Fine Art - Painting Techniques and Materials: 6 MCQs with Answers
Fine Art- Painting Techniques and Materials
टेम्परा, तैल, ऐक्रेलिक, एनकास्टिक, बाटिक तथा मूर्तिकला की प्रक्रियाओं एवं माध्यमों पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q1. वह कौन - सी चित्रकला प्रविधि है जिसमें माध्यम के रूप में पायस का उपयोग होता है ?
Right Answer: टेम्परा
टेम्परा वह चित्रकला प्रविधि है जिसमें माध्यम के रूप में पायस अर्थात् इमल्शन का उपयोग होता है। इसमें रंजक चूर्ण को अण्डे की जर्दी, गोंद, कैसीन अथवा जल एवं तेल के स्थायी मिश्रण के साथ मिलाया जाता है, जिससे वह सतह पर दृढ़ता से बँध जाता है। यह शीघ्र सूखता है, इसीलिए इसमें बारीक रेखाओं तथा परत-दर-परत कार्य से सूक्ष्म प्रभाव उत्पन्न किए जाते हैं और सूखने के बाद इसकी सतह मैट तथा अत्यन्त टिकाऊ होती है। पुनर्जागरण से पूर्व यूरोप में तथा भारत में अजन्ता की भित्तिचित्र परम्परा में यही प्रमुख विधि रही।
Q2. दृश्य कला के मूल तत्व एवं सिद्धान्त का सही क्रम बताइए :
Right Answer: मॉडलिंग, मोल्डिंग, कास्टिंग, फिनिशिंग
धातु अथवा प्लास्टर की मूर्ति बनाने की प्रक्रिया एक निश्चित क्रम में चलती है। सबसे पहले मॉडलिंग की जाती है, जिसमें चिकनी मिट्टी अथवा मोम से कलाकार मूल आकृति गढ़ता है और यही उसकी मौलिक रचना होती है। इसके बाद मोल्डिंग होती है, जिसमें उस मॉडल के ऊपर प्लास्टर अथवा रबर का साँचा बनाया जाता है और मूल मॉडल हटा लिया जाता है। तीसरे चरण में कास्टिंग होती है, जिसमें साँचे में पिघली धातु अथवा तरल पदार्थ भरकर प्रतिकृति तैयार की जाती है। अन्त में फिनिशिंग में जोड़ मिटाए जाते हैं, सतह घिसी जाती है तथा पेटिना चढ़ाया जाता है।
Q3. तैल रंगों को मोम के साथ मिश्रित कर लगाने की क्रिया को कहते हैं :
Right Answer: एनकास्टिक
एनकास्टिक वह प्राचीन चित्रण प्रविधि है जिसमें रंजक को गरम मोम, विशेषतः मधुमक्खी के मोम, के साथ मिलाकर लगाया जाता है और तत्पश्चात् ऊष्मा देकर सतह पर स्थिर किया जाता है। ‘एनकास्टिक’ यूनानी शब्द से बना है जिसका अर्थ है ‘आग में जलाना’। यह अत्यन्त टिकाऊ होती है और इसमें रंग सदियों तक चमकदार बने रहते हैं, जिसका प्रमाण मिस्र के फ़यूम व्यक्तिचित्र हैं। इससे मोटी परत तथा त्रिआयामी बनावट भी बनाई जा सकती है। इसके विपरीत इम्पैस्टो में रंग को मोटी परत में लगाया जाता है और बाटिक में मोम अवरोधक का कार्य करता है।
Q4. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए :
सूची-I
(a) पैराफिन वैक्स
(b) पायस
(c) कार्विंग
(d) आला प्राइम
सूची-II
(i) मूर्ति
(ii) तैल चित्रण
(iii) टेम्परा
(iv) बाटिक
Right Answer: (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(ii)
पैराफिन वैक्स बाटिक में प्रयुक्त होता है, जहाँ मोम को अवरोधक के रूप में कपड़े पर लगाकर शेष भाग रँगा जाता है और बाद में मोम हटा दिया जाता है, जिससे विशिष्ट दरारदार प्रभाव उभरता है। पायस अर्थात् इमल्शन टेम्परा का माध्यम है, जिसमें रंजक को अण्डे की जर्दी अथवा गोंद के साथ मिलाया जाता है। कार्विंग मूर्तिकला की अपकर्षी प्रक्रिया है, जिसमें पत्थर अथवा लकड़ी से अनावश्यक भाग हटाकर रूप निकाला जाता है। आला प्राइम तैल चित्रण की वह विधि है जिसमें पूरा चित्र गीले-पर-गीले रंग से एक ही बैठक में पूर्ण कर लिया जाता है।
Q5. ऐक्रेलिक रंगों के शीघ्रता से सूखने को कम करने के लिए रंगों में कौन - सा पदार्थ मिलाया जाता है ?
Right Answer: मंदक (रिटार्डर्स)
ऐक्रेलिक रंग जल-आधारित बहुलक पायस पर आधारित होते हैं और जल के वाष्पित होते ही अत्यन्त शीघ्र सूख जाते हैं, जिससे रंगों को आपस में मिलाकर कोमल संक्रमण बनाना कठिन हो जाता है। इस समस्या के समाधान हेतु रंगों में मंदक अर्थात् रिटार्डर मिलाया जाता है, जो प्रायः ग्लिसरीन अथवा प्रोपिलीन ग्लाइकॉल आधारित होता है और वाष्पीकरण की गति घटाकर रंग को अधिक समय तक कार्ययोग्य बनाए रखता है। इससे कलाकार को मिश्रण, छायांकन तथा गीले-पर-गीले कार्य का पर्याप्त समय मिल जाता है। इसकी मात्रा सीमित रखनी चाहिए, अन्यथा परत दुर्बल हो जाती है।
Q6. मूर्तिकला की उस प्रक्रिया को पहचानें जिसमें तरल पदार्थ को आमतौर पर एक सांचे में डाला जाता है :
Right Answer: कास्टिंग
कास्टिंग वह मूर्तिकला प्रक्रिया है जिसमें किसी तरल पदार्थ को साँचे में डालकर उसे ठोस होने दिया जाता है और इस प्रकार मूल मॉडल की प्रतिकृति प्राप्त की जाती है। इसमें पिघली धातु, प्लास्टर ऑफ पेरिस, कंक्रीट, फाइबरग्लास अथवा रेजिन का उपयोग किया जाता है। इसकी सर्वाधिक प्रसिद्ध विधि मधुच्छिष्ट अर्थात् लॉस्ट वैक्स प्रक्रिया है, जिसमें मोम का मॉडल बनाकर उस पर मिट्टी चढ़ाई जाती है, फिर तपाकर मोम बहा दिया जाता है और उस रिक्त स्थान में धातु भरी जाती है। यह संकलनात्मक प्रक्रिया है, जबकि कार्विंग अपकर्षी और मॉडलिंग योगात्मक है।