Geography: 84 MCQs with Answers
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Geography MCQ Questions in Hindi
भूगोल से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न — भारत का भूगोल, विश्व भूगोल, नदियाँ, झीलें एवं राष्ट्रीय उद्यान।
Q41. निशादीप्त (Noctilucent) मेघों का निर्माण किस मण्डल में होता है?
Right Answer: मध्यमण्डल
निशादीप्त अथवा रात्रिदीप्त मेघ (Noctilucent Clouds) पृथ्वी के वायुमण्डल में बनने वाले सर्वाधिक ऊँचाई वाले बादल हैं, जो लगभग 76 से 85 किलोमीटर की ऊँचाई पर मध्यमण्डल (Mesosphere) में निर्मित होते हैं। ये अत्यंत सूक्ष्म बर्फ के कणों से बनते हैं, जो उल्का धूल के कणों पर जलवाष्प के संघनन से तैयार होते हैं। इन्हें केवल गोधूलि के समय देखा जा सकता है, जब सूर्य क्षितिज से नीचे होता है किंतु उसका प्रकाश इन ऊँचे बादलों को प्रकाशित करता रहता है, जिससे ये चमकते हुए प्रतीत होते हैं।
Q42. पर्वतीय क्षेत्रों में तापीय व्युत्क्रमण मुख्यतः किस कारण होता है?
Right Answer: वायु अपवाहन (Cold Air Drainage)
सामान्यतः ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान घटता जाता है, किंतु जब इसके विपरीत ऊपर की वायु नीचे की वायु से अधिक गर्म हो जाती है तो उसे तापीय व्युत्क्रमण (Temperature Inversion) कहते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में यह मुख्यतः वायु अपवाहन (Cold Air Drainage) के कारण होता है। रात्रि में विकिरण द्वारा ढलानों की वायु ठंडी एवं भारी हो जाती है तथा गुरुत्व के प्रभाव से ढाल पर नीचे उतरकर घाटी के तल में एकत्र हो जाती है। फलस्वरूप घाटी का तल ठंडा तथा ढाल का ऊपरी भाग अपेक्षाकृत गर्म बना रहता है।
Q43. निम्नलिखित में से कौन-कौन वर्षण (Precipitation) के प्रकार हैं?
निम्नलिखित पर विचार कीजिए:
- A. वर्षा
- B. हिमपात
- C. तुषार-वर्षा
- D. ओला
Right Answer: A, B, C और D
वर्षण (Precipitation) वह प्रक्रिया है जिसमें वायुमण्डल की आर्द्रता संघनित होकर द्रव अथवा ठोस रूप में पृथ्वी की सतह पर गिरती है। इसके अनेक रूप होते हैं — वर्षा में जल बूँदों के रूप में गिरता है; हिमपात में जलवाष्प हिमकणों के रूप में जमकर गिरती है; ओला तब बनता है जब तीव्र ऊर्ध्वाधर संवहन धाराएँ जल बूँदों को बार-बार हिमांक से ऊपर ले जाकर उन पर बर्फ की परतें चढ़ा देती हैं; तथा तुषार-वर्षा में अति शीतित बूँदें सतह पर पहुँचते ही जम जाती हैं। अतः चारों ही वर्षण के प्रकार हैं।
Q44. निम्नलिखित में से कौन-सा जेट स्ट्रीम का प्रकार नहीं है?
Right Answer: उपोष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम
जेट स्ट्रीम क्षोभसीमा के निकट अत्यधिक वेग से बहने वाली संकरी एवं सर्पिल वायुधाराएँ हैं। इनके प्रमुख प्रकार हैं — ध्रुवीय वाताग्र जेट स्ट्रीम, जो ध्रुवीय एवं उष्ण वायुराशियों के मिलन क्षेत्र पर बनती है; उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम, जो लगभग 30° अक्षांश पर पश्चिम से पूर्व की ओर बहती है; उष्णकटिबन्धीय पूर्वी जेट स्ट्रीम, जो ग्रीष्म ऋतु में भारतीय मानसून को प्रभावित करती है; तथा ध्रुवीय रात्रिकालीन जेट स्ट्रीम। उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम सदैव पश्चिमी होती है, पूर्वी नहीं।
Q45. निम्नलिखित में से कौन-सा वाताग्र (Front) का प्रकार नहीं है?
