Geography - Climatology: 13 MCQs with Answers

Climatology - Geography
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जलवायु विज्ञान से संबंधित प्रश्न — वायुमण्डल, वाताग्र, जेट स्ट्रीम, वर्षण एवं जलवायु वर्गीकरण।

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Q1. निम्नलिखित में से कौन-सा तड़ित-झंझावत असम राज्य को प्रभावित नहीं करता?

Right Answer: चेरी ब्लॉसम


Explanation:

भारत में प्री-मानसून काल के दौरान पूर्वोत्तर एवं पूर्वी भागों में तीव्र तड़ित-झंझावत आते हैं। असम में इन्हें 'बारदोली छीड़ा' कहा जाता है, जबकि असम एवं पश्चिम बंगाल में इन्हीं तूफानों को 'कालबैसाखी' तथा अंग्रेज़ी में 'नार्वेस्टर' (Nor'wester) कहा जाता है। ये तूफान अत्यधिक ताप एवं आर्द्रता के संयोग से उत्पन्न होते हैं और चाय तथा जूट की फसल के लिए लाभदायक सिद्ध होते हैं। इसके विपरीत 'चेरी ब्लॉसम' कर्नाटक एवं केरल में कॉफी की फसल के लिए होने वाली वर्षा है, कोई तड़ित-झंझावत नहीं।
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Q2. कोपेन जलवायु वर्गीकरण के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा सुमेलित नहीं है?

कोपेन जलवायु प्रकार एवं क्षेत्र के निम्नलिखित सुमेलों पर विचार कीजिए:

  • Dfc – अरुणाचल प्रदेश
  • ET – उत्तराखण्ड
  • E – हिमाचल प्रदेश
  • As – कोंकण तट

Right Answer: As – कोंकण तट


Explanation:

कोपेन ने तापमान एवं वर्षा के आधार पर विश्व की जलवायु का वर्गीकरण किया, जिसमें विभिन्न प्रकार अक्षरों द्वारा दर्शाए जाते हैं। कोंकण तट पश्चिमी घाट के पवनाभिमुख ढाल पर स्थित है, जहाँ ग्रीष्मकालीन मानसून से अत्यधिक वर्षा होती है; अतः यहाँ उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु (Am) पाई जाती है, न कि शुष्क ग्रीष्म वाली As जलवायु — यही सुमेल गलत है। अरुणाचल प्रदेश के ऊँचे भागों में Dfc, उत्तराखण्ड के हिमाच्छादित उच्च भागों में ET तथा हिमाचल प्रदेश के ध्रुवीय प्रकार के क्षेत्रों में E जलवायु का उल्लेख किया जाता है।
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Q3. निशादीप्त (Noctilucent) मेघों का निर्माण किस मण्डल में होता है?

Right Answer: मध्यमण्डल


Explanation:

निशादीप्त अथवा रात्रिदीप्त मेघ (Noctilucent Clouds) पृथ्वी के वायुमण्डल में बनने वाले सर्वाधिक ऊँचाई वाले बादल हैं, जो लगभग 76 से 85 किलोमीटर की ऊँचाई पर मध्यमण्डल (Mesosphere) में निर्मित होते हैं। ये अत्यंत सूक्ष्म बर्फ के कणों से बनते हैं, जो उल्का धूल के कणों पर जलवाष्प के संघनन से तैयार होते हैं। इन्हें केवल गोधूलि के समय देखा जा सकता है, जब सूर्य क्षितिज से नीचे होता है किंतु उसका प्रकाश इन ऊँचे बादलों को प्रकाशित करता रहता है, जिससे ये चमकते हुए प्रतीत होते हैं।
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Q4. पर्वतीय क्षेत्रों में तापीय व्युत्क्रमण मुख्यतः किस कारण होता है?

Right Answer: वायु अपवाहन (Cold Air Drainage)


Explanation:

सामान्यतः ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान घटता जाता है, किंतु जब इसके विपरीत ऊपर की वायु नीचे की वायु से अधिक गर्म हो जाती है तो उसे तापीय व्युत्क्रमण (Temperature Inversion) कहते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में यह मुख्यतः वायु अपवाहन (Cold Air Drainage) के कारण होता है। रात्रि में विकिरण द्वारा ढलानों की वायु ठंडी एवं भारी हो जाती है तथा गुरुत्व के प्रभाव से ढाल पर नीचे उतरकर घाटी के तल में एकत्र हो जाती है। फलस्वरूप घाटी का तल ठंडा तथा ढाल का ऊपरी भाग अपेक्षाकृत गर्म बना रहता है।
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Q5. निम्नलिखित में से कौन-कौन वर्षण (Precipitation) के प्रकार हैं?

