Environmental Studies: 93 MCQs with Answers

Environmental Studies MCQ Questions and Answers for Competitive Exams - India Study Institute
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Environmental Studies MCQ Questions and Answers for Competitive Exams

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पर्यावरण अध्ययन (EVS) से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्नों का संग्रह। इसमें परिवार एवं समुदाय, भोजन, जल, आवास, यात्रा, पौधे एवं जन्तु, पर्यावरण संरक्षण तथा ईवीएस शिक्षाशास्त्र से जुड़े प्रश्न सम्मिलित हैं, जो HTET, CTET एवं अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षाओं के लिए उपयोगी हैं।

Other Exam Papers:

Q41. निम्नलिखित में से कौन-सा पानी का स्रोत जल स्रोतों के सन्दर्भ में “परिवार के सदस्य” की अवधारणा से सबसे अधिक निकटता से सम्बन्धित है ?

Right Answer: कुआँ


Explanation:

पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यपुस्तकों में जल स्रोतों की चर्चा करते समय कुएँ को परिवार के सदस्य जैसा बताया गया है। इसका कारण यह है कि कुआँ प्रायः घर के आँगन अथवा मोहल्ले के भीतर होता है, परिवार उसकी नियमित देखभाल करता है, उसकी सफाई करता है और पीढ़ी दर पीढ़ी उससे जुड़ा रहता है। उसके चारों ओर सामाजिक मेलजोल भी होता है। इसके विपरीत नदी, तालाब तथा समुद्र सार्वजनिक और दूरस्थ जल स्रोत हैं, जिनसे ऐसा व्यक्तिगत पारिवारिक जुड़ाव नहीं बनता। अतः उत्तर कुआँ है।
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Q42. विभिन्न क्षेत्रों में अद्वितीय पर्यावरणीय चुनौतियों और अवसरों का समाधान करने के लिये शिक्षक EVS शिक्षण को कैसे अपना सकते हैं ?

Right Answer: पर्यावरणीय मुद्दों में छात्रों को स्थानीय सन्दर्भ, केस अध्ययन में शामिल करके।


Explanation:

भारत के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों की पर्यावरणीय समस्याएँ अलग हैं, कहीं सूखा है तो कहीं बाढ़, कहीं मरुस्थलीकरण तो कहीं तटीय अपरदन। इसलिए पर्यावरण अध्ययन का शिक्षण स्थानीय सन्दर्भ से जोड़कर ही सार्थक बनता है। जब शिक्षक स्थानीय केस अध्ययन लेता है और छात्रों को अपने आसपास के मुद्दों में सक्रिय रूप से शामिल करता है, तो सीखना जीवन से जुड़ जाता है। सभी के लिए एक जैसा दृष्टिकोण अपनाना, क्षेत्रीय मतभेदों की उपेक्षा करना अथवा चर्चा से बचना अनुचित है। अतः तीसरा विकल्प सही है।
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Q43. किसी स्थिति के लिए ऊर्जा का स्रोत चुनते समय, कौन-से कारक निर्णय को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं ?

Right Answer: स्रोत के कारण होने वाली पर्यावरण क्षति


Explanation:

किसी स्थिति के लिए ऊर्जा स्रोत चुनते समय अनेक बातें देखी जाती हैं, जैसे निष्कर्षण की सरलता, प्रौद्योगिकी की दक्षता तथा अर्थशास्त्र। किन्तु सतत विकास की दृष्टि से सबसे निर्णायक कारक यह है कि उस स्रोत के उपयोग से पर्यावरण को कितनी क्षति पहुँचेगी। कोयला और पेट्रोलियम सस्ते और सुलभ होते हुए भी वायु प्रदूषण तथा ग्लोबल वार्मिंग बढ़ाते हैं, इसीलिए आज सौर और पवन ऊर्जा को प्राथमिकता दी जा रही है। पर्यावरणीय क्षति ही दीर्घकालीन निर्णय को सर्वाधिक प्रभावित करती है। अतः पहला विकल्प सही है।
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Q44. पौधों, जानवरों और सूक्ष्मजीवों की सभी प्रजातियों सहित पृथ्वी पर जीवन की विविधता को क्या कहा जाता है ?

