Biology - Ecology and Environment: 6 MCQs with Answers
Biology- Ecology and Environment
पारितंत्र, जैव विविधता, पोषण स्तर, प्रदूषण तथा पर्यावरणीय समस्याओं पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q1. निम्नलिखित में से कौन - सी ह्यूमस की विशेषता नहीं है ?
Right Answer: यह बहुत तेजी से विघटित होता है।
ह्यूमस मृदा में उपस्थित वह गहरे रंग का अनाकार कार्बनिक पदार्थ है जो पौधों एवं जन्तुओं के अवशेषों के सूक्ष्मजीवीय अपघटन से बनता है। यह कोलाइडल प्रकृति का होता है, इसलिए जल तथा पोषक तत्वों को अपनी सतह पर रोककर उनका भण्डार बना रहता है और मृदा की धनायन विनिमय क्षमता बढ़ाता है। तीसरा कथन गलत है, क्योंकि ह्यूमस अत्यन्त धीरे-धीरे विघटित होता है; यही उसकी सबसे बड़ी विशेषता है, जिससे वह लम्बे समय तक मृदा की संरचना, वायु-संचार एवं जलधारण क्षमता को बनाए रखता है और पोषक तत्व क्रमशः मुक्त करता रहता है।
Q2. नीचे दिये गये कूट की सहायता से सही जोड़ी अथवा जोड़ियाँ चुनें :
(a) मिनामाता रोग – पारा
(b) बाइसिनोसिस रोग – कपास की धूल
(c) नॉक-नी सिंड्रोम – नाइट्रेट्स
(d) मेटहीमोग्लोबिनेमिया – फ्लोराइड्स
Right Answer: (a) व (b)
मिनामाता रोग जापान में मिथाइल पारे से दूषित मछली खाने से हुआ था और इसमें तंत्रिका तंत्र गम्भीर रूप से प्रभावित होता है, अतः यह युग्म सही है। बाइसिनोसिस कपास मिलों में कपास की महीन धूल लम्बे समय तक श्वास में जाने से होने वाला फेफड़ों का रोग है, इसलिए यह भी सही है। शेष दोनों युग्म आपस में उलट गए हैं — नॉक-नी सिंड्रोम अर्थात् घुटनों का भीतर की ओर मुड़ जाना फ्लोराइड की अधिकता से होता है, जबकि मेटहीमोग्लोबिनेमिया अर्थात् ब्लू बेबी सिंड्रोम पेयजल में नाइट्रेट की अधिकता से होता है।
Q3. निम्न में से गलत कथन को चुनें :
Right Answer: भूमध्यरेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर जाति विविधता बढ़ती जाती है।
पहला कथन गलत है, क्योंकि जाति विविधता भूमध्यरेखा से ध्रुवों की ओर बढ़ती नहीं, बल्कि घटती जाती है; इसे अक्षांशीय प्रवणता कहा जाता है। उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में विविधता अधिक होने के कारण हैं — वहाँ लम्बे समय तक हिमयुग जैसी उथल-पुथल नहीं हुई, अतः जातियों को विकसित होने के लिए स्थिर एवं दीर्घ काल मिला; वहाँ का वातावरण अपेक्षाकृत स्थिर एवं कम मौसमी है; और वहाँ सौर ऊर्जा अधिक उपलब्ध होने से उत्पादकता ऊँची रहती है। अमेजन वर्षा वन पृथ्वी का सर्वाधिक जैव विविधतापूर्ण क्षेत्र है और कीट सर्वाधिक जाति-समृद्ध जन्तु वर्ग हैं।
Q4. एक पादप प्रजाति के लिए निम्नलिखित कथनों को पढ़ें और सही विकल्प चुनें :
(a) पारिज आकारिकी रूप से भिन्न होते हैं और अंतःप्रजननक्षम होते हैं।
(b) पारिस्थितिक प्ररूप आनुवंशिक रूप से भिन्न होते हैं और अंतःप्रजननक्षम होते हैं।
Right Answer: (a) व (b) दोनों सही हैं।
दोनों कथन सही हैं। पारिज अर्थात् इकैड किसी एक ही प्रजाति की वे आबादियाँ हैं जो भिन्न आवासों में रहने के कारण आकारिकी में भिन्न दिखाई देती हैं, किन्तु यह भिन्नता केवल पर्यावरणजन्य होती है; इन्हें समान परिस्थिति में उगाने पर अन्तर मिट जाता है और वे परस्पर सरलता से प्रजनन कर लेती हैं। पारिस्थितिक प्ररूप अर्थात् इकोटाइप वे आबादियाँ हैं जो किसी विशिष्ट आवास के लिए आनुवंशिक रूप से अनुकूलित हो चुकी हैं, अतः उनका अन्तर वंशागत होता है, फिर भी वे एक ही प्रजाति की होने के कारण अन्तःप्रजननक्षम बनी रहती हैं।
Q5. पृथ्वी द्वारा विकीर्ण ऊर्जा का कौन - सा रूप ग्रीन हाउस गैसों द्वारा अवशोषित हो जाता है, जिससे वैश्विक उष्णता होती है ?
Right Answer: अवरक्त किरणें
सूर्य से आने वाली ऊर्जा मुख्यतः लघु तरंगदैर्घ्य वाले दृश्य प्रकाश के रूप में वायुमंडल को पार कर पृथ्वी की सतह तक पहुँचती है और उसे गरम करती है। गरम पृथ्वी इस ऊर्जा को दीर्घ तरंगदैर्घ्य वाली अवरक्त किरणों के रूप में पुनः विकीर्ण करती है। कार्बन डाइऑक्साइड, मेथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, जलवाष्प तथा क्लोरोफ्लोरोकार्बन जैसी ग्रीनहाउस गैसें इन्हीं अवरक्त किरणों को अवशोषित कर लेती हैं और उनका कुछ भाग पुनः पृथ्वी की ओर लौटा देती हैं। इसी से निचला वायुमंडल गरम होता है और वैश्विक उष्णता की स्थिति बनती है।
Q6. एक विशिष्ट समय पर प्रत्येक पोषण स्तर में पाई जाने वाली जीवित पदार्थ की मात्रा को कहा जाता है :
Right Answer: स्थित शस्य / खड़ी फसल
किसी निश्चित समय पर किसी पोषण स्तर पर उपस्थित समस्त जीवित पदार्थ की मात्रा को स्थित शस्य अथवा खड़ी फसल कहा जाता है। इसे ताजे अथवा शुष्क भार में मापा जाता है और अधिक शुद्ध तुलना के लिए शुष्क भार को प्राथमिकता दी जाती है। यह एक निश्चित क्षण की स्थिति दर्शाने वाली राशि है, अतः इसका कोई काल-आयाम नहीं होता। इसके विपरीत उत्पादकता एक दर है, जो प्रति इकाई क्षेत्र प्रति इकाई समय में उत्पन्न जैवभार बताती है। सकल प्राथमिक उत्पादकता में से श्वसन-हानि घटाने पर शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता प्राप्त होती है।