Physical Education: 60 MCQs with Answers
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0%Q11. तंत्रिका तंतुओं का एक गहरा पुल जो दो मस्तिष्क गोलार्द्धों को जोड़ता है, कहलाता है :
Right Answer: महासंयोजिका
महासंयोजिका अर्थात् कॉर्पस कैलोसम तंत्रिका तंतुओं का एक चौड़ा एवं गहरा पुल है, जो प्रमस्तिष्क के दोनों गोलार्द्धों को जोड़ता है। इसमें लगभग बीस करोड़ श्वेत द्रव्य के तंतु होते हैं, जो दोनों ओर के संगत क्षेत्रों के बीच सूचना का आदान-प्रदान करते हैं और इसी से दोनों गोलार्द्धों का समन्वित कार्य सम्भव होता है। इसे शल्यक्रिया द्वारा काट देने पर ‘विभाजित मस्तिष्क’ की अवस्था उत्पन्न होती है। अनुदैर्ध्य विदर दोनों गोलार्द्धों को अलग करने वाली गहरी दरार है और पार्श्व खाँचा ललाट एवं शंख पालियों को पृथक करती है।
Q12. निम्नलिखित में से कौन-सा वाडा निषेध सूची में M3 श्रेणी के अन्तर्गत आता है ?
Right Answer: जीन और सेल डोपिंग
विश्व डोपिंग रोधी अभिकरण अर्थात् वाडा की निषिद्ध सूची में पदार्थों को S श्रेणियों में तथा निषिद्ध विधियों को M श्रेणियों में रखा जाता है। इनमें M1 रक्त एवं रक्त घटकों का हेर-फेर, M2 रासायनिक एवं भौतिक हेर-फेर, तथा M3 जीन एवं कोशिका डोपिंग है। जीन डोपिंग में न्यूक्लिक अम्ल अथवा जीन-सम्पादन तकनीक द्वारा जीन अनुक्रम अथवा उसकी अभिव्यक्ति बदली जाती है, और कोशिका डोपिंग में सामान्य अथवा आनुवंशिक रूप से परिवर्तित कोशिकाएँ प्रयुक्त की जाती हैं। उद्दीपक, मूत्रवर्धक तथा बीटा ब्लॉकर्स पदार्थ श्रेणियों में आते हैं।
Q13. योगसूत्र किस अवस्था का वर्णन करता है, जिसमें स्वयं की चेतना के बिना अर्थ प्रकट होता है ?
Right Answer: समाधि
पतंजलि के योगसूत्र में अष्टांग योग के अन्तिम तीन अंग — धारणा, ध्यान तथा समाधि — मिलकर संयम कहलाते हैं। धारणा में चित्त को किसी एक स्थान पर बाँधा जाता है और ध्यान में उस विषय पर वृत्ति का अखण्ड प्रवाह बना रहता है। समाधि वह चरम अवस्था है जिसमें ध्याता, ध्यान एवं ध्येय का भेद मिट जाता है और, जैसा सूत्र कहता है, केवल अर्थ ही प्रकाशित होता है तथा स्वयं का स्वरूप मानो शून्य हो जाता है। इसे ‘तदेवार्थमात्रनिर्भासं स्वरूपशून्यमिव समाधिः’ कहा गया है। प्रत्याहार तो इन्द्रियों को विषयों से लौटाने की क्रिया है।
Q14. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रतिक्रियात्मक विधि से विकसित किया जा सकता है ?
Right Answer: अधिकतम शक्ति
प्रतिक्रियात्मक विधि, जिसे प्लायोमेट्रिक विधि भी कहा जाता है, अधिकतम शक्ति के विकास की एक प्रमुख विधि है। इसमें पेशी पहले तीव्र गति से खिंचती है और तत्काल संकुचित होती है, जिससे प्रसार-संकुचन चक्र सक्रिय होकर सामान्य से अधिक बल उत्पन्न करता है। गहराई से कूद, बाधाओं पर उछाल तथा मेडिसिन बॉल फेंक इसके प्रमुख अभ्यास हैं। यह विधि तंत्रिका-पेशीय समन्वय तथा गतिक इकाइयों की भर्ती को बढ़ाती है, इसीलिए यह विशेषतः विस्फोटक शक्ति में सुधार लाती है। इसे केवल प्रशिक्षित खिलाड़ियों पर ही लागू करना चाहिए, अन्यथा चोट का जोखिम रहता है।
Q15. धड़ से सिर की स्थिति क्या होती है ?
Right Answer: ऊर्ध्व
शारीरिक रचना विज्ञान में स्थिति बताने के लिए मानक शारीरिक स्थिति को आधार मानकर विशिष्ट पद प्रयुक्त होते हैं। ऊर्ध्व अर्थात् सुपीरियर का अर्थ है किसी अन्य भाग की तुलना में ऊपर की ओर, अतः धड़ के सन्दर्भ में सिर ऊर्ध्व स्थिति में होता है। इसके विपरीत अधः अर्थात् इन्फीरियर नीचे की ओर की स्थिति दर्शाता है। समीपस्थ तथा दूरस्थ पद केवल अंगों के लिए प्रयुक्त होते हैं और वे धड़ से जुड़ाव-बिन्दु के सापेक्ष दूरी बताते हैं, जैसे कोहनी कलाई की तुलना में समीपस्थ है। अग्र एवं पश्च क्रमशः आगे तथा पीछे की स्थिति बताते हैं।
Q16. सूर्य नमस्कार के दौरान अश्वसंचालन आसन से कौन-सा मंत्र सम्बन्धित होता है ?