Right Answer: जैव विविधता


Explanation:

पृथ्वी पर पाए जाने वाले पौधों, जानवरों तथा सूक्ष्मजीवों की समस्त प्रजातियों की विविधता को जैव विविधता कहते हैं। इसमें प्रजाति विविधता, आनुवंशिक विविधता तथा पारितंत्र विविधता तीनों सम्मिलित हैं। यह शब्द वॉल्टर रोजेन ने प्रचलित किया था। जैव विविधता पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। शेष विकल्पों का अर्थ भिन्न है, पारिस्थितिकी तंत्र जीवों और उनके वातावरण की अन्तःक्रिया है, जलवायु परिवर्तन दीर्घकालीन मौसमी बदलाव है तथा प्रदूषण हानिकारक पदार्थों का मिलना है। अतः उत्तर जैव विविधता है।
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Q45. ऊर्जा स्थानांतरण का दस प्रतिशत नियम लिंडरमैन द्वारा किस वर्ष में दिया गया था ?

Right Answer: 1942


Explanation:

ऊर्जा स्थानांतरण का दस प्रतिशत नियम अमेरिकी पारिस्थितिकीविद् रेमंड लिंडरमैन ने सन् उन्नीस सौ बयालीस में प्रतिपादित किया था। इस नियम के अनुसार आहार शृंखला में एक पोषी स्तर से अगले पोषी स्तर तक केवल लगभग दस प्रतिशत ऊर्जा ही स्थानांतरित हो पाती है, शेष नब्बे प्रतिशत श्वसन, गमन तथा ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है। यही कारण है कि आहार शृंखला में पोषी स्तरों की संख्या प्रायः चार या पाँच से अधिक नहीं होती। अतः सही उत्तर उन्नीस सौ बयालीस है।
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Q46. सद्भाव और समझ को बढ़ावा देने के लिये विभिन्न खाद्य प्राथमिकताओं की सराहना करने की अवधारणा को दैनिक जीवन में कैसे लागू किया जा सकता है ?

Right Answer: विभिन्न व्यंजकों की खोज और साझा करके और दूसरों के भोजन विकल्पों का सम्मान करके।


Explanation:

भोजन की पसंद व्यक्ति की संस्कृति, क्षेत्र, जलवायु तथा परंपरा से जुड़ी होती है, इसलिए विविधता स्वाभाविक है। सद्भाव तभी बढ़ता है जब बालक विभिन्न व्यंजनों को जानने में रुचि ले, उन्हें साझा करे और दूसरों के भोजन विकल्पों का सम्मान करे। इससे पारस्परिक समझ विकसित होती है और भेदभाव घटता है। इसके विपरीत सभी की पसंद एक जैसी होने पर जोर देना विविधता का निषेध है, झगड़े के डर से साथ भोजन न करना पलायन है तथा सांस्कृतिक भिन्नताओं की उपेक्षा करना अनुचित है। अतः दूसरा विकल्प सही है।
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Q47. स्कूल के रास्ते में घने जंगल से गुजरते समय वर्णित प्राथमिक संवेदी अनुभव क्या है ?

Right Answer: विभिन्न पक्षियों और प्राणियों की आवाजें


Explanation:

पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यपुस्तक में स्कूल जाते समय घने जंगल से गुजरने का जो वर्णन आता है, उसमें बालक के अनुभव का केन्द्र श्रवण संवेदना है। घने वृक्षों के कारण धूप छनकर बहुत कम पहुँचती है और चारों ओर विभिन्न पक्षियों, कीट-पतंगों तथा अन्य प्राणियों की आवाजें सुनाई देती रहती हैं। यही ध्वनियाँ जंगल के जीवन का बोध कराती हैं। अतः यह कहना गलत होगा कि वहाँ पूर्ण मौन रहता है या तेज धूप छनकर आती है। अतः चौथा विकल्प सही उत्तर है।
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Q48. सीवरेज में पाई जाने वाली अशुद्धियों की मुख्य श्रेणियाँ क्या हैं ?

Right Answer: कार्बनिक और अकार्बनिक अशुद्धियाँ


Explanation:

सीवरेज अथवा वाहित मल घरों, कारखानों तथा अस्पतालों से निकलने वाला गंदा जल है, जिसमें निन्यानबे प्रतिशत से अधिक जल तथा शेष भाग अशुद्धियाँ होती हैं। इन अशुद्धियों को मुख्यतः दो श्रेणियों में बाँटा जाता है। कार्बनिक अशुद्धियों में मल, यूरिया, कीटनाशक तथा वनस्पति अपशिष्ट आते हैं, जबकि अकार्बनिक अशुद्धियों में नाइट्रेट, फॉस्फेट, धातु तथा लवण सम्मिलित होते हैं। इनके अतिरिक्त निलंबित ठोस तथा जीवाणु भी उपस्थित रहते हैं, किन्तु मुख्य वर्गीकरण कार्बनिक और अकार्बनिक का ही है। अतः दूसरा विकल्प सही है।
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Q49. EVS शिक्षण के सन्दर्भ में मापन का तात्पर्य क्या है ?

