Commerce - Business Management and HRM: 16 MCQs with Answers
Commerce- Business Management and HRM
प्रबंध के सिद्धांत, नेतृत्व, अभिप्रेरणा, संचार, भर्ती एवं चयन तथा प्रशिक्षण पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q11. वह साक्षात्कार जिसमें उम्मीदवारों से यह वर्णन करने के लिए कहा जाता है कि वे वास्तव में किसी दी गई स्थिति को कैसे सँभालते हैं, कहलाता है :
Right Answer: व्यावहारिक साक्षात्कार
व्यावहारिक साक्षात्कार अर्थात् बिहेवियरल इंटरव्यू वह साक्षात्कार है जिसमें उम्मीदवारों से यह वर्णन करने को कहा जाता है कि वे किसी दी गई परिस्थिति को वास्तव में कैसे सँभालते हैं अथवा अतीत में कैसे सँभाला था। इसका आधार यह मान्यता है कि भूतकालीन व्यवहार भविष्य के व्यवहार का सर्वोत्तम पूर्वानुमान है। इससे उम्मीदवार के वास्तविक कौशल, निर्णय-क्षमता एवं दृष्टिकोण का आकलन रटे-रटाए उत्तरों की अपेक्षा अधिक विश्वसनीय ढंग से हो जाता है। इसके विपरीत तनाव साक्षात्कार में उम्मीदवार को जानबूझकर दबाव में डालकर उसकी संयम-क्षमता परखी जाती है।
Q12. वह दृष्टिकोण जिससे हम अवलोकन और प्रत्यक्ष अनुभव दोनों के माध्यम से सीख सकते हैं, कहलाता है :
Right Answer: सामाजिक अधिगम सिद्धांत
सामाजिक अधिगम सिद्धांत अल्बर्ट बंडूरा ने प्रतिपादित किया। इसके अनुसार व्यक्ति केवल प्रत्यक्ष अनुभव अर्थात् स्वयं करके ही नहीं सीखता, बल्कि दूसरों को देखकर तथा उनके व्यवहार के परिणामों का प्रेक्षण करके भी सीख लेता है, जिसे प्रतिनिधिक अधिगम कहते हैं। इस प्रक्रिया के चार चरण हैं — ध्यान देना, धारण करना, प्रतिकृति बनाना तथा अभिप्रेरणा। प्रबंधन में इसका उपयोग प्रशिक्षण, प्रतिरूपण एवं संरक्षकत्व कार्यक्रमों में व्यापक रूप से होता है। बंडूरा ने आत्म-प्रभावकारिता की अवधारणा भी दी, जो अपनी क्षमता में विश्वास को दर्शाती है।
Q13. निम्नलिखित में से कौन मैक्स वेबर की आदर्श नौकरशाही की विशेषता नहीं है ?
Right Answer: कार्यकाल की स्थिरता
मैक्स वेबर की आदर्श नौकरशाही की प्रमुख विशेषताएँ हैं — कार्य विशेषज्ञता अर्थात् श्रम विभाजन, सत्ता का स्पष्ट संस्तरण, औपचारिक चयन जो तकनीकी योग्यता पर आधारित हो, औपचारिक नियम एवं विनियम, अवैयक्तित्व अर्थात् नियमों का बिना पक्षपात के समान प्रयोग, तथा व्यावसायिक जीवनवृत्त अभिविन्यास। ‘कार्यकाल की स्थिरता’ इस सूची में नहीं आती, क्योंकि वह हेनरी फेयोल के चौदह प्रबंधकीय सिद्धांतों में से एक है, जिसमें कहा गया है कि कर्मचारियों को स्थिर कार्यकाल देने से ही उनकी कार्यकुशलता विकसित होती है।
Q14. निम्नलिखित में से कौन-सा चयन प्रक्रिया का पहला चरण है ?
Right Answer: प्रारंभिक स्क्रीनिंग
चयन एक नकारात्मक प्रक्रिया है, जिसमें क्रमिक बाधाओं से गुजरते हुए अनुपयुक्त अभ्यर्थियों को हटाया जाता है। इसका पहला चरण प्रारंभिक स्क्रीनिंग अर्थात् प्रारंभिक छँटनी है, जिसमें आवेदनों अथवा संक्षिप्त प्रारंभिक साक्षात्कार के आधार पर स्पष्ट रूप से अयोग्य अभ्यर्थियों को आरम्भ में ही अलग कर दिया जाता है। इससे संगठन का समय एवं धन दोनों बचते हैं। इसके बाद पूर्ण आवेदन-पत्र भरवाना, रोजगार परीक्षण, चयन साक्षात्कार, संदर्भ एवं पृष्ठभूमि की जाँच, चिकित्सा परीक्षण तथा अन्ततः नियुक्ति-पत्र देने के चरण आते हैं।
Q15. निम्नलिखित में से कौन-सा एक ट्रांजेक्शनल (लेन-देन) नेता का लक्षण नहीं है ?
Right Answer: प्रेरक प्रेरणा
ट्रांजेक्शनल अर्थात् लेन-देन आधारित नेता अनुयायियों को स्पष्ट भूमिका एवं कार्य-अपेक्षाएँ बताकर तथा उनके बदले पुरस्कार देकर लक्ष्य की ओर ले जाता है। उसके प्रमुख लक्षण हैं — आकस्मिक पुरस्कार, सक्रिय एवं निष्क्रिय दोनों रूपों में अपवादों द्वारा प्रबंध, तथा अहस्तक्षेप अर्थात् लेसे-फेयर, जिसमें वह उत्तरदायित्व से बचता है। इसके विपरीत ‘प्रेरक प्रेरणा’ ट्रांसफॉर्मेशनल नेतृत्व का लक्षण है, जिसमें नेता ऊँचा दृष्टिकोण प्रस्तुत कर अनुयायियों को स्वयं से ऊपर उठकर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। आदर्शीकृत प्रभाव एवं बौद्धिक उद्दीपन भी उसी के अंग हैं।
Q16. प्रशिक्षण की प्रभावशीलता निर्धारित करने के लिए एक अलग दृष्टिकोण को कहा जाता है :
Right Answer: ब्रिंकरहॉफ मॉडल
प्रशिक्षण की प्रभावशीलता आँकने का सर्वाधिक प्रचलित प्रतिरूप किर्कपैट्रिक का चार-स्तरीय मॉडल है, जिसमें प्रतिक्रिया, अधिगम, व्यवहार तथा परिणाम का क्रमिक मूल्यांकन होता है। इससे भिन्न एवं वैकल्पिक दृष्टिकोण रॉबर्ट ब्रिंकरहॉफ ने प्रस्तुत किया, जिसे सफल प्रकरण विधि कहा जाता है। इसमें औसत प्रतिभागियों के स्थान पर सर्वाधिक सफल तथा सर्वाधिक असफल प्रकरणों को चुनकर उनका गहन अध्ययन किया जाता है, ताकि यह पता चले कि प्रशिक्षण किन परिस्थितियों में काम करता है और किनमें नहीं। इससे संगठनात्मक बाधाएँ भी उजागर हो जाती हैं।