History: 201 MCQs with Answers

History MCQ Questions and Answers - India Study Institute
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History MCQ Questions and Answers

India Study Institute provides History MCQ Questions and Answers for HTET / HSSC / HCS / KVS / REET / UPTET and other TET Exams. Attempt History MCQ Questions. History MCQ Questions and Answers - India Study Institute. 

इतिहास से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न — प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक भारत तथा विश्व इतिहास।

Other Exam Papers:

Q141. ‘‘ 1857 दी ग्रेट रिबेलियन’’ पुस्तक किसने लिखी ?

Right Answer: अशोक मेहता


Explanation:

‘1857 : द ग्रेट रिबेलियन’ के लेखक अशोक मेहता हैं, जिन्होंने 1857 की घटना को केवल सैनिक विद्रोह न मानकर एक व्यापक जनविद्रोह के रूप में देखा। इस विषय पर भिन्न-भिन्न दृष्टिकोण प्रस्तुत हुए हैं। डॉ० एस० एन० सेन ने सरकार के आग्रह पर ‘एटीन फिफ्टी सेवन’ लिखी और कहा कि जो आरम्भ में धार्मिक संघर्ष था वह अन्ततः स्वतंत्रता संग्राम बन गया। आर० सी० मजूमदार ने इसे न प्रथम, न राष्ट्रीय और न ही स्वतंत्रता संग्राम कहा। वी० डी० सावरकर ने इसे भारत का प्रथम स्वातंत्र्य समर घोषित किया।

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Q142. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही विकल्प चुनिए :

A. सेदोवा का युद्ध
B. विलफ्रेंका की सन्धि
C. ज्यूरिख की सन्धि
D. प्लेम्बियर्स समझौता

Right Answer: D, B, C, A


Explanation:

इटली के एकीकरण की इन घटनाओं का सही क्रम इस प्रकार है। प्लेम्बियर्स समझौता जुलाई 1858 में कावूर तथा नेपोलियन तृतीय के बीच गुप्त रूप से हुआ, जिसमें ऑस्ट्रिया के विरुद्ध फ्रांसीसी सहायता तय हुई। जुलाई 1859 में नेपोलियन तृतीय ने सार्डिनिया को बीच में छोड़कर ऑस्ट्रिया से विलफ्रेंका की सन्धि कर ली, जिससे कावूर ने क्षुब्ध होकर त्यागपत्र दे दिया। नवम्बर 1859 की ज्यूरिख की सन्धि ने इसी समझौते को औपचारिक रूप दिया, जिससे लोम्बार्डी सार्डिनिया को मिला। 1866 के सेदोवा युद्ध में प्रशा की विजय के बाद इटली को वेनेशिया प्राप्त हुआ।

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Q143. निम्नांकित में से ‘‘आत्मीय सभा’’ के संस्थापक कौन थे ?

Right Answer: राजा राम मोहन रॉय


Explanation:

आत्मीय सभा की स्थापना राजा राम मोहन रॉय ने 1815 में कलकत्ता में की। यह उनके धार्मिक एवं सामाजिक सुधार प्रयासों की पहली संगठित अभिव्यक्ति थी, जिसमें एकेश्वरवाद पर विचार-विमर्श होता था और मूर्तिपूजा, जातिभेद तथा अन्धविश्वासों की आलोचना की जाती थी। इसकी बैठकों में उपनिषदों के पाठ एवं भजन होते थे। आगे चलकर 1828 में उन्होंने ब्रह्म समाज की स्थापना की, जो भारतीय नवजागरण की सबसे प्रभावशाली संस्था बनी। सती प्रथा के उन्मूलन में उनकी भूमिका निर्णायक रही। आत्माराम पाण्डुरंग ने प्रार्थना समाज तथा दयानन्द ने आर्य समाज की स्थापना की।

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Q144. 9 दिसम्बर 1946 ई० को निम्नांकित में से संविधान सभा के कार्यकारी अध्यक्ष कौन थे ?

Right Answer: सच्चिदानन्द सिन्हा


Explanation:

संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसम्बर 1946 को नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन हॉल में हुई, जिसमें सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के नाते डॉ० सच्चिदानन्द सिन्हा को अस्थायी अथवा कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। यह परम्परा फ्रांसीसी प्रथा से ली गई थी। मुस्लिम लीग ने इस बैठक का बहिष्कार किया। दो दिन बाद 11 दिसम्बर 1946 को डॉ० राजेन्द्र प्रसाद को सभा का स्थायी अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। डॉ० भीमराव अम्बेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष बने तथा बी० एन० राव संवैधानिक सलाहकार नियुक्त हुए।

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Q145. निम्नांकित में से किनके मध्य सुर्जी - अर्जनगाँव की सन्धि हुई ?