Right Answer: जैसे-जैसे छात्र कौशल और ज्ञान प्राप्त करते हैं, समर्थन धीरे-धीरे कम होता जाता है।


Explanation:

पाड़ अथवा स्कैफोल्डिंग वायगोट्स्की की समीपस्थ विकास क्षेत्र की संकल्पना से जुड़ी शिक्षण युक्ति है। इसमें आरंभ में शिक्षक बालक को पर्याप्त सहायता, संकेत तथा निर्देश देता है, किन्तु ज्यों-ज्यों बालक कौशल और ज्ञान अर्जित करता जाता है, यह सहायता धीरे-धीरे कम की जाती है, जब तक कि वह कार्य स्वतंत्र रूप से न कर सके। उद्देश्य आत्मनिर्भरता विकसित करना है। अतः अत्यधिक सहायता देना, पाठ्यक्रम का कठोर पालन करना अथवा छात्रों को साथियों से अलग करना पाड़ नहीं है। अतः दूसरा विकल्प सही है।
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Q50. NEP 2020, EVS शिक्षण में मूल्यांकन विधियों को कैसे प्रभावित करता है ?

Right Answer: यह पर्यावरणीय अवधारणाओं के बारे में छात्रों की समझ को मापने के लिए प्रामाणिक मूल्यांकन को बढ़ावा देता है।


Explanation:

राष्ट्रीय शिक्षा नीति दो हजार बीस मूल्यांकन को रटंत आधारित परीक्षा से हटाकर योग्यता आधारित बनाने पर बल देती है। पर्यावरण अध्ययन में यह प्रामाणिक मूल्यांकन को बढ़ावा देती है, जिसमें परियोजना कार्य, क्षेत्र भ्रमण की रिपोर्ट, अवलोकन तथा पोर्टफोलियो के माध्यम से यह देखा जाता है कि विद्यार्थी पर्यावरणीय अवधारणाओं को वास्तविक जीवन में कितना समझ और लागू कर पाता है। नीति स्वमूल्यांकन तथा सहपाठी मूल्यांकन को भी प्रोत्साहित करती है। अतः यह न तो मूल्यांकन को हतोत्साहित करती है और न स्मरण पर केन्द्रित है।
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Q51. असमान भोजन वितरण के सन्दर्भ में, सुपोषित बच्चों की तुलना कुपोषण, बीमारी और भूख से पीड़ित बच्चों से करते समय किस मुद्दे पर चर्चा होने की सबसे अधिक संभावना है ?

Right Answer: सामाजिक आर्थिक कारक


Explanation:

जब सुपोषित बच्चों की तुलना कुपोषण, बीमारी और भूख से पीड़ित बच्चों से की जाती है, तो सबसे पहले यह प्रश्न उठता है कि यह अन्तर क्यों है। इसका मूल कारण सामाजिक आर्थिक कारक हैं, जैसे परिवार की आय, माता-पिता की शिक्षा, रोजगार, भूमि का स्वामित्व तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली तक पहुँच। भोजन का असमान वितरण मूलतः इन्हीं असमानताओं का परिणाम है। स्वास्थ्य सुविधाएँ भी इससे जुड़ी हैं, किन्तु वे स्वयं आर्थिक स्थिति पर निर्भर करती हैं। जलवायु परिवर्तन और तकनीकी प्रगति यहाँ प्रत्यक्ष कारण नहीं हैं।
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Q52. पानी की अनोखी विशेषता क्या है ?