Right Answer: ओम्भानवे नमः
सूर्य नमस्कार बारह आसनों की एक क्रमबद्ध शृंखला है और प्रत्येक स्थिति के साथ सूर्य के एक नाम का मंत्र जोड़ा गया है। इसका चौथा आसन अश्वसंचालनासन है, जिसमें एक पैर पीछे ले जाकर दूसरे को दोनों हाथों के बीच रखते हुए दृष्टि ऊपर की जाती है, और इसके साथ ‘ॐ भानवे नमः’ मंत्र का उच्चारण किया जाता है। इससे पूर्व प्रणामासन के साथ ‘ॐ मित्राय नमः’, हस्त उत्तानासन के साथ ‘ॐ रवये नमः’ तथा पादहस्तासन के साथ ‘ॐ सूर्याय नमः’ बोला जाता है। यह अभ्यास लचक, शक्ति एवं श्वसन क्षमता तीनों बढ़ाता है।
Q17. अखिल भारतीय खेल परिषद्कब स्थापित हुई ?
Right Answer: 1954 में
अखिल भारतीय खेल परिषद की स्थापना 1954 में हुई। यह स्वतंत्र भारत में खेलों के विकास हेतु बनाई गई पहली राष्ट्रीय स्तर की सलाहकार संस्था थी, जिसका कार्य केन्द्र सरकार को खेल नीति, अनुदान तथा आधारभूत संरचना के विषय में परामर्श देना था। इसी परिषद की संस्तुतियों से आगे चलकर राष्ट्रीय खेल संस्थान पटियाला की स्थापना 1961 में हुई। कालान्तर में इसका स्थान युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा भारतीय खेल प्राधिकरण जैसी संस्थाओं ने ले लिया, जो अब खेलों का प्रत्यक्ष संचालन करती हैं।
Q18. सूत्रनेति में सूती धागे की लम्बाई क्या होती है ?
Right Answer: 36 से 45 सेमी
सूत्रनेति हठयोग के षट्कर्मों में वर्णित नेति क्रिया का एक प्रकार है, जिसमें मोम लगे मुलायम सूती धागे को एक नासाछिद्र से डालकर मुख से बाहर निकाला जाता है और धीरे-धीरे आगे-पीछे खींचा जाता है। इस धागे की लम्बाई सामान्यतः 36 से 45 सेंटीमीटर रखी जाती है और मोटाई इतनी होनी चाहिए कि वह नासामार्ग में सरलता से जा सके। इससे नासामार्ग की गहरी सफाई होती है, श्लेष्मा हटता है और साइनसाइटिस, दमा, सिरदर्द तथा एलर्जी में लाभ मिलता है। इसे किसी अनुभवी शिक्षक के निर्देशन में ही करना चाहिए।
Q19. शास्त्रीय अनुकूलन में अनुकूलित उद्दीपन के लिए सीखी गई प्रतिक्रिया को कहा जाता है :
Right Answer: अनुबन्ध प्रतिक्रिया
इवान पावलोव के शास्त्रीय अनुबन्धन में चार तत्व होते हैं। भोजन जैसा स्वाभाविक उद्दीपक अननुकूलित उद्दीपक कहलाता है और उसके प्रति स्वतः होने वाली लार-स्रावण जैसी प्रतिक्रिया अननुकूलित प्रतिक्रिया। घण्टी जैसा तटस्थ उद्दीपक बार-बार भोजन के साथ प्रस्तुत किए जाने पर अनुकूलित उद्दीपक बन जाता है। तब केवल घण्टी सुनकर होने वाला लार-स्रावण सीखी हुई प्रतिक्रिया है, जिसे अनुबन्ध अर्थात् अनुकूलित प्रतिक्रिया कहा जाता है। इसी सिद्धांत से विलोपन, स्वतः पुनरागमन, सामान्यीकरण तथा विभेदन जैसी परिघटनाएँ समझी जाती हैं।
Q20. निम्नलिखित में से कौन एंटी डोपिंग मामलों पर खिलाड़ियों की आवाज़ का समर्थन और प्रचार करता है ?
Right Answer: वाडा की एथलीट कॉउन्सिल
वाडा की एथलीट काउन्सिल खिलाड़ियों का प्रतिनिधि निकाय है, जो डोपिंग रोधी मामलों में खिलाड़ियों की आवाज का समर्थन एवं प्रचार करती है। यह वाडा की कार्यकारिणी समिति तथा फाउंडेशन बोर्ड को खिलाड़ियों के दृष्टिकोण से परामर्श देती है, संहिता के संशोधन में उनकी राय पहुँचाती है और स्वच्छ खेल के अधिकार की वकालत करती है। इसके विपरीत एडीएएमएस डोपिंग रोधी सूचना का ऑनलाइन प्रबंधन तंत्र है, एडेल शिक्षण एवं अधिगम मंच है, तथा नाडा भारत की राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी है जो देश में परीक्षण एवं अनुपालन देखती है।