Biology: 60 MCQs with Answers

Biology MCQ Questions
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Biology MCQs on cell biology, genetics, plant and animal physiology, ecology and biotechnology। जीव विज्ञान विषय के महत्त्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न, उत्तर एवं व्याख्या सहित — HTET, CTET, UGC-NET, KVS, NVS एवं अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के लिए उपयोगी।

Q11. RUBISCO विकर के लिए क्रियाधार है :

Right Answer: रिबुलोज़ 1, 5 बिस्फॉस्फेट

रुबिस्को अर्थात् रिबुलोज बिस्फॉस्फेट कार्बोक्सिलेज-ऑक्सीजनेज पृथ्वी का सर्वाधिक प्रचुर एन्जाइम माना जाता है और इसका क्रियाधार रिबुलोज 1,5-बिस्फॉस्फेट है, जो पाँच कार्बन वाला यौगिक है। केल्विन चक्र के कार्बन स्थिरीकरण चरण में यह एन्जाइम कार्बन डाइऑक्साइड को रिबुलोज 1,5-बिस्फॉस्फेट से जोड़ता है, जिससे तीन कार्बन वाले फॉस्फोग्लिसरिक अम्ल के दो अणु बनते हैं। इसकी विशेषता यह है कि इसमें ऑक्सीजन के प्रति भी बन्धुता होती है, और ऑक्सीजन की अधिक सान्द्रता में यह प्रकाश-श्वसन आरम्भ कर देता है, जिससे उत्पादकता घट जाती है।

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Q12. साइकस की प्रवालाभ जड़ों में शैवाल क्षेत्र पाया जाता है :

Right Answer: मध्य वल्कुट में

साइकस में सामान्य मूसला जड़ों के अतिरिक्त विशेष प्रकार की प्रवालाभ जड़ें पाई जाती हैं, जो मूँगे जैसी शाखित होकर भूमि की सतह की ओर ऊपर उठती हैं। इनकी अनुप्रस्थ काट में मध्य वल्कुट में एक विशिष्ट शैवाल क्षेत्र दिखाई देता है, जहाँ एनाबीना तथा नॉस्टॉक जैसे नील-हरित शैवाल श्लेष्मा से भरी गुहा में निवास करते हैं। ये शैवाल वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर पौधे को नाइट्रोजनयुक्त यौगिक देते हैं और बदले में आश्रय एवं भोजन प्राप्त करते हैं। यह सहजीविता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

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Q13. निम्नलिखित में से कौन - सा ‘क्राई’ जीन मक्का छेदक को नियंत्रित करने में उपयोग होता है ?

Right Answer: क्राई I एबी

बैसिलस थुरिंजिएंसिस नामक जीवाणु से प्राप्त क्राई जीन विषैले प्रोटीन क्रिस्टल का कूटलेखन करते हैं, जिन्हें विभिन्न फसलों में स्थानान्तरित कर कीट-प्रतिरोधी बीटी किस्में बनाई जाती हैं। इनमें से क्राई I एबी जीन मक्का छेदक अर्थात् कॉर्न बोरर को नियंत्रित करने में प्रयुक्त होता है। क्राई I एसी तथा क्राई II एबी जीन कपास के गोलक कीट को नियंत्रित करते हैं, जिनसे बीटी कपास विकसित हुई, तथा क्राई III एबी भृंग को नियंत्रित करता है। यह प्रोटीन कीट की क्षारीय आँत में सक्रिय होकर उपकला कोशिकाओं में छिद्र बना देता है।

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Q14. निम्न में से गलत कथन को चुनें :

Right Answer: भूमध्यरेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर जाति विविधता बढ़ती जाती है।

पहला कथन गलत है, क्योंकि जाति विविधता भूमध्यरेखा से ध्रुवों की ओर बढ़ती नहीं, बल्कि घटती जाती है; इसे अक्षांशीय प्रवणता कहा जाता है। उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में विविधता अधिक होने के कारण हैं — वहाँ लम्बे समय तक हिमयुग जैसी उथल-पुथल नहीं हुई, अतः जातियों को विकसित होने के लिए स्थिर एवं दीर्घ काल मिला; वहाँ का वातावरण अपेक्षाकृत स्थिर एवं कम मौसमी है; और वहाँ सौर ऊर्जा अधिक उपलब्ध होने से उत्पादकता ऊँची रहती है। अमेजन वर्षा वन पृथ्वी का सर्वाधिक जैव विविधतापूर्ण क्षेत्र है और कीट सर्वाधिक जाति-समृद्ध जन्तु वर्ग हैं।

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Q15. कॉलम-I को कॉलम-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूटों की सहायता से सही उत्तर चुनिए :

कॉलम-I (उपयोगी वस्तु)
(a) कुनैन
(b) कॉफी
(c) चाय
(d) हींग

कॉलम-II (स्रोत)
(i) मूल
(ii) पर्ण
(iii) बीज
(iv) छाल

Right Answer: (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)

कुनैन सिनकोना वृक्ष की छाल से प्राप्त होने वाला क्षारोद है और यह मलेरिया की प्राचीनतम प्रभावी औषधि रही है। कॉफी कॉफिया अरेबिका के बीजों से बनती है, जिन्हें भूनकर एवं पीसकर उपयोग में लाया जाता है। चाय कैमेलिया साइनेन्सिस की कोमल पत्तियों तथा कलिकाओं से तैयार की जाती है, जिन्हें विभिन्न स्तर तक ऑक्सीकृत कर हरी अथवा काली चाय बनाई जाती है। हींग फेरुला एसाफोटिडा की मोटी मूल एवं प्रकन्द से निकलने वाले दूधिया रस को सुखाकर प्राप्त की जाती है और भारतीय भोजन में पाचक मसाले के रूप में प्रयुक्त होती है।