Right Answer: अंग्रेज और सिन्धिया


Explanation:

सुर्जी-अर्जनगाँव की सन्धि 30 दिसम्बर 1803 को अंग्रेजों तथा दौलतराव सिन्धिया के बीच हुई। यह द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध का परिणाम थी, जिसमें आर्थर वेलेजली ने असई तथा अर्गाँव के युद्धों में और लेक ने दिल्ली एवं लासवाड़ी में सिन्धिया को पराजित किया था। सन्धि के अनुसार सिन्धिया ने गंगा-यमुना दोआब, दिल्ली-आगरा का क्षेत्र, अहमदनगर तथा भड़ौच अंग्रेजों को सौंप दिए और अपने दरबार में ब्रिटिश रेजीडेंट रखना स्वीकार किया। इससे मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय भी अंग्रेजी संरक्षण में आ गया। भोंसले ने देवगाँव की सन्धि की थी।

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Q146. किसने कहा था, ‘‘धन निष्कासन सभी बुराइयों की बुराई’’ है ?

Right Answer: दादाभाई नौरोजी


Explanation:

‘धन का निष्कासन सभी बुराइयों की बुराई है’ यह कथन दादाभाई नौरोजी का है, जिन्हें भारत का वयोवृद्ध पुरुष कहा जाता है। उन्होंने 1867 में यह सिद्धान्त प्रस्तुत किया और 1901 में प्रकाशित अपनी कृति ‘पॉवर्टी एण्ड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया’ में इसे विस्तार से समझाया। उनके अनुसार भारत की सम्पदा का एक बड़ा भाग गृह-व्यय, ब्रिटिश अधिकारियों के वेतन-पेंशन, सैन्य व्यय तथा पूँजी पर ब्याज के रूप में बिना किसी प्रतिफल के इंग्लैण्ड चला जाता था, और यही भारतीय निर्धनता का मूल कारण था। आर० सी० दत्त तथा रानाडे ने इस विश्लेषण को आगे बढ़ाया।

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Q147. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही विकल्प चुनिए :

सूची-I
A. सोमप्रकाश
B. इण्डियन मिरर
C. युगान्तर
D. नेटिव ओपिनियन

सूची-II
(i) वी० एन० मण्डलिक
(ii) देवेन्द्रनाथ टैगोर
(iii) ईश्वरचन्द्र विद्यासागर
(iv) वारिन्द्र घोष

Right Answer: (A)-(iii), (B)-(ii), (C)-(iv), (D)-(i)


Explanation:

‘सोमप्रकाश’ बांग्ला साप्ताहिक 1858 में ईश्वरचन्द्र विद्यासागर की प्रेरणा से आरम्भ हुआ और इसने विधवा पुनर्विवाह तथा स्त्री-शिक्षा का प्रबल समर्थन किया। ‘इण्डियन मिरर’ देवेन्द्रनाथ टैगोर से जुड़ा ब्रह्म समाज का अंग्रेजी पत्र था, जो भारत का प्रथम अंग्रेजी दैनिक बना। ‘युगान्तर’ 1906 में बारिन्द्र कुमार घोष एवं भूपेन्द्रनाथ दत्त ने निकाला और यह बंगाल के क्रान्तिकारी आन्दोलन का मुखपत्र था। ‘नेटिव ओपिनियन’ बम्बई से वी० एन० मण्डलिक ने प्रकाशित किया, जो उदारवादी सुधारों का समर्थक था। ये चारों पत्र उन्नीसवीं शताब्दी के भारतीय नवजागरण तथा राष्ट्रीय चेतना के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रमुख माध्यम रहे।

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Q148. निम्नलिखित विद्वानों में से किसने कहा कि स्थायी बन्दोबस्त दुखदायी व भारी भूल थी ?

