Indian Polity - Judiciary and Commissions: 17 MCQs with Answers

Judiciary and Commissions - Indian Polity
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उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, महत्वपूर्ण वाद एवं आयोगों से संबंधित प्रश्न।

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Q1. किस उच्च न्यायालय द्वारा भारत में बंद आयोजित करने को पहली बार अवैध घोषित किया गया था?

Right Answer: केरल उच्च न्यायालय


Explanation:

भारत में बंद आयोजित करने को सर्वप्रथम अवैध एवं असंवैधानिक घोषित करने का श्रेय केरल उच्च न्यायालय को जाता है, जिसने सन 1997 में यह ऐतिहासिक निर्णय दिया था। न्यायालय ने माना कि बंद से नागरिकों के आवागमन की स्वतंत्रता तथा जीविका के अधिकार का हनन होता है, जो अनुच्छेद 19 एवं 21 के विरुद्ध है। सन 1998 में सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस निर्णय की पुष्टि की। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि हड़ताल तथा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन वैध हैं, किंतु बलपूर्वक जनजीवन ठप करना संविधान सम्मत नहीं है।

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Q2. सरकारिया आयोग किसके अध्ययन के लिए गठित किया गया था?

Right Answer: केंद्र-राज्य संबंध


Explanation:

सरकारिया आयोग का गठन सन 1983 में केंद्र-राज्य संबंधों के अध्ययन के लिए किया गया था। इसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश रणजीत सिंह सरकारिया ने की थी और अन्य दो सदस्य बी. शिवरामन तथा एस. आर. सेन थे। आयोग ने सन 1988 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें 247 सिफारिशें दी गईं। इसने अंतर्राज्यीय परिषद की स्थापना, अनुच्छेद 356 के संयमित प्रयोग तथा राज्यपाल की नियुक्ति में मुख्यमंत्री से परामर्श जैसी महत्वपूर्ण संस्तुतियाँ दीं। बाद में सन 2007 में इसी विषय पर पुंछी आयोग गठित हुआ।

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Q3. संसद को मौलिक अधिकारों को खत्म करने या कम करने का कोई अधिकार नहीं है, यह सर्वोच्च न्यायालय के किस निर्णय में कहा गया है?

Right Answer: केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य


Explanation:

केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य वाद सन 1973 में सर्वोच्च न्यायालय की तेरह न्यायाधीशों की सबसे बड़ी संविधान पीठ ने निर्णय दिया कि संसद संविधान में संशोधन तो कर सकती है, किंतु उसके आधारभूत ढाँचे को नष्ट नहीं कर सकती। इसी निर्णय से मूल ढाँचे का सिद्धांत स्थापित हुआ। न्यायालय ने माना कि मौलिक अधिकार, संविधान की सर्वोच्चता, धर्मनिरपेक्षता, न्यायिक पुनरावलोकन तथा शक्ति पृथक्करण इस मूल ढाँचे के अंग हैं। यह निर्णय सात और छह के बहुमत से आया था और इसे भारतीय संवैधानिक इतिहास का सर्वाधिक महत्वपूर्ण निर्णय माना जाता है।

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Q4. भारत में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति की आयु क्या है?

Right Answer: 62 वर्ष


Explanation:

भारत में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष है, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं। प्रारंभ में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की आयु सीमा 60 वर्ष थी, जिसे सन 1963 के पंद्रहवें संविधान संशोधन द्वारा बढ़ाकर 62 वर्ष कर दिया गया। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश तथा संबंधित राज्य के राज्यपाल से परामर्श के बाद की जाती है। उन्हें केवल महाभियोग की प्रक्रिया द्वारा ही पद से हटाया जा सकता है।

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Q5. बंबई, कलकत्ता और मद्रास उच्च न्यायालय की स्थापना किस अधिनियम के अंतर्गत की गई थी?

Right Answer: भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम 1861


Explanation:

बंबई, कलकत्ता तथा मद्रास उच्च न्यायालयों की स्थापना भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम 1861 के अंतर्गत की गई थी। इस अधिनियम ने प्रत्येक प्रेसिडेंसी में विद्यमान सुप्रीम कोर्ट तथा सदर अदालतों को समाप्त कर उनके स्थान पर एक एकीकृत उच्च न्यायालय की व्यवस्था की। तीनों उच्च न्यायालय सन 1862 में अस्तित्व में आए और कलकत्ता उच्च न्यायालय भारत का सबसे पुराना उच्च न्यायालय है। इसी अधिनियम द्वारा भारत में विधि निर्माण की प्रक्रिया में भारतीयों को सम्मिलित करने की शुरुआत भी हुई थी और पोर्टफोलियो प्रणाली आरंभ की गई।

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Q6. न्यायमूर्ति संजीव खन्ना के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