Right Answer: जल के विभिन्न रूप हैं और यह जीवन के लिये आवश्यक है।


Explanation:

जल की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि यह प्रकृति में तीनों अवस्थाओं में पाया जाता है, ठोस रूप में बर्फ, द्रव रूप में जल तथा गैस रूप में जलवाष्प। तापमान के अनुसार यह एक रूप से दूसरे रूप में बदलता रहता है और जल चक्र चलता रहता है। साथ ही जल समस्त सजीवों के लिए अनिवार्य है, क्योंकि शरीर की सभी जैविक क्रियाएँ इसी माध्यम में होती हैं। यह कहना गलत है कि जल अपरिवर्तनीय है या केवल नदियों और झरनों में मिलता है। अतः दूसरा विकल्प सही है।
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Q53. एक पारिस्थितिकी तंत्र में : (i) ऊर्जा का प्रवाह एक दिशात्मक होता है। (ii) सामग्री का प्रवाह एक दिशात्मक होता है। (iii) सामग्री का प्रवाह चक्रीय होता है। (iv) ऊर्जा का प्रवाह चक्रीय होता है।

Right Answer: (i) एवं (iii)


Explanation:

पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा और पदार्थ का व्यवहार भिन्न होता है। सूर्य से प्राप्त ऊर्जा उत्पादकों से शाकाहारियों और फिर मांसाहारियों तक एक ही दिशा में बहती है और अंत में ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है, वह लौटकर सूर्य तक नहीं जाती, इसलिए ऊर्जा का प्रवाह एक दिशात्मक है। इसके विपरीत कार्बन, नाइट्रोजन तथा जल जैसे पदार्थ अपघटकों द्वारा पुनः वातावरण में लौटा दिए जाते हैं और बार-बार प्रयुक्त होते हैं, अतः पदार्थों का प्रवाह चक्रीय है। अतः कथन एक और तीन सही हैं।
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Q54. EVS शिक्षण में क्षेत्र भ्रमण और व्यावहारिक गतिविधियों का क्या महत्व है ?

Right Answer: वे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और पर्यावरणीय अवधारणाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं।


Explanation:

पर्यावरण अध्ययन का विषय बालक के परिवेश से जुड़ा है, इसलिए इसे कक्षा की चारदीवारी में सीमित नहीं रखा जा सकता। क्षेत्र भ्रमण और व्यावहारिक गतिविधियों से विद्यार्थी पेड़, पक्षी, जल स्रोत, बाजार तथा कारखाने प्रत्यक्ष देखते हैं, प्रश्न पूछते हैं और आँकड़े एकत्र करते हैं। इससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव मिलता है और पर्यावरणीय अवधारणाओं की गहरी समझ बनती है। यह कहना गलत है कि ये केवल उन्नत शिक्षार्थियों के लिए हैं या इन्हें सैद्धान्तिक चर्चा तक सीमित रखा जाए। अतः दूसरा विकल्प सही है।
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Q55. बादल निर्माण, वर्षा और खारे पानी से ताजे पानी के निर्माण जैसी प्राकृतिक प्रक्रियाओं के संबंध में कौन-सी अवधारणा पेश की गई है ?

Right Answer: समाधानों की संतृप्त और अति-संतृप्त


Explanation:

बादल बनना, वर्षा होना तथा खारे समुद्री जल से ताजा जल प्राप्त होना, ये सभी प्रक्रियाएँ विलयन के संतृप्त और अति-संतृप्त होने की अवधारणा से समझाई जाती हैं। वायु में जलवाष्प की एक सीमा तक ही समाई हो सकती है, जब वायु संतृप्त हो जाती है और तापमान गिरता है तो अतिरिक्त वाष्प संघनित होकर बादल और वर्षा बनती है। इसी प्रकार वाष्पन के समय लवण पीछे छूट जाते हैं और शुद्ध जल प्राप्त होता है। ये परिवर्तन उत्क्रमणीय हैं, अपरिवर्तनीय नहीं। अतः दूसरा विकल्प सही है।
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Q56. शिक्षक EVS शिक्षण में स्वदेशी ज्ञान और दृष्टिकोण को समग्र रूप से कैसे एकीकृत कर सकते हैं ?

Right Answer: सीखने के अनुभव को समृद्ध करने के लिये स्वदेशी ज्ञान, सांस्कृतिक प्रथाओं और दृष्टिकोणों को सक्रिय रूप से खोजने और एकीकृत करने में।


Explanation:

स्वदेशी अथवा परंपरागत ज्ञान में जल संचयन, वर्षा का पूर्वानुमान, औषधीय पौधों का उपयोग तथा वनों के संरक्षण की सदियों पुरानी समझ निहित है। पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण में इसे समग्र रूप से तभी जोड़ा जा सकता है जब शिक्षक स्थानीय समुदायों के ज्ञान, सांस्कृतिक प्रथाओं तथा दृष्टिकोणों को सक्रिय रूप से खोजे और पाठ्यक्रम में एकीकृत करे। इससे अधिगम का अनुभव समृद्ध होता है और बालक अपनी जड़ों से जुड़ता है। इसकी उपेक्षा करना अथवा केवल मुख्यधारा के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्राथमिकता देना अनुचित है।
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Q57. EVS में रचनावादी शिक्षण का प्रमुख सिद्धान्त निम्नलिखित में से कौन-सा है ?

