Home Science: 60 MCQs with Answers
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0%Q21. निम्नलिखित में से कार्य सरलीकरण है :
Right Answer: प्रभावकारिता बढ़ाने के लिए सुव्यवस्थित प्रक्रियाएँ अपनाना
कार्य सरलीकरण से तात्पर्य किसी कार्य को करने के लिए सुव्यवस्थित एवं सरल प्रक्रियाएँ अपनाकर उसकी प्रभावकारिता बढ़ाना है, जिससे कम समय एवं कम शक्ति में वही अथवा उससे बेहतर परिणाम प्राप्त हो सके। इसमें अनावश्यक चरण हटाए जाते हैं, चरणों का क्रम बदला जाता है, दो कार्य जोड़ दिए जाते हैं अथवा शरीर की गति, कार्यस्थल की ऊँचाई एवं उपकरणों के स्थान में सुधार किया जाता है। मुण्डेल ने इसके लिए पाँच स्तरों का वर्गीकरण दिया। ध्यान रहे, आवश्यक चरणों को छोड़कर शॉर्टकट अपनाना कार्य सरलीकरण नहीं, बल्कि गुणवत्ता से समझौता है।
Q22. वह विधि जिसके द्वारा रेशों से धागे का निर्माण किया जाता है, कहलाता है :
Right Answer: कताई
वह विधि जिसके द्वारा छोटे-छोटे रेशों को खींचकर, बल देकर एक लम्बे सतत धागे में परिवर्तित किया जाता है, कताई अर्थात् स्पिनिंग कहलाती है। इसमें रेशों को समानान्तर व्यवस्थित कर उन्हें ऐंठन दी जाती है, जिससे वे परस्पर जुड़कर मजबूत सूत बना लेते हैं; ऐंठन जितनी अधिक होगी, सूत उतना ही मजबूत किन्तु कठोर होगा। इसके लिए तकली, चरखा तथा आधुनिक कताई मशीनों का प्रयोग होता है। इसके बाद बुनाई में इन धागों को ताना-बाना के रूप में परस्पर गूँथकर कपड़ा बनाया जाता है, तथा ब्लीचिंग एवं रंगाई परिष्करण की प्रक्रियाएँ हैं।
Q23. आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा में ABC दर्शाते हैं :
Right Answer: एयरवे, ब्रीदिंग, सर्कुलेशन
आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा में ABC क्रमशः एयरवे, ब्रीदिंग तथा सर्कुलेशन को दर्शाते हैं और यह जीवन-रक्षक मूल्यांकन का सर्वमान्य क्रम है। सबसे पहले श्वास मार्ग की जाँच कर उसे अवरोधमुक्त किया जाता है, क्योंकि अवरुद्ध वायुमार्ग कुछ ही मिनटों में मृत्यु का कारण बन सकता है। इसके बाद यह देखा जाता है कि व्यक्ति श्वास ले रहा है या नहीं, और आवश्यकता पड़ने पर कृत्रिम श्वसन दिया जाता है। अन्त में नाड़ी एवं रक्त-संचार की जाँच कर रक्तस्राव रोका जाता है तथा आवश्यक होने पर छाती का संपीडन किया जाता है।
Q24. गृह विज्ञान में टिकाऊ/स्थायी जीवन शैली के चलन में सम्मिलित है :
Right Answer: पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को अपनाना जैसे कचरा कम करना तथा शक्ति संचय करना
गृह विज्ञान में टिकाऊ अथवा स्थायी जीवन शैली का अर्थ है ऐसी दैनिक आदतें अपनाना जो वर्तमान आवश्यकताएँ पूरी करते हुए भी भावी पीढ़ियों के लिए संसाधन बचाए रखें। इसमें कचरा कम करना, वस्तुओं का पुनः उपयोग एवं पुनर्चक्रण, ऊर्जा एवं जल का संचयन, स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों का उपयोग तथा कम्पोस्ट बनाना सम्मिलित है। इसके विपरीत डिब्बाबन्द भोजन एवं डिस्पोजेबल वस्तुओं का अत्यधिक प्रयोग तथा संसाधनों का अतिउपयोग पर्यावरण पर भारी दबाव डालते हैं और इसी प्रवृत्ति को टिकाऊ जीवन शैली अस्वीकार करती है।
Q25. फाइबर ऑप्टिक केबल्स/तंतु प्रकाश केबल डेटा को प्रसारित करने के लिए .......... का उपयोग करता है।
Right Answer: प्रकाश पल्स
फाइबर ऑप्टिक अर्थात् तन्तु प्रकाश केबल आँकड़ों के प्रसारण के लिए प्रकाश की पल्सों का उपयोग करता है। इसमें अत्यन्त पतले काँच अथवा प्लास्टिक के तन्तु होते हैं, जिनमें प्रकाश पूर्ण आन्तरिक परावर्तन के सिद्धांत पर बार-बार टकराता हुआ बिना क्षय के लम्बी दूरी तय कर लेता है। इसके लाभ हैं — अत्यधिक बैंडविड्थ, तीव्र गति, विद्युत चुम्बकीय व्यतिकरण से पूर्ण मुक्ति तथा उच्च सुरक्षा। इसके विपरीत परम्परागत ताम्र केबल विद्युत संकेत भेजते हैं, जबकि रेडियो तरंगों का प्रयोग बेतार संचार में होता है।
Q26. कथन-I : थकान एक शारीरिक स्थिति है जो हमारी वर्तमान कार्य करने की क्षमता को कम कर देती है। कथन-II : मनोवैज्ञानिक थकान वह स्थिति है जिससे कार्य की उत्पादकता में कमी आ जाती है। सही विकल्प चुनिए :
Right Answer: कथन I व कथन II दोनों सम्बन्धित हैं।
दोनों कथन थकान के ही दो पक्षों का वर्णन करते हैं, अतः वे परस्पर सम्बन्धित हैं। शारीरिक थकान माँसपेशियों में लैक्टिक अम्ल के संचय तथा ऊर्जा-भण्डार घटने से उत्पन्न होती है और तत्काल कार्य-क्षमता घटा देती है। मनोवैज्ञानिक थकान ऊब, एकरसता, रुचि के अभाव अथवा मानसिक तनाव से उत्पन्न होती है और उसका परिणाम भी उत्पादकता में गिरावट ही होता है। गृह विज्ञान में थकान को शारीरिक, मानसिक तथा मनोवैज्ञानिक तीन प्रकारों में बाँटा जाता है और कार्य सरलीकरण, विश्राम-अन्तराल तथा कार्य में विविधता इसके निवारण के उपाय हैं।
Q27. दोतरफा संचार माध्यम के उदाहरण को पहचानिये :
Right Answer: टेलीफोन
संचार माध्यमों को प्रतिपुष्टि की सम्भावना के आधार पर एकतरफा तथा दोतरफा वर्गों में बाँटा जाता है। टेलीफोन दोतरफा संचार का उत्तम उदाहरण है, क्योंकि इसमें दोनों पक्ष बारी-बारी से प्रेषक एवं प्राप्तकर्ता की भूमिका निभाते हैं, तत्काल प्रतिपुष्टि मिलती है और भ्रम उसी क्षण दूर किया जा सकता है। इसके विपरीत टेलीविजन, रेडियो तथा अखबार एकतरफा माध्यम हैं, जिनमें संदेश केवल स्रोत से जनसमूह की ओर बहता है और श्रोता तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दे सकता। दोतरफा संचार अधिक प्रभावी किन्तु सीमित पहुँच वाला होता है।
Q28. निम्नलिखित में से कौन-सा गृह विज्ञान का मुख्य क्षेत्र नहीं है ?
Right Answer: भौतिक विज्ञान एवं रसायन विज्ञान
गृह विज्ञान एक बहुविषयक अनुप्रयुक्त विज्ञान है, जिसके पाँच मान्य क्षेत्र हैं — आहार एवं पोषण, वस्त्र विज्ञान एवं परिधान, मानव विकास एवं बाल विकास, गृह प्रबंध तथा आन्तरिक सज्जा, और प्रसार शिक्षा एवं संचार। भौतिक विज्ञान तथा रसायन विज्ञान स्वतंत्र मूलभूत विज्ञान हैं; गृह विज्ञान उनके सिद्धांतों का उपयोग अवश्य करता है, जैसे पोषण में जैव रसायन अथवा तन्तुओं के अध्ययन में रसायन, किन्तु वे उसके अपने क्षेत्र नहीं हैं। गृह विज्ञान का लक्ष्य पारिवारिक जीवन की गुणवत्ता सुधारना है।
Q29. वस्त्र की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निम्नलिखित में से कौन-से वस्त्रों को हाथ से धोना चाहिए बजाए मशीन से धोने के ?
Right Answer: रेशमी व ऊनी
रेशम तथा ऊन दोनों प्रोटीन तन्तु हैं और अत्यन्त नाजुक होते हैं, इसलिए इनकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इन्हें मशीन के स्थान पर हाथ से धोना चाहिए। मशीन की तीव्र घर्षणकारी गति एवं ऐंठन से ऊन के शल्क आपस में उलझ जाते हैं और वस्त्र सिकुड़कर सख्त हो जाता है, जिसे फेल्टिंग कहते हैं; रेशम की चमक भी घर्षण से नष्ट हो जाती है। इन्हें गुनगुने अथवा ठण्डे पानी में हल्के तटस्थ साबुन से धीरे-धीरे दबाकर धोना चाहिए, निचोड़ना नहीं चाहिए और छाया में समतल फैलाकर सुखाना चाहिए।
Q30. वृद्ध व्यक्ति के वस्त्रों के लिए .............. सबसे उपयुक्त विशेषता है।
Right Answer: पहनने में थोड़े ढीले, साँस लेने योग्य तथा हल्के
वृद्ध व्यक्तियों के वस्त्र चुनते समय सुविधा, सुरक्षा एवं स्वावलम्बन को प्राथमिकता दी जाती है। उनके लिए थोड़े ढीले, साँस लेने योग्य तथा हल्के वस्त्र सर्वाधिक उपयुक्त होते हैं, क्योंकि ढीले वस्त्र पहनने-उतारने में सरल रहते हैं और रक्त-संचार बाधित नहीं करते; सूती जैसे साँस लेने योग्य तन्तु त्वचा को स्वस्थ रखते हैं और हल्के वस्त्र थकान नहीं बढ़ाते। पीछे बटन वाले वस्त्र स्वयं पहनना कठिन बना देते हैं, भारी वस्त्र थकाते हैं और अत्यधिक फैशनप्रधान वस्त्र प्रायः असुविधाजनक होते हैं। सामने की ओर बड़े बटन अथवा वेल्क्रो सर्वोत्तम रहते हैं।