Economy and Banking: 73 MCQs with Answers
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0%Economy and Banking MCQ Questions in Hindi
अर्थव्यवस्था एवं बैंकिंग से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न — भारतीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग तथा अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संगठन।
Q21. निम्न कथनों को पढ़कर नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :
(i) इसका विकास मोरिस डी० मोरिस ने किया था।
(ii) यह लोगों के भौतिक खुशहाली के स्तर को मापता है।
(iii) इसमें तीन सूचकांकों — जीवन प्रत्याशा, शिशु मृत्युदर तथा प्रति व्यक्ति आय — को शामिल किया गया है।
(iv) इसका निर्माण 1977 के लिए किया गया।
Right Answer: केवल (i), (ii) व (iv) सही हैं
भौतिक जीवन गुणवत्ता सूचकांक का विकास मोरिस डी० मोरिस ने विदेशी विकास परिषद के लिए किया और इसका उद्देश्य लोगों की भौतिक खुशहाली को आय के स्थान पर उपलब्धियों से मापना था। कथन (iii) गलत है, क्योंकि इसके तीन घटक जीवन प्रत्याशा, शिशु मृत्युदर तथा साक्षरता दर हैं — प्रति व्यक्ति आय इसमें जानबूझकर सम्मिलित नहीं की गई। यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि यह विशुद्ध रूप से गैर-आय सूचकांक है। तीनों घटकों को शून्य से सौ के पैमाने पर लाकर उनका सरल औसत निकाला जाता है।
Q22. अकाल के कारण की विवेचना के लिए खाद्यान्न उपलब्धता की कमी (Food Availability Decline − FAD) का सिद्धांत किसने दिया था ?
Right Answer: अमर्त्य सेन
खाद्यान्न उपलब्धता में कमी अर्थात् एफ० ए० डी० वह पारम्परिक व्याख्या है जिसके अनुसार अकाल का कारण किसी क्षेत्र में कुल खाद्यान्न उपलब्धता का घट जाना होता है। अकाल के अर्थशास्त्र को व्यवस्थित रूप देने वाले अमर्त्य सेन ने अपनी प्रसिद्ध कृति ‘पॉवर्टी एण्ड फैमिन्स’ में इसी ढाँचे को केन्द्र में रखकर विश्लेषण किया और आगे चलकर अधिकारिता उपागम प्रस्तुत किया। उन्होंने 1943 के बंगाल के अकाल का उदाहरण देकर दिखाया कि अनाज उपलब्ध होते हुए भी लोग भूख से मरे, क्योंकि उनकी क्रय-शक्ति एवं विनिमय-अधिकारिता समाप्त हो गई थी।
Q23. यदि पूर्ण रोजगार पर राष्ट्रीय आय 10,000 है, स्फीतिकारक अंतराल 400 है तथा गुणक का मान 5 है, तो राष्ट्रीय आय का साम्य मूल्य होगा :
Right Answer: 12,000
स्फीतिकारक अंतराल वह मात्रा है जितनी वास्तविक समग्र माँग पूर्ण रोजगार स्तर की समग्र माँग से अधिक होती है। इस अतिरिक्त माँग का प्रभाव गुणक के माध्यम से आय पर पड़ता है, इसलिए आय में वृद्धि स्फीतिकारक अंतराल तथा गुणक के गुणनफल के बराबर होती है। यहाँ अंतराल 400 तथा गुणक 5 है, अतः आय में वृद्धि 400 गुणा 5 अर्थात् 2,000 होगी। इसे पूर्ण रोजगार आय 10,000 में जोड़ने पर साम्य आय 12,000 प्राप्त होती है। ध्यातव्य है कि पूर्ण रोजगार के बाद वास्तविक उत्पादन नहीं बढ़ता, केवल कीमतें बढ़ती हैं।
Q24. निम्न में से कौन - सा राष्ट्रीय आय का भाग नहीं है ?
Right Answer: वृद्धावस्था पेंशन
राष्ट्रीय आय में केवल वही भुगतान गिने जाते हैं जो उत्पादन प्रक्रिया में किसी वास्तविक योगदान के बदले प्राप्त होते हैं। सामाजिक सुरक्षा में नियोक्ता का अंशदान, बोनस तथा ग्रेच्युटी — ये तीनों कर्मचारी के पारिश्रमिक के ही अंग हैं, अतः राष्ट्रीय आय में सम्मिलित किए जाते हैं। इसके विपरीत वृद्धावस्था पेंशन एक हस्तांतरण भुगतान है, जिसमें प्राप्तकर्ता बदले में कोई वस्तु या सेवा नहीं देता। हस्तांतरण भुगतान केवल क्रयशक्ति का पुनर्वितरण करते हैं, नया उत्पादन नहीं जोड़ते, इसलिए उन्हें राष्ट्रीय आय की गणना से बाहर रखा जाता है।
Q25. निम्न देशों में से किस देश का स्थान 2022 में मानव विकास में सबसे नीचे था ?
Right Answer: भारत
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की मानव विकास रिपोर्ट 2023-24 में 2022 के आँकड़ों के आधार पर भारत का स्थान 193 देशों में 134वाँ रहा और उसका मानव विकास सूचकांक मान 0.644 था। इसकी तुलना में श्रीलंका 78वें, सूरीनाम 98वें तथा भूटान 125वें स्थान पर रहे। अतः दिए गए देशों में भारत का स्थान सबसे नीचे था। भारत को मध्यम मानव विकास श्रेणी में रखा गया है। सूचकांक तीन आयामों — जन्म के समय जीवन प्रत्याशा, शिक्षा के वर्ष तथा प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय — के ज्यामितीय माध्य से निकाला जाता है।
Q26. निम्न में से कौन - सा कथन सही है ?
