Sociology - Population and Urbanisation: 3 MCQs with Answers
Sociology- Population and Urbanisation
जनसंख्या सिद्धान्त, जनगणना आँकड़े, नगरीकरण तथा जनांकिकीय प्रवृत्तियों पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q1. जनगणना वर्ष 1961 एवं 2011 , जो नीचे दिये हुए हैं, में नगरीय जनसंख्या के सही आँकड़े मिलियन में (एक मिलियन अर्थात् 10 लाख) रेखांकित करें :
Right Answer: 78.94 मिलियन (1961) एवं 377.1 मिलियन (2011)
भारत में नगरीकरण की गति स्वतंत्रता के बाद तेजी से बढ़ी है। 1961 की जनगणना के अनुसार देश की नगरीय जनसंख्या लगभग 78.94 मिलियन अर्थात् सात करोड़ नब्बे लाख थी, जो कुल जनसंख्या का लगभग अठारह प्रतिशत बैठती थी। 2011 की जनगणना में यह बढ़कर लगभग 377.1 मिलियन अर्थात् सैंतीस करोड़ सत्तर लाख हो गई, जो कुल जनसंख्या का लगभग इकतीस प्रतिशत है। इस प्रकार पचास वर्षों में नगरीय जनसंख्या लगभग पाँच गुना बढ़ी। 2011 की जनगणना पहली ऐसी जनगणना रही जिसमें नगरीय जनसंख्या की निरपेक्ष वृद्धि ग्रामीण वृद्धि से अधिक रही।
Q2. ‘स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी ऐण्ड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड’ रिपोर्ट 2024 में भारत की स्थिति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा मत सही है ?
Right Answer: 2014-16 एवं 2021-23 के मध्य मध्यम से गम्भीर खाद्य असुरक्षा झेल रहे लोगों की संख्या 368 मिलियन से बढ़कर 589 मिलियन हो गयी।
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन सहित पाँच अभिकरणों द्वारा प्रतिवर्ष प्रकाशित यह रिपोर्ट विश्व में भूख एवं कुपोषण की स्थिति प्रस्तुत करती है। इसमें खाद्य असुरक्षा को खाद्य असुरक्षा अनुभव मापनी के आधार पर मध्यम तथा गम्भीर श्रेणियों में मापा जाता है। 2024 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में मध्यम से गम्भीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे लोगों की संख्या 2014-16 के लगभग 368 मिलियन से बढ़कर 2021-23 में लगभग 589 मिलियन हो गई। यह वृद्धि जनसंख्या वृद्धि के साथ-साथ प्रचलन दर बढ़ने के कारण भी हुई।
Q3. निम्नलिखित में से किस जनगणना रिकॉर्ड से हम लगातार भारत में जनसंख्या वृद्धि दर में ह्रास पाते हैं ?
Right Answer: 1991 जनगणना रिकॉर्ड
भारत में दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर 1961 से 1971 के बीच सर्वाधिक 24.80 प्रतिशत रही, जो जनसंख्या विस्फोट का चरम बिन्दु था। इसके बाद 1971-81 में यह 24.66 प्रतिशत, 1981-91 में 23.87 प्रतिशत, 1991-2001 में 21.54 प्रतिशत तथा 2001-11 में घटकर 17.7 प्रतिशत रह गई। इस प्रकार 1991 की जनगणना के अभिलेखों से आगे वृद्धि दर में गिरावट स्पष्ट, निरन्तर एवं तीव्र हो जाती है। इसका कारण साक्षरता एवं विशेषतः स्त्री-शिक्षा का प्रसार, विवाह की आयु बढ़ना, नगरीकरण तथा परिवार नियोजन कार्यक्रमों की सफलता रहा।