Biology - Biotechnology and Applied Biology: 8 MCQs with Answers
Biology- Biotechnology and Applied Biology
जैव प्रौद्योगिकी, बायोरिएक्टर, बीटी फसलें, सूक्ष्मजीव उत्पाद, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन तथा लाख उद्योग पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q1. एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में यदि नेत्रिका - लेंस 10 X तथा अभिदृश्यक लेंस 40 X हो, तो कुल आवर्धन क्या होगा ?
Right Answer: 400 X
संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में प्रतिबिम्ब का निर्माण दो चरणों में होता है — पहले अभिदृश्यक लेंस वस्तु का वास्तविक एवं आवर्धित प्रतिबिम्ब बनाता है और फिर नेत्रिका लेंस उसे और आवर्धित कर आभासी प्रतिबिम्ब देता है। अतः कुल आवर्धन दोनों लेंसों के आवर्धनों के गुणनफल के बराबर होता है। यहाँ नेत्रिका का आवर्धन 10 गुना तथा अभिदृश्यक का 40 गुना है, इसलिए कुल आवर्धन 10 गुणा 40 अर्थात् 400 गुना होगा। ध्यातव्य है कि आवर्धन बढ़ाने से विभेदन क्षमता नहीं बढ़ती; वह प्रकाश की तरंगदैर्घ्य तथा संख्यात्मक द्वारक पर निर्भर करती है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन - सा ‘क्राई’ जीन मक्का छेदक को नियंत्रित करने में उपयोग होता है ?
Right Answer: क्राई I एबी
बैसिलस थुरिंजिएंसिस नामक जीवाणु से प्राप्त क्राई जीन विषैले प्रोटीन क्रिस्टल का कूटलेखन करते हैं, जिन्हें विभिन्न फसलों में स्थानान्तरित कर कीट-प्रतिरोधी बीटी किस्में बनाई जाती हैं। इनमें से क्राई I एबी जीन मक्का छेदक अर्थात् कॉर्न बोरर को नियंत्रित करने में प्रयुक्त होता है। क्राई I एसी तथा क्राई II एबी जीन कपास के गोलक कीट को नियंत्रित करते हैं, जिनसे बीटी कपास विकसित हुई, तथा क्राई III एबी भृंग को नियंत्रित करता है। यह प्रोटीन कीट की क्षारीय आँत में सक्रिय होकर उपकला कोशिकाओं में छिद्र बना देता है।
Q3. GEAC का पूरा नाम क्या है ?
Right Answer: जेनेटिक इंजीनियरिंग अपू्रवल कमेटी
जी०ई०ए०सी० का पूरा नाम जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रूवल कमेटी है, जिसे अब आनुवंशिक अभियांत्रिकी मूल्यांकन समिति कहा जाता है। यह पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अन्तर्गत कार्य करने वाली शीर्ष नियामक संस्था है। इसका दायित्व आनुवंशिक रूप से रूपान्तरित जीवों तथा उनसे बने उत्पादों से जुड़े अनुसंधान, बड़े पैमाने पर उपयोग, पर्यावरणीय निर्मुक्ति एवं व्यावसायिक खेती के प्रस्तावों की वैज्ञानिक जाँच कर स्वीकृति देना है। यह यह भी देखती है कि ऐसे अनुसंधान जनसामान्य के लिए सुरक्षित हों।
Q4. विलोडित हौज बायोरिएक्टर को डिज़ाइन किया गया है :
Right Answer: पूरे बायोरिएक्टर में ऑक्सीजन की उपलब्धता करने के लिए।
विलोडित हौज बायोरिएक्टर अर्थात् स्टर्ड टैंक बायोरिएक्टर सामान्यतः बेलनाकार होता है और इसमें एक विलोडक लगा रहता है, जिसका मुख्य कार्य सम्पूर्ण बायोरिएक्टर में ऑक्सीजन की समान उपलब्धता सुनिश्चित करना है। यह विलोडक संवर्धन माध्यम को निरन्तर मिलाता रहता है, जिससे कोशिकाएँ, पोषक तत्व एवं गैस समान रूप से वितरित रहते हैं और स्थानीय ताप-प्रवणता समाप्त हो जाती है। इसके साथ वायु प्रस्फुटन तंत्र, ताप एवं पी-एच नियंत्रण प्रणाली, प्रतिफेन नियंत्रण तथा प्रतिदर्श निकास द्वार लगे रहते हैं, जिससे इष्टतम वृद्धि दशाएँ बनी रहती हैं।
