Sociology: 60 MCQs with Answers

Sociology MCQ Questions with Answers - INDIA STUDY INSTITUTE
Sociology

Your Progress

0%
0%
60
Total
0
Attempted
60
Remaining

Sociology MCQ Questions with Answers

Sociology MCQs on social institutions, social change, thinkers, research methods and Indian society। समाजशास्त्र विषय के महत्त्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न, उत्तर एवं व्याख्या सहित — HTET, CTET, UGC-NET, KVS, NVS एवं अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के लिए उपयोगी।

Other Exam Papers:

Q1. कैथलीन गफ द्वारा भारत में हुए किसान विद्रोह के वर्गीकरण हेतु प्रयुक्त आधारों में निम्नलिखित में से कौन-सा सम्मिलित नहीं है ?

Right Answer: परम्परागत-चमत्कारिक नेतृत्व


Explanation:

कैथलीन गफ ने भारत के किसान विद्रोहों का अध्ययन कर उन्हें पाँच प्रकारों में बाँटा — पुनर्स्थापनात्मक विद्रोह, धार्मिक आन्दोलन, सामाजिक डकैती, आतंकवादी प्रतिशोध तथा जनसामान्य का सामूहिक विद्रोह। इस वर्गीकरण के लिए उन्होंने तीन आधार अपनाए — विद्रोह के उद्देश्य, उसके पीछे की विचारधारा तथा संगठन की पद्धतियाँ। परम्परागत अथवा चमत्कारिक नेतृत्व को उन्होंने वर्गीकरण का आधार नहीं बनाया, यद्यपि कुछ आन्दोलनों में ऐसा नेतृत्व दिखाई अवश्य देता है। अतः यही विकल्प उनके आधारों में सम्मिलित नहीं है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q2. निम्नलिखित में से किन दो पक्षों की चर्चा मैक्स वेबर के द्वारा की गयी है ? जिनके माध्यम से हमारी समझ से सम्बद्ध निर्णय पर्याप्तता के रूप में प्रस्तुत होता है ?

Right Answer: कारण के स्तर पर पर्याप्तता एवं अर्थ के स्तर पर पर्याप्तता


Explanation:

मैक्स वेबर ने सामाजिक क्रिया की व्याख्या को वैज्ञानिक बनाने हेतु दो कसौटियाँ दीं। अर्थ के स्तर पर पर्याप्तता का तात्पर्य है कि क्रिया के अंगों का पारस्परिक सम्बन्ध हमारी प्रचलित अर्थ-व्यवस्था के अनुसार बोधगम्य एवं संगत प्रतीत हो। कारण के स्तर पर पर्याप्तता का तात्पर्य है कि अनुभवजन्य आँकड़ों के आधार पर यह सम्भाव्यता सिद्ध हो कि अमुक घटना के बाद अमुक परिणाम प्रायः होता ही है। वेबर के अनुसार सन्तोषजनक समाजशास्त्रीय व्याख्या वही है जो दोनों कसौटियों पर एक साथ खरी उतरे।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q3. डेरिक सायर के अनुसार वर्तमान दिनों का पूँजीवाद छः स्थितियों पर निर्धारित है (प्रीडिकेटेड)। निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति गलत है ?

Right Answer: पारम्परिक संस्कृतियों का आर्थिक जीवन पर प्रभुत्व


Explanation:

डेरिक सायर ने वेबर की व्याख्या के आधार पर आधुनिक पूँजीवाद की छह पूर्वशर्तें बताईं — निजी सम्पत्ति पर आधारित श्रम विभाजन, बाजार की स्वतंत्रता, तार्किक अर्थात् यंत्रीकृत प्रौद्योगिकी, गणना योग्य विधि, स्वतंत्र श्रम तथा आर्थिक जीवन का वाणिज्यीकरण। इन सभी का सार यह है कि आर्थिक व्यवहार परम्परा के स्थान पर तार्किक गणना से संचालित हो। इसलिए पारम्परिक संस्कृतियों का आर्थिक जीवन पर प्रभुत्व पूँजीवाद की शर्त नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी बाधा है, और यही कथन गलत है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q4. समाज का वह प्रकार, जिसमें बाजार विनिमय पर प्रभुत्व स्थापित करते हैं तथा अन्य स्वरूप-पारस्परिकता एवं पुनर्वितरण का बहिष्करण बढ़ता जाता है, कहलाता है :

Right Answer: बाजार समाज


Explanation:

कार्ल पोलानयी ने विनिमय के तीन स्वरूप बताए — पारस्परिकता, पुनर्वितरण तथा बाजार विनिमय। परम्परागत समाजों में पहले दो स्वरूप प्रधान रहते हैं, जहाँ वस्तुओं का आदान-प्रदान नातेदारी, कर्तव्य और सामुदायिक दायित्व से संचालित होता है। जिस समाज में बाजार विनिमय शेष दोनों स्वरूपों को हाशिये पर धकेलकर स्वयं प्रभुत्व स्थापित कर लेता है, उसे बाजार समाज कहा जाता है। इसमें भूमि, श्रम और मुद्रा तक क्रय-विक्रय की वस्तु बन जाते हैं और सामाजिक सम्बन्ध अर्थव्यवस्था में समाहित होने के बजाय अर्थव्यवस्था के अधीन हो जाते हैं।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q5. ए० आर० देसाई के अनुसार भारतीय राष्ट्रवाद के विकास का पाँचवा चरण निम्नलिखित अवधि से जुड़ा है (सोशल बैकग्राउण्ड ऑफ इण्डियन नेशनलिज्म पुस्तक के आधार पर) :

Right Answer: वर्ष 1934 से 1939 तक


Explanation:

ए० आर० देसाई ने ‘सोशल बैकग्राउंड ऑफ इंडियन नेशनलिज्म’ में भारतीय राष्ट्रवाद के विकास को पाँच चरणों में विभाजित किया। प्रथम चरण 1885 से 1905 तक था, जिसमें आन्दोलन बुद्धिजीवी उच्च वर्ग तक सीमित रहा। द्वितीय चरण 1905 से 1918 तक शिक्षित मध्यम वर्ग के विस्तार का रहा। तृतीय चरण 1918 से 1934 तक गाँधीजी के नेतृत्व में जनआधार के विस्तार का था। पाँचवाँ चरण 1934 से 1939 तक का माना जाता है, जिसमें समाजवादी एवं साम्यवादी समूहों, किसान सभाओं तथा मजदूर संगठनों का उभार राष्ट्रीय आन्दोलन की मुख्य विशेषता बना।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q6. निम्नलिखित समाजशास्त्रियों में से कौन ‘कल्चर, स्पेस ऐण्ड द नेशन-स्टेट’ पुस्तक के लेखक हैं ?

Right Answer: टी० के० ओमन


Explanation:

‘कल्चर, स्पेस ऐण्ड द नेशन-स्टेट : फ्रॉम सेंटीमेंट टु स्ट्रक्चर’ के लेखक प्रसिद्ध भारतीय समाजशास्त्री टी० के० ओमन हैं। इस कृति में उन्होंने राष्ट्र, राज्य, नृजातीयता तथा प्रदेश के पारस्परिक सम्बन्धों का विश्लेषण किया और बताया कि भारत जैसे बहुसांस्कृतिक समाज में राष्ट्र-राज्य की अवधारणा पश्चिमी प्रतिमान से भिन्न रूप लेती है। ओमन ने भावना पर आधारित सामूहिक पहचानों तथा संरचना पर आधारित राजनीतिक इकाइयों के बीच के तनाव को रेखांकित किया। दीपांकर गुप्ता, अर्जुन अप्पादुरइ तथा होमी भाभा की कृतियाँ इससे भिन्न हैं।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q7. जोखिम समाज (रिस्क सोसायटी) की अवधारणा का विवेचन करते हुए उलरिच बैक ने दो महत्वपूर्ण प्रत्ययों के मध्य अन्तर प्रस्तुत किया है। निम्नलिखित में से कौन-सा अन्तर सही है ?

Right Answer: निर्मित जोखिम एवं प्राकृतिक खतरे


Explanation:

उलरिच बैक ने अपनी कृति ‘रिस्क सोसायटी’ में बताया कि आधुनिक समाज की केन्द्रीय समस्या सम्पदा का वितरण नहीं, बल्कि जोखिमों का वितरण बन गई है। उन्होंने प्राकृतिक खतरों तथा निर्मित जोखिमों में स्पष्ट अन्तर किया। प्राकृतिक खतरे बाढ़, भूकम्प एवं सूखे जैसी घटनाएँ हैं, जो मानव नियंत्रण से बाहर की प्राकृतिक शक्तियों से उत्पन्न होती हैं। इसके विपरीत निर्मित जोखिम मानव के अपने वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकीय एवं औद्योगिक विकास की उपज हैं, जैसे परमाणु दुर्घटना, प्रदूषण तथा जलवायु परिवर्तन। ये सीमाओं से परे होते हैं और वर्ग एवं राष्ट्र दोनों को पार कर जाते हैं।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q8. जनगणना वर्ष 1961 एवं 2011 , जो नीचे दिये हुए हैं, में नगरीय जनसंख्या के सही आँकड़े मिलियन में (एक मिलियन अर्थात् 10 लाख) रेखांकित करें :

Right Answer: 78.94 मिलियन (1961) एवं 377.1 मिलियन (2011)


Explanation:

भारत में नगरीकरण की गति स्वतंत्रता के बाद तेजी से बढ़ी है। 1961 की जनगणना के अनुसार देश की नगरीय जनसंख्या लगभग 78.94 मिलियन अर्थात् सात करोड़ नब्बे लाख थी, जो कुल जनसंख्या का लगभग अठारह प्रतिशत बैठती थी। 2011 की जनगणना में यह बढ़कर लगभग 377.1 मिलियन अर्थात् सैंतीस करोड़ सत्तर लाख हो गई, जो कुल जनसंख्या का लगभग इकतीस प्रतिशत है। इस प्रकार पचास वर्षों में नगरीय जनसंख्या लगभग पाँच गुना बढ़ी। 2011 की जनगणना पहली ऐसी जनगणना रही जिसमें नगरीय जनसंख्या की निरपेक्ष वृद्धि ग्रामीण वृद्धि से अधिक रही।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q9. जी० एस० घूरिये के अनुसार भारत की हिन्दू जनसंख्या में छहः मुख्य भौतिक/शारीरिक (फिजिकल) प्रकार विद्यमान हैं। निम्नलिखित में से कौन-सी भौतिक/शारीरिक प्रकार घूरिये के मत से सम्बद्ध नहीं है ?

Right Answer: द कॉकेशॉयड


Explanation:

जी० एस० घूरिये ने ‘कास्ट एण्ड रेस इन इंडिया’ में भारत की हिन्दू जनसंख्या में छह प्रमुख भौतिक प्रकार बताए — इण्डो-आर्यन, प्री-द्रविड, द्रविड, पश्चिमी ब्रैकीसेफल, मंगोलॉयड तथा मंगोलो-द्रविड। उनका उद्देश्य यह दिखाना था कि जाति-व्यवस्था और प्रजातीय भिन्नता के बीच सम्बन्ध केवल उत्तर भारत में ही स्पष्ट है, सम्पूर्ण देश में नहीं। ‘कॉकेशॉयड’ एक व्यापक विश्वस्तरीय प्रजातीय श्रेणी है, जिसका प्रयोग घूरिये की इस भारतीय सूची में नहीं हुआ। अतः यही विकल्प उनके वर्गीकरण से सम्बद्ध नहीं है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q10. निम्नलिखित में से किस अभिकरण ने सतत विकास की अवधारणा को ‘एक ऐसा विकास जो वर्तमान की आवश्यकताओं को, भावी पीढ़ी की उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने की दक्षता से समझौता किये बिना, पूरा करता है’ के रूप में प्रस्तुत किया है ?

Right Answer: ब्रुन्डलैण्ड आयोग


Explanation:

सतत विकास की यह प्रसिद्ध परिभाषा 1987 में प्रकाशित ‘आवर कॉमन फ्यूचर’ नामक रिपोर्ट में दी गई थी। यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण एवं विकास पर विश्व आयोग ने प्रस्तुत की, जिसकी अध्यक्षता नॉर्वे की तत्कालीन प्रधानमंत्री ग्रो हार्लेम ब्रुन्डलैण्ड ने की थी, इसीलिए इसे ब्रुन्डलैण्ड आयोग कहा जाता है। इसके अनुसार सतत विकास वह विकास है जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को भावी पीढ़ी की अपनी आवश्यकताएँ पूरी करने की क्षमता से समझौता किए बिना पूरा करे। इसी रिपोर्ट ने पर्यावरण और विकास को परस्पर विरोधी न मानकर एक-दूसरे का पूरक सिद्ध किया।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q11. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता पी० वी० यंग के द्वारा रचित सामाजिक अनुसंधान की परिभाषा का हिस्सा नहीं है ?

Right Answer: परम्परागत ज्ञान एवं बोध की अस्वीकृति


Explanation:

पी० वी० यंग के अनुसार सामाजिक अनुसंधान सामाजिक जीवन के अन्वेषण, विश्लेषण तथा अवधारणाकरण की एक व्यवस्थित पद्धति है, जिसका उद्देश्य ज्ञान का विस्तार, संशोधन अथवा सत्यापन करना है। इसमें पूर्व स्वयंसिद्ध मान्यताओं का आलोचनात्मक परीक्षण भी सम्मिलित है, ताकि प्राप्त निष्कर्ष प्रमाणों पर टिके रहें। परन्तु उनकी परिभाषा परम्परागत ज्ञान एवं बोध की पूर्ण अस्वीकृति की बात कहीं नहीं करती; वह तो उसे परीक्षण की वस्तु मानती है, त्याज्य नहीं। अतः परम्परागत ज्ञान की अस्वीकृति उनकी परिभाषा का हिस्सा नहीं है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q12. ‘वास्तुशास्त्र’ में, एम० एस० ए० राव के अनुसार, प्रकार्यों के आधार पर नगरों के प्रकारों के मध्य विभेद बताये गये हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा प्रकार एवं सम्बद्ध प्रकार जो नगर से जुड़ा है, गलत है ?

