Environmental Studies - पौधे एवं जन्तु: 11 MCQs with Answers

पौधे एवं जन्तु - Environmental Studies
Environmental Studies - पौधे एवं जन्तु

Environmental Studies- पौधे एवं जन्तु

पौधे एवं जन्तु से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न, उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या सहित — HTET, CTET एवं अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षाओं हेतु।

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Q1. खाद्य श्रृंखला के किस स्तर पर आमतौर पर छोटे मांसाहारी होते हैं ?

Right Answer: तृतीय पोषी स्तर


Explanation:

खाद्य श्रृंखला में ऊर्जा का प्रवाह पोषी स्तरों के क्रम में होता है। प्रथम पोषी स्तर पर हरे पौधे अर्थात् उत्पादक होते हैं, जो प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन बनाते हैं। द्वितीय पोषी स्तर पर शाकाहारी अर्थात् प्राथमिक उपभोक्ता आते हैं, जो पौधों को खाते हैं। तृतीय पोषी स्तर पर छोटे मांसाहारी अर्थात् द्वितीयक उपभोक्ता होते हैं, जो शाकाहारियों का भक्षण करते हैं, जैसे मेंढक अथवा छोटी मछली। चतुर्थ स्तर पर बड़े मांसाहारी आते हैं। अतः विकल्प (3) सही उत्तर है।
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Q2. डॉल्फिन एक-दूसरे को संदेश किस माध्यम से देती हैं ?

Right Answer: ध्वनि


Explanation:

डॉल्फिन जल में रहने वाला अत्यंत बुद्धिमान स्तनधारी प्राणी है और वह संप्रेषण के लिए ध्वनि का उपयोग करती है। वह सीटी जैसी ध्वनियाँ, क्लिक तथा चरचराहट उत्पन्न करती है, जो जल में वायु की तुलना में बहुत तेज़ी से यात्रा करती हैं। इन्हीं क्लिक ध्वनियों की प्रतिध्वनि से वह इकोलोकेशन द्वारा शिकार एवं बाधाओं की स्थिति भी जान लेती है। गंध एवं फीरोमोन्स का उपयोग कीट-पतंगे तथा कुछ स्तनधारी करते हैं, जबकि विद्युत् प्रवाह का उपयोग विद्युत् मछलियाँ करती हैं। अतः विकल्प (1) सही है।
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Q3. केंचुआ के बारे में क्या सत्य नहीं है ?

Right Answer: ये मृदा में पोषक तत्व घटाते हैं


Explanation:

केंचुए को किसान का मित्र कहा जाता है, क्योंकि वह मृदा की उपजाऊ शक्ति बढ़ाता है। मिट्टी में बिल बनाकर चलने से मृदा पोली एवं नरम होती है, जिससे वायु और जल का संचार सुगम हो जाता है और जड़ें सरलता से फैलती हैं। वह मृत पत्तियों तथा सड़े-गले पादप अवशेषों को खाकर उन्हें विघटित करता है, और उसका मल अर्थात् वर्मीकम्पोस्ट नाइट्रोजन, फॉस्फोरस एवं पोटैशियम से भरपूर उत्तम उर्वरक होता है। अतः यह कहना गलत है कि वह पोषक तत्व घटाता है। विकल्प (1) सही उत्तर है।
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Q4. किस इतालवी मधुमक्खी प्रजाति को शहद की पैदावार बढ़ाने के लिए पुर:स्थापित किया गया है और यह आमतौर पर वाणिज्यिक शहद उत्पादन के लिए उपयोग की जाती है ?

Right Answer: एपिस मेलीफेरा


Explanation:

एपिस मेलीफेरा इतालवी मधुमक्खी है, जिसे भारत सहित अनेक देशों में शहद उत्पादन बढ़ाने के लिए बाहर से लाकर पाला गया है। इसे वाणिज्यिक मधुमक्खी पालन के लिए सर्वोत्तम माना जाता है, क्योंकि इसका स्वभाव अपेक्षाकृत शांत होता है, यह अधिक मात्रा में शहद एकत्र करती है, छत्ते में लंबे समय तक टिकी रहती है और डंक कम मारती है। एपिस सेरना इंडिका भारतीय मधुमक्खी है, जबकि एपिस डोरसेटा एवं एपिस फ्लोरी जंगली प्रजातियाँ हैं। अतः विकल्प (3) सही है।
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Q5. निम्नलिखित में से कौन-सी एक खरीफ फसल है ?

Right Answer: चावल


Explanation:

भारत में फसलों को मुख्यतः दो ऋतुओं में बाँटा जाता है। खरीफ फसलें वर्षा ऋतु के आरंभ में जून-जुलाई में बोई जाती हैं और सितम्बर-अक्टूबर में काटी जाती हैं; इन्हें अधिक जल एवं उच्च तापमान की आवश्यकता होती है, जैसे चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, कपास एवं मूँगफली। इसके विपरीत रबी फसलें शीत ऋतु में अक्टूबर-नवम्बर में बोई जाती हैं और मार्च-अप्रैल में काटी जाती हैं, जैसे गेहूँ, चना, सरसों, मटर एवं जौ। अतः दिए गए विकल्पों में चावल खरीफ फसल है और विकल्प (2) सही उत्तर है।
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Q6. देश के किस भाग में ‘झूम खेती’ प्रसिद्ध है ?

