Fine Art: 60 MCQs with Answers
Your Progress
0%Fine Art MCQ Questions and Answers
Fine Art MCQs on Indian and Western painting, sculpture, art history and art techniques. Get Fine Art multiple choice questions with detailed answers and explanations. India Study Institute brings Fine Art MCQ Questions and Answers for HTET Exam. ललित कला विषय के महत्त्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न, उत्तर एवं व्याख्या सहित — HTET, CTET, UGC-NET, KVS, NVS एवं अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के लिए उपयोगी।
Other Exam Papers:
- HTET PGT Computer Science 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT Geography 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT History 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT Biology 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT Chemistry 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT Commerce 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT Economics 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT English 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT Home Science 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT Mathematics 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT Music 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT Hindi 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT Physics 2024 Solved Exam Paper
- HTET PGT Physical Education 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT Psychology 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT Sanskrit 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT Sociology 2024 Solved Exam Paper

- HTET PGT Fine Art 2024 Solved Exam Paper

- HTET PRT 2024 Solved Exam Paper

Q21. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए :
सूची-I
(a) शिकार का दृश्य
(b) घायल सूअर
(c) घुड़सवार — शेल्टर दीवार पर उकेरा गया
(d) डोलमेन्स
सूची-II
(i) सिंगनपुर रॉक पेंटिंग — बैंगनी, हल्का पीला, बरगंडी
(ii) मिर्जापुर रॉक पेंटिंग — बैंगनी, हल्का पीला, बरगंडी
(iii) बरथा दर झरने के पास भरतपुर
(iv) रायचूर
Right Answer: (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)
Explanation:
भारत में शैलचित्रों के अनेक महत्त्वपूर्ण केन्द्र मिले हैं। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित सिंगनपुर के शैलाश्रयों में आखेट के जीवंत दृश्य बैंगनी, हल्के पीले तथा बरगंडी रंगों में अंकित हैं। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर क्षेत्र के शैलचित्रों में घायल सूअर का प्रसिद्ध चित्रण मिलता है, जिसमें आहत पशु की पीड़ा एवं गति अत्यन्त सजीव रूप में उकेरी गई है। भरतपुर के निकट बरथा दर झरने के पास के आश्रय की दीवार पर घुड़सवार का चित्रण है, जो अपेक्षाकृत परवर्ती काल का है। रायचूर क्षेत्र अपने महापाषाणीय डोलमेन्स के लिए प्रसिद्ध है।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q22. चट्टान पर उत्कीर्णन या कार्विंग को क्या कहा जाता है ?
Right Answer: पेट्रोग्लिफ्स
Explanation:
चट्टान की सतह पर खोदकर, गोदकर, रगड़कर अथवा छेनी से काटकर बनाई गई आकृतियों को पेट्रोग्लिफ कहा जाता है। यह शब्द यूनानी मूल का है, जिसमें ‘पेट्रो’ का अर्थ पत्थर तथा ‘ग्लिफ’ का अर्थ उत्कीर्णन है। इसके विपरीत चट्टान पर रंग से बनाए गए चित्र पिक्टोग्राफ कहलाते हैं। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र, लद्दाख तथा कर्नाटक में विशाल पेट्रोग्लिफ मिले हैं, जिनमें पशु, मानव आकृतियाँ एवं ज्यामितीय चिह्न अंकित हैं। पेट्रोफॉर्म वे आकृतियाँ हैं जो जमीन पर पत्थर रखकर बनाई जाती हैं। ये दोनों मिलकर शैलकला के अध्ययन का आधार बनते हैं।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q23. विस्कॉसिटी मुद्रण किसके उपयोग से किया जाता है ?
Right Answer: विभिन्न कठोरता के रोलर्स
Explanation:
विस्कॉसिटी मुद्रण एक बहुरंगी छापाचित्रण तकनीक है, जिसे स्टेनली विलियम हेटर तथा कृष्णा रेड्डी ने पेरिस के एटलिये-17 में विकसित किया। इसमें एक ही प्लेट से अनेक रंग एक साथ छापे जाते हैं और इसका आधार यह है कि भिन्न श्यानता वाली स्याहियाँ आपस में मिश्रित नहीं होतीं। प्लेट को गहराई के अनुसार तैयार कर उस पर विभिन्न कठोरता के रोलर्स से स्याही चढ़ाई जाती है — कठोर रोलर केवल ऊँची सतह पर तथा मुलायम रोलर गहरे भागों तक रंग पहुँचाता है। इस प्रकार एक ही मुद्रण में समृद्ध रंग-स्तर प्राप्त होते हैं।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q24. 1904 में पहला राष्ट्रीय ध्वज किसने बनाया था ?