Right Answer: एक ‘द्रोणमुख’ - एक धार्मिक महत्व का नगर।


Explanation:

प्राचीन भारतीय वास्तुशास्त्र तथा कौटिल्य के अर्थशास्त्र में नगरों को उनके प्रकार्य के आधार पर वर्गीकृत किया गया है। एम० एस० ए० राव ने इसी वर्गीकरण की चर्चा की। पट्टन नदी अथवा समुद्र तट पर स्थित बड़ा व्यापारिक बन्दरगाह नगर था, खेता संचार सुविधाओं वाला छोटा चारदीवारी नगर था और सामान्य नगर किलेबन्द होकर देशीय व्यापार का केन्द्र था। द्रोणमुख वस्तुतः नदी के मुहाने पर बसा वह प्रशासनिक एवं व्यापारिक केन्द्र था जो लगभग चार सौ गाँवों की सेवा करता था, न कि धार्मिक महत्त्व का नगर। अतः यही कथन गलत है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q13. वैश्वीकरण एवं संस्कृति सम्बन्धी विभिन्न भारतीय अध्ययनों में सांस्कृतिक परिवर्तन के पैटर्न्स की विवेचना में प्रयुक्त मुख्य अवधारणात्मक पैराडिग्म में निम्नलिखित में से कौन-सा गलत है ?

Right Answer: साम्राज्यवाद को अस्वीकृत करने हेतु मार्क्सीय विचारधारा


Explanation:

वैश्वीकरण और संस्कृति सम्बन्धी भारतीय अध्ययनों में सांस्कृतिक परिवर्तन की व्याख्या तीन प्रमुख अवधारणात्मक पैराडिग्म से की जाती है। समरूपीयकरण यह मानता है कि वैश्विक शक्तियाँ संस्कृतियों को एक जैसा बना रही हैं। विषमरूपीयकरण एवं हाइब्रिडिटी इसके विपरीत बताते हैं कि सम्पर्क से नई मिश्रित सांस्कृतिक रूपाकृतियाँ जन्म लेती हैं। देशजकरण एवं वैश्विक-स्थानीयकरण दर्शाते हैं कि वैश्विक तत्त्व स्थानीय सन्दर्भ में ढलकर ही स्वीकार किए जाते हैं। साम्राज्यवाद को अस्वीकृत करने वाली मार्क्सीय विचारधारा एक राजनीतिक दृष्टिकोण है, सांस्कृतिक परिवर्तन का पैराडिग्म नहीं।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q14. योगेन्द्र सिंह के अनुसार संस्कृति की गत्यात्मकता स्वयं में तीन स्तरों पर अभिव्यक्त होती है जहाँ विभिन्न सिद्धान्त जुड़े हुए हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा सिद्धान्त गलत है ?

Right Answer: बिना शर्त विश्वासों का सिद्धान्त


Explanation:

योगेन्द्र सिंह के अनुसार संस्कृति की गत्यात्मकता तीन स्तरों पर अभिव्यक्त होती है और प्रत्येक स्तर का अपना सिद्धान्त है। पौराणिक गाथाशास्त्र का सिद्धान्त संस्कृति को प्रतीकों, मिथकों एवं कालातीत आख्यानों के माध्यम से समझता है। इतिहास एवं इतिहासलेखन का सिद्धान्त उसे कालक्रम, घटनाओं तथा परिवर्तन की प्रक्रिया में देखता है। तर्क अथवा लॉजिक का सिद्धान्त सांस्कृतिक रूपों की आन्तरिक संरचना एवं युक्तियुक्तता को उद्घाटित करता है। बिना शर्त विश्वासों का कोई सिद्धान्त उन्होंने नहीं दिया, क्योंकि वह विश्लेषण नहीं बल्कि आस्था का क्षेत्र है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q15. ‘द रिमेम्बर्ड विलेज’ में एम० एन० श्रीनिवास ने रामपुरा गाँव में ‘श्रम के विनिमय’ हेतु प्रयुक्त होने वाले एक शब्द का उल्लेख किया है। निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द इस हेतु सही है ?