Right Answer: गतिक वाताग्र
वाताग्र (Front) दो भिन्न तापमान एवं आर्द्रता वाली वायुराशियों के मिलन से बनने वाला संक्रमण क्षेत्र है। मौसम विज्ञान में इसके चार मान्य प्रकार हैं — शीत वाताग्र, जिसमें ठंडी वायु गर्म वायु को तीव्रता से ऊपर धकेलती है; उष्ण वाताग्र, जिसमें गर्म वायु ठंडी वायु पर धीरे-धीरे चढ़ती है; स्थिर वाताग्र, जिसमें दोनों वायुराशियाँ लगभग स्थिर बनी रहती हैं; तथा अधिविष्ट (Occluded) वाताग्र, जिसमें शीत वाताग्र उष्ण वाताग्र को पकड़कर गर्म वायु को पूर्णतः ऊपर उठा देता है। "गतिक वाताग्र" कोई मानक वैज्ञानिक श्रेणी नहीं है।
Q46. कोरिओलिस बल के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- A. यह वायु की दिशा एवं गति दोनों को प्रभावित करता है।
- B. यह भूमध्य रेखा पर सर्वाधिक होता है।
- C. इसका परिमाण पवन के वेग पर निर्भर करता है।
Right Answer: केवल C
कोरिओलिस बल पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाला आभासी बल है, जो उत्तरी गोलार्ध में पवनों को उनकी मूल दिशा से दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित कर देता है। इसका परिमाण पवन के वेग के समानुपाती होता है, अतः कथन C सही है। यह बल केवल पवन की दिशा को प्रभावित करता है, उसकी गति को नहीं, इसलिए कथन A गलत है। इसका मान ध्रुवों पर अधिकतम तथा भूमध्य रेखा पर शून्य होता है, अतः कथन B भी गलत है।
Q47. थॉर्नवेट द्वारा तापीय प्रभाविता (Thermal Efficiency) की गणना का सूत्र क्या है?
Right Answer: (T-E Ratio) = (t−32) ÷ 4
अमेरिकी जलवायुवेत्ता सी. डब्ल्यू. थॉर्नवेट ने सन् 1931 में जलवायु वर्गीकरण प्रस्तुत करते हुए तापीय प्रभाविता (Thermal Efficiency) की संकल्पना दी। उनके अनुसार किसी स्थान की जलवायु केवल तापमान एवं वर्षा की मात्रा से नहीं, बल्कि वाष्पन-वाष्पोत्सर्जन की क्षमता से भी निर्धारित होती है। तापीय प्रभाविता अनुपात ज्ञात करने का सूत्र (t − 32) ÷ 4 है, जहाँ t किसी माह का औसत तापमान फ़ारेनहाइट में दर्शाता है। बारह महीनों के इन मानों का योग वार्षिक तापीय प्रभाविता सूचकांक कहलाता है।
Q48. निम्नलिखित में से कौन-सी समुद्री जलधारा पश्चिमी पछुवा प्रवाह से सम्बन्धित नहीं है?
Right Answer: अगुल्हास धारा
पश्चिमी पछुवा प्रवाह (West Wind Drift) दक्षिणी गोलार्ध में लगभग 40° से 60° दक्षिणी अक्षांशों के मध्य पछुवा पवनों द्वारा संचालित ठंडी महासागरीय धारा है, जो अंटार्कटिका के चारों ओर पश्चिम से पूर्व की ओर बहती है। इससे निकलकर हम्बोल्ट धारा दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर, बेंगुला धारा अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी तट पर तथा पश्चिमी ऑस्ट्रेलियन धारा ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट पर उत्तर की ओर प्रवाहित होती हैं — ये सभी शीत धाराएँ हैं। इसके विपरीत अगुल्हास एक गर्म धारा है, जो हिन्द महासागर में अफ्रीका के पूर्वी तट के सहारे बहती है।
Q49. गुयोट (Guyot) क्या है?
Right Answer: सपाट शीर्ष वाला समुद्री पर्वत
गुयोट (Guyot) महासागरीय नितल पर पाया जाने वाला ऐसा ज्वालामुखी उद्भव वाला समुद्री पर्वत है, जिसका शीर्ष सपाट अथवा समतल हो गया हो। इनका निर्माण तब होता है जब कोई ज्वालामुखी द्वीप समुद्र तल से ऊपर उठता है और तरंगों की अपरदन क्रिया से उसका शिखर कटकर समतल हो जाता है; कालांतर में नितल के धँसने अथवा समुद्र तल के ऊपर उठने से यह पूर्णतः जलमग्न हो जाता है। इन्हें टेबलमाउंट भी कहा जाता है तथा प्रशान्त महासागर में इनकी संख्या सर्वाधिक पाई जाती है।
Q50. झीलों की लवणता के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-से सुमेल सही हैं?
निम्नलिखित झील एवं लवणता के सुमेलों पर विचार कीजिए:
- A. वान झील – 330‰
- B. मृत सागर – 258‰
- C. ग्रेट साल्ट लेक – 220‰
Right Answer: B और C
लवणता को प्रति हज़ार भाग (‰) में व्यक्त किया जाता है। मृत सागर विश्व की सर्वाधिक लवणीय जल राशियों में से एक है, जिसकी लवणता लगभग 250‰ के आसपास रहती है, अतः 258‰ का मान इसके निकट है। संयुक्त राज्य अमेरिका की ग्रेट साल्ट लेक में भी वाष्पीकरण अधिक होने तथा बहिर्प्रवाह न होने के कारण लवणता अत्यधिक रहती है और यह 220‰ तक पहुँच सकती है। इसके विपरीत तुर्की की वान झील की वास्तविक लवणता लगभग 22‰ है, अतः उसके लिए दिया गया 330‰ का मान सही नहीं है।