Commerce - Business Management and HRM: 16 MCQs with Answers
Commerce- Business Management and HRM
प्रबंध के सिद्धांत, नेतृत्व, अभिप्रेरणा, संचार, भर्ती एवं चयन तथा प्रशिक्षण पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q1. निम्नलिखित में से कौन - सा ‘एकल उपयोग योजना’ नहीं है ?
Right Answer: नीति
योजनाओं को उनके उपयोग की आवृत्ति के आधार पर दो वर्गों में बाँटा जाता है। एकल उपयोग योजनाएँ किसी एक विशिष्ट उद्देश्य अथवा परिस्थिति के लिए बनाई जाती हैं और उद्देश्य पूरा होते ही समाप्त हो जाती हैं; कार्यक्रम, परियोजना तथा बजट इसी श्रेणी में आते हैं। इसके विपरीत स्थायी योजनाएँ बार-बार आने वाली परिस्थितियों में मार्गदर्शन देती हैं और दीर्घकाल तक प्रयोग में आती रहती हैं। नीति एक स्थायी योजना है, क्योंकि वह निर्णय लेने के लिए सामान्य दिशानिर्देश प्रस्तुत करती है। उद्देश्य, कार्यविधि तथा नियम भी स्थायी योजनाएँ हैं।
Q2. प्रेषक द्वारा सूचना में हेरा-फेरी करना ताकि प्राप्तकर्ता को यह अधिक अनुकूल लगे, इसे कहा जाता है :
Right Answer: छनन
छनन अर्थात् फिल्टरिंग संचार की एक प्रमुख बाधा है, जिसमें प्रेषक जानबूझकर सूचना में हेरा-फेरी करता है ताकि वह प्राप्तकर्ता को अधिक अनुकूल एवं स्वीकार्य लगे। संगठनों में यह प्रायः तब होता है जब अधीनस्थ अपने वरिष्ठ को केवल अच्छी खबर बताते हैं और प्रतिकूल तथ्य छिपा या हल्का कर देते हैं। संगठन में जितने अधिक ऊर्ध्वाधर स्तर होंगे, छनन की सम्भावना उतनी ही बढ़ जाती है। इसके विपरीत सूचना अधिभार तब होता है जब सूचना व्यक्ति की प्रसंस्करण क्षमता से अधिक हो जाए, और संचार आशंका संवाद के प्रति अनुचित तनाव एवं भय को कहते हैं।
Q3. प्रत्याशा सिद्धांत के अनुसार, ‘किसी दिए गए कार्य को करने वाले व्यक्ति द्वारा अनुभव की जाने वाली संभाव्यता प्रयासों की मात्रा ही निष्पादन की ओर ले जाती है’, को कहा जाता है :
Right Answer: प्रयास-प्रदर्शन संबंध
विक्टर व्रूम के प्रत्याशा सिद्धांत के अनुसार अभिप्रेरणा तीन सम्बन्धों पर निर्भर करती है। प्रयास-प्रदर्शन सम्बन्ध वह सम्भाव्यता है जिसे व्यक्ति यह मानते हुए अनुभव करता है कि एक निश्चित मात्रा में प्रयास लगाने से अपेक्षित निष्पादन प्राप्त हो जाएगा। प्रदर्शन-पुरस्कार सम्बन्ध वह विश्वास है कि निर्धारित स्तर पर निष्पादन करने से वांछित पुरस्कार अवश्य मिलेगा। पुरस्कार-व्यक्तिगत लक्ष्य सम्बन्ध यह बताता है कि मिलने वाला पुरस्कार व्यक्ति की अपनी आवश्यकताओं को कितना संतुष्ट करता है। तीनों प्रबल हों तभी अभिप्रेरणा उच्च होती है।
Q4. एक उद्यमी जो नवाचार पसंद करता है और किसी नई या रचनात्मक चीज पर काम करने का आनंद लेता है, उसे कहा जाता है :
Right Answer: आदर्शवादी
उद्यमियों के व्यक्तित्व-प्रकारों के वर्गीकरण में ‘आदर्शवादी’ वह उद्यमी है जिसे नवाचार पसंद होता है और जो किसी नई अथवा रचनात्मक वस्तु पर कार्य करने में आनन्द अनुभव करता है। ऐसे उद्यमी विचार एवं कल्पना से संचालित होते हैं और प्रायः किसी बड़े उद्देश्य से प्रेरित रहते हैं, यद्यपि नित्य की प्रशासनिक एवं वित्तीय बारीकियों में उनकी रुचि कम होती है। इसके विपरीत ‘ऑप्टिमाइजर’ व्यवस्था सुधारने में, ‘एनालिस्ट’ समस्या के व्यवस्थित विश्लेषण में तथा ‘फायर-बॉल’ अपनी ऊर्जा, उत्साह एवं तीव्र गति से कार्य करने में विश्वास रखता है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन-सा आंतरिक भर्ती स्रोत नहीं है ?