Right Answer: टी० आर० होम्स


Explanation:

स्थायी बन्दोबस्त 1793 में लॉर्ड कार्नवालिस ने बंगाल, बिहार एवं उड़ीसा में लागू किया, जिसमें जमींदारों को भूमि का स्थायी स्वामी मानकर लगान की राशि सदा के लिए निश्चित कर दी गई। टी० आर० होम्स जैसे विद्वानों ने इसे दुखदायी एवं भारी भूल बताया, क्योंकि इससे सरकार बढ़ती हुई कृषि आय में हिस्सेदारी से वंचित रह गई, वास्तविक कृषक अपने परम्परागत अधिकार खो बैठा और उस पर बिचौलियों की लम्बी शृंखला बोझ बन गई। सूर्यास्त नियम के कारण अनेक पुराने जमींदार भी उजड़ गए और भूमि सट्टेबाजी की वस्तु बन गई।

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Q149. ब्रिटिश बोअर संघर्ष में बोअरों का नेतृत्व किसने किया ?

Right Answer: पॉल क्रूगर


Explanation:

दक्षिण अफ्रीका में डच मूल के बसने वाले बोअर कहलाते थे, जिन्होंने ट्रांसवाल तथा ऑरेंज फ्री स्टेट नामक गणराज्य बनाए। इन क्षेत्रों में सोने एवं हीरे की खोज के बाद ब्रिटिश साम्राज्यवाद की दृष्टि इन पर पड़ी और 1899 से 1902 तक द्वितीय बोअर युद्ध चला। बोअरों का नेतृत्व ट्रांसवाल के राष्ट्रपति पॉल क्रूगर ने किया, जिन्हें ‘ओम पॉल’ कहा जाता था। ब्रिटिश पक्ष में सेसिल रोड्स, अल्फ्रेड मिलनर तथा लॉर्ड किचनर प्रमुख रहे। इसी युद्ध में अंग्रेजों ने कुख्यात यातना शिविरों का प्रयोग किया और महात्मा गाँधी ने भारतीय एम्बुलेंस दल का संगठन किया।

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Q150. जापान में टोक्यो विश्वविद्यालय की स्थापना किस वर्ष की गई ?

Right Answer: 1877 ई०


Explanation:

जापान में टोक्यो विश्वविद्यालय की स्थापना 1877 में हुई और यह जापान का प्रथम आधुनिक राष्ट्रीय विश्वविद्यालय था। 1868 की मेइजी पुनर्स्थापना के बाद जापान ने पश्चिमी विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं संस्थाओं को तेजी से अपनाया, जिसके अन्तर्गत 1872 में अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा लागू की गई। इसी आधुनिकीकरण अभियान की कड़ी के रूप में पूर्ववर्ती शोगुनकालीन संस्थानों को मिलाकर टोक्यो विश्वविद्यालय बनाया गया, जिसमें विधि, विज्ञान, साहित्य तथा चिकित्सा के संकाय थे। इसने जापान के लिए आधुनिक प्रशासक, वैज्ञानिक एवं अभियन्ता तैयार किए।

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Q151. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही विकल्प चुनिए :

सूची-I
A. इलाहाबाद की संधि
B. मद्रास की संधि
C. मैंगलोर की संधि
D. श्रीरंगपट्टम की संधि

सूची-II
(i) 1792 ई०
(ii) 1765 ई०
(iii) 1784 ई०
(iv) 1769 ई०

Right Answer: (A)-(ii), (B)-(iv), (C)-(iii), (D)-(i)


Explanation:

इलाहाबाद की संधि 1765 में बक्सर युद्ध के बाद क्लाइव ने शाह आलम द्वितीय तथा शुजाउद्दौला से की, जिससे कम्पनी को बंगाल, बिहार एवं उड़ीसा की दीवानी मिली। मद्रास की संधि 1769 में प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध के अन्त में हैदर अली से हुई और इसमें विजित प्रदेश लौटाकर पारस्परिक सहायता तय हुई। मैंगलोर की संधि 1784 में द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध के बाद टीपू सुल्तान से हुई। श्रीरंगपट्टम की संधि 1792 में तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध के बाद हुई, जिसमें टीपू को आधा राज्य तथा भारी युद्ध-क्षतिपूर्ति देनी पड़ी और दो पुत्र बन्धक रखने पड़े।

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Q152. किस सन्धि के द्वारा द्वितीय अफीम युद्ध समाप्त हुआ ?

