Biology - Cell Biology and Genetics: 11 MCQs with Answers
Biology- Cell Biology and Genetics
Your Progress
0%Q1. निम्नलिखित में से कौन - सा अमीनो अम्ल केवल एक प्रकूट द्वारा कूटलेखित होता है ?
Right Answer: ट्रिप्टोफैन
Explanation:
आनुवंशिक कूट अपह्रासित होता है, अर्थात् अधिकांश अमीनो अम्लों के लिए एक से अधिक प्रकूट होते हैं। इसका अपवाद केवल दो अमीनो अम्ल हैं — ट्रिप्टोफैन, जिसका एकमात्र प्रकूट UGG है, तथा मेथियोनीन, जिसका एकमात्र प्रकूट AUG है और जो प्रारम्भन प्रकूट भी है। इसके विपरीत सेरीन तथा ल्यूसीन के छह-छह प्रकूट होते हैं, वैलीन एवं ग्लाइसीन के चार-चार। अपह्रासन का जैविक लाभ यह है कि तीसरे क्षार में होने वाला उत्परिवर्तन प्रायः अमीनो अम्ल नहीं बदलता, जिसे मूक उत्परिवर्तन कहते हैं।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q2. MN रक्त समूह प्रणाली के लिए M और N की आवृत्तियाँ क्रमशः 0.6 और 0.4 हैं। MN रक्त समूह वाले व्यक्तियों की अपेक्षित आवृत्ति संभवतः होगी :
Right Answer: 48%
Explanation:
हार्डी-वाइनबर्ग सिद्धांत के अनुसार यदि किसी द्वि-युग्मविकल्पी लक्षण में एक युग्मविकल्पी की आवृत्ति p तथा दूसरे की q हो, तो विषमयुग्मजी व्यक्तियों की अपेक्षित आवृत्ति 2pq होती है। MN रक्त समूह प्रणाली सह-प्रभाविता का उत्तम उदाहरण है, जिसमें विषमयुग्मजी व्यक्ति MN समूह के होते हैं। यहाँ M की आवृत्ति 0.6 तथा N की 0.4 दी गई है, अतः MN की आवृत्ति 2 गुणा 0.6 गुणा 0.4 अर्थात् 0.48 होगी, जो प्रतिशत में 48 प्रतिशत बैठती है। इसी प्रकार M समूह 36 प्रतिशत तथा N समूह 16 प्रतिशत होगा।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q3. ई० कोलाई में आधार युग्मों की संख्या की गणना करें, यदि इसके डी० एन० ए० की लम्बाई 1.7 मिमी है :
Right Answer: 5 × 10 6 bp
Explanation:
द्विकुण्डलित डी०एन०ए० में दो क्रमागत क्षार-युग्मों के बीच की दूरी 0.34 नैनोमीटर अर्थात् 0.34 गुणा 10 की घात ऋण 9 मीटर होती है। यहाँ ई० कोलाई के डी०एन०ए० की लम्बाई 1.7 मिलीमीटर दी गई है, जो 1.7 गुणा 10 की घात ऋण 3 मीटर के बराबर है। क्षार-युग्मों की संख्या ज्ञात करने के लिए कुल लम्बाई को एक क्षार-युग्म की लम्बाई से भाग दिया जाता है। इस प्रकार 1.7 गुणा 10 की घात ऋण 3 को 0.34 गुणा 10 की घात ऋण 9 से भाग देने पर लगभग 5 गुणा 10 की घात 6 क्षार-युग्म प्राप्त होते हैं।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q4. निम्नलिखित में से कौन - सा एक लिंग सहलग्न मेंडलीय विकार है ?
Right Answer: हीमोफीलिया
Explanation:
हीमोफीलिया एक लिंग सहलग्न अप्रभावी मेंडलीय विकार है, जिसका जीन X गुणसूत्र पर स्थित होता है। इसमें रक्त स्कन्दन कारक की कमी के कारण एक बार रक्तस्राव आरम्भ होने पर वह लम्बे समय तक नहीं रुकता। पुरुष में केवल एक X गुणसूत्र होने के कारण एक ही उत्परिवर्ती युग्मविकल्पी से रोग प्रकट हो जाता है, जबकि स्त्री तभी रोगी होती है जब दोनों X पर उत्परिवर्तन हो; अतः स्त्रियाँ प्रायः वाहक रहती हैं। इसके विपरीत फीनाइल कीटोनूरिया, दात्र कोशिका अरक्तता तथा थैलेसीमिया अलिंगसूत्री विकार हैं।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q5. लैक प्रचालेक (ओपेरॉन) का दमनकारी प्रोटीन द्वारा नियमन माना जाता है :
Right Answer: ऋणात्मक नियमन
Explanation:
जैकब एवं मोनो द्वारा वर्णित लैक प्रचालेक में तीन संरचनात्मक जीन — z, y तथा a — एक ही प्रवर्तक के नियंत्रण में रहते हैं। नियामक जीन से बना दमनकारी प्रोटीन प्रचालक स्थल से जुड़कर आर०एन०ए० पॉलिमरेज को आगे बढ़ने से रोक देता है, जिससे प्रतिलेखन बन्द रहता है। चूँकि यहाँ नियंत्रक अणु जीन-अभिव्यक्ति को रोकता है, इसलिए इसे ऋणात्मक नियमन कहा जाता है। लैक्टोज उपस्थित होने पर एलोलैक्टोज प्रेरक के रूप में दमनकारी से जुड़कर उसकी आकृति बदल देता है और वह प्रचालक से हट जाता है, जिससे प्रतिलेखन आरम्भ हो जाता है।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q6. निम्नलिखित में से गलत जोड़ी अथवा जोड़ियों को नीचे दिये गये कूटों की सहायता से चुनिए :
(a) अम्लीय अमीनो अम्ल – ग्लूटामिक अम्ल
(b) क्षारीय अमीनो अम्ल – वैलीन
(c) उदासीन अमीनो अम्ल – लाइसिन
(d) एरोमैटिक अमीनो अम्ल – फेनिलएलनिन