Right Answer: मुइ (Muyyi)


Explanation:

एम० एन० श्रीनिवास ने ‘द रिमेम्बर्ड विलेज’ में मैसूर के रामपुरा गाँव का सजीव वर्णन किया है। यह पुस्तक विशेष है, क्योंकि स्टैनफोर्ड में उनके क्षेत्र-नोट्स आग में जल जाने के बाद उन्होंने इसे केवल स्मृति के आधार पर लिखा। इसमें उन्होंने ‘मुइ’ नामक प्रथा का उल्लेख किया, जो किसानों के बीच श्रम के पारस्परिक विनिमय की व्यवस्था थी। इसके अन्तर्गत एक किसान दूसरे के खेत में बिना मजदूरी काम करता और बदले में उसे भी उतना ही श्रम वापस मिलता। यह प्रथा ग्रामीण समाज की पारस्परिकता एवं सहयोग की भावना को दर्शाती है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q16. मैक्स वेबर के मतानुसार वर्ग के विपरीत प्रस्थिति समूह है :

Right Answer: सामान्यतः समुदाय


Explanation:

मैक्स वेबर ने स्तरीकरण के तीन आयाम बताए — वर्ग, प्रस्थिति तथा दल। उनके अनुसार वर्ग विशुद्ध रूप से आर्थिक आधार पर बनता है और यह बाजार में व्यक्ति की स्थिति तथा जीवन-अवसरों से निर्धारित होता है। वर्ग के सदस्य प्रायः एक-दूसरे को जानते तक नहीं, इसलिए वेबर ने स्पष्ट कहा कि वर्ग समुदाय नहीं होते। इसके विपरीत प्रस्थिति समूह सामाजिक सम्मान अथवा प्रतिष्ठा पर आधारित होते हैं, उनकी एक विशिष्ट जीवन-शैली होती है, वे विवाह एवं सहभोज पर प्रतिबन्ध लगाते हैं और सदस्यों में अपनेपन की चेतना रहती है। इसीलिए वे सामान्यतः समुदाय होते हैं।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q17. निम्नलिखित में से कौन ‘हॉट, फ्लैट एण्ड क्राउडेड’ पुस्तक के लेखक हैं ?

Right Answer: थॉमस एल० फ्राइडमैन


Explanation:

‘हॉट, फ्लैट एण्ड क्राउडेड’ के लेखक अमेरिकी पत्रकार एवं स्तम्भकार थॉमस एल० फ्राइडमैन हैं। शीर्षक के तीन शब्द विश्व की तीन बड़ी प्रवृत्तियों की ओर संकेत करते हैं — जलवायु परिवर्तन के कारण गर्म होती पृथ्वी, वैश्वीकरण के कारण समतल होती अर्थात् प्रतिस्पर्धा में बराबर होती दुनिया, तथा जनसंख्या वृद्धि के कारण भीड़भाड़ भरा संसार। फ्राइडमैन का तर्क है कि इन तीनों का सामना केवल हरित प्रौद्योगिकी क्रान्ति से ही सम्भव है। इससे पूर्व उनकी चर्चित कृति ‘द वर्ल्ड इज़ फ्लैट’ वैश्वीकरण पर केन्द्रित थी।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q18. कार्ल मार्क्स के अनुसार निम्नलिखित में से पूँजीवादी उत्पादन का कौन-सा केन्द्रीय (कार्डिनल) तथ्य नहीं है ?

Right Answer: वर्ग केन्द्रित स्थानीय उत्पादन का विकास


Explanation:

कार्ल मार्क्स ने पूँजीवादी उत्पादन के तीन केन्द्रीय तथ्य बताए। पहला, उत्पादन के साधनों का कुछ ही हाथों में केन्द्रीयकरण, जिससे बहुसंख्यक श्रमिक साधनविहीन होकर केवल श्रमशक्ति बेचने को विवश हो जाते हैं। दूसरा, श्रम का संगठन स्वयं में सामाजिक श्रम बन जाना, अर्थात् उत्पादन सहयोग, श्रम विभाजन तथा मशीन के संयोजन से सामूहिक रूप में होना। तीसरा, विश्व बाजार का निर्माण, जो पूँजीवाद को राष्ट्रीय सीमाओं से परे ले जाता है। वर्ग केन्द्रित स्थानीय उत्पादन का विकास इसमें सम्मिलित नहीं, क्योंकि पूँजीवाद स्थानीय नहीं, विश्वव्यापी प्रवृत्ति रखता है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q19. निम्नलिखित समाजशास्त्रियों में से यह किसका वक्तव्य है : ‘समाजशास्त्र अभी भी व्यवस्था-निर्माण एवं दार्शनिक समन्वय के चरण में है, सामाजिक क्षेत्र के एक छोटे से हिस्से पर रोशनी डालने के प्रयास के बजाए यह मेधा युक्त सामान्यताओं को वरीयता देती है’ ?