1. वे भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश हैं।

2. उन्होंने न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ का स्थान लिया।

3. उन्होंने 2023 से मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया।

Right Answer: केवल 1 और 2


Explanation:

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने 11 नवंबर 2024 को भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ का स्थान लिया, जो 10 नवंबर 2024 को सेवानिवृत्त हुए थे। इस प्रकार पहला और दूसरा कथन सही हैं। तीसरा कथन गलत है, क्योंकि उन्होंने वर्ष 2023 से नहीं, बल्कि नवंबर 2024 से यह पद संभाला। न्यायमूर्ति खन्ना दिल्ली उच्च न्यायालय से आए थे और वर्ष 2019 में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। अतः सही उत्तर केवल 1 और 2 है।
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Q7. भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) साक्ष्य की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर ज़ोर देता है। यह विशेष रूप से किसके लिए प्रासंगिक है?

Right Answer: डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य


Explanation:

भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023, जिसे संक्षेप में बीएसए कहा जाता है, ने 1872 के पुराने भारतीय साक्ष्य अधिनियम का स्थान लिया और 1 जुलाई 2024 से पूरे देश में लागू हुआ। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल अभिलेखों को, जैसे ईमेल, सर्वर लॉग, संदेश, लोकेशन डेटा तथा कंप्यूटर फाइलों को, दस्तावेज़ी साक्ष्य के रूप में स्पष्ट मान्यता दी गई है। इनकी प्रामाणिकता प्रमाणपत्र और हैश मान जैसी तकनीकी विधियों के माध्यम से सुनिश्चित की जाती है।
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Q8. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत, किसी व्यक्ति को पुलिस हिरासत में रखने की अधिकतम अवधि क्या है, भले ही उसे मजिस्ट्रेट द्वारा समय-समय पर रिमांड पर लिया जाए?

Right Answer: 15 दिन (प्रारंभिक रिमांड के लिए, विस्तार योग्य)


Explanation:

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 ने दंड प्रक्रिया संहिता का स्थान लिया है और इसकी धारा 187 पुलिस हिरासत से संबंधित है। इसके अनुसार मजिस्ट्रेट किसी अभियुक्त को एक बार में पंद्रह दिन से अधिक की पुलिस हिरासत में नहीं भेज सकता। नई संहिता में महत्वपूर्ण परिवर्तन यह है कि ये पंद्रह दिन गिरफ्तारी के आरंभिक पंद्रह दिनों तक सीमित न रहकर कुल साठ या नब्बे दिन की अवधि के भीतर टुकड़ों में भी लिए जा सकते हैं। अतः प्रारंभिक रिमांड पंद्रह दिन का है जो विस्तार योग्य है।
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Q9. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) ने आपराधिक प्रक्रिया में निम्नलिखित में से कौन सा परिवर्तन लाया है?

Right Answer: वीडियो-रिकॉर्ड किए गए इकबालिया बयान


Explanation:

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 का स्थान लिया है और इसमें आपराधिक प्रक्रिया के डिजिटलीकरण पर विशेष बल दिया गया है। इसके अंतर्गत तलाशी और जब्ती की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है तथा बयान एवं साक्ष्य को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अभिलिखित करने का प्रावधान है, जिससे पारदर्शिता बढ़े और दबाव में लिए गए बयानों पर अंकुश लगे। ध्यान रहे कि आईपीसी की धाराओं का प्रतिस्थापन भारतीय न्याय संहिता ने किया है, बीएनएसएस ने नहीं। अपराध की धारणा तथा जमानत अधिकारों की समाप्ति दोनों असत्य हैं।
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Q10. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) ने आपराधिक प्रक्रिया में निम्नलिखित में से कौन सा परिवर्तन लाया है?

Right Answer: वीडियो-रिकॉर्ड किए गए इकबालिया बयान


Explanation:

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 का स्थान लिया है और इसमें आपराधिक न्याय प्रक्रिया के डिजिटलीकरण पर विशेष बल दिया गया है। इसके अंतर्गत तलाशी और जब्ती की वीडियोग्राफी, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से साक्ष्य संग्रह तथा बयानों की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे प्रावधान किए गए हैं। ध्यान रहे कि भारतीय दंड संहिता का स्थान भारतीय न्याय संहिता ने लिया है, इसलिए पहला विकल्प उपयुक्त नहीं है। अपराध की धारणा तथा जमानत अधिकार समाप्त करने जैसे कथन भी गलत हैं। अतः सही उत्तर वीडियो-रिकॉर्ड किए गए बयान हैं।
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Q11. निम्नलिखित में से किस आयोग ने केंद्र-राज्य सहयोग को संस्थागत बनाने के लिए अंतर-राज्य परिषद के लिए एक स्थायी सचिवालय की स्थापना की सिफारिश की थी?

