Geography - Economic Geography: 14 MCQs with Answers

Economic Geography - Geography
Geography - Economic Geography

Geography- Economic Geography

आर्थिक भूगोल से संबंधित प्रश्न — कृषि, खनिज, उद्योग तथा आर्थिक क्रियाकलापों का वर्गीकरण।

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Q1. निम्नलिखित में से कौन-सा भारत का गोण्डवाना कोयला क्षेत्र है?

Right Answer: रामगढ़


Explanation:

भारत के कोयला निक्षेप मुख्यतः दो युगों के हैं — गोण्डवाना कोयला, जो लगभग 25 करोड़ वर्ष पुराना है तथा देश के कुल कोयला भंडार का लगभग 98 प्रतिशत भाग है, और तृतीयक कोयला, जो अपेक्षाकृत नवीन एवं निम्न कोटि का होता है। गोण्डवाना कोयला क्षेत्र दामोदर, सोन, महानदी एवं गोदावरी घाटियों में विस्तृत हैं, जिनमें झारखण्ड का रामगढ़ एक प्रमुख क्षेत्र है। इसके विपरीत असम का माकुम तथा जम्मू-कश्मीर का कालाकोट तृतीयक कोयला क्षेत्र माने जाते हैं। अतः दिए गए विकल्पों में रामगढ़ ही सही उत्तर है।
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Q2. ब्राज़ील में 'फेज़ेण्डा' (Fazenda) क्या है?

Right Answer: कॉफी की रोपण कृषि


Explanation:

'फेज़ेण्डा' (Fazenda) ब्राज़ील में कॉफी के विशाल बागानों अथवा रोपण कृषि फार्मों को कहा जाता है। ब्राज़ील विश्व का सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक देश है और साओ पाउलो, मिनास गेराइस तथा पराना राज्यों में ये फेज़ेण्डा बड़े पैमाने पर फैले हुए हैं। इनमें अधिक पूँजी, वैज्ञानिक प्रबंधन एवं बड़ी संख्या में श्रमिक लगाए जाते हैं तथा उत्पादन मुख्यतः निर्यात के लिए किया जाता है। रोपण कृषि की यह पद्धति उपनिवेशकाल में विकसित हुई थी। इसी प्रकार अर्जेण्टीना के पशु फार्मों को 'एस्टेन्सिया' कहा जाता है।
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Q3. भारत में अरंडी (Castor) का सर्वाधिक उत्पादन करने वाला राज्य कौन-सा है?

Right Answer: गुजरात


Explanation:

अरंडी (Castor) एक महत्वपूर्ण अखाद्य तिलहन फसल है, जिसके बीजों से निकाला गया तेल औषधि, स्नेहक, साबुन, रंग-रोगन तथा जैव-डीजल उद्योग में प्रयुक्त होता है। भारत विश्व का सबसे बड़ा अरंडी उत्पादक एवं निर्यातक देश है और इसमें गुजरात प्रथम स्थान पर है। गुजरात के मेहसाणा, बनासकांठा, साबरकांठा तथा कच्छ जिलों में इसकी व्यापक खेती होती है, क्योंकि यहाँ की अर्द्ध-शुष्क जलवायु एवं बलुई दोमट मिट्टी इस फसल के लिए अत्यंत उपयुक्त है। राजस्थान तथा आंध्र प्रदेश इसके बाद आते हैं।
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Q4. व्यावसायिक अन्नोत्पादक कृषि मुख्यतः कहाँ की जाती है?

Right Answer: अमेरिका, कनाडा, रूस एवं यूक्रेन


Explanation:

व्यावसायिक अन्नोत्पादक कृषि वह पद्धति है जिसमें विशाल फार्मों पर मुख्यतः गेहूँ एवं मक्का जैसे अनाजों की खेती बाज़ार में बेचने के उद्देश्य से की जाती है। यह शीतोष्ण कटिबंध के अर्द्ध-शुष्क घास के मैदानों — उत्तरी अमेरिका के प्रेयरी, यूरेशिया के स्टेपी तथा यूक्रेन के काली मिट्टी वाले क्षेत्रों — में विकसित हुई है। इसमें जनसंख्या घनत्व कम, फार्म का आकार बहुत बड़ा तथा मशीनीकरण अत्यधिक होता है, जिससे प्रति व्यक्ति उत्पादकता ऊँची रहती है। संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, रूस एवं यूक्रेन इसके प्रमुख क्षेत्र हैं।
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Q5. भारत का प्रमुख टंगस्टन उत्पादक क्षेत्र कौन-सा है?