Right Answer: गिफिन वस्तु के लिए कीमत में परिवर्तन का आय प्रभाव धनात्मक तथा प्रतिस्थापन्न प्रभाव से अधिक प्रबल होता है।
कीमत प्रभाव प्रतिस्थापन्न प्रभाव तथा आय प्रभाव का योग होता है। प्रतिस्थापन्न प्रभाव सदैव ऋणात्मक रहता है, अर्थात् वस्तु सस्ती होने पर उसकी माँग बढ़ती ही है। सामान्य वस्तु के लिए आय प्रभाव भी ऋणात्मक होता है और दोनों एक ही दिशा में कार्य करते हैं। हीन वस्तु के लिए आय प्रभाव धनात्मक हो जाता है, अर्थात् वह प्रतिस्थापन्न प्रभाव के विरुद्ध कार्य करता है, किन्तु सामान्यतः उससे दुर्बल रहता है। गिफिन वस्तु एक विशिष्ट हीन वस्तु है जिसमें यह धनात्मक आय प्रभाव प्रतिस्थापन्न प्रभाव से भी प्रबल हो जाता है, फलतः माँग वक्र ऊपर की ओर ढालू हो जाता है।
Q27. निम्न कथनों को पढ़कर नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए :
(a) उत्पादन संभावना वक्र को रूपांतरण वक्र भी कहते हैं।
(b) उत्पादन संभावना वक्र के ढाल के निरपेक्ष मान को x की y के लिए रूपांतरण की सीमांत दर (MRTxy) कहते हैं।
(c) रूपांतरण की सीमांत दर MCx/MCy के बराबर होती है।
(d) साधनों की अपूर्ण स्थानापन्नता के कारण उत्पादन संभावना वक्र मूल बिंदु के प्रति उन्नतोदर होता है।
Right Answer: केवल (a), (b) व (c) सही हैं
पहले तीन कथन सही हैं। उत्पादन संभावना वक्र को रूपांतरण वक्र भी कहा जाता है, क्योंकि उस पर चलने का अर्थ है एक वस्तु के उत्पादन को दूसरी में रूपांतरित करना। इसके ढाल का निरपेक्ष मान रूपांतरण की सीमांत दर कहलाता है और यह दोनों वस्तुओं की सीमांत लागतों के अनुपात के बराबर होती है। कथन (d) गलत है, क्योंकि साधनों की अपूर्ण स्थानापन्नता के कारण अवसर लागत बढ़ती जाती है और वक्र मूल बिंदु के प्रति नतोदर अर्थात् बाहर की ओर उभरा हुआ होता है, उन्नतोदर नहीं।
Q28. यदि मौद्रिक सकल घरेलू उत्पाद 3000 रु० हो तथा सकल घरेलू उत्पाद अपस्फीति कारक 150 हो, तो वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद होगा :
Right Answer: 2000 रु०
वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वह मूल्य है जो आधार वर्ष की कीमतों पर मापा जाता है और इसलिए उसमें कीमत-वृद्धि का प्रभाव सम्मिलित नहीं होता। इसे निकालने का सूत्र है — वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद बराबर मौद्रिक सकल घरेलू उत्पाद को अपस्फीति कारक से भाग देकर सौ से गुणा करना। यहाँ मौद्रिक सकल घरेलू उत्पाद 3000 रुपये तथा अपस्फीति कारक 150 है। अतः 3000 को 150 से भाग देने पर 20 और सौ से गुणा करने पर 2000 रुपये प्राप्त होते हैं। इस प्रकार वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद 2000 रुपये होगा।
Q29. यदि कॉब डगलस उत्पादन फलन Q = AL α K β हो तथा α + β < 1 हो, तो यह दर्शाता है :
Right Answer: पैमाने के घटते प्रतिफल
कॉब-डगलस उत्पादन फलन में घातांक α तथा β क्रमशः श्रम एवं पूँजी की उत्पादन-लोच बताते हैं और इनका योग पैमाने के प्रतिफल की प्रकृति निर्धारित करता है। यदि दोनों साधनों को एक ही अनुपात में बढ़ाया जाए तो उत्पादन उसी अनुपात की α+β घात से बढ़ता है। जब α+β एक के बराबर हो तो पैमाने के स्थिर प्रतिफल, एक से अधिक हो तो बढ़ते प्रतिफल और एक से कम हो तो पैमाने के घटते प्रतिफल मिलते हैं। प्रश्न में योग एक से कम है, अतः यह पैमाने के घटते प्रतिफल दर्शाता है, जिसमें साधन दुगुने करने पर उत्पादन दुगुने से कम बढ़ता है।
Q30. संतुलित बजट गुणांक की अवधारणा सबसे पहले किसने दी थी ?
Right Answer: टी० हावेल्मो
संतुलित बजट गुणांक की अवधारणा नॉर्वेजियन अर्थशास्त्री ट्रिग्वे हावेल्मो ने दी, इसीलिए इसे हावेल्मो प्रमेय भी कहा जाता है। इसके अनुसार यदि सरकार अपने व्यय तथा करों दोनों को समान मात्रा में बढ़ाए, जिससे बजट संतुलित बना रहे, तब भी राष्ट्रीय आय उतनी ही मात्रा से बढ़ जाती है और गुणांक का मान ठीक एक होता है। इसका कारण यह है कि सरकारी व्यय का पूरा भाग समग्र माँग में जुड़ता है, जबकि कर का प्रभाव केवल उपभोग पर पड़ता है, क्योंकि करदाता उसका कुछ भाग बचत में से चुकाता है। हावेल्मो को 1989 में नोबेल पुरस्कार मिला।