Home Science - Home Management and Resource Management: 10 MCQs with Answers
Home Science- Home Management and Resource Management
गृह प्रबंध, समय एवं शक्ति प्रबंध, थकान, कार्य सरलीकरण, पारिवारिक संसाधन तथा ऊर्जा संरक्षण पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q1. आतिथ्य प्रबंधन का मुख्य केन्द्र है :
Right Answer: ग्राहक संतुष्टि तथा अनुभव
आतिथ्य प्रबंधन का मुख्य केन्द्र ग्राहक की संतुष्टि तथा उसका समग्र अनुभव होता है। होटल, रेस्तराँ, पर्यटन एवं आयोजन प्रबंधन जैसे समस्त आतिथ्य उद्योग सेवा-प्रधान हैं, जहाँ उत्पाद मूर्त वस्तु नहीं बल्कि अनुभव होता है। अतिथि के आगमन से लेकर प्रस्थान तक प्रत्येक सम्पर्क-बिन्दु पर स्वच्छता, शिष्टाचार, तत्परता एवं वैयक्तिक ध्यान ही उसकी संतुष्टि निर्धारित करते हैं। संतुष्ट अतिथि पुनः लौटता है और दूसरों को भी भेजता है। विपणन, मानव संसाधन प्रबंधन तथा आर्थिक लाभ महत्त्वपूर्ण अवश्य हैं, किन्तु वे सब इसी केन्द्रीय उद्देश्य के साधन मात्र हैं।
Q2. गृह प्रबंध में पारिवारिक संसाधनों का उत्तम उपयोग इस प्रकार से करते हैं कि :
Right Answer: पूर्व निर्धारित लक्ष्य तथा मूल्य प्राप्त होते हैं।
गृह प्रबंध वह प्रक्रिया है जिसमें परिवार अपने सीमित संसाधनों — समय, शक्ति, धन, ज्ञान, कौशल तथा भौतिक सुविधाओं — का इस प्रकार नियोजन, संगठन, नियंत्रण एवं मूल्यांकन करता है कि उसके पूर्व निर्धारित लक्ष्य तथा मूल्य प्राप्त हो सकें। यहाँ ध्यातव्य है कि प्रत्येक परिवार के लक्ष्य एवं मूल्य भिन्न होते हैं, अतः संसाधनों के उत्तम उपयोग का अर्थ केवल धन बचाना अथवा सम्पन्न हो जाना नहीं है। किसी परिवार का लक्ष्य शिक्षा हो सकता है, किसी का स्वास्थ्य और किसी का सामाजिक प्रतिष्ठा। संतुष्टि ही इसकी अन्तिम कसौटी है।
Q3. समय का सही तरीके से प्रबंधन कैसे करेंगे ?
Right Answer: तात्कालिकता तथा महत्व के अनुसार कार्य को सूचीबद्ध करें।
समय एक ऐसा संसाधन है जिसे न संचित किया जा सकता है, न बढ़ाया जा सकता है और न ही लौटाया जा सकता है, इसलिए उसका नियोजित उपयोग ही एकमात्र उपाय है। सही विधि यह है कि समस्त कार्यों को उनकी तात्कालिकता तथा महत्त्व के अनुसार सूचीबद्ध कर प्राथमिकता दी जाए, जिसे आइजनहावर मैट्रिक्स भी कहा जाता है। इससे महत्त्वपूर्ण किन्तु अ-तात्कालिक कार्य उपेक्षित नहीं रहते। मनमर्जी से कार्य करना, केवल ‘पहले आओ पहले पाओ’ का पालन करना अथवा एक साथ अनेक कार्य करना — तीनों ही कार्यकुशलता घटाते हैं और थकान बढ़ाते हैं।
Q4. कौन-सा मानव संसाधन का उदाहरण है ?
Right Answer: कौशल तथा शौक
पारिवारिक संसाधनों को दो वर्गों में बाँटा जाता है। मानव संसाधन वे हैं जो व्यक्ति के भीतर निहित होते हैं, जैसे ज्ञान, कौशल, अभिरुचि एवं शौक, अभिवृत्ति, ऊर्जा तथा योग्यता। ये अमूर्त होते हैं, प्रयोग से घटते नहीं बल्कि निखरते हैं और इन्हें विकसित किया जा सकता है। इसके विपरीत भौतिक अथवा गैर-मानव संसाधन मूर्त वस्तुएँ होती हैं, जैसे कम्प्यूटर, हाथ का शावर, धन तथा सामुदायिक सुविधाएँ। समय एक विशिष्ट संसाधन है, जो सबको समान मात्रा में मिलता है और उसे मानव संसाधन की श्रेणी में नहीं रखा जाता।
Q5. .............. आपातकालीन प्रबंधन का प्रारम्भिक उद्देश्य है।
Right Answer: जीवन, सम्पत्ति तथा वातावरण का संरक्षण
आपातकालीन प्रबंधन का प्रारम्भिक एवं सर्वोपरि उद्देश्य जीवन, सम्पत्ति तथा वातावरण का संरक्षण है। इसकी प्राथमिकता का क्रम स्पष्ट है — सबसे पहले मानव जीवन की रक्षा, फिर सम्पत्ति की सुरक्षा और उसके बाद पर्यावरण को होने वाली क्षति को न्यूनतम करना। इसके चार चरण माने जाते हैं — शमन, तैयारी, अनुक्रिया तथा पुनर्वास। दुर्घटनाओं को रोकना शमन का अंग है और आपदा से उबरना पुनर्वास का, किन्तु ये सब उसी मूल उद्देश्य के अंश हैं। आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना इसका प्रत्यक्ष उद्देश्य नहीं है।
Q6. निम्नलिखित ऊर्जा के संसाधनों में से कौन-सा गैर-नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन है ?
Right Answer: कोयला
ऊर्जा के संसाधन दो प्रकार के होते हैं। नवीकरणीय संसाधन वे हैं जो प्रकृति में निरन्तर पुनः उपलब्ध होते रहते हैं और उपयोग से समाप्त नहीं होते, जैसे सौर, पवन, जल, ज्वारीय तथा जैव ऊर्जा। गैर-नवीकरणीय संसाधन वे हैं जिनका भण्डार सीमित है और जिनके पुनर्निर्माण में करोड़ों वर्ष लगते हैं। कोयला ऐसा ही जीवाश्म ईंधन है, जो प्राचीन वनस्पतियों के भूगर्भ में लाखों वर्ष तक दबे रहने से बना है, अतः वह गैर-नवीकरणीय है। पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस तथा परमाणु ईंधन भी इसी श्रेणी में आते हैं और इनके दहन से प्रदूषण होता है।
Q7. निम्नलिखित में से कार्य सरलीकरण है :
Right Answer: प्रभावकारिता बढ़ाने के लिए सुव्यवस्थित प्रक्रियाएँ अपनाना
कार्य सरलीकरण से तात्पर्य किसी कार्य को करने के लिए सुव्यवस्थित एवं सरल प्रक्रियाएँ अपनाकर उसकी प्रभावकारिता बढ़ाना है, जिससे कम समय एवं कम शक्ति में वही अथवा उससे बेहतर परिणाम प्राप्त हो सके। इसमें अनावश्यक चरण हटाए जाते हैं, चरणों का क्रम बदला जाता है, दो कार्य जोड़ दिए जाते हैं अथवा शरीर की गति, कार्यस्थल की ऊँचाई एवं उपकरणों के स्थान में सुधार किया जाता है। मुण्डेल ने इसके लिए पाँच स्तरों का वर्गीकरण दिया। ध्यान रहे, आवश्यक चरणों को छोड़कर शॉर्टकट अपनाना कार्य सरलीकरण नहीं, बल्कि गुणवत्ता से समझौता है।
Q8. गृह विज्ञान में टिकाऊ/स्थायी जीवन शैली के चलन में सम्मिलित है :
Right Answer: पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को अपनाना जैसे कचरा कम करना तथा शक्ति संचय करना
गृह विज्ञान में टिकाऊ अथवा स्थायी जीवन शैली का अर्थ है ऐसी दैनिक आदतें अपनाना जो वर्तमान आवश्यकताएँ पूरी करते हुए भी भावी पीढ़ियों के लिए संसाधन बचाए रखें। इसमें कचरा कम करना, वस्तुओं का पुनः उपयोग एवं पुनर्चक्रण, ऊर्जा एवं जल का संचयन, स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों का उपयोग तथा कम्पोस्ट बनाना सम्मिलित है। इसके विपरीत डिब्बाबन्द भोजन एवं डिस्पोजेबल वस्तुओं का अत्यधिक प्रयोग तथा संसाधनों का अतिउपयोग पर्यावरण पर भारी दबाव डालते हैं और इसी प्रवृत्ति को टिकाऊ जीवन शैली अस्वीकार करती है।
Q9. कथन-I : थकान एक शारीरिक स्थिति है जो हमारी वर्तमान कार्य करने की क्षमता को कम कर देती है। कथन-II : मनोवैज्ञानिक थकान वह स्थिति है जिससे कार्य की उत्पादकता में कमी आ जाती है। सही विकल्प चुनिए :
Right Answer: कथन I व कथन II दोनों सम्बन्धित हैं।
दोनों कथन थकान के ही दो पक्षों का वर्णन करते हैं, अतः वे परस्पर सम्बन्धित हैं। शारीरिक थकान माँसपेशियों में लैक्टिक अम्ल के संचय तथा ऊर्जा-भण्डार घटने से उत्पन्न होती है और तत्काल कार्य-क्षमता घटा देती है। मनोवैज्ञानिक थकान ऊब, एकरसता, रुचि के अभाव अथवा मानसिक तनाव से उत्पन्न होती है और उसका परिणाम भी उत्पादकता में गिरावट ही होता है। गृह विज्ञान में थकान को शारीरिक, मानसिक तथा मनोवैज्ञानिक तीन प्रकारों में बाँटा जाता है और कार्य सरलीकरण, विश्राम-अन्तराल तथा कार्य में विविधता इसके निवारण के उपाय हैं।
Q10. निम्नलिखित में से कौन-सा गृह विज्ञान का मुख्य क्षेत्र नहीं है ?
Right Answer: भौतिक विज्ञान एवं रसायन विज्ञान
गृह विज्ञान एक बहुविषयक अनुप्रयुक्त विज्ञान है, जिसके पाँच मान्य क्षेत्र हैं — आहार एवं पोषण, वस्त्र विज्ञान एवं परिधान, मानव विकास एवं बाल विकास, गृह प्रबंध तथा आन्तरिक सज्जा, और प्रसार शिक्षा एवं संचार। भौतिक विज्ञान तथा रसायन विज्ञान स्वतंत्र मूलभूत विज्ञान हैं; गृह विज्ञान उनके सिद्धांतों का उपयोग अवश्य करता है, जैसे पोषण में जैव रसायन अथवा तन्तुओं के अध्ययन में रसायन, किन्तु वे उसके अपने क्षेत्र नहीं हैं। गृह विज्ञान का लक्ष्य पारिवारिक जीवन की गुणवत्ता सुधारना है।