Right Answer: डेगाना–भाकरी (राजस्थान)


Explanation:

टंगस्टन एक अत्यंत उच्च गलनांक वाली कठोर धातु है, जिसका उपयोग विद्युत बल्ब के तंतु, कर्तन उपकरण तथा कठोर मिश्रधातुओं के निर्माण में किया जाता है। भारत में टंगस्टन मुख्यतः वुल्फ्रेमाइट तथा शीलाइट खनिजों के रूप में प्राप्त होता है। राजस्थान के नागौर जिले में स्थित डेगाना एवं भाकरी क्षेत्र देश का सबसे प्रमुख टंगस्टन उत्पादक क्षेत्र माना जाता है, जहाँ रेवत पहाड़ी से इसका खनन किया जाता रहा है। कर्नाटक, महाराष्ट्र तथा आंध्र प्रदेश में भी इसके सीमित भंडार पाए जाते हैं।
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Q6. निम्नलिखित में से कौन-सा चतुर्थक (Quaternary) क्रियाकलाप नहीं है?

Right Answer: हॉस्पिटल एवं डॉक्टर


Explanation:

आर्थिक क्रियाओं को प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक, चतुर्थक तथा पंचम वर्गों में विभाजित किया जाता है। चतुर्थक क्रियाकलाप ज्ञान एवं सूचना पर आधारित विशिष्ट सेवाएँ हैं, जिनमें अनुसंधान, शिक्षा, परामर्श, वित्तीय एवं दलाली सेवाएँ तथा सूचना संकलन सम्मिलित किए जाते हैं। इसके विपरीत अस्पताल एवं डॉक्टरों द्वारा दी जाने वाली चिकित्सा सेवाएँ सामान्यतः तृतीयक क्षेत्र के अंतर्गत वर्गीकृत की जाती हैं, क्योंकि ये प्रत्यक्ष रूप से उपभोक्ता को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाएँ हैं। अतः यही चतुर्थक क्रियाकलाप नहीं है।
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Q7. पायकारा बाँध से प्राप्त जलविद्युत ने किन सूती वस्त्र उद्योग केन्द्रों को प्रोत्साहित किया?

Right Answer: कोयम्बटूर एवं मदुरै


Explanation:

पायकारा जलविद्युत परियोजना तमिलनाडु के नीलगिरि क्षेत्र में पायकारा नदी पर विकसित की गई है। इस परियोजना से प्राप्त सस्ती एवं निरंतर विद्युत आपूर्ति ने तमिलनाडु के सूती वस्त्र उद्योग के विकास को अत्यधिक प्रोत्साहन दिया, विशेषकर कोयम्बटूर एवं मदुरै को। कोयम्बटूर को इसी कारण 'दक्षिण भारत का मैनचेस्टर' कहा जाता है। इस क्षेत्र में काली मिट्टी पर कपास की खेती, आर्द्र जलवायु जो धागे को टूटने से बचाती है, तथा कुशल श्रमिकों की उपलब्धता ने भी उद्योग के केन्द्रीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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Q8. भिलाई इस्पात संयंत्र को लौह अयस्क मुख्यतः कहाँ से प्राप्त होता है?

Right Answer: डल्ली-राजहरा


Explanation:

भिलाई इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित है और इसकी स्थापना सन् 1955 में तत्कालीन सोवियत संघ के सहयोग से की गई थी। इसे लौह अयस्क मुख्यतः छत्तीसगढ़ की डल्ली-राजहरा खानों से प्राप्त होता है, जो संयंत्र से लगभग 90 किलोमीटर दक्षिण में स्थित हैं तथा उच्च कोटि का हेमेटाइट अयस्क उपलब्ध कराती हैं। कोयला कोरबा एवं झरिया क्षेत्रों से तथा जल तांदुला जलाशय से प्राप्त होता है। गुरुमहिसानी, बरसुआ एवं गुआ की खानें अन्य इस्पात संयंत्रों की आपूर्ति करती हैं।
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Q9. हल्के उद्योगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

Right Answer: उपभोक्ता वस्तुओं को बनाने के लिए हल्के पदार्थों का उपयोग करें


Explanation:

उद्योगों को प्रयुक्त कच्चे माल के भार के आधार पर हल्के तथा भारी वर्गों में बाँटा जाता है। हल्के उद्योग वे हैं जिनमें कम भार वाला कच्चा माल प्रयोग होता है और तैयार माल प्रायः सीधे उपभोक्ता तक पहुँचता है, जैसे वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, घड़ी, खिलौने तथा प्रसाधन सामग्री। इनमें पूँजी निवेश कम होता है, प्रदूषण कम होता है और ये बाजार के निकट स्थापित किए जा सकते हैं। इसके विपरीत लोहा-इस्पात जैसे भारी उद्योग भारी अयस्कों का प्रसंस्करण करते हैं और मशीनरी बनाते हैं। अतः चौथा कथन सही है।
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Q10. कौन सा कथन भारत में अधात्विक खनिजों की भूमिका को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है?