निम्नलिखित पर विचार कीजिए:

  • A. वर्षा
  • B. हिमपात
  • C. तुषार-वर्षा
  • D. ओला

Right Answer: A, B, C और D


Explanation:

वर्षण (Precipitation) वह प्रक्रिया है जिसमें वायुमण्डल की आर्द्रता संघनित होकर द्रव अथवा ठोस रूप में पृथ्वी की सतह पर गिरती है। इसके अनेक रूप होते हैं — वर्षा में जल बूँदों के रूप में गिरता है; हिमपात में जलवाष्प हिमकणों के रूप में जमकर गिरती है; ओला तब बनता है जब तीव्र ऊर्ध्वाधर संवहन धाराएँ जल बूँदों को बार-बार हिमांक से ऊपर ले जाकर उन पर बर्फ की परतें चढ़ा देती हैं; तथा तुषार-वर्षा में अति शीतित बूँदें सतह पर पहुँचते ही जम जाती हैं। अतः चारों ही वर्षण के प्रकार हैं।
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Q6. निम्नलिखित में से कौन-सा जेट स्ट्रीम का प्रकार नहीं है?

Right Answer: उपोष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम


Explanation:

जेट स्ट्रीम क्षोभसीमा के निकट अत्यधिक वेग से बहने वाली संकरी एवं सर्पिल वायुधाराएँ हैं। इनके प्रमुख प्रकार हैं — ध्रुवीय वाताग्र जेट स्ट्रीम, जो ध्रुवीय एवं उष्ण वायुराशियों के मिलन क्षेत्र पर बनती है; उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम, जो लगभग 30° अक्षांश पर पश्चिम से पूर्व की ओर बहती है; उष्णकटिबन्धीय पूर्वी जेट स्ट्रीम, जो ग्रीष्म ऋतु में भारतीय मानसून को प्रभावित करती है; तथा ध्रुवीय रात्रिकालीन जेट स्ट्रीम। उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम सदैव पश्चिमी होती है, पूर्वी नहीं।
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Q7. निम्नलिखित में से कौन-सा वाताग्र (Front) का प्रकार नहीं है?

Right Answer: गतिक वाताग्र


Explanation:

वाताग्र (Front) दो भिन्न तापमान एवं आर्द्रता वाली वायुराशियों के मिलन से बनने वाला संक्रमण क्षेत्र है। मौसम विज्ञान में इसके चार मान्य प्रकार हैं — शीत वाताग्र, जिसमें ठंडी वायु गर्म वायु को तीव्रता से ऊपर धकेलती है; उष्ण वाताग्र, जिसमें गर्म वायु ठंडी वायु पर धीरे-धीरे चढ़ती है; स्थिर वाताग्र, जिसमें दोनों वायुराशियाँ लगभग स्थिर बनी रहती हैं; तथा अधिविष्ट (Occluded) वाताग्र, जिसमें शीत वाताग्र उष्ण वाताग्र को पकड़कर गर्म वायु को पूर्णतः ऊपर उठा देता है। "गतिक वाताग्र" कोई मानक वैज्ञानिक श्रेणी नहीं है।
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Q8. कोरिओलिस बल के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  • A. यह वायु की दिशा एवं गति दोनों को प्रभावित करता है।
  • B. यह भूमध्य रेखा पर सर्वाधिक होता है।
  • C. इसका परिमाण पवन के वेग पर निर्भर करता है।

Right Answer: केवल C


Explanation:

कोरिओलिस बल पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाला आभासी बल है, जो उत्तरी गोलार्ध में पवनों को उनकी मूल दिशा से दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित कर देता है। इसका परिमाण पवन के वेग के समानुपाती होता है, अतः कथन C सही है। यह बल केवल पवन की दिशा को प्रभावित करता है, उसकी गति को नहीं, इसलिए कथन A गलत है। इसका मान ध्रुवों पर अधिकतम तथा भूमध्य रेखा पर शून्य होता है, अतः कथन B भी गलत है।
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Q9. थॉर्नवेट द्वारा तापीय प्रभाविता (Thermal Efficiency) की गणना का सूत्र क्या है?

