथ टैगोर बंगाल स्कूल के प्रवर्तक थे और उन्होंने भारतीय कला के पुनर्जागरण हेतु केवल चित्र-सृजन ही नहीं किया, बल्कि कला-मनीषियों का ध्यान प्राचीन भारतीय कला-साहित्य की ओर भी आकृष्ट किया। उन्होंने विष्णुधर्मोत्तर पुराण के चित्रसूत्र तथा षडंग जैसी परम्पराओं का अध्ययन कर ‘बागेश्वरी शिल्प प्रबंध’ नामक व्याख्यान-शृंखला दी, जो भारतीय सौन्दर्यशास्त्र का महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ बनी। ‘भारतमाता’ तथा ‘शाहजहाँ का अन्तिम समय’ उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ हैं। उन्होंने जापानी वॉश तकनीक को भारतीय विषयवस्तु के साथ जोड़ा और नन्दलाल बोस, असित कुमार हलधर तथा क्षितीन्द्रनाथ मजूमदार जैसे शिष्यों की एक पूरी पीढ़ी तैयार की।

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Q42. वह कौन - सी चित्रकला प्रविधि है जिसमें माध्यम के रूप में पायस का उपयोग होता है ?

Right Answer: टेम्परा


Explanation:

टेम्परा वह चित्रकला प्रविधि है जिसमें माध्यम के रूप में पायस अर्थात् इमल्शन का उपयोग होता है। इसमें रंजक चूर्ण को अण्डे की जर्दी, गोंद, कैसीन अथवा जल एवं तेल के स्थायी मिश्रण के साथ मिलाया जाता है, जिससे वह सतह पर दृढ़ता से बँध जाता है। यह शीघ्र सूखता है, इसीलिए इसमें बारीक रेखाओं तथा परत-दर-परत कार्य से सूक्ष्म प्रभाव उत्पन्न किए जाते हैं और सूखने के बाद इसकी सतह मैट तथा अत्यन्त टिकाऊ होती है। पुनर्जागरण से पूर्व यूरोप में तथा भारत में अजन्ता की भित्तिचित्र परम्परा में यही प्रमुख विधि रही।

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Q43. कला रचना के किस सिद्धान्त के अनुसार चित्र में सभी तत्वों की समग्र समायोजन में पूर्ण साम्यावस्था हो ?

Right Answer: सन्तुलन


Explanation:

सन्तुलन कला रचना का वह सिद्धान्त है जिसके अनुसार चित्र में सभी तत्वों — आकार, रंग, बनावट, रेखा एवं रिक्त स्थान — का समग्र समायोजन इस प्रकार हो कि दृश्य भार चारों ओर बराबर बँटा प्रतीत हो और पूर्ण साम्यावस्था बनी रहे। सन्तुलन के दो मुख्य प्रकार होते हैं — सममित अथवा औपचारिक सन्तुलन, जिसमें केन्द्रीय अक्ष के दोनों ओर समान तत्व रखे जाते हैं और जो गम्भीरता एवं स्थिरता देता है; तथा असममित अथवा अनौपचारिक सन्तुलन, जिसमें भिन्न तत्वों को उनके दृश्य भार के अनुसार तौलकर रखा जाता है और जो अधिक गतिशील प्रभाव उत्पन्न करता है।

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Q44. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए :

सूची-I
(a) जैनेन्द्र कुमार
(b) मैथिलीशरण गुप्त
(c) पं० भोला शंकर तिवारी
(d) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल

सूची-II
(i) अनुभूति की अभिव्यक्ति कला है।
(ii) अभिव्यक्ति की शक्ति ही कला है।
(iii) कला में मनुष्य अपनी अभिव्यक्ति करता है।
(iv) एक ही अनुभूति को दूसरे तक पहुँचा देना ही कला है।

Right Answer: (a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(i)


Explanation:

हिन्दी के इन मनीषियों ने कला की परिभाषा भिन्न-भिन्न दृष्टियों से दी। जैनेन्द्र कुमार के अनुसार कला में मनुष्य अपनी अभिव्यक्ति करता है, अर्थात् कला आत्माभिव्यक्ति का माध्यम है। मैथिलीशरण गुप्त अभिव्यक्ति की शक्ति को ही कला मानते हैं, जिसमें कौशल पर बल है। पं० भोला शंकर तिवारी की दृष्टि टॉल्सटॉय के निकट है, जिनके अनुसार एक ही अनुभूति को दूसरे तक पहुँचा देना कला है, अर्थात् सम्प्रेषण उसका सार है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के लिए कला अनुभूति की अभिव्यक्ति है और उनके सौन्दर्यशास्त्र में ‘अनुभूति’ केन्द्रीय पद है।

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Q45. मनोवैज्ञानिकों ने मुख्य कौन - से चार रंग माने हैं ?

Right Answer: लाल, पीला, नीला, हरा


Explanation:

मनोवैज्ञानिकों ने लाल, पीला, नीला तथा हरा — इन चार रंगों को मुख्य अथवा मनोवैज्ञानिक प्राथमिक रंग माना है। इसका आधार एवाल्ड हेरिंग का विरोधी प्रक्रिया सिद्धांत है, जिसके अनुसार दृष्टि-तंत्र रंगों को तीन विरोधी युग्मों में संसाधित करता है — लाल तथा हरा, नीला तथा पीला, और श्वेत तथा श्याम। यही कारण है कि हम लाल-हरा अथवा नीला-पीला जैसा कोई मिश्रित रंग कल्पना नहीं कर सकते, जबकि लाल-पीला अर्थात् नारंगी सरलता से देख लेते हैं। ये चार मनोवैज्ञानिक प्राथमिक रंग चित्रकला के भौतिक प्राथमिक रंगों से भिन्न हैं।