Right Answer: सिस्टर निवेदिता
Explanation:
1904 में प्रथम राष्ट्रीय ध्वज की परिकल्पना एवं रचना सिस्टर निवेदिता ने की, जो स्वामी विवेकानन्द की आयरिश शिष्या थीं। यह ध्वज वर्गाकार था, जिसमें लाल पृष्ठभूमि पर पीले रंग का वज्र चिह्न तथा श्वेत कमल अंकित था और किनारों पर बांग्ला में ‘वन्दे मातरम्’ लिखा था। लाल रंग स्वतंत्रता संग्राम, पीला विजय तथा श्वेत कमल पवित्रता का प्रतीक था, और वज्र शक्ति एवं दृढ़ संकल्प का। इसे 1906 में कलकत्ता की एक कांग्रेस प्रदर्शनी में दिखाया गया। बाद में पिंगली वेंकैया ने 1921 में उस ध्वज की रचना की जिससे वर्तमान तिरंगा विकसित हुआ।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q25. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए :
सूची-I
(a) अर्पणा कौर
(b) अंजलि इला मेनन
(c) अर्पिता सिंह
(d) देवयानी कृष्ण
सूची-II
(i) अ टायर्ड वुमन ऐण्ड मैन अगेंस्ट द वॉल
(ii) टाइम इमेज
(iii) तबला वादक
(iv) फ्राउ रेडिक
Right Answer: (a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)
Explanation:
अर्पणा कौर की ‘टाइम इमेज’ समय, स्मृति एवं स्त्री-अस्तित्व के प्रश्नों को उठाती है; उनके चित्रों में विभाजन तथा 1984 की हिंसा की स्मृतियाँ बार-बार लौटती हैं। अंजलि इला मेनन की ‘फ्राउ रेडिक’ मैसोनाइट बोर्ड पर तैलरंग से बना उनका सर्वाधिक चर्चित व्यक्तिचित्र है, जिसमें उनकी विशिष्ट पारदर्शी परत-दर-परत तकनीक दिखती है। अर्पिता सिंह की ‘अ टायर्ड वुमन ऐण्ड मैन अगेंस्ट द वॉल’ में लोक-शैली के सपाट रंग तथा स्त्री के अकेलेपन का चित्रण है। देवयानी कृष्ण ने ‘तबला वादक’ में संगीत एवं लय को रेखा में ढाला।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q26. उस छापा चित्रण तकनीक की पहचान करें जिसमें बारीक पाउडर वाले राल के कणों से युक्त छिन्द्रपूर्ण जमीन का उपयोग किया जाता है :
Right Answer: एक्वाटिंट
Explanation:
एक्वाटिंट एक इंटैग्लियो छापा-तकनीक है, जिसमें धातु की प्लेट पर बारीक पाउडर वाले राल के कण छिड़ककर उन्हें ऊष्मा से चिपका दिया जाता है, जिससे एक छिद्रपूर्ण जमीन बन जाती है। अम्ल इन कणों के बीच की सूक्ष्म खाली जगहों से प्लेट को खोदता है और इस प्रकार समतल टोन प्राप्त होता है, जो जलरंग के धुले हुए प्रभाव जैसा दिखता है। खुले भाग जितनी देर अम्ल में रहेंगे, टोन उतना ही गहरा होगा। इसीलिए इसे प्रायः एचिंग की रेखाओं के साथ मिलाकर प्रयोग किया जाता है। गोया ने इस तकनीक को अत्यन्त ऊँचाई तक पहुँचाया।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q27. जानवर द्वारा एक आदमी का शिकार करते हुए चित्र किस गुफा में पाया गया है ?
