Commerce - Financial Statement Analysis: 5 MCQs with Answers
Commerce- Financial Statement Analysis
अनुपात विश्लेषण, तरलता एवं लाभप्रदता अनुपात तथा वित्तीय विवरणों की व्याख्या पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q1. चालू अनुपात 2.5 : 1, तरल अनुपात 1.25 : 1, स्कंध 21 लाख रु०, तथा बैंक ओवरड्राफ्ट एवं पूर्वदत्त व्यय शून्य हैं। कंपनी के चालू दायित्व ज्ञात कीजिए :
Right Answer: 16,80,000 रु०
चालू अनुपात 2.5 अनुपात 1 है, अतः चालू सम्पत्तियाँ चालू दायित्वों की ढाई गुना हैं। तरल अनुपात 1.25 अनुपात 1 है, अतः तरल सम्पत्तियाँ चालू दायित्वों की सवा गुना हैं। यहाँ पूर्वदत्त व्यय शून्य हैं, इसलिए स्कंध चालू सम्पत्तियों तथा तरल सम्पत्तियों का अन्तर होगा, अर्थात् 2.5 में से 1.25 घटाने पर 1.25 गुना चालू दायित्व। यह मान 21,00,000 रुपये दिया गया है। अतः चालू दायित्व 21,00,000 को 1.25 से भाग देने पर 16,80,000 रुपये प्राप्त होते हैं।
Q2. एक कंपनी का शुद्ध लाभ मार्जिन 5% है, कुल संपत्ति 90,00,000 रुपये है और संपत्ति पर रिटर्न 9% है। इसका कुल संपत्ति कारोबार अनुपात होगा :
Right Answer: 1.8
संपत्ति पर प्रतिफल, शुद्ध लाभ मार्जिन तथा कुल संपत्ति कारोबार अनुपात के बीच ड्यूपॉन्ट विश्लेषण के अनुसार यह सम्बन्ध होता है — संपत्ति पर प्रतिफल बराबर शुद्ध लाभ मार्जिन गुणा कुल संपत्ति कारोबार अनुपात। प्रश्न में संपत्ति पर प्रतिफल 9 प्रतिशत तथा शुद्ध लाभ मार्जिन 5 प्रतिशत दिया गया है। अतः कुल संपत्ति कारोबार अनुपात 9 को 5 से भाग देने पर 1.8 प्राप्त होता है। इसका अर्थ है कि कंपनी अपनी कुल संपत्तियों के मूल्य का 1.8 गुना विक्रय उत्पन्न कर रही है, जो संपत्तियों के उपयोग की कार्यकुशलता दर्शाता है।
Q3. उद्योग के औसत की तुलना में किसी संगठन द्वारा प्राप्त .............. सकल लाभ अनुपात, अपेक्षाकृत कम लागत पर उत्पादन करने के सफल प्रयास को इंगित करता है।
Right Answer: उच्च
सकल लाभ अनुपात सकल लाभ तथा शुद्ध विक्रय के बीच का प्रतिशत सम्बन्ध है और यह उत्पादन एवं क्रय की कार्यकुशलता को मापता है। यदि किसी संगठन का यह अनुपात उद्योग के औसत से उच्च हो, तो इसका अर्थ है कि वह अपेक्षाकृत कम लागत पर उत्पादन करने में सफल रहा है, अथवा उसे बेहतर विक्रय मूल्य प्राप्त हो रहा है। इससे उसकी प्रतिस्पर्धी स्थिति मजबूत होती है, क्योंकि संचालन व्यय वहन करने के बाद भी उसके पास पर्याप्त अधिशेष बचता है। निम्न अनुपात ऊँची उत्पादन लागत अथवा अकुशल क्रय नीति का संकेत देता है।
Q4. निम्न में से कौन-सा अनुपात विश्लेषण का उद्देश्य नहीं है ?
Right Answer: प्रभावी निर्देशन
अनुपात विश्लेषण वित्तीय विवरणों की व्याख्या का एक महत्त्वपूर्ण उपकरण है। इसके प्रमुख उद्देश्यों में वर्षों की तुलना कर प्रवृत्ति स्पष्ट करना, विभिन्न मदों में हुए परिवर्तनों को उजागर करना, तथा एक ही उद्योग की फर्मों के बीच अन्तः-फर्म तुलना करना सम्मिलित है। इसके अतिरिक्त यह तरलता, शोधन क्षमता एवं लाभप्रदता का मूल्यांकन भी करता है। ‘प्रभावी निर्देशन’ प्रबंध का एक स्वतंत्र कार्य है, जिसमें नेतृत्व, अभिप्रेरणा एवं पर्यवेक्षण आते हैं; यह अनुपात विश्लेषण का उद्देश्य नहीं है।
Q5. कौन-सा अनुपात व्यवसाय में निवेश किए गए कुल निधि (फंड) में मालिकों के निधि (फंड) के अनुपात को दर्शाता है ?
Right Answer: इक्विटी अनुपात
इक्विटी अनुपात, जिसे स्वामित्व अनुपात अथवा प्रोप्राइटरी अनुपात भी कहा जाता है, यह दर्शाता है कि व्यवसाय में निवेश किए गए कुल निधि में स्वामियों के निधि का अनुपात कितना है। इसे स्वामियों के कोष को कुल सम्पत्तियों अथवा कुल निधि से भाग देकर निकाला जाता है। इसका ऊँचा मान यह बताता है कि व्यवसाय बाह्य ऋणों पर कम निर्भर है, अतः उसकी दीर्घकालीन वित्तीय स्थिति सुदृढ़ एवं लेनदारों के लिए सुरक्षित है। इसके विपरीत ऋण-इक्विटी अनुपात बाह्य ऋण तथा स्वामियों के कोष का सम्बन्ध बताता है और उत्तोलन की मात्रा दर्शाता है।