Right Answer: समस्या समाधान और अन्वेषण में सक्रिय संलग्नता


Explanation:

रचनावाद के अनुसार ज्ञान बाहर से थोपा नहीं जाता, बल्कि शिक्षार्थी अपने पूर्व अनुभवों के आधार पर उसका निर्माण स्वयं करता है। पर्यावरण अध्ययन में इसका प्रमुख सिद्धान्त यह है कि विद्यार्थी समस्या समाधान और अन्वेषण में सक्रिय रूप से संलग्न हो, प्रश्न उठाए, परिकल्पना बनाए और जाँच करे। शिक्षक यहाँ सुविधा प्रदाता की भूमिका निभाता है। इसके विपरीत शिक्षक केन्द्रित शिक्षण, छात्र की निष्क्रिय भूमिका तथा रटकर याद रखना रचनावाद के विरुद्ध हैं और इनसे स्थायी समझ नहीं बनती। अतः तीसरा विकल्प सही है।
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Q58. निम्नलिखित में से कौन-सा पशु स्रोत से प्राप्त नहीं होता है और पौधे आधारित उत्पाद माना जाता है ?

Right Answer: सोयाबीन


Explanation:

भोजन के स्रोतों को मुख्यतः पादप स्रोत और जन्तु स्रोत में बाँटा जाता है। दूध, पनीर तथा अण्डे तीनों ही जन्तु स्रोत से प्राप्त होते हैं, क्योंकि दूध और उससे बना पनीर गाय, भैंस अथवा बकरी से मिलता है और अण्डे मुर्गी या अन्य पक्षियों से। इसके विपरीत सोयाबीन एक दलहनी फसल है, जो पौधे से प्राप्त होती है और प्रोटीन का समृद्ध पादप स्रोत मानी जाती है। इसे शाकाहारियों के लिए मांस का विकल्प भी कहा जाता है। अतः सही उत्तर सोयाबीन है।
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Q59. NEP 2020 के सन्दर्भ में EVS शिक्षण में अनुभवात्मक शिक्षा की क्या भूमिका है ?

Right Answer: अनुभवात्मक शिक्षा को प्रोत्साहित किया जाता है और यह EVS शिक्षण का अभिन्न अंग है।


Explanation:

राष्ट्रीय शिक्षा नीति दो हजार बीस अनुभवात्मक शिक्षा को सभी स्तरों और विषयों में अपनाने पर बल देती है। पर्यावरण अध्ययन में तो यह और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बालक अपने परिवेश को देखकर, छूकर तथा उसमें भाग लेकर ही सर्वोत्तम ढंग से सीखता है। खेल आधारित अधिगम, कहानी, कला समेकित शिक्षा तथा परियोजना कार्य इसी के रूप हैं। अतः यह कहना गलत है कि अनुभवात्मक शिक्षा हतोत्साहित की जाती है, केवल विज्ञान तक सीमित है अथवा कक्षा की चर्चा तक बँधी है। यह इसका अभिन्न अंग है।
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Q60. पत्तियों की विशेषताओं की पहचान करते समय निम्नलिखित में से कौन-सी इन्द्रिय सबसे अधिक प्रासंगिक है ?

Right Answer: दृष्टि


Explanation:

पत्तियों की विशेषताओं की पहचान करते समय हम उनका आकार, आकृति, रंग, किनारा, शिरा विन्यास तथा सतह देखते हैं। ये सभी गुण मुख्यतः आँखों से देखकर ही पहचाने जाते हैं, इसलिए यहाँ सबसे अधिक प्रासंगिक इन्द्रिय दृष्टि है। स्पर्श से खुरदरापन और गंध से कुछ सुगंधित पत्तियों की पहचान की जा सकती है, किन्तु ये पूरक भूमिका ही निभाते हैं। सुनवाई का पत्तियों की पहचान से कोई संबंध नहीं है और स्वाद लेना असुरक्षित हो सकता है, क्योंकि कुछ पत्तियाँ विषैली होती हैं। अतः उत्तर दृष्टि है।
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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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