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Q46. दृश्य कला के मूल तत्व एवं सिद्धान्त का सही क्रम बताइए :

Right Answer: मॉडलिंग, मोल्डिंग, कास्टिंग, फिनिशिंग


Explanation:

धातु अथवा प्लास्टर की मूर्ति बनाने की प्रक्रिया एक निश्चित क्रम में चलती है। सबसे पहले मॉडलिंग की जाती है, जिसमें चिकनी मिट्टी अथवा मोम से कलाकार मूल आकृति गढ़ता है और यही उसकी मौलिक रचना होती है। इसके बाद मोल्डिंग होती है, जिसमें उस मॉडल के ऊपर प्लास्टर अथवा रबर का साँचा बनाया जाता है और मूल मॉडल हटा लिया जाता है। तीसरे चरण में कास्टिंग होती है, जिसमें साँचे में पिघली धातु अथवा तरल पदार्थ भरकर प्रतिकृति तैयार की जाती है। अन्त में फिनिशिंग में जोड़ मिटाए जाते हैं, सतह घिसी जाती है तथा पेटिना चढ़ाया जाता है।

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Q47. भारत में ‘कला’ शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किस वेद में मिलता है ?

Right Answer: ऋग्वेद


Explanation:

भारतीय वाङ्मय में ‘कला’ शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग ऋग्वेद में मिलता है, जो वेदों में प्राचीनतम है। वहाँ यह शब्द मुख्यतः अंश, भाग अथवा किसी वस्तु के सोलहवें भाग के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है, और साथ ही कौशल एवं निपुणता का भाव भी उसमें निहित है। आगे चलकर ब्राह्मण ग्रन्थों, उपनिषदों तथा पुराणों में इसका अर्थ विस्तृत होकर सृजनात्मक कौशल एवं विविध विद्याओं तक पहुँचा। भारतीय परम्परा में कला केवल सौन्दर्य-सृजन नहीं, बल्कि जीवन-कौशल भी मानी गई, इसीलिए चौंसठ कलाओं में पाक, माल्यरचना एवं वस्त्र-सज्जा भी सम्मिलित हैं।

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Q48. इंटैग्लियो से आपका क्या अभिप्राय है ?

Right Answer: गहरे तल की छपाई


Explanation:

इंटैग्लियो इतालवी शब्द है जिसका अर्थ है उकेरना अथवा खोदना, और यह गहरे तल से की जाने वाली छपाई की समस्त विधियों का सामूहिक नाम है। इसमें धातु की प्लेट पर छवि को सुई, बुरिन अथवा अम्ल की सहायता से सतह से नीचे खोदा जाता है। छपाई के समय पूरी प्लेट पर स्याही लगाकर सतह को पोंछ दिया जाता है, जिससे स्याही केवल गड्ढों में रह जाती है, और फिर नम कागज को भारी दाब के साथ प्रेस से गुजारकर छाप ली जाती है। एचिंग, एंग्रेविंग, ड्राईपॉइंट, एक्वाटिंट तथा मेजोटिन्ट इसी वर्ग की तकनीकें हैं। इसके विपरीत रिलीफ छपाई उभरी सतह से होती है।

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Q49. ‘मानसोल्लास’ के किस अध्याय में चित्रकला पर क्रमबद्ध तरीके से विचार किया गया है ?

Right Answer: तीसरे


Explanation:

‘मानसोल्लास’, जिसे ‘अभिलषितार्थ चिन्तामणि’ भी कहा जाता है, बारहवीं शताब्दी में पश्चिमी चालुक्य नरेश सोमेश्वर तृतीय द्वारा रचित विश्वकोशीय ग्रन्थ है। इसमें राजनीति, प्रशासन, रत्नपरीक्षा, पाक, चिकित्सा, संगीत, नृत्य, क्रीड़ा तथा चित्रकला सहित अनेक विषय समाहित हैं और इसे भारत का आरम्भिक विश्वकोश माना जाता है। इसके तीसरे अध्याय अर्थात् विंशति में चित्रकला पर क्रमबद्ध ढंग से विचार किया गया है, जिसमें चित्र के प्रकार, रंगों की तैयारी, भित्ति-निर्माण तथा चित्रकार के गुणों की चर्चा है। यह चित्रसूत्र परम्परा की महत्त्वपूर्ण कड़ी है।

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Q50. किसने कहा था, “कला एक ऐसी गतिविधि है जिसके माध्यम से एक व्यक्ति एक भावना का अनुभव करके उसे जानबूझकर दूसरों तक पहुँचाता है” ?

Right Answer: टॉल्सटॉय


Explanation:

यह प्रसिद्ध परिभाषा रूसी साहित्यकार एवं चिन्तक लियो टॉल्सटॉय ने अपनी कृति ‘व्हाट इज आर्ट’ में दी। उनके अनुसार कला वह गतिविधि है जिसके माध्यम से एक व्यक्ति किसी भावना का स्वयं अनुभव कर, उसे रेखा, रंग, ध्वनि अथवा शब्द के सहारे जानबूझकर दूसरों तक इस प्रकार पहुँचाता है कि वे भी उसी भावना का अनुभव करने लगें। इस दृष्टि में कला का सार सम्प्रेषण एवं संक्रामकता है, केवल सौन्दर्य नहीं। टॉल्सटॉय ने इसी आधार पर उस कला की आलोचना की जो केवल अभिजात वर्ग के मनोरंजन तक सीमित रह जाए और सामान्य जन को स्पर्श न करे।

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Published: | Last Updated: | Total Questions: 60
Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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