Right Answer: एमील दुर्खीम


Explanation:

यह कथन एमील दुर्खीम का है, जो उन्होंने ‘द रूल्स ऑफ सोशियोलॉजिकल मेथड’ में समाजशास्त्र की तत्कालीन दशा पर टिप्पणी करते हुए कहा। उनका आशय था कि कॉम्टे तथा स्पेन्सर के बाद भी समाजशास्त्र विशाल दार्शनिक व्यवस्थाएँ गढ़ने में लगा रहा और सम्पूर्ण समाज के बारे में आकर्षक किन्तु अप्रमाणित सामान्यीकरण करता रहा। दुर्खीम चाहते थे कि समाजशास्त्री विशाल सिद्धान्तों के बजाय सीमित एवं स्पष्ट रूप से परिभाषित समस्याओं का अनुभवजन्य अध्ययन करें। इसी दृष्टिकोण के अनुरूप उन्होंने आत्महत्या जैसे विशिष्ट विषय पर सांख्यिकीय आधार पर शोध किया।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q20. एक ऐतिहासिक प्रक्रिया के रूप में जटिल प्रकृति के भारतीय समाज के विकास का विवेचन टी० के० ओमन ने चार आधारभूतीय पक्षों के मिश्रण के अन्तर्गत किया है। निम्नलिखित में से कौन-सा पक्ष ओमन के विचारों का भाग नहीं है ?

Right Answer: आधुनिकीकरण


Explanation:

टी० के० ओमन ने भारतीय समाज की जटिलता को एक ऐतिहासिक प्रक्रिया के रूप में समझाते हुए इसे चार आधारभूत पक्षों का मिश्रण बताया — सामाजिक स्तरीकरण, जो जाति एवं वर्ग के रूप में प्रकट होता है; सांस्कृतिक विषमरूपता, जो भाषा, खानपान एवं रीति-रिवाजों की विविधता में दिखती है; धार्मिक बाहुल्यता, जो अनेक धर्मों एवं सम्प्रदायों के सहअस्तित्व से बनी है; तथा प्रादेशिक विविधता। आधुनिकीकरण इन पक्षों में सम्मिलित नहीं है, क्योंकि वह भारतीय समाज की संरचनात्मक विशेषता नहीं, बल्कि उस पर बाद में क्रियाशील हुई एक परिवर्तन-प्रक्रिया है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q21. ‘स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी ऐण्ड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड’ रिपोर्ट 2024 में भारत की स्थिति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा मत सही है ?

Right Answer: 2014-16 एवं 2021-23 के मध्य मध्यम से गम्भीर खाद्य असुरक्षा झेल रहे लोगों की संख्या 368 मिलियन से बढ़कर 589 मिलियन हो गयी।


Explanation:

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन सहित पाँच अभिकरणों द्वारा प्रतिवर्ष प्रकाशित यह रिपोर्ट विश्व में भूख एवं कुपोषण की स्थिति प्रस्तुत करती है। इसमें खाद्य असुरक्षा को खाद्य असुरक्षा अनुभव मापनी के आधार पर मध्यम तथा गम्भीर श्रेणियों में मापा जाता है। 2024 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में मध्यम से गम्भीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे लोगों की संख्या 2014-16 के लगभग 368 मिलियन से बढ़कर 2021-23 में लगभग 589 मिलियन हो गई। यह वृद्धि जनसंख्या वृद्धि के साथ-साथ प्रचलन दर बढ़ने के कारण भी हुई।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q22. कार्ल मार्क्स के किस साहित्य में यह मत (स्टेटमेण्ट) व्यक्त हुआ है, ‘पुराने भौतिकवाद का नज़रिया नागरिकीय समाज है, नये का नज़रिया मानव समाज अथवा सामाजिक मानवता है’ ?

Right Answer: थीसिज ऑन फायरबाख


Explanation:

यह कथन कार्ल मार्क्स की ‘थीसिज ऑन फायरबाख’ की दसवीं थीसिस का है, जिसे उन्होंने 1845 में लिखा और बाद में एंगेल्स ने प्रकाशित किया। ग्यारह संक्षिप्त थीसिस वाली यह रचना फायरबाख के चिन्तनपरक भौतिकवाद की आलोचना करती है। मार्क्स का तर्क है कि पुराना भौतिकवाद समाज को स्वार्थी व्यक्तियों के समुच्चय अर्थात् नागरिकीय समाज के रूप में देखता है, जबकि नया भौतिकवाद मानव समाज अथवा सामाजिक मानवता के दृष्टिकोण से सोचता है। इसी रचना की अन्तिम थीसिस में उनका प्रसिद्ध वाक्य है कि दार्शनिकों ने संसार की व्याख्या ही की है, प्रश्न उसे बदलने का है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q23. किसानों के सक्रियकरण के संदर्भ में यह किसका मत है — ‘एक गाँव दूसरे गाँव को सूचना देता था और देखते-देखते पूरा गाँव खाली हो जाता, स्त्री-पुरुष एवं बच्चे एकत्रित होकर सभा स्थल की ओर चल पड़ते’ ?

