Indian Polity: 88 MCQs with Answers

Indian Polity MCQ Questions and Answers for Competitive Exams - India Study Institute
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Indian Polity MCQ Questions and Answers for Competitive Exams

Attempt Indian Polity Online quiz for free. भारतीय राजव्यवस्था एवं संविधान से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न — अनुच्छेद, अनुसूचियाँ, संसद एवं न्यायपालिका। 

भारतीय राजव्यवस्था एवं संविधान से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न — अनुच्छेद, अनुसूचियाँ, संसद एवं न्यायपालिका।

Other Exam Papers:

Q1. भारत के संविधान निर्माण के दौरान संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?

Right Answer: डॉ. भीमराव अंबेडकर


Explanation:

भारतीय संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे। इस समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को हुआ था और इसमें कुल सात सदस्य थे, जिनमें अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर, एन. गोपालस्वामी आयंगर, के. एम. मुंशी, सैयद मोहम्मद सादुल्ला, एन. माधव राव तथा टी. टी. कृष्णमाचारी सम्मिलित थे। इसी समिति ने संविधान का मसौदा तैयार किया, इसीलिए डॉ. अंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक कहा जाता है। संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे तथा संवैधानिक सलाहकार बी. एन. राव थे।

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Q2. भारतीय संविधान के निर्माण में कितना समय लगा था?

Right Answer: 2 वर्ष 11 माह 18 दिन


Explanation:

भारतीय संविधान के निर्माण में कुल 2 वर्ष 11 माह तथा 18 दिन का समय लगा था। संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी और संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया। इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया, क्योंकि 1930 में इसी दिन पूर्ण स्वराज्य दिवस मनाया गया था। संविधान सभा की कुल ग्यारह बैठकें हुईं और इसमें लगभग 165 दिनों तक कार्य चला। संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना के अंतर्गत हुआ था और इसके अस्थायी अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा थे।

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Q3. भारतीय संविधान ने किस देश के संविधान से राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत ग्रहण किए हैं?

Right Answer: आयरलैंड


Explanation:

भारतीय संविधान ने राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत आयरलैंड के संविधान से ग्रहण किए हैं। इनका उल्लेख संविधान के भाग चार में अनुच्छेद 36 से 51 तक किया गया है। ये सिद्धांत न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं, फिर भी देश के शासन में मौलिक माने जाते हैं और इनका उद्देश्य एक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना है। आयरलैंड से ही राष्ट्रपति के निर्वाचन की पद्धति तथा राज्यसभा में सदस्यों के नामांकन की व्यवस्था भी ली गई है। डॉ. अंबेडकर ने इन्हें भारतीय संविधान की अनूठी विशेषता बताया था।

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Q4. भारत में एकल नागरिकता की अवधारणा किस देश के संविधान से अपनाई गई है?

Right Answer: इंग्लैंड


Explanation:

भारत में एकल नागरिकता की अवधारणा इंग्लैंड अर्थात ब्रिटेन के संविधान से अपनाई गई है। इसका आशय यह है कि भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को केवल भारत की नागरिकता प्राप्त होती है, किसी राज्य की अलग नागरिकता नहीं मिलती। इससे राष्ट्रीय एकता एवं बंधुत्व की भावना सुदृढ़ होती है। इसके विपरीत संयुक्त राज्य अमेरिका में दोहरी नागरिकता की व्यवस्था है, जहाँ नागरिक संघ तथा राज्य दोनों का नागरिक होता है। ब्रिटेन से ही संसदीय शासन प्रणाली, विधि का शासन, विधायी प्रक्रिया तथा एकल कार्यपालिका की व्यवस्था भी ली गई है।

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Q5. संविधान सभा द्वारा भारत के राष्ट्रीय ध्वज का डिजाइन कब अपनाया गया था?

Right Answer: 22 जुलाई 1947


Explanation:

भारत के राष्ट्रीय ध्वज का वर्तमान स्वरूप संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को अपनाया था। इसकी अभिकल्पना पिंगली वेंकैया ने की थी। तिरंगे में सबसे ऊपर केसरिया रंग साहस एवं बलिदान का, मध्य में सफेद रंग शांति एवं सत्य का तथा नीचे हरा रंग समृद्धि एवं हरियाली का प्रतीक है। बीच में गहरे नीले रंग का चौबीस तीलियों वाला अशोक चक्र है, जो सारनाथ के अशोक स्तंभ से लिया गया है और निरंतर गतिशीलता का द्योतक है। ध्वज की लंबाई एवं चौड़ाई का अनुपात तीन और दो होता है।

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Q6. भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है, इसका उल्लेख किसमें किया गया है?

