Psychology: 197 MCQs with Answers
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Q148. शंखपालि का एक क्षेत्र जिसकी क्षति स्पष्ट रूप से भाषण और लिखित भाषा की समझ को खराब करती है, कहलाता है :
Right Answer: वर्निक क्षेत्र
वर्निक क्षेत्र प्रमस्तिष्क के बाएँ शंखपालि (टेम्पोरल लोब) के पश्च भाग में स्थित होता है और इसकी खोज कार्ल वर्निक ने 1874 में की। यह क्षेत्र बोले गए तथा लिखे गए शब्दों के अर्थ को समझने का कार्य करता है। इसकी क्षति से वर्निक वाचाघात होता है, जिसमें रोगी धाराप्रवाह किन्तु निरर्थक वाक्य बोलता है और दूसरों की बात समझ नहीं पाता। इसके विपरीत ब्रोका क्षेत्र ललाट पालि में होता है और वाणी के उत्पादन से जुड़ा है, जबकि आर्क्युएट फैसिक्युलस इन दोनों क्षेत्रों को जोड़ने वाला तन्त्रिका पथ है।
Q149. दूसरों के दृष्टिकोण पर विचार करने, वस्तुओं को एक आयाम के आधार पर वर्गीकृत करने और संबंध अवधारणाओं को समझने की क्षमता संज्ञानात्मक विकास के किस चरण से चिह्नित होती है ?
Right Answer: मूर्त संक्रियात्मक
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त में मूर्त संक्रियात्मक अवस्था लगभग सात से ग्यारह वर्ष तक रहती है। इस अवस्था में बालक आत्मकेन्द्रितता से बाहर आकर दूसरों के दृष्टिकोण पर विचार कर पाता है। वह वस्तुओं को किसी एक आयाम के आधार पर वर्गीकृत करना, क्रमबद्ध करना तथा सम्बन्धपरक अवधारणाओं को समझना सीख जाता है। संरक्षण, उत्क्रमणीयता और विकेन्द्रण इसी अवस्था की प्रमुख उपलब्धियाँ हैं। किन्तु उसका चिन्तन मूर्त वस्तुओं तक ही सीमित रहता है; अमूर्त एवं परिकल्पनात्मक तर्क औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था में ही सम्भव हो पाता है।
Q150. वेक्टर - आइडी विवरण प्रणाली सिद्धान्त (वीआइडीएएस) व्यक्तित्व सिद्धान्त किसके द्वारा प्रतिपादित किया गया था ?
Right Answer: रेमंड कैटल
वेक्टर-आइडी विवरण प्रणाली (VIDAS) रेमंड बी० कैटल की देन है। कैटल ने व्यक्तित्व के अध्ययन में कारक विश्लेषण का व्यापक प्रयोग किया और शीलगुणों को सतही तथा मूल शीलगुणों में बाँटा। उनकी इस प्रणाली में प्रत्येक शीलगुण को एक सांख्यिकीय सदिश (वेक्टर) तथा एक विशिष्ट पहचान संख्या द्वारा व्यवस्थित रूप से वर्णित किया जाता है, जिससे व्यक्तित्व का वर्णन वस्तुनिष्ठ एवं मापनीय बन सके। इसी पद्धति पर उन्होंने सोलह व्यक्तित्व कारक प्रश्नावली विकसित की। हेनरी मुरे का अभिप्रेरक-दबाव, सुलिवन का अन्तर्वैयक्तिक तथा फ्रोम का मानवतावादी सिद्धान्त इससे भिन्न हैं।