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Q16. एक प्ररूपी आवृतबीजीय भ्रूण - कोष परिपक्व होने पर होता है :

Right Answer: 8 केन्द्रीय व 7 कोशिकीय

प्ररूपी आवृतबीजी भ्रूणकोष का विकास पॉलीगोनम प्रकार का होता है, जिसमें गुरुबीजाणु का केन्द्रक तीन क्रमिक समसूत्री विभाजनों से आठ केन्द्रक उत्पन्न करता है। इसके बाद कोशिका-भित्तियाँ बनने पर सात कोशिकाएँ बनती हैं, क्योंकि दो ध्रुवीय केन्द्रक एक ही बड़ी केन्द्रीय कोशिका में रह जाते हैं। इस प्रकार परिपक्व भ्रूणकोष आठ केन्द्रकीय तथा सात कोशिकीय होता है। बीजाण्डद्वार की ओर तीन कोशिकाओं का अण्ड समुच्चय होता है, जिसमें एक अण्डकोशिका एवं दो सहायक कोशिकाएँ रहती हैं, निभाग की ओर तीन प्रतिव्यासांत कोशिकाएँ तथा बीच में द्विकेन्द्रकी केन्द्रीय कोशिका।

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Q17. निम्नलिखित में से कौन - सा कथन ब्रायोफाइटा के लिए सत्य नहीं है ?

Right Answer: लैंगिक जनन असमयुग्मकी प्रकार का होता है।

ब्रायोफाइटा में युग्मकोद्भिद प्रावस्था प्रमुख एवं स्वपोषी होती है, जबकि बीजाणुद्भिद उस पर पोषण के लिए आश्रित रहता है। इनमें नर युग्मक चलायमान होते हैं, अतः निषेचन के लिए जल अनिवार्य है और इसी कारण इन्हें ‘पादप जगत के उभयचर’ कहा जाता है। अर्धसूत्री विभाजन केवल बीजाणुधानी की बीजाणु मातृ कोशिकाओं में होता है। चौथा कथन असत्य है, क्योंकि इनका लैंगिक जनन असमयुग्मकी नहीं बल्कि विषमयुग्मकी अर्थात् अण्डयुग्मकी प्रकार का होता है, जिसमें बड़ा निश्चल अण्ड तथा छोटा चलायमान पुंयुग्मक भाग लेते हैं।

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Q18. GEAC का पूरा नाम क्या है ?

Right Answer: जेनेटिक इंजीनियरिंग अपू्रवल कमेटी

जी०ई०ए०सी० का पूरा नाम जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रूवल कमेटी है, जिसे अब आनुवंशिक अभियांत्रिकी मूल्यांकन समिति कहा जाता है। यह पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अन्तर्गत कार्य करने वाली शीर्ष नियामक संस्था है। इसका दायित्व आनुवंशिक रूप से रूपान्तरित जीवों तथा उनसे बने उत्पादों से जुड़े अनुसंधान, बड़े पैमाने पर उपयोग, पर्यावरणीय निर्मुक्ति एवं व्यावसायिक खेती के प्रस्तावों की वैज्ञानिक जाँच कर स्वीकृति देना है। यह यह भी देखती है कि ऐसे अनुसंधान जनसामान्य के लिए सुरक्षित हों।

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Q19. निम्नलिखित में से कौन - सा एक लिंग सहलग्न मेंडलीय विकार है ?

Right Answer: हीमोफीलिया

हीमोफीलिया एक लिंग सहलग्न अप्रभावी मेंडलीय विकार है, जिसका जीन X गुणसूत्र पर स्थित होता है। इसमें रक्त स्कन्दन कारक की कमी के कारण एक बार रक्तस्राव आरम्भ होने पर वह लम्बे समय तक नहीं रुकता। पुरुष में केवल एक X गुणसूत्र होने के कारण एक ही उत्परिवर्ती युग्मविकल्पी से रोग प्रकट हो जाता है, जबकि स्त्री तभी रोगी होती है जब दोनों X पर उत्परिवर्तन हो; अतः स्त्रियाँ प्रायः वाहक रहती हैं। इसके विपरीत फीनाइल कीटोनूरिया, दात्र कोशिका अरक्तता तथा थैलेसीमिया अलिंगसूत्री विकार हैं।

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Q20. एक पादप प्रजाति के लिए निम्नलिखित कथनों को पढ़ें और सही विकल्प चुनें :

(a) पारिज आकारिकी रूप से भिन्न होते हैं और अंतःप्रजननक्षम होते हैं।

(b) पारिस्थितिक प्ररूप आनुवंशिक रूप से भिन्न होते हैं और अंतःप्रजननक्षम होते हैं।

Right Answer: (a) व (b) दोनों सही हैं।

दोनों कथन सही हैं। पारिज अर्थात् इकैड किसी एक ही प्रजाति की वे आबादियाँ हैं जो भिन्न आवासों में रहने के कारण आकारिकी में भिन्न दिखाई देती हैं, किन्तु यह भिन्नता केवल पर्यावरणजन्य होती है; इन्हें समान परिस्थिति में उगाने पर अन्तर मिट जाता है और वे परस्पर सरलता से प्रजनन कर लेती हैं। पारिस्थितिक प्ररूप अर्थात् इकोटाइप वे आबादियाँ हैं जो किसी विशिष्ट आवास के लिए आनुवंशिक रूप से अनुकूलित हो चुकी हैं, अतः उनका अन्तर वंशागत होता है, फिर भी वे एक ही प्रजाति की होने के कारण अन्तःप्रजननक्षम बनी रहती हैं।

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Published: | Last Updated: | Total Questions: 60
Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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