Right Answer: संविधान की प्रस्तावना


Explanation:

भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है, इसका उल्लेख संविधान की प्रस्तावना में किया गया है। पंथनिरपेक्ष शब्द को सन 1976 के बयालीसवें संविधान संशोधन द्वारा समाजवादी तथा अखंडता शब्दों के साथ प्रस्तावना में जोड़ा गया था। इसका आशय यह है कि राज्य का कोई अपना राजकीय धर्म नहीं है और वह सभी धर्मों के प्रति समान दृष्टि रखता है। प्रस्तावना को संविधान की आत्मा तथा कुंजी कहा जाता है और यह भारत को संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य घोषित करती है। केशवानंद भारती वाद में इसे संविधान का भाग माना गया।

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Q7. भारतीय संविधान के अंतर्गत विधायी संप्रभुता किसके पास होती है?

Right Answer: संसद


Explanation:

भारतीय संविधान के अंतर्गत विधायी संप्रभुता संसद के पास होती है, जो राष्ट्रपति, लोकसभा तथा राज्यसभा से मिलकर बनती है। संसद संविधान के प्रावधानों के अधीन रहते हुए विधि निर्माण तथा संविधान संशोधन की शक्ति रखती है। यद्यपि ब्रिटेन की भाँति यह पूर्ण संप्रभु नहीं है, क्योंकि यहाँ लिखित संविधान, संघीय ढाँचा, मौलिक अधिकार तथा न्यायिक पुनरावलोकन की व्यवस्था इस पर अंकुश लगाती है। केशवानंद भारती वाद के अनुसार संसद संविधान के आधारभूत ढाँचे को नहीं बदल सकती। अंतिम संप्रभुता वस्तुतः भारत की जनता में निहित है, जैसा प्रस्तावना में कहा गया है।

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Q8. डॉ. बी. आर. अंबेडकर ने संविधान का हृदय और आत्मा किसे कहा था?

Right Answer: सांविधानिक उपचारों का अधिकार


Explanation:

डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अनुच्छेद 32 अर्थात सांविधानिक उपचारों के अधिकार को संविधान का हृदय एवं आत्मा कहा था। इस अनुच्छेद के अंतर्गत कोई भी नागरिक अपने मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर सीधे सर्वोच्च न्यायालय जा सकता है। न्यायालय इन अधिकारों के प्रवर्तन के लिए पाँच प्रकार की रिट जारी कर सकता है, जिनमें बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण तथा अधिकार पृच्छा सम्मिलित हैं। यह अधिकार स्वयं में एक मौलिक अधिकार है। अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालयों को भी रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है।

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Q9. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में किसी भी प्रकार की छुआछूत को असंवैधानिक घोषित किया गया है?

Right Answer: अनुच्छेद 17


Explanation:

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 17 द्वारा अस्पृश्यता अर्थात छुआछूत का अंत कर दिया गया है और किसी भी रूप में इसका आचरण निषिद्ध घोषित किया गया है। यह समानता के अधिकार के अंतर्गत आता है और इसका उल्लंघन विधि के अनुसार दंडनीय अपराध है। इसी उद्देश्य से अस्पृश्यता अपराध अधिनियम 1955 बनाया गया, जिसे बाद में संशोधित कर नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम नाम दिया गया। यह एकमात्र ऐसा मौलिक अधिकार है जो राज्य के साथ-साथ निजी व्यक्तियों के विरुद्ध भी उपलब्ध है। यह सामाजिक न्याय की दिशा में क्रांतिकारी प्रावधान माना जाता है।

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Q10. किसके शासनकाल के दौरान संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों की सूची से हटा दिया गया था?

Right Answer: मोरारजी देसाई


Explanation:

संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों की सूची से मोरारजी देसाई के प्रधानमंत्रित्व काल में हटाया गया था। सन 1978 के चौवालीसवें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 19 का उपखंड च तथा अनुच्छेद 31 समाप्त कर दिए गए। अब इसे अनुच्छेद 300क के अंतर्गत एक विधिक अथवा संवैधानिक अधिकार का दर्जा प्राप्त है, जिसके अनुसार किसी व्यक्ति को विधि के प्राधिकार के बिना उसकी संपत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। यह संशोधन जनता पार्टी सरकार द्वारा किया गया था, जिसने आपातकाल के बाद सत्ता सँभाली थी।

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Q11. भारतीय संविधान के मूल अनुच्छेद 45 का संबंध किससे था?

