History: 201 MCQs with Answers

History MCQ Questions and Answers - India Study Institute
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History MCQ Questions and Answers

India Study Institute provides History MCQ Questions and Answers for HTET / HSSC / HCS / KVS / REET / UPTET and other TET Exams. Attempt History MCQ Questions. History MCQ Questions and Answers - India Study Institute. 

इतिहास से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न — प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक भारत तथा विश्व इतिहास।

Other Exam Papers:

Q81. राजस्थान में ब्लू पॉटरी का सर्वाधिक विकास किसके शासनकाल में हुआ था?

Right Answer: सवाई राम सिंह


Explanation:

राजस्थान में ब्लू पॉटरी का सर्वाधिक विकास जयपुर के शासक सवाई राम सिंह द्वितीय के शासनकाल में हुआ था। उन्नीसवीं शताब्दी में उन्होंने इस कला को प्रोत्साहन देते हुए कारीगरों को संरक्षण दिया और जयपुर स्कूल ऑफ आर्ट की स्थापना की। यह कला मूलतः फारस एवं चीन से होते हुए भारत आई थी। ब्लू पॉटरी की विशेषता यह है कि इसमें मिट्टी का प्रयोग नहीं होता, बल्कि क्वार्ट्ज पाउडर, काँच, बोरेक्स तथा गोंद के मिश्रण से बर्तन बनाए जाते हैं और उन पर नीले रंग की सुंदर चित्रकारी की जाती है।

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Q82. मुहर्रम के अवसर पर प्रयोग में लिया जाने वाला प्रसिद्ध वाद्ययंत्र कौन सा है?

Right Answer: ताशा


Explanation:

मुहर्रम के अवसर पर प्रयोग में लिया जाने वाला प्रसिद्ध वाद्ययंत्र ताशा है। यह एक अवनद्ध अर्थात चर्म से मढ़ा हुआ ताल वाद्य है, जिसे गले में लटकाकर दो पतली लकड़ियों से बजाया जाता है। मुहर्रम के जुलूस तथा ताजिया निकालते समय ताशा वादन की परंपरा है और इसकी तीव्र ध्वनि दूर तक सुनाई देती है। राजस्थान के लोकवाद्यों को चार वर्गों में बाँटा जाता है, जिनमें तत, सुषिर, अवनद्ध तथा घन वाद्य सम्मिलित हैं। ताशा अवनद्ध वर्ग में आता है, जिसमें नगाड़ा, ढोल एवं मादल भी सम्मिलित हैं।

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Q83. गैर नृत्य किस त्यौहार पर किया जाता है?

Right Answer: होली


Explanation:

गैर नृत्य होली के अवसर पर किया जाने वाला राजस्थान का प्रसिद्ध लोकनृत्य है। यह मुख्यतः भील जनजाति तथा मेवाड़ एवं बाड़मेर क्षेत्र में लोकप्रिय है। इसमें पुरुष नर्तक हाथों में लंबी लाठियाँ अथवा तलवारें लेकर गोल घेरे में घूमते हुए नृत्य करते हैं और इन्हें गैरिये कहा जाता है। ढोल, बाँकिया तथा थाली इसके प्रमुख वाद्य हैं। मेनार गाँव की गैर तथा बाड़मेर की गैर विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। जब इसमें ढाल का प्रयोग होता है तो इसे डांडिया गैर भी कहा जाता है।

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Q84. रामदेवजी के मेले का प्रमुख नृत्य कौन सा है?

Right Answer: तेरह ताली


Explanation:

रामदेवजी के मेले का प्रमुख नृत्य तेरह ताली है। यह नृत्य कामड़ जाति की महिलाओं द्वारा बैठकर किया जाता है, जो बाबा रामदेव की अनुयायी हैं। नर्तकियाँ अपने शरीर पर तेरह मंजीरे बाँधती हैं, जिनमें नौ दोनों हाथों एवं पैरों पर तथा शेष कलाई एवं कोहनी पर होते हैं, और लयबद्ध रूप से उन्हें बजाती हैं। कभी-कभी वे सिर पर मटका रखकर अथवा मुँह में तलवार लेकर भी नृत्य करती हैं। रामदेवरा का मेला जैसलमेर जिले में भाद्रपद मास में भरता है, जहाँ सांप्रदायिक सद्भाव का अनूठा दृश्य देखने को मिलता है।

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Q85. बौद्ध संघ में प्रवेश को क्या कहा जाता था?

Right Answer: प्रव्रज्या


Explanation:

बौद्ध संघ में सम्मिलित होने की प्रक्रिया दो चरणों में पