Biology - Animal Diversity and Evolution: 5 MCQs with Answers
Biology- Animal Diversity and Evolution
जन्तु जगत का वर्गीकरण, परिवर्धन, अनिषेकजनन तथा जैव विकास के सिद्धांतों पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q1. कॉलम-I को कॉलम-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूटों की सहायता से सही उत्तर चुनिए :
कॉलम-I
(a) पूर्ण अनिषेकजनन
(b) अरहेनोटोकी
(c) थेलीटोकी
(d) अपूर्ण अनिषेकजनन
कॉलम-II
(i) अगुणित नर अनिषेक प्राणी
(ii) अनन्य मादा; नर दुर्लभ
(iii) चक्रीय अनिषेकजनन
(iv) द्विगुणित अनिषेकजनन
Right Answer: (a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii)
अनिषेकजनन में अनिषेचित अण्डे से ही नए जीव का विकास हो जाता है। पूर्ण अनिषेकजनन में जनन पूर्णतः इसी विधि से होता है, अतः वहाँ आबादी अनन्य रूप से मादाओं की रहती है और नर अत्यन्त दुर्लभ अथवा अनुपस्थित होते हैं। अरहेनोटोकी में अनिषेचित अण्डों से अगुणित नर उत्पन्न होते हैं, जैसा मधुमक्खी के ड्रोन में देखा जाता है। थेलीटोकी में अनिषेचित अण्डों से केवल द्विगुणित मादाएँ बनती हैं। अपूर्ण अनिषेकजनन चक्रीय होता है, जिसमें अनिषेकजनन तथा लैंगिक जनन ऋतु के अनुसार बारी-बारी चलते हैं, जैसे एफिड एवं डैफनिया में।
Q2. ओस्टिक्थीज़ के संदर्भ में सही कथन अथवा कथनों का चयन कीजिए :
(a) इनमें वायु कोष उपस्थित होता है।
(b) इनमें चार जोड़ी क्लोम छिद्र दोनों ओर प्रच्छद से ढके होते हैं।
(c) त्वचा प्लेकोइड शल्कों से ढकी होती है।
Right Answer: (a) व (b)
ओस्टिक्थीज अर्थात् अस्थिल मछलियों का अन्तःकंकाल अस्थिमय होता है। इनमें प्रायः वायु कोष अथवा वाताशय पाया जाता है, जो उत्प्लावन नियंत्रित कर मछली को बिना निरन्तर तैरे जल में स्थिर रहने देता है। इनके शरीर के दोनों ओर चार जोड़ी क्लोम छिद्र होते हैं, जो हड्डीदार प्रच्छद अर्थात् ऑपरकुलम से ढके रहते हैं। तीसरा कथन गलत है, क्योंकि प्लेकोइड शल्क उपास्थिल मछलियों अर्थात् कॉन्ड्रिक्थीज की विशेषता हैं; अस्थिल मछलियों की त्वचा साइक्लॉइड अथवा टीनॉइड शल्कों से ढकी होती है। रोहू, कतला तथा हिप्पोकैम्पस इसी वर्ग के हैं।
Q3. निम्नलिखित में से कौन - सा लक्षण सभी साइनोबैक्टीरिया के लिए सत्य नहीं है ?
Right Answer: उनमें वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर करने की क्षमता होती है।
साइनोबैक्टीरिया अर्थात् नील-हरित शैवाल प्रोकैरियोटिक जीव हैं, अतः उनमें झिल्लीबद्ध केन्द्रक तथा अन्य झिल्लीबद्ध कोशिकांग नहीं होते। उनमें क्लोरोफिल-a पाया जाता है, जिससे वे ऑक्सीजन मुक्त करने वाला प्रकाश संश्लेषण करते हैं, और उनकी कोशिका भित्ति सेलुलोज की नहीं बल्कि पेप्टिडोग्लाइकन की बनी होती है। पहला कथन सभी के लिए सत्य नहीं है, क्योंकि नाइट्रोजन स्थिरीकरण की क्षमता केवल उन्हीं जातियों में होती है जिनमें हेटरोसिस्ट नामक विशिष्ट मोटी भित्ति वाली कोशिकाएँ बनती हैं, जैसे एनाबीना एवं नॉस्टॉक; अनेक अन्य साइनोबैक्टीरिया यह कार्य नहीं करते।
Q4. विदलन के रेखांशिक तल में, विदलन खाँच का निर्माण होता है :
Right Answer: जन्तु ध्रुव व पीतक ध्रुव के मध्य से गुजरती हुई
विदलन के तल के आधार पर उसे रेखांशिक तथा अक्षांशिक वर्गों में बाँटा जाता है। रेखांशिक अथवा मध्याह्नीय विदलन में विदलन खाँच अण्डे के जन्तु ध्रुव से आरम्भ होकर उसके केन्द्र से गुजरती हुई पीतक ध्रुव तक पहुँचती है, ठीक उसी प्रकार जैसे पृथ्वी पर देशान्तर रेखाएँ दोनों ध्रुवों को जोड़ती हैं। इससे बनने वाली दोनों कोशिकाएँ प्रायः समान आकार की होती हैं और दोनों में पीतक का वितरण भी समान रहता है। इसके विपरीत अक्षांशिक विदलन की खाँच विषुवतीय तल के समानान्तर चलती है और मेढक में यह विषुवतीय तल के कुछ ऊपर पड़ती है।
Q5. कॉलम-I को कॉलम-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूटों की सहायता से सही उत्तर चुनिए :
कॉलम-I
(a) ओपेरिन
(b) लैमार्क
(c) डार्विन
(d) ह्यूगो डीव्रीज
कॉलम-II
(i) अंगों का उपयोग व अनुपयोग
(ii) प्राकृतिक चयन द्वारा विकास
(iii) साल्टेशन
(iv) आजीवात्जनन
Right Answer: (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)
रूसी वैज्ञानिक ए० आई० ओपेरिन ने हैल्डेन के साथ आजीवात्जनन अर्थात् रासायनिक उद्विकास का सिद्धांत दिया, जिसके अनुसार आदिम पृथ्वी की अपचायक परिस्थितियों में सरल अकार्बनिक अणुओं से क्रमशः कार्बनिक अणु एवं जीवन उत्पन्न हुआ; मिलर एवं यूरे ने इसे प्रयोगशाला में सिद्ध किया। लैमार्क ने अंगों के उपयोग एवं अनुपयोग तथा उपार्जित लक्षणों की वंशागति की बात कही। डार्विन ने विभिन्नता, जीवन-संघर्ष तथा प्राकृतिक चयन द्वारा विकास की व्याख्या की। ह्यूगो डीव्रीज ने ईवनिंग प्रिमरोज पर कार्य कर उत्परिवर्तनवाद अर्थात् साल्टेशन का सिद्धांत दिया।