Right Answer: (T-E Ratio) = (t−32) ÷ 4


Explanation:

अमेरिकी जलवायुवेत्ता सी. डब्ल्यू. थॉर्नवेट ने सन् 1931 में जलवायु वर्गीकरण प्रस्तुत करते हुए तापीय प्रभाविता (Thermal Efficiency) की संकल्पना दी। उनके अनुसार किसी स्थान की जलवायु केवल तापमान एवं वर्षा की मात्रा से नहीं, बल्कि वाष्पन-वाष्पोत्सर्जन की क्षमता से भी निर्धारित होती है। तापीय प्रभाविता अनुपात ज्ञात करने का सूत्र (t − 32) ÷ 4 है, जहाँ t किसी माह का औसत तापमान फ़ारेनहाइट में दर्शाता है। बारह महीनों के इन मानों का योग वार्षिक तापीय प्रभाविता सूचकांक कहलाता है।
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Q10. वर्ष 2024 में शुरू किए गए जलवायु सेवाओं के लिए राष्ट्रीय ढाँचे (एनएफसीएस) का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Right Answer: क्षेत्र-विशिष्ट जलवायु सूचना सेवाएँ प्रदान करना


Explanation:

जलवायु सेवाओं के लिए राष्ट्रीय ढाँचा भारत मौसम विज्ञान विभाग की एक पहल है, जिसे विश्व मौसम विज्ञान संगठन के वैश्विक ढाँचे के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि, जल संसाधन, स्वास्थ्य, ऊर्जा तथा आपदा जोखिम न्यूनीकरण जैसे क्षेत्रों को उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार सटीक और उपयोगी जलवायु सूचना उपलब्ध कराना है। इससे नीति निर्माता और आम नागरिक जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अनुरूप बेहतर निर्णय ले सकते हैं। यह उत्सर्जन व्यापार या कार्बन ऑफसेट से संबंधित नहीं है।
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Q11. निम्नलिखित में से किसे सामान्यतः मौसम तत्व नहीं माना जाता है?

Right Answer: मिट्टी का पीएच


Explanation:

मौसम किसी स्थान पर वायुमंडल की अल्पकालिक दशा को कहते हैं और इसे कुछ निश्चित तत्वों से मापा जाता है। इन तत्वों में तापमान, वायुदाब, आर्द्रता, वर्षण, पवन तथा मेघाच्छादन शामिल हैं, क्योंकि ये सभी वायुमंडल की अवस्था से सीधे जुड़े हुए हैं। मिट्टी का पीएच इनसे भिन्न है, क्योंकि यह मृदा की रासायनिक अम्लीयता या क्षारीयता दर्शाता है और मृदा विज्ञान का विषय है। यह वायुमंडलीय दशा नहीं बताता, इसलिए इसे मौसम तत्व नहीं माना जाता। अतः सही उत्तर मिट्टी का पीएच है।
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Q12. निम्नलिखित में से किसे सामान्यतः मौसम तत्व नहीं माना जाता है?

Right Answer: मिट्टी का पीएच


Explanation:

मौसम किसी स्थान पर वायुमंडल की अल्पकालिक दशा को कहते हैं और इसके प्रमुख तत्वों में तापमान, वायुदाब, आर्द्रता, वर्षा, बादल, धूप तथा पवन सम्मिलित हैं। ये सभी तत्व वायुमंडल से संबंधित हैं और प्रतिदिन बदलते रहते हैं। इसके विपरीत मिट्टी का पीएच मृदा की रासायनिक विशेषता है, जो अम्लीयता या क्षारीयता को दर्शाती है और इसका संबंध मृदा विज्ञान तथा कृषि से है, वायुमंडलीय दशा से नहीं। इसलिए मिट्टी का पीएच मौसम का तत्व नहीं माना जाता। अतः सही उत्तर मिट्टी का पीएच है।
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Q13. वायुमंडलीय परतों के संबंध में इन कथनों का मूल्यांकन कीजिए। उपर्युक्त में से कौन सा/से सही है/हैं? (कथन प्रश्न विवरण में दिए गए हैं।)

1. अधिकांश मौसमी घटनाएँ समताप मंडल में होती हैं।
2. ओज़ोन परत मुख्यतः क्षोभमंडल में पाई जाती है।

Right Answer: न तो 1 और न ही 2


Explanation:

दोनों कथन गलत हैं। बादल, वर्षा, आँधी और तूफान जैसी लगभग सभी मौसमी घटनाएँ क्षोभमंडल में घटित होती हैं, क्योंकि वायुमंडल की अधिकांश जलवाष्प तथा धूलकण इसी सबसे निचली परत में केंद्रित रहते हैं। दूसरी ओर ओज़ोन परत समताप मंडल में लगभग पंद्रह से पैंतीस किलोमीटर की ऊँचाई पर पाई जाती है और यह सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है। इस प्रकार दोनों कथनों में परतों का उल्लेख आपस में बदल गया है। अतः सही उत्तर न तो 1 और न ही 2 है।
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Published: 29 July 2026 | Last Updated: 19 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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