Right Answer: उत्तर-पूर्वी


Explanation:

झूम खेती को स्थानांतरी अथवा काटो और जलाओ कृषि भी कहा जाता है और यह मुख्यतः भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों — असम, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा एवं अरुणाचल प्रदेश — की पहाड़ी जनजातियों में प्रचलित है। इसमें वन का एक टुकड़ा काटकर जला दिया जाता है और राख को खाद मानकर दो-तीन वर्ष तक खेती की जाती है; भूमि की उर्वरता घटने पर किसान नया टुकड़ा चुन लेते हैं। यह प्रथा वनोन्मूलन एवं मृदा अपरदन का कारण भी बनती है। अतः विकल्प (3) सही है।
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Q7. निम्नलिखित में से कौन-सी सामग्री आमतौर पर जंगलों से प्राप्त लकड़ी से प्राप्त नहीं होती है ?

Right Answer: थर्मोकोल


Explanation:

जंगलों से प्राप्त लकड़ी अनेक उपयोगी वस्तुओं का कच्चा माल है। कागज लकड़ी की लुगदी से बनाया जाता है, माचिस की तीलियाँ प्रायः पॉपलर या सफेदा जैसी मुलायम लकड़ी से बनती हैं और प्लाईवुड लकड़ी की पतली परतों को चिपकाकर तैयार किया जाता है। इनके विपरीत थर्मोकोल लकड़ी से नहीं बनता, यह विस्तारित पॉलीस्टाइरीन नामक कृत्रिम बहुलक है, जो पेट्रोलियम से प्राप्त होता है। यही कारण है कि यह अजैवनिम्नीकरणीय होता है और पर्यावरण के लिए हानिकारक माना जाता है। अतः उत्तर थर्मोकोल है।
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Q8. पत्तियों की विशेषताओं की पहचान करते समय निम्नलिखित में से कौन-सी इन्द्रिय सबसे अधिक प्रासंगिक है ?

Right Answer: दृष्टि


Explanation:

पत्तियों की विशेषताओं की पहचान करते समय हम उनका आकार, आकृति, रंग, किनारा, शिरा विन्यास तथा सतह देखते हैं। ये सभी गुण मुख्यतः आँखों से देखकर ही पहचाने जाते हैं, इसलिए यहाँ सबसे अधिक प्रासंगिक इन्द्रिय दृष्टि है। स्पर्श से खुरदरापन और गंध से कुछ सुगंधित पत्तियों की पहचान की जा सकती है, किन्तु ये पूरक भूमिका ही निभाते हैं। सुनवाई का पत्तियों की पहचान से कोई संबंध नहीं है और स्वाद लेना असुरक्षित हो सकता है, क्योंकि कुछ पत्तियाँ विषैली होती हैं। अतः उत्तर दृष्टि है।
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Q9. काँटेदार पत्तियाँ किस प्रकार के पौधों का अभिलाक्षणिक गुण हैं ?

Right Answer: मरुस्थलीय


Explanation:

काँटेदार पत्तियाँ मरुस्थलीय अर्थात् जीरोफाइटिक पौधों का अभिलाक्षणिक गुण हैं। शुष्क क्षेत्रों में जल की कमी होने के कारण इन पौधों की पत्तियाँ काँटों में रूपांतरित हो जाती हैं, जिससे वाष्पोत्सर्जन द्वारा होने वाली जल-हानि न्यूनतम रहती है और शाकाहारी जन्तुओं से सुरक्षा भी मिलती है। इनमें तना मांसल एवं हरा होकर प्रकाश-संश्लेषण का कार्य करता है तथा जड़ें बहुत गहरी होती हैं, जैसे नागफनी। जलीय पौधों की पत्तियाँ चौड़ी एवं पतली होती हैं और अधिपादप दूसरे पौधों पर उगते हैं।

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Q10. हड्डी खाद के रूप में प्रयुक्त की जाती है क्योंकि इसमें पौधों के लिये निम्नलिखित पोषक तत्व उपलब्ध है :

Right Answer: फॉस्फोरस


Explanation:

हड्डी का चूर्ण (बोन मील) खाद के रूप में इसलिए प्रयुक्त होता है क्योंकि उसमें फॉस्फोरस प्रचुर मात्रा में कैल्सियम फॉस्फेट के रूप में उपस्थित रहता है। फॉस्फोरस पौधों के लिए एक प्रमुख पोषक तत्व है, जो जड़ों के विकास, पुष्पन, फलन तथा बीज निर्माण में सहायक होता है और कोशिका में ऊर्जा-स्थानांतरण का कार्य करता है। नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा पोटैशियम को पौधों के तीन मुख्य पोषक तत्व कहा जाता है। कैल्सियम भी इससे प्राप्त होता है, परन्तु विकल्पों में मुख्य पोषक फॉस्फोरस ही है।

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Published: 27 July 2026 | Last Updated: 19 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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I am an educational content creator dedicated to making learning simple, engaging, and accessible for students preparing for competitive exams. He specializes in creating high-quality study materials, including notes, multiple-choice questions (MCQs), previous year question papers, practice tests, and exam-oriented resources.

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