Right Answer: नि:शुल्क एवं अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा


Explanation:

भारतीय संविधान के मूल अनुच्छेद 45 का संबंध चौदह वर्ष तक की आयु के सभी बालकों के लिए नि:शुल्क एवं अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था से था। यह नीति निर्देशक तत्वों के अंतर्गत आता था और राज्य से अपेक्षा थी कि वह संविधान लागू होने के दस वर्ष के भीतर इसे पूरा करे। सन 2002 के छियासीवें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 21क जोड़कर छह से चौदह वर्ष के बच्चों की शिक्षा को मौलिक अधिकार बना दिया गया, तथा संशोधित अनुच्छेद 45 अब छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की प्रारंभिक देखभाल से संबंधित है।

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Q12. पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को कितनी समयावधि के भीतर निकटतम मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाना होता है?

Right Answer: 24 घंटे


Explanation:

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तथा हिरासत में लिए गए व्यक्ति को चौबीस घंटे के भीतर निकटतम मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है। इस अवधि में यात्रा में लगने वाला समय सम्मिलित नहीं किया जाता। यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 22 में दिया गया है, जो गिरफ्तारी एवं निरोध से संरक्षण प्रदान करता है। इसके अंतर्गत गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी का कारण जानने तथा अपनी पसंद के विधि व्यवसायी से परामर्श करने का अधिकार भी प्राप्त है। हालाँकि निवारक निरोध के अंतर्गत हिरासत में लिए गए व्यक्तियों पर ये संरक्षण लागू नहीं होते।

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Q13. संविधान के किस अनुच्छेद के अधीन भारत के राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाया जा सकता है?

Right Answer: अनुच्छेद 61


Explanation:

भारत के राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 61 के अंतर्गत चलाई जाती है। राष्ट्रपति को केवल संविधान के अतिक्रमण के आधार पर पद से हटाया जा सकता है। यह प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में लाया जा सकता है, किंतु इसके लिए कम से कम एक चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर तथा चौदह दिन की पूर्व सूचना आवश्यक होती है। प्रस्ताव को दोनों सदनों में कुल सदस्य संख्या के दो तिहाई बहुमत से पारित होना चाहिए। यह एक अर्ध-न्यायिक प्रक्रिया है और भारत में अब तक किसी राष्ट्रपति पर महाभियोग नहीं चलाया गया है।

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Q14. भारत के संविधान की किस अनुसूची में वे तीन सूचियाँ हैं जो संघ और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन करती हैं?

Right Answer: सातवीं अनुसूची


Explanation:

भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची में संघ तथा राज्यों के बीच विधायी शक्तियों का विभाजन करने वाली तीन सूचियाँ दी गई हैं। संघ सूची में वर्तमान में लगभग निन्यानबे विषय हैं जिन पर केवल संसद विधि बना सकती है, जैसे रक्षा, विदेशी मामले तथा मुद्रा। राज्य सूची में लगभग इकसठ विषय हैं जिन पर राज्य विधानमंडल विधि बनाता है, जैसे पुलिस, कृषि एवं लोक स्वास्थ्य। समवर्ती सूची में लगभग बावन विषय हैं जिन पर दोनों विधि बना सकते हैं, किंतु टकराव की स्थिति में संघ की विधि प्रभावी होती है। अवशिष्ट शक्तियाँ संसद के पास हैं।

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Q15. भारत के संविधान के अनुच्छेद 371 के संदर्भ में किस राज्य के राज्यपाल का राज्य की कानून एवं व्यवस्था के विषय में विशेष उत्तरदायित्व है?

Right Answer: नागालैंड


Explanation:

अनुच्छेद 371क के अंतर्गत नागालैंड के राज्यपाल को राज्य की कानून एवं व्यवस्था के विषय में विशेष उत्तरदायित्व सौंपा गया है। यह प्रावधान सन 1962 के तेरहवें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था। इसके अनुसार नागाओं की धार्मिक एवं सामाजिक प्रथाओं, प्रथागत विधि तथा भूमि एवं उसके संसाधनों के स्वामित्व से संबंधित संसदीय विधियाँ नागालैंड विधानसभा की सहमति के बिना लागू नहीं होतीं। अनुच्छेद 371 से 371ञ तक विभिन्न राज्यों जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश तथा गोवा के लिए विशेष उपबंध दिए गए हैं।

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Q16. संविधान की कौन सी अनुसूची संसद सदस्य एवं विधानसभा सदस्य की अयोग्यता का प्रावधान दलबदल के आधार पर रखती है?