Right Answer: कार्यकारी खोज फर्म
भर्ती के स्रोत आन्तरिक तथा बाह्य दो प्रकार के होते हैं। आन्तरिक स्रोतों में पदोन्नति, स्थानान्तरण, वर्तमान कर्मचारियों की सिफारिशें तथा कर्मचारी रेफरल सम्मिलित हैं, क्योंकि इनमें रिक्ति संगठन के भीतर से अथवा उसके कर्मचारियों के माध्यम से भरी जाती है। इनसे मनोबल बढ़ता है, लागत घटती है और चयन का जोखिम कम रहता है। कार्यकारी खोज फर्म अर्थात् एग्जीक्यूटिव सर्च फर्म एक बाह्य स्रोत है, जिसे प्रायः ‘हेड हंटर’ कहा जाता है और जो उच्च प्रबंधकीय पदों के लिए बाहर से उपयुक्त प्रतिभा खोजकर लाती है।
Q6. हेनरी फेयोल थे :
Right Answer: फ्रेंच उद्योगपति
हेनरी फेयोल फ्रांसीसी खनन इंजीनियर एवं उद्योगपति थे, जिन्हें आधुनिक प्रबंध सिद्धांत का जनक कहा जाता है। वे कोमैम्बॉल्ट नामक कोयला-इस्पात कंपनी के प्रबंध निदेशक रहे और उन्होंने अपने व्यावहारिक अनुभव के आधार पर 1916 में ‘एडमिनिस्ट्रेशन इंडस्ट्रियल एट जनरल’ नामक कृति लिखी। उन्होंने प्रबंध के चौदह सिद्धांत तथा प्रबंध के पाँच कार्य — नियोजन, संगठन, समादेश, समन्वय एवं नियंत्रण — प्रतिपादित किए। इसके विपरीत एफ० डब्ल्यू० टेलर अमेरिकी थे और वैज्ञानिक प्रबंध के जनक माने जाते हैं, जबकि मैक्स वेबर जर्मन समाजशास्त्री थे।
Q7. एक नेतृत्व शैली जो नेताओं के स्वयं के हित से परे जाकर और इसके बजाय अनुयायियों को बढ़ने और विकसित करने में मदद करने के अवसरों पर ध्यान केंद्रित करती है, कहलाती है :
Right Answer: सेवक नेतृत्व
सेवक नेतृत्व की अवधारणा रॉबर्ट ग्रीनलीफ ने दी। यह नेतृत्व शैली नेता के अपने हित एवं महत्त्वाकांक्षा से परे जाकर इस बात पर ध्यान केन्द्रित करती है कि अनुयायियों को बढ़ने, विकसित होने तथा अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुँचने के अवसर कैसे दिए जाएँ। ऐसा नेता पहले सेवा करता है और फिर नेतृत्व करता है; वह सुनने, सहानुभूति, संरक्षकत्व एवं समुदाय-निर्माण को प्राथमिकता देता है। इसके विपरीत आकर्षक नेतृत्व नेता के व्यक्तिगत प्रभामंडल पर टिका होता है और परिस्थितिजन्य नेतृत्व अनुयायियों की परिपक्वता के अनुसार शैली बदलने की बात करता है।
Q8. भारतीय कंपनियों द्वारा अपनाए जाने वाले व्यवसाय लोकाचार सिद्धान्त जिसमें एक व्यक्ति को इस प्रकार प्रशिक्षित किया जाता है कि वह संघर्षों और घर्षण से बच सके, इस सिद्धांत को कहा जाता है :
Right Answer: ‘सद्भाव’ का सिद्धांत
भारतीय कंपनियों द्वारा अपनाए जाने वाले व्यवसाय लोकाचार में ‘सद्भाव’ का सिद्धांत अत्यन्त महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इसके अन्तर्गत व्यक्ति को इस प्रकार प्रशिक्षित किया जाता है कि वह संघर्ष एवं घर्षण की स्थितियों से बचे तथा सहकर्मियों, ग्राहकों एवं समाज के साथ मैत्रीपूर्ण एवं सहयोगपूर्ण सम्बन्ध बनाए रखे। इसका दार्शनिक आधार भारतीय चिन्तन की वह दृष्टि है जो सम्पूर्ण सृष्टि को परस्पर जुड़ा हुआ मानती है, अतः दूसरों के अहित में अपना हित सम्भव नहीं। इससे संगठन में टीम भावना, मनोबल तथा दीर्घकालीन स्थायित्व बढ़ता है।
Q9. ADDIE मॉडल में, 'A' का अर्थ है :
Right Answer: एनैलाइज़
ADDIE प्रशिक्षण एवं अनुदेशात्मक अभिकल्प का सर्वाधिक प्रचलित प्रतिरूप है और इसके पाँच अक्षर पाँच क्रमिक चरणों को दर्शाते हैं। इसमें ‘A’ का अर्थ है एनैलाइज़ अर्थात् विश्लेषण, जिसमें प्रशिक्षण की आवश्यकता, शिक्षार्थियों की विशेषताएँ तथा अपेक्षित परिणाम निर्धारित किए जाते हैं। इसके बाद डिजाइन में उद्देश्य एवं रणनीति तय होती है, डेवलप में वास्तविक सामग्री बनाई जाती है, इम्प्लीमेंट में प्रशिक्षण दिया जाता है और इवैल्युएट में उसकी प्रभावशीलता आँकी जाती है। मूल्यांकन प्रत्येक चरण के साथ सतत रूप से भी चलता रहता है।
Q10. आमने-सामने की बातचीत किसका उदाहरण है ?
Right Answer: उच्च चैनल समृद्धि
चैनल समृद्धि से तात्पर्य किसी संचार माध्यम की उस क्षमता से है जिससे वह एक ही समय में अनेक संकेत सम्प्रेषित कर सके, तत्काल प्रतिपुष्टि दे सके और व्यक्तिगत स्पर्श बनाए रख सके। आमने-सामने की बातचीत उच्चतम चैनल समृद्धि का उदाहरण है, क्योंकि इसमें शब्दों के साथ-साथ स्वर, हाव-भाव, मुद्रा एवं नेत्र-सम्पर्क भी संदेश पहुँचाते हैं और गलतफहमी तत्क्षण दूर की जा सकती है। इसके विपरीत सामान्य पत्र, परिपत्र अथवा सूचना-पट निम्न समृद्धि वाले माध्यम हैं। जटिल एवं अस्पष्ट संदेशों के लिए समृद्ध माध्यम ही उपयुक्त होते हैं।