Right Answer: जवाहरलाल नेहरू


Explanation:

यह वर्णन जवाहरलाल नेहरू ने अपनी आत्मकथा में किया है, जहाँ उन्होंने संयुक्त प्रान्त के अवध क्षेत्र में 1920-21 के किसान आन्दोलन के अपने प्रत्यक्ष अनुभव लिखे हैं। नेहरू ने बताया कि किसानों के पास न कोई औपचारिक संगठन था, न प्रचार-तंत्र, फिर भी सूचना एक गाँव से दूसरे गाँव तक अद्भुत गति से पहुँच जाती थी और हजारों लोग स्वतः सभा-स्थल पर एकत्र हो जाते थे। इस अनुभव ने नेहरू की राजनीतिक चेतना को गहराई से प्रभावित किया और उन्हें भारत की वास्तविक जनशक्ति ग्रामीण किसान में दिखाई देने लगी।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q24. निम्नलिखित में से कौन-सी अभिधारणा थॉमस रॉबर्ट माल्थस के जनसंख्या सिद्धान्त का हिस्सा नहीं है ?

Right Answer: लालसा (पैशन) पुनरोत्पादन (रीप्रोडक्शन) की शक्ति नहीं है।


Explanation:

थॉमस रॉबर्ट माल्थस ने 1798 के अपने प्रसिद्ध निबन्ध में जनसंख्या सिद्धान्त दो आधारभूत अभिधारणाओं पर खड़ा किया — पहली, भोजन मानव के अस्तित्व की अनिवार्य शर्त है; और दूसरी, स्त्री-पुरुष के बीच की लालसा आवश्यक है तथा लगभग अपनी वर्तमान अवस्था में बनी रहेगी। उन्होंने यह भी माना कि धरती निर्वाह-सामग्री उत्पन्न करती है, किन्तु उसकी शक्ति सीमित है। इन्हीं से उनका निष्कर्ष निकला कि जनसंख्या गुणोत्तर श्रेणी में और खाद्य उत्पादन समान्तर श्रेणी में बढ़ता है। यह कहना कि लालसा पुनरोत्पादन की शक्ति नहीं है, उनकी अभिधारणा के विपरीत है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q25. निम्नलिखित विद्वानों में से किन्होंने पहली बार ‘इकोफैमिनिज्म की अवधारणा को प्रयुक्त किया ?

Right Answer: फ्रैनकॉइज डी’इयुबोनि


Explanation:

‘इकोफेमिनिज्म’ शब्द का प्रथम प्रयोग फ्रांसीसी लेखिका फ्रैनकॉइज डी’इयुबोनि ने 1974 में अपनी कृति ‘ल फेमिनिज्म ऊ ला मोर’ अर्थात् ‘नारीवाद या मृत्यु’ में किया। इस विचारधारा का मूल तर्क यह है कि स्त्रियों का शोषण और प्रकृति का दोहन एक ही पितृसत्तात्मक तथा प्रभुत्ववादी मानसिकता की दो अभिव्यक्तियाँ हैं, अतः दोनों की मुक्ति भी साथ-साथ ही सम्भव है। भारत में वन्दना शिवा ने इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया और चिपको आन्दोलन को इसका उदाहरण बताया, जहाँ ग्रामीण महिलाओं ने वनों की रक्षा हेतु अग्रणी भूमिका निभाई।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q26. निम्नलिखित में से कौन-सी ‘अनिवार्य उपस्थिति’ गलत है जब हम नृवंशीय समूह (एथनिक गु्रप) की मानक परिभाषा को अवधारणात्मक रूप देते हैं ?

Right Answer: प्रथागत व्यवहारों के विविधतामूलक समुच्चय


Explanation:

नृवंशीय समूह की मानक परिभाषा में तीन तत्त्वों की अनिवार्य उपस्थिति मानी जाती है। पहला है सामान्य वंशज की मान्यता, जो वास्तविक भी हो सकती है और काल्पनिक भी, क्योंकि महत्त्वपूर्ण यह है कि सदस्य स्वयं को एक ही मूल का मानते हों। दूसरा है सामाजिक रूप से प्रासंगिक सांस्कृतिक अथवा मनोवैज्ञानिक विशेषताएँ, जैसे भाषा, धर्म एवं परम्पराएँ। तीसरा है एक सामाजिक श्रेणी के भीतर अभिवृत्तियों एवं व्यवहारों का साझा समुच्चय। प्रथागत व्यवहारों का विविधतामूलक समुच्चय इसमें नहीं आता, क्योंकि नृजातीयता का आधार साझापन है, विविधता नहीं।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q27. निम्नलिखित में से किस जनगणना रिकॉर्ड से हम लगातार भारत में जनसंख्या वृद्धि दर में ह्रास पाते हैं ?