Right Answer: भारत में प्रमुख उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण समृद्ध भंडार मौजूद हैं।


Explanation:

अधात्विक खनिज वे हैं जिनसे धातु प्राप्त नहीं होती, जैसे चूना पत्थर, अभ्रक, जिप्सम, डोलोमाइट, ग्रेफाइट तथा फॉस्फोराइट। भारत इनमें अत्यंत समृद्ध है और विश्व में अभ्रक उत्पादन में उसकी विशेष स्थिति रही है। चूना पत्थर सीमेंट उद्योग का आधार है, डोलोमाइट लोहा-इस्पात उद्योग में प्रयुक्त होता है और जिप्सम उर्वरक तथा प्लास्टर बनाने में काम आता है। इस प्रकार ये खनिज देश के प्रमुख उद्योगों के लिए अनिवार्य कच्चा माल उपलब्ध कराते हैं। अतः तीसरा कथन इनकी भूमिका को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है।
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Q11. निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और सही विकल्प चुनें।

अभिकथन (A): लोहा और इस्पात को एक भारी उद्योग माना जाता है।

कारण (R): इसके लिए कपास और रबर जैसे हल्के कच्चे माल की आवश्यकता होती है।

Right Answer: A सत्य है, लेकिन R असत्य है


Explanation:

अभिकथन सत्य है, क्योंकि लोहा और इस्पात उद्योग को आधारभूत तथा भारी उद्योग की श्रेणी में रखा जाता है और इसे उद्योगों की जननी भी कहा जाता है। कारण असत्य है, क्योंकि इस उद्योग में प्रयुक्त कच्चा माल हल्का नहीं बल्कि अत्यंत भारी होता है, जैसे लौह अयस्क, कोकिंग कोयला, चूना पत्थर तथा डोलोमाइट। कपास और रबर तो हल्के उद्योगों के कच्चे माल हैं, जिनसे वस्त्र तथा टायर बनते हैं। भारी कच्चे माल के कारण ही ये संयंत्र खनन क्षेत्रों के निकट स्थापित किए जाते हैं।
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Q12. कौन सा कथन भारत में अधात्विक खनिजों की भूमिका को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है?

Right Answer: भारत में प्रमुख उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण समृद्ध भंडार मौजूद हैं।


Explanation:

अधात्विक खनिजों में चूना पत्थर, अभ्रक, जिप्सम, डोलोमाइट, कोयला तथा फॉस्फेट जैसे खनिज आते हैं। भारत में इनके विशाल भंडार उपलब्ध हैं और ये सीमेंट, उर्वरक, काँच, विद्युत उपकरण तथा निर्माण जैसे प्रमुख उद्योगों की रीढ़ हैं। उदाहरण के लिए चूना पत्थर सीमेंट उद्योग के लिए आवश्यक है और अभ्रक के उत्पादन में भारत विश्व के अग्रणी देशों में रहा है। इसलिए यह कहना उचित नहीं कि इनका उपयोग केवल रत्नों तक सीमित है या भंडारों का अभाव है। अतः तीसरा कथन सही है।
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Q13. निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और सही विकल्प चुनें। (अभिकथन एवं कारण प्रश्न विवरण में दिए गए हैं।)

अभिकथन (A): लोहा और इस्पात को एक भारी उद्योग माना जाता है।
कारण (R): इसके लिए कपास और रबर जैसे हल्के कच्चे माल की आवश्यकता होती है।

Right Answer: A सत्य है, लेकिन R असत्य है


Explanation:

लोहा और इस्पात उद्योग को आधारभूत तथा भारी उद्योग की श्रेणी में रखा जाता है, क्योंकि इसमें भारी मात्रा में कच्चा माल प्रयुक्त होता है और इसका उत्पाद अन्य उद्योगों के लिए आधार का कार्य करता है, अतः अभिकथन सत्य है। परंतु कारण असत्य है, क्योंकि इस उद्योग के मुख्य कच्चे माल लौह अयस्क, कोकिंग कोल, चूना पत्थर तथा मैंगनीज हैं, जो अत्यंत भारी होते हैं। कपास और रबर तो क्रमशः वस्त्र उद्योग और रबर उद्योग के हल्के कच्चे माल हैं। अतः A सत्य और R असत्य है।
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Q14. निम्नलिखित में से कौन सा कथन भारत के वस्त्र उद्योग की अनूठी विशेषता को सही ढंग से उजागर करता है?

Right Answer: यह सम्पूर्ण मूल्य श्रृंखला में आत्मनिर्भर है।


Explanation:

भारतीय वस्त्र उद्योग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कच्चे माल के उत्पादन से लेकर तैयार वस्त्र तक की पूरी मूल्य श्रृंखला में आत्मनिर्भर है। देश में कपास, जूट, रेशम तथा ऊन का उत्पादन होता है और उसी के साथ कताई, बुनाई, रंगाई, प्रसंस्करण तथा परिधान निर्माण की सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। यही कारण है कि भारत विश्व के प्रमुख वस्त्र निर्यातकों में गिना जाता है और यह उद्योग कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार देता है। अतः तीसरा कथन सही है।
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Published: 29 July 2026 | Last Updated: 19 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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I am an educational content creator dedicated to making learning simple, engaging, and accessible for students preparing for competitive exams. He specializes in creating high-quality study materials, including notes, multiple-choice questions (MCQs), previous year question papers, practice tests, and exam-oriented resources.

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