Right Answer: सरकारिया आयोग


Explanation:

केंद्र-राज्य संबंधों की समीक्षा के लिए 1983 में न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया की अध्यक्षता में आयोग गठित किया गया था, जिसने 1988 में अपनी रिपोर्ट दी। इस आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत एक स्थायी अंतर-राज्य परिषद की स्थापना तथा उसके लिए स्थायी सचिवालय बनाने की सिफारिश की, ताकि केंद्र और राज्यों के बीच परामर्श संस्थागत रूप ले सके। इसी सिफारिश के आधार पर 1990 में अंतर-राज्य परिषद का गठन हुआ। अतः सही उत्तर सरकारिया आयोग है।
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Q12. भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) का लक्ष्य भारतीय साक्ष्य कानून को निम्नलिखित में से किस प्रगति के साथ जोड़ना है?

Right Answer: फोरेंसिक विज्ञान और डिजिटल प्रौद्योगिकी


Explanation:

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (Bharatiya Sakshya Adhiniyam - BSA) ने पुराने भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 का स्थान लिया है और इसका मुख्य उद्देश्य साक्ष्य कानून को समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्य (जैसे ईमेल, सर्वर लॉग, वीडियो रिकॉर्डिंग) को औपचारिक मान्यता दी गई है तथा फोरेंसिक विज्ञान आधारित साक्ष्य संग्रहण प्रक्रियाओं को सुदृढ़ किया गया है। यह अधिनियम कृषि पद्धतियों, दार्शनिक ग्रंथों या मौखिक परंपराओं से संबंधित नहीं है। इसलिए सही उत्तर 'फोरेंसिक विज्ञान और डिजिटल प्रौद्योगिकी' है, अतः विकल्प 1 सही है।
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Q13. के. संजय मूर्ति की CAG के रूप में हालिया नियुक्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा/से सही है/हैं?

1. उन्होंने गिरीश चंद्र मुर्मू के कार्यकाल के बाद नवंबर 2024 में CAG के रूप में पदभार ग्रहण किया।
2. CAG एक संवैधानिक पद है, जिसकी नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
3. CAG का कार्यकाल केवल पाँच वर्ष का होता है और इसे दोहराया नहीं जा सकता।

Right Answer: केवल 1 और 2


Explanation:

के. संजय मूर्ति ने गिरीश चंद्र मुर्मू के कार्यकाल की समाप्ति के बाद नवंबर 2024 में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) का पदभार संभाला, इसलिए कथन 1 सही है। CAG वास्तव में एक संवैधानिक पद है जिसकी नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 148 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, इसलिए कथन 2 भी सही है। परंतु CAG का कार्यकाल पाँच वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, तक होता है, केवल पाँच वर्ष निश्चित नहीं है, इसलिए कथन 3 गलत है। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं, जिससे सही उत्तर विकल्प 1 है।
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Q14. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की कौन सी धारा तलाशी और जब्ती कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य करती है?

Right Answer: धारा 105


Explanation:

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023, जिसने पुरानी दंड प्रक्रिया संहिता का स्थान लिया है, में डिजिटल पारदर्शिता और साक्ष्य की विश्वसनीयता बढ़ाने हेतु कई नए प्रावधान जोड़े गए हैं। इस संहिता की धारा 105 के अंतर्गत तलाशी और जब्ती की संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करना अनिवार्य किया गया है, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और भविष्य में साक्ष्य के रूप में इसका उपयोग किया जा सके। यह प्रावधान पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अतः सही उत्तर विकल्प 3, धारा 105 है।
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Q15. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal - NGT) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

Right Answer: 2010


Explanation:

राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के अन्तर्गत वर्ष 2010 में पर्यावरण सम्बन्धी मामलों के त्वरित निपटान हेतु की गई थी।
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Q16. जनहित याचिका (PIL) के अन्तर्गत यदि पत्र-याचिका के रूप में मामला दायर होता है, तो सामान्यतः इसके लिए किस स्तर पर आदेश पारित किया जाता है?

Right Answer: मुख्य न्यायाधीश अथवा सम्बन्धित न्यायाधीश के स्तर पर


Explanation:

जनहित याचिका सामान्य वाद प्रक्रिया से भिन्न होती है — पत्र-याचिका के रूप में प्राप्त शिकायत पर उच्च न्यायालय अथवा उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश/सम्बन्धित पीठ द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर आदेश पारित किया जाता है।
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Q17. राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष तथा प्रत्येक सदस्य का अधिकतम कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?

Right Answer: 3 वर्ष


Explanation:

राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के अन्तर्गत अध्यक्ष एवं सदस्यों का अधिकतम कार्यकाल 3 वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) निर्धारित है।
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Published: 28 July 2026 | Last Updated: 31 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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