Right Answer: लेखामोंडा
Explanation:
लेखामोंडा की गुफा में वह असाधारण शैलचित्र मिला है जिसमें एक पशु मनुष्य का शिकार करता हुआ दिखाया गया है। यह प्रागैतिहासिक शैलकला में दुर्लभ विषय है, क्योंकि अधिकांश चित्रों में मनुष्य ही आखेटक के रूप में दिखाई देता है। ऐसे चित्र यह संकेत देते हैं कि आदिम मानव के लिए वन्य पशु केवल आहार नहीं, अपितु निरन्तर भय एवं संघर्ष का स्रोत भी थे। शैलचित्रों का यह वर्ग तत्कालीन जीवन की असुरक्षा को अभिव्यक्त करता है। भीमबेटका, पचमढ़ी तथा केरल की एडक्कल गुफाएँ भारत के अन्य प्रमुख शैलकला केन्द्र हैं।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q28. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए :
सूची-I
(a) अपोजिशन (विपक्ष)
(b) इन बॉन्डेज
(c) फेमिन
(d) ऐनिमल
सूची-II
(i) प्रोदोष दास गुप्ता
(ii) धनराज भगत
(iii) नागजी पटेल
(iv) राम किंकर बैज
Right Answer: (a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii)
Explanation:
धनराज भगत की ‘अपोजिशन’ में दो विरोधी शक्तियों का तनाव ज्यामितीय एवं रैखिक रूपों में व्यक्त हुआ है; वे दिल्ली शिल्पी चक्र के संस्थापक सदस्यों में थे और लकड़ी, प्लास्टर तथा धातु में समान अधिकार रखते थे। प्रोदोष दास गुप्ता की ‘इन बॉन्डेज’ बन्धन एवं मुक्ति की छटपटाहट को मानव आकृति के मरोड़ में ढालती है; वे कलकत्ता ग्रुप के संस्थापक थे। रामकिंकर बैज की ‘फेमिन’ 1943 के बंगाल अकाल की भयावहता का सशक्त दस्तावेज है। नागजी पटेल पत्थर में तराशी गई पशु-आकृतियों तथा वृषभ-रूपों के लिए विख्यात रहे।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q29. बृहदीश्वर मंदिर के ‘गंगइकोंडा’ की उपाधि किसने ग्रहण की ?
Right Answer: राजेन्द्र I
Explanation:
‘गंगईकोण्ड’ अर्थात् गंगा को जीतने वाले की उपाधि चोल सम्राट राजेन्द्र प्रथम ने ग्रहण की। उन्होंने अपने सेनापति के नेतृत्व में उत्तर की ओर विशाल अभियान भेजा, जो बंगाल तक पहुँचा और पाल शासक महीपाल को पराजित कर गंगाजल लेकर लौटा। इसी विजय के स्मरण में उन्होंने नई राजधानी गंगईकोण्डचोलपुरम बसाई और वहाँ अपने पिता राजराज प्रथम के तंजावुर स्थित बृहदीश्वर मंदिर की शैली पर एक विशाल शिव मंदिर बनवाया। उन्होंने श्रीविजय के विरुद्ध नौसैनिक अभियान भी भेजा, जिससे चोल शक्ति दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैल गई।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q30. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए :
सूची-I
(a) अभारतीय कथाओं के चित्र
(b) भारतीय कथाओं के चित्र
(c) ऐतिहासिक चित्र
(d) व्यक्ति चित्र
सूची-II
(i) अकबरनामा
(ii) शबीह
(iii) हम्जानामा
(iv) रज़्मनामा
Right Answer: (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(ii)
Explanation:
अकबर के चित्रशाला में विविध विषयों पर विपुल कार्य हुआ। अभारतीय अर्थात् फारसी-अरबी कथा-परम्परा का प्रतिनिधित्व ‘हम्जानामा’ करता है, जिसमें अमीर हमजा के साहसिक कारनामों के लगभग चौदह सौ विशाल चित्र सूती कपड़े पर बने। भारतीय कथाओं में महाभारत का फारसी अनुवाद ‘रज़्मनामा’ प्रमुख है, जिसके साथ रामायण एवं पंचतंत्र पर भी कार्य हुआ। ऐतिहासिक चित्रण का श्रेष्ठ उदाहरण अबुल फजल रचित ‘अकबरनामा’ है, जिसमें दरबारी घटनाएँ सजीव रूप में अंकित हैं। व्यक्तिचित्र को ‘शबीह’ कहा जाता था।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
0 Comments
Be the first to comment.
Leave a comment
Your email will not be published. Comments are reviewed before appearing.