Q5. मधुमक्खी पालन में उपयोग किये जाने वाले कृत्रिम छत्ते के भागों को नीचे से ऊपर की ओर क्रम में व्यवस्थित कीजिए :
(a) ऊपरी कक्ष
(b) मधु प्रकोष्ठ
(c) अध्यासन कक्ष
(d) रानी पृथक्कारक
Right Answer: (c), (d), (b), (a)
आधुनिक मधुमक्खी पालन में न्यूटन अथवा लैंगस्ट्रॉथ प्रकार का चल-फ्रेम छत्ता प्रयुक्त होता है, जिसमें भाग नीचे से ऊपर की ओर एक निश्चित क्रम में रखे जाते हैं। सबसे नीचे तलपट के ऊपर अध्यासन कक्ष होता है, जहाँ रानी अण्डे देती है और शिशु मधुमक्खियाँ पलती हैं। उसके ऊपर रानी पृथक्कारक की जाली लगाई जाती है, जिसके छिद्रों से श्रमिक तो निकल जाते हैं किन्तु बड़े आकार की रानी ऊपर नहीं जा पाती। उसके ऊपर मधु प्रकोष्ठ रखा जाता है, जहाँ शुद्ध शहद संचित होता है, और सबसे ऊपर ऊपरी कक्ष अर्थात् आवरण रहता है।
Q6. निम्नलिखित में से सही कथन का चयन कीजिए :
Right Answer: ट्राइकोडर्मा पॉलीस्पोरम द्वारा साइक्लोस्पोरिन A का उत्पादन होता है।
साइक्लोस्पोरिन A का उत्पादन ट्राइकोडर्मा पॉलीस्पोरम नामक कवक से किया जाता है और यह प्रतिरक्षा-निरोधक औषधि के रूप में अंग-प्रत्यारोपण के रोगियों में प्रयुक्त होती है, जिससे प्रतिरोपित अंग अस्वीकृत न हो। शेष तीनों कथन गलत हैं। एस्पर्जिलस नाइजर से एसीटिक अम्ल नहीं, बल्कि सिट्रिक अम्ल प्राप्त होता है; एसीटिक अम्ल एसीटोबैक्टर एसिटी से बनता है। स्टैटिन्स का उत्पादन मोनैस्कस पर्पुरियस नामक यीस्ट से होता है और वे रक्त कोलेस्टेरॉल घटाती हैं। लैक्टिक अम्ल के व्यावसायिक उत्पादन में लैक्टोबैसिलस जीवाणु का उपयोग होता है।
Q7. निम्नलिखित में से कौन - सा लाख का सर्वाधिक शुद्ध रूप है ?
Right Answer: शैल लाख
लाख लैसिफर लैका नामक कीट के स्राव से प्राप्त होने वाला प्राकृतिक रेजिन है, जिसे कुसुम, पलाश तथा बेर जैसे पोषक वृक्षों की टहनियों से खुरचकर एकत्र किया जाता है। इसका कच्चा रूप छड़ी लाख कहलाता है, जिसे कूटकर एवं धोकर दानेदार बीज लाख प्राप्त होता है। बीज लाख को गरम कर छानने तथा पतली चादर के रूप में फैलाकर सुखाने पर शैल लाख बनता है, जो लाख का सर्वाधिक शुद्ध एवं परिष्कृत रूप है। शैल लाख का उपयोग वार्निश, पॉलिश, विद्युत रोधक, सीलिंग वैक्स तथा खाद्य पदार्थों की परत चढ़ाने में होता है।
Q8. निम्नलिखित में से कौन - सा कथन गलत है ?
Right Answer: संवर्धनीय मछली विपुल प्रजनक नहीं होनी चाहिए।
मत्स्य संवर्धन के लिए चुनी जाने वाली मछली में कुछ निश्चित गुण अपेक्षित होते हैं। वह तीव्र गति से बढ़ने वाली होनी चाहिए, ताकि कम समय में विपणन योग्य आकार प्राप्त हो; शाकाहारी अथवा प्लवक-भक्षी होनी चाहिए, जिससे आहार-लागत कम रहे; तथा स्वादिष्ट होनी चाहिए, अन्यथा बाजार में माँग नहीं बनेगी। चौथा कथन गलत है, क्योंकि संवर्धनीय मछली का विपुल प्रजनक होना वांछनीय गुण है — इससे पर्याप्त मात्रा में अंगुलिकाएँ सरलता एवं कम लागत पर उपलब्ध हो जाती हैं। इसके अतिरिक्त उसका रोग-प्रतिरोधी एवं सीमित जल में अनुकूलनशील होना भी आवश्यक है।