Right Answer: दसवीं अनुसूची


Explanation:

संविधान की दसवीं अनुसूची में दलबदल के आधार पर संसद तथा विधानसभा सदस्यों की अयोग्यता के प्रावधान दिए गए हैं। इसे सन 1985 के बावनवें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था और इसे दलबदल विरोधी कानून कहा जाता है। इसके अनुसार यदि कोई निर्वाचित सदस्य स्वेच्छा से अपने दल की सदस्यता त्याग देता है अथवा दल के निर्देश के विरुद्ध सदन में मतदान करता है, तो उसे अयोग्य ठहराया जा सकता है। इस पर निर्णय सदन के पीठासीन अधिकारी द्वारा लिया जाता है। सन 2003 के इक्यानवेवें संशोधन द्वारा विभाजन संबंधी छूट समाप्त कर दी गई।

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Q17. भारतीय संविधान की कौन सी अनुसूची राज्य परिषद की सीटों के बँटवारे के बारे में वर्णन करती है?

Right Answer: चौथी अनुसूची


Explanation:

भारतीय संविधान की चौथी अनुसूची राज्य परिषद अर्थात राज्यसभा में विभिन्न राज्यों तथा संघ राज्यक्षेत्रों को आवंटित सीटों का विवरण देती है। राज्यसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 250 हो सकती है, जिनमें 238 राज्यों एवं संघ राज्यक्षेत्रों के प्रतिनिधि तथा 12 राष्ट्रपति द्वारा नामनिर्दिष्ट सदस्य होते हैं। वर्तमान में इसकी वास्तविक संख्या 245 है। राज्यों को सीटें उनकी जनसंख्या के आधार पर दी जाती हैं, इसलिए उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक इकतीस सीटें प्राप्त हैं। राज्यसभा एक स्थायी सदन है जो कभी भंग नहीं होता।

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Q18. किस उच्च न्यायालय द्वारा भारत में बंद आयोजित करने को पहली बार अवैध घोषित किया गया था?

Right Answer: केरल उच्च न्यायालय


Explanation:

भारत में बंद आयोजित करने को सर्वप्रथम अवैध एवं असंवैधानिक घोषित करने का श्रेय केरल उच्च न्यायालय को जाता है, जिसने सन 1997 में यह ऐतिहासिक निर्णय दिया था। न्यायालय ने माना कि बंद से नागरिकों के आवागमन की स्वतंत्रता तथा जीविका के अधिकार का हनन होता है, जो अनुच्छेद 19 एवं 21 के विरुद्ध है। सन 1998 में सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस निर्णय की पुष्टि की। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि हड़ताल तथा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन वैध हैं, किंतु बलपूर्वक जनजीवन ठप करना संविधान सम्मत नहीं है।

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Q19. सरकारिया आयोग किसके अध्ययन के लिए गठित किया गया था?

Right Answer: केंद्र-राज्य संबंध


Explanation:

सरकारिया आयोग का गठन सन 1983 में केंद्र-राज्य संबंधों के अध्ययन के लिए किया गया था। इसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश रणजीत सिंह सरकारिया ने की थी और अन्य दो सदस्य बी. शिवरामन तथा एस. आर. सेन थे। आयोग ने सन 1988 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें 247 सिफारिशें दी गईं। इसने अंतर्राज्यीय परिषद की स्थापना, अनुच्छेद 356 के संयमित प्रयोग तथा राज्यपाल की नियुक्ति में मुख्यमंत्री से परामर्श जैसी महत्वपूर्ण संस्तुतियाँ दीं। बाद में सन 2007 में इसी विषय पर पुंछी आयोग गठित हुआ।

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Q20. संसद को मौलिक अधिकारों को खत्म करने या कम करने का कोई अधिकार नहीं है, यह सर्वोच्च न्यायालय के किस निर्णय में कहा गया है?

Right Answer: केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य


Explanation:

केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य वाद सन 1973 में सर्वोच्च न्यायालय की तेरह न्यायाधीशों की सबसे बड़ी संविधान पीठ ने निर्णय दिया कि संसद संविधान में संशोधन तो कर सकती है, किंतु उसके आधारभूत ढाँचे को नष्ट नहीं कर सकती। इसी निर्णय से मूल ढाँचे का सिद्धांत स्थापित हुआ। न्यायालय ने माना कि मौलिक अधिकार, संविधान की सर्वोच्चता, धर्मनिरपेक्षता, न्यायिक पुनरावलोकन तथा शक्ति पृथक्करण इस मूल ढाँचे के अंग हैं। यह निर्णय सात और छह के बहुमत से आया था और इसे भारतीय संवैधानिक इतिहास का सर्वाधिक महत्वपूर्ण निर्णय माना जाता है।

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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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