Right Answer: बीजिंग (पीकिंग) समझौता


Explanation:

द्वितीय अफीम युद्ध 1856 से 1860 तक चीन तथा ब्रिटेन एवं फ्रांस की संयुक्त सेनाओं के बीच लड़ा गया और इसका अन्त 1860 के बीजिंग अर्थात् पीकिंग समझौते से हुआ। इसके अनुसार चीन ने कॉउलून प्रायद्वीप ब्रिटेन को सौंपा, तिन्तसिन को व्यापार हेतु खोला, अफीम व्यापार को वैध किया, ईसाई मिशनरियों को स्वतंत्रता दी तथा भारी क्षतिपूर्ति चुकाई। 1858 की तिन्तसिन की सन्धि युद्ध के मध्य हुई थी, जिसे चीन ने अनुसमर्थित नहीं किया, इसलिए संघर्ष पुनः भड़का। नानकिंग की सन्धि 1842 में प्रथम अफीम युद्ध के बाद हुई थी।

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Q153. यूरोपीय सामन्तवाद में राजा द्वारा सामन्तों को दी जाने वाली भूमि (जागीर) को कहा जाता था :

Right Answer: फीफ


Explanation:

यूरोपीय सामन्तवाद की व्यवस्था में राजा अथवा बड़ा स्वामी अपने अधीनस्थ सामन्त को जो भूमि अथवा जागीर प्रदान करता था, उसे फीफ कहा जाता था। बदले में सामन्त उसे सैन्य सेवा, निश्चित संख्या में घुड़सवार तथा परामर्श देने का वचन देता था। इस सम्बन्ध को स्थापित करने के लिए दो औपचारिक अनुष्ठान होते थे — होमेज, जिसमें सामन्त घुटनों के बल बैठकर स्वयं को स्वामी का व्यक्ति घोषित करता था, और फिडेलिटी, जिसमें वह निष्ठा की शपथ लेता था। इससे भिन्न एलोडियम वह भूमि थी जिस पर किसी स्वामी का कोई दावा नहीं होता था।

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Q154. हाइरोग्लाफिक लिपि सम्बन्धित है :

Right Answer: प्राचीन मिस्र


Explanation:

हाइरोग्लाफिक लिपि प्राचीन मिस्र की चित्रात्मक लेखन प्रणाली थी, जिसका प्रयोग लगभग ईसा पूर्व 3200 से मन्दिरों, स्मारकों तथा मकबरों के अभिलेखों में हुआ। इसमें चित्र-संकेत कभी वस्तु का, कभी ध्वनि का और कभी अर्थ-निर्धारक का काम करते थे। उन्नीसवीं शताब्दी तक यह लिपि अपठनीय रही, किन्तु नेपोलियन के मिस्र अभियान के दौरान मिली रोसेटा शिला के आधार पर फ्रांसीसी विद्वान ज्याँ फ्रांस्वा शाम्पोलियों ने 1822 में इसे पढ़ने में सफलता पाई। मेसोपोटामिया की लिपि कीलाक्षर अर्थात् क्यूनिफॉर्म कहलाती थी।

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Q155. मानव के प्रारम्भिक विकासकाल को इस नाम से भी जाना जाता है :

Right Answer: प्रागैतिहासिक काल


Explanation:

मानव के प्रारम्भिक विकासकाल को प्रागैतिहासिक काल कहा जाता है। यह वह सुदीर्घ अवधि है जिसके विषय में कोई लिखित साक्ष्य उपलब्ध नहीं है, क्योंकि तब तक लिपि का आविष्कार नहीं हुआ था। इस काल का समस्त ज्ञान पाषाण उपकरणों, अस्थि-अवशेषों, गुफा-चित्रों तथा मृद्भाण्डों जैसे पुरातात्त्विक साक्ष्यों से ही प्राप्त होता है। इसे उपकरण-प्रौद्योगिकी के आधार पर पुरापाषाण, मध्यपाषाण तथा नवपाषाण कालों में बाँटा जाता है। जिस काल के लेख तो मिलते हैं किन्तु पढ़े नहीं जा सके, उसे आद्य-ऐतिहासिक काल कहा जाता है।

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Q156. सिन्ध के राजा दाहिर और मुहम्मद बिन कासिम के मध्य लड़े गए प्रसिद्ध युद्ध का नाम बताइए :

Right Answer: रावर


Explanation:

सिन्ध के ब्राह्मण शासक राजा दाहिर तथा उमय्यद सेनापति मुहम्मद बिन कासिम के बीच निर्णायक युद्ध 712 ईस्वी में रावर के मैदान में सिन्धु नदी के तट पर लड़ा गया। इसी युद्ध में दाहिर वीरगति को प्राप्त हुआ और सिन्ध पर अरबों का अधिकार हो गया। इससे पूर्व मुहम्मद बिन कासिम देवल तथा सेहवान जीत चुका था और रावर के बाद उसने ब्राह्मणाबाद तथा मुल्तान पर अधिकार किया। यह अभियान इराक के गवर्नर हज्जाज बिन युसुफ के निर्देश पर हुआ था। भारत में यह प्रथम सफल अरब आक्रमण था, यद्यपि इसका राजनीतिक प्रभाव सीमित रहा।

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Q157. निम्न में से कौन - सा भवन फतेहपुर सीकरी में अवस्थित नहीं है ?