Right Answer: (b) व (c)
Explanation:
अमीनो अम्लों को उनके पार्श्व समूह की प्रकृति के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। ग्लूटामिक अम्ल में अतिरिक्त कार्बोक्सिल समूह होने से वह अम्लीय है, अतः पहला युग्म सही है। फेनिलएलनिन में बेंजीन वलय होने से वह एरोमैटिक है, अतः चौथा युग्म भी सही है। दूसरा तथा तीसरा युग्म आपस में उलट गए हैं — वैलीन शाखित शृंखला वाला उदासीन एवं जलविरागी अमीनो अम्ल है, जबकि लाइसिन में अतिरिक्त अमीनो समूह होने के कारण वह क्षारीय है। अतः यही दोनों युग्म गलत हैं।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q7. निम्नलिखित युग्मों में से सही युग्म अथवा युग्मों का चयन कीजिए :
(i) डाउन सिंड्रोम – गुणसूत्र 21 की त्रिसूत्रता
(ii) क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम – XXY
(iii) टर्नर सिंड्रोम – XO
Right Answer: (i), (ii) व (iii)
Explanation:
तीनों युग्म सही हैं। डाउन सिंड्रोम इक्कीसवें गुणसूत्र की एक अतिरिक्त प्रति अर्थात् त्रिसूत्रता से होता है, जिसमें कुल गुणसूत्र संख्या 47 हो जाती है; इसमें छोटा कद, चपटी गर्दन, अर्ध-खुला मुख तथा मन्द बुद्धि जैसे लक्षण दिखते हैं। क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम में लिंग गुणसूत्र XXY होते हैं, जिससे पुरुष में स्त्रियोचित लक्षण उभरते हैं और वह प्रायः बन्ध्य रहता है। टर्नर सिंड्रोम में एक X गुणसूत्र अनुपस्थित रहता है अर्थात् XO स्थिति बनती है, जिससे स्त्री का कद छोटा रहता है, अण्डाशय अविकसित रहते हैं और वह बन्ध्य होती है।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q8. युग्मित तारक केन्द्र कोशिका चक्र के किस चरण के दौरान दो जोड़ों में प्रतिकृति बनाते हैं ?
Right Answer: S
Explanation:
कोशिका चक्र की अन्तरावस्था तीन उप-प्रावस्थाओं में बँटी होती है। इनमें S अर्थात् संश्लेषण प्रावस्था वह है जिसमें डी०एन०ए० का प्रतिकरण होकर उसकी मात्रा दुगुनी हो जाती है, यद्यपि गुणसूत्र संख्या वही रहती है। इसी प्रावस्था में जन्तु कोशिका के कोशिकाद्रव्य में स्थित युग्मित तारक केन्द्र भी प्रतिकृति बनाकर दो जोड़ों में बदल जाते हैं, ताकि आगे चलकर विभाजन के समय दोनों ध्रुवों पर एक-एक जोड़ा पहुँच सके और तर्कु का निर्माण हो। G1 प्रावस्था में कोशिका वृद्धि करती है और G2 में विभाजन के लिए आवश्यक प्रोटीन एवं ऊर्जा संचित होती है।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q9. गुणसूत्रों का एक एकल सेट जिसमें एक प्रजाति के प्रत्येक प्रकार के गुणसूत्र की एक प्रति होती है, कहलाता है :
Right Answer: एकगुणित सेट
Explanation:
गुणसूत्रों का वह एकल समुच्चय जिसमें किसी प्रजाति के प्रत्येक प्रकार के गुणसूत्र की केवल एक प्रति उपस्थित हो, एकगुणित अर्थात् मोनोप्लॉइड सेट कहलाता है और इसे x से निरूपित किया जाता है। यह उस प्रजाति का आधारभूत गुणसूत्र समुच्चय होता है। इसके विपरीत अगुणित अर्थात् हैप्लॉइड संख्या n युग्मक में उपस्थित गुणसूत्रों की वास्तविक संख्या है। द्विगुणित प्रजातियों में x तथा n बराबर होते हैं, किन्तु बहुगुणित प्रजातियों में नहीं; जैसे षड्गुणित गेहूँ में x छह होता है परन्तु n इक्कीस, क्योंकि उसमें तीन जीनोम सम्मिलित हैं।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
Q10. मटर में निम्नलिखित में से किस लक्षण का अध्ययन मेंडल द्वारा नहीं किया गया था ?
Right Answer: पुष्प का आकार
Explanation:
ग्रेगर मेंडल ने उद्यान मटर पर अपने प्रयोगों में सात विपर्यासी लक्षण चुने — तने की लम्बाई, पुष्प का रंग, पुष्प की स्थिति, बीज का आकार, बीज का रंग, फली का आकार तथा फली का रंग। पुष्प का आकार इस सूची में सम्मिलित नहीं था। मेंडल की सफलता का बड़ा कारण यही था कि उन्होंने ऐसे लक्षण चुने जिनके केवल दो स्पष्ट एवं परस्पर विपरीत रूप थे, कोई मध्यवर्ती अवस्था नहीं थी। साथ ही मटर स्वपरागित होती है, एक ऋतु में ही जीवन-चक्र पूरा करती है और उसमें कृत्रिम परागण सरल है।
No suggestions yet — be the first.
Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.
0 Comments
Be the first to comment.
Leave a comment
Your email will not be published. Comments are reviewed before appearing.