Commerce - Partnership and Company Accounts: 6 MCQs with Answers
Commerce- Partnership and Company Accounts
साझेदारी लाभ-विभाजन, प्रवेश एवं मृत्यु, अंश निर्गमन एवं जब्ती, ऋणपत्र तथा कम्पनी पूँजी पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q1. ऋणपत्र पर ब्याज को आमतौर पर कंपनी के वित्तीय विवरणों में किस रूप में माना जाता है ?
Right Answer: कंपनी के मुनाफे के खिलाफ शुल्क के रूप में
ऋणपत्र कंपनी के लिए उधार ली गई पूँजी है, अंश पूँजी नहीं। इस पर देय ब्याज एक निश्चित संविदात्मक दायित्व है, जिसका भुगतान कंपनी को लाभ हो या हानि, दोनों ही स्थितियों में करना ही पड़ता है। इसीलिए इसे लाभ के विरुद्ध प्रभार माना जाता है, न कि लाभ का विनियोजन। इसे लाभ-हानि खाते के डेबिट पक्ष में दिखाया जाता है और यह कर योग्य लाभ को भी घटा देता है, जिससे कंपनी को कर-कवच का लाभ मिलता है। इसके विपरीत अंशों पर दिया जाने वाला लाभांश लाभ का विनियोजन होता है और केवल लाभ होने पर ही दिया जाता है।
Q2. चालू वर्ष के लिए प्रस्तावित लाभांश किस शीर्षक के अंतर्गत दर्शाया जाता है ?
Right Answer: आकस्मिक देनदारियाँ
कंपनी अधिनियम 2013 तथा संशोधित लेखांकन मानकों के अनुसार चालू वर्ष के लिए प्रस्तावित लाभांश को तुलन-पत्र में देयता के रूप में नहीं दिखाया जाता, क्योंकि उसकी घोषणा अभी अंशधारियों की वार्षिक आम सभा में होनी शेष रहती है। जब तक अंशधारी उसे स्वीकृत नहीं कर देते, तब तक वह कंपनी का वर्तमान दायित्व नहीं बनता। अतः इसे आकस्मिक देनदारियों के शीर्षक के अन्तर्गत टिप्पणी के रूप में प्रकट किया जाता है। स्वीकृति मिलने पर ही उस वर्ष में इसे देयता के रूप में मान्यता दी जाती है और भुगतान किया जाता है।
Q3. रमा लिमिटेड ने 10 रु० वाले 40 अंश जब्त किए जिन पर 7 रु० माँगे गए तथा अंशधारी ने 5 रु० चुका दिए थे। इनमें से 30 अंशों को 6 रु० प्रति अंश पर पुनर्निर्गमित कर दिया गया। पूँजी संचय खाते में हस्तांतरित राशि होगी :
Right Answer: 30 रु०
जब्ती के समय 40 अंशों पर अंशधारी द्वारा चुकाई गई राशि प्रति अंश 5 रुपये थी, अतः जब्ती खाते में कुल 200 रुपये गए। इनमें से 30 अंश पुनर्निर्गमित किए गए, अतः उन पर जब्ती राशि 30 गुणा 5 अर्थात् 150 रुपये होगी। पुनर्निर्गमन 6 रुपये प्रति अंश पर हुआ, जबकि अंश 10 रुपये का है, इसलिए प्रति अंश 4 रुपये की छूट दी गई और कुल छूट 30 गुणा 4 अर्थात् 120 रुपये हुई। जब्ती राशि में से यह छूट घटाने पर 150 में से 120 घटाकर 30 रुपये शेष बचते हैं, जिन्हें पूँजी संचय खाते में हस्तांतरित किया जाता है।
Q4. किसी कम्पनी के समापन की स्थिति में आरक्षित पूँजी किस पूँजी का एक भाग है ?
Right Answer: अभिदत्त पूँजी
आरक्षित पूँजी अभिदत्त पूँजी के उस अयाचित भाग को कहते हैं जिसे कंपनी विशेष प्रस्ताव पारित कर यह निर्णय ले लेती है कि वह केवल कंपनी के समापन के समय ही माँगा जाएगा। इसका उद्देश्य लेनदारों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करना है, क्योंकि समापन के समय यह राशि उपलब्ध रहती है। एक बार आरक्षित घोषित हो जाने पर इसे न तो सामान्य व्यवसाय में माँगा जा सकता है और न ही इसके विरुद्ध कोई प्रभार सृजित किया जा सकता है। इसे पूँजी संचय अथवा संचय निधि से भिन्न समझना चाहिए, क्योंकि वे लाभ से सृजित होते हैं।
Q5. A, B तथा C का पुराना लाभ-विभाजन अनुपात 3 : 2 : 1 है। D को नया साझेदार बनाया गया। तय हुआ कि C और D के बीच अनुपात वही रहेगा जो A और B के बीच है, तथा A, B और C का सापेक्ष अनुपात अपरिवर्तित रहेगा। नया अनुपात होगा :
Right Answer: 9 : 6 : 3 : 2
A तथा B के बीच का अनुपात 3 अनुपात 2 है, अतः शर्त के अनुसार C तथा D के बीच भी यही अनुपात रहेगा। मान लें C का भाग 3k तथा D का भाग 2k है। अब दूसरी शर्त यह है कि A, B एवं C का पारस्परिक अनुपात 3 अनुपात 2 अनुपात 1 ही बना रहे। चूँकि C का भाग 3k है, अतः उसी अनुपात में A का भाग 9k तथा B का भाग 6k होगा। इस प्रकार चारों साझेदारों का नया लाभ-विभाजन अनुपात 9k अनुपात 6k अनुपात 3k अनुपात 2k अर्थात् 9 : 6 : 3 : 2 प्राप्त होता है।
Q6. A, B तथा C 7 : 5 : 4 के अनुपात में लाभ बाँटते हैं। C की मृत्यु 30 जून 2022 को हुई तथा वर्ष 2021-22 का लाभ 24,000 रु० था। 1 अप्रैल 2022 से 30 जून 2022 तक की अवधि के लिए C के खाते में लाभ का कितना हिस्सा बनेगा ?
Right Answer: 1,500 रुपये
साझेदार की मृत्यु वर्ष के बीच में होने पर उसका लाभ में हिस्सा पिछले वर्ष के लाभ के आधार पर समय के अनुपात में निकाला जाता है। कुल अनुपात 7 जोड़ 5 जोड़ 4 अर्थात् 16 है, जिसमें C का भाग 4 बटा 16 यानी एक-चौथाई है। पिछले वर्ष का लाभ 24,000 रुपये था, अतः पूरे वर्ष के लिए C का हिस्सा 6,000 रुपये बनता है। किन्तु वह केवल 1 अप्रैल से 30 जून तक अर्थात् तीन माह जीवित रहा, जो वर्ष का एक-चौथाई है। इसलिए 6,000 का एक-चौथाई अर्थात् 1,500 रुपये उसके खाते में जमा किए जाएँगे।