Right Answer: जहाँगीरी महल


Explanation:

फतेहपुर सीकरी की स्थापना अकबर ने 1571 में शेख सलीम चिश्ती के सम्मान में की और लगभग पन्द्रह वर्ष तक यह मुगल राजधानी रही। यहाँ लाल बलुआ पत्थर से बने बुलन्द दरवाजा, पंचमहल, दीवान-ए-खास, जोधाबाई महल, बीरबल का मकान, तुर्की सुल्ताना की कोठी तथा सलीम चिश्ती का मकबरा प्रमुख भवन हैं। जहाँगीरी महल इनमें सम्मिलित नहीं है, क्योंकि वह आगरा के लाल किले में स्थित है। अकबर ने उसे अपने पुत्र सलीम अर्थात् जहाँगीर के लिए बनवाया था और उसकी वास्तुकला में राजपूत शैली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है।

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Q158. बौद्ध संघ में प्रवेश को कहा जाता था :

Right Answer: प्रव्रज्जा


Explanation:

बौद्ध संघ में प्रवेश की प्रक्रिया को प्रव्रज्या कहा जाता था, जिसका शाब्दिक अर्थ है घर छोड़कर आगे बढ़ जाना। इसके पश्चात् व्यक्ति श्रामणेर अर्थात् नवदीक्षित बनता था। पूर्ण भिक्षु बनने के लिए आगे चलकर उपसम्पदा नामक उच्च दीक्षा दी जाती थी, जिसके लिए न्यूनतम आयु बीस वर्ष निर्धारित थी। पातिमोक्ख भिक्षुओं के लिए बनाए गए आचार-नियमों की संहिता थी, जिसका पाठ प्रत्येक पक्ष के अन्त में होता था, और उपोसथ वह सामूहिक सभा थी जिसमें भिक्षु एकत्र होकर अपने दोषों की स्वीकारोक्ति करते थे।

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Q159. निम्न में से किसने ‘‘वीर सिंह देव चरित्र’’ एवं ‘‘जहाँगीर जसचन्द्रिका’’ की रचना की थी ?

Right Answer: कवि केशवदास


Explanation:

‘वीरसिंह देव चरित्र’ तथा ‘जहाँगीर जसचन्द्रिका’ की रचना रीतिकाल के आचार्य कवि केशवदास ने की। वे ओरछा के बुन्देला शासक इन्द्रजीत सिंह तथा वीरसिंह देव के दरबारी कवि थे। ‘वीरसिंह देव चरित्र’ में उन्होंने अपने आश्रयदाता वीरसिंह देव के जीवन एवं पराक्रम का वर्णन किया, जबकि ‘जहाँगीर जसचन्द्रिका’ मुगल बादशाह जहाँगीर की प्रशस्ति में लिखी गई। केशवदास की सर्वाधिक प्रसिद्ध कृतियाँ ‘रसिकप्रिया’ तथा ‘कविप्रिया’ हैं, जिनके कारण उन्हें हिन्दी का प्रथम आचार्य कवि माना जाता है। ‘रामचन्द्रिका’ भी उनकी उल्लेखनीय रचना है, जिसमें राम-कथा का अलंकारप्रधान वर्णन मिलता है।

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Q160. ‘एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति’ निम्नलिखित प्राचीन ग्रन्थों में से किस ग्रन्थ में उपरोक्त वक्तव्य का उल्लेख मिलता है ?

Right Answer: ऋग्वेद


Explanation:

‘एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति’ यह प्रसिद्ध सूक्ति ऋग्वेद के प्रथम मण्डल के 164वें सूक्त में आती है। इसका अर्थ है कि सत्य एक ही है, विद्वान उसे अनेक नामों से पुकारते हैं। यह वाक्य भारतीय चिन्तन की उस उदार एवं समन्वयवादी दृष्टि का प्रतीक माना जाता है जो विविध उपासना-पद्धतियों को एक ही परम सत्य तक पहुँचने के भिन्न मार्ग मानती है। ऋग्वेद चारों वेदों में प्राचीनतम है, इसमें दस मण्डल तथा लगभग एक हजार अट्ठाईस सूक्त हैं और यह मुख्यतः देवताओं की स्तुति से सम्बद्ध है।

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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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