Right Answer: 1991 जनगणना रिकॉर्ड


Explanation:

भारत में दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर 1961 से 1971 के बीच सर्वाधिक 24.80 प्रतिशत रही, जो जनसंख्या विस्फोट का चरम बिन्दु था। इसके बाद 1971-81 में यह 24.66 प्रतिशत, 1981-91 में 23.87 प्रतिशत, 1991-2001 में 21.54 प्रतिशत तथा 2001-11 में घटकर 17.7 प्रतिशत रह गई। इस प्रकार 1991 की जनगणना के अभिलेखों से आगे वृद्धि दर में गिरावट स्पष्ट, निरन्तर एवं तीव्र हो जाती है। इसका कारण साक्षरता एवं विशेषतः स्त्री-शिक्षा का प्रसार, विवाह की आयु बढ़ना, नगरीकरण तथा परिवार नियोजन कार्यक्रमों की सफलता रहा।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q28. निम्नलिखित अध्ययनों में से किसमें साक्षात्कार पद्धति का व्यापक प्रयोग नहीं किया गया है ?

Right Answer: द सुइसाइड - एमील दुर्खीम


Explanation:

एमील दुर्खीम का ‘सुसाइड’ 1897 में प्रकाशित हुआ और यह समाजशास्त्र का पहला बड़ा सांख्यिकीय अध्ययन माना जाता है। इसमें उन्होंने यूरोप के विभिन्न देशों के सरकारी आत्महत्या अभिलेखों का तुलनात्मक विश्लेषण किया और धर्म, वैवाहिक स्थिति तथा राजनीतिक परिस्थितियों से उनका सम्बन्ध जोड़ा। स्पष्ट है कि इसमें साक्षात्कार पद्धति का कोई प्रयोग नहीं हुआ। इसके विपरीत थॉमस एवं नैनिकी के ‘द पॉलिश पीसेन्ट’, अडोर्नो के ‘द अथॉरिटेरियन पर्सनलिटी’ तथा स्टाउफर के ‘द अमेरिकन सोल्जर’ में साक्षात्कार एवं व्यक्तिगत विवरणों का व्यापक उपयोग हुआ।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q29. यह किसका मत है, ‘भारत में चाहे कोई भी कारण हो या प्रक्रियाएँ, उत्तरदायित्व का सिद्धान्त (डॉक्ट्रीन) अधिकारों की अपेक्षा में अधिक विकसित हुआ है ?

Right Answer: डी० पी० मुकर्जी


Explanation:

डी० पी० मुकर्जी भारतीय समाजशास्त्र की परम्परावादी धारा के प्रमुख विचारक थे और उन्होंने भारतीय समाज को समझने के लिए उसकी अपनी परम्परा को केन्द्र में रखने पर बल दिया। उनका मत था कि भारत में चाहे जो भी कारण या प्रक्रियाएँ रही हों, उत्तरदायित्व अर्थात् कर्तव्य का सिद्धान्त अधिकारों की तुलना में कहीं अधिक विकसित हुआ। भारतीय परम्परा में धर्म की अवधारणा व्यक्ति के कर्तव्यों को परिभाषित करती है, जबकि पाश्चात्य आधुनिकता व्यक्ति के अधिकारों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने स्वयं को ‘मार्क्सोलॉजिस्ट’ कहा और परम्परा एवं आधुनिकता के संवाद पर बल दिया।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Q30. एमील दुर्खीम के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता आधुनिक (विकसित, जटिल) समाज से जुड़ी है ?

Right Answer: सहयोगात्मक अन्तःनिर्भरता


Explanation:

एमील दुर्खीम ने ‘द डिवीजन ऑफ लेबर इन सोसायटी’ में एकता के दो प्रकार बताए। सरल एवं परम्परागत समाजों में यांत्रिक एकता होती है, जो समानता, प्रबल सामान्य चेतना, श्रम के सरल विभाजन तथा दमनकारी कानून पर टिकी रहती है। आधुनिक, विकसित एवं जटिल समाजों में सावयवी एकता पाई जाती है, जो श्रम के जटिल विभाजन से उत्पन्न होती है। इसमें लोग एक-दूसरे से भिन्न होते हैं, किन्तु इसी भिन्नता के कारण परस्पर निर्भर रहते हैं और यही सहयोगात्मक अन्तःनिर्भरता समाज को जोड़े रखती है। यहाँ कानून भी दमनकारी नहीं, बल्कि क्षतिपूरक हो जाता है।

Was this helpful?

No suggestions yet — be the first.

Your email will not be published. Suggestions are reviewed before appearing.

Was this quiz helpful?
Published: | Last Updated: | Total Questions: 60
Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

Educational Content Creator

I am an educational content creator dedicated to making learning simple, engaging, and accessible for students preparing for competitive exams. He specializes in creating high-quality study materials, including notes, multiple-choice questions (MCQs), previous year question papers, practice tests, and exam-oriented resources.

Experience: 10+ years in Education and Competitive Exam Content Creator

0 Comments

Be the first to comment.

Leave a comment

Your email will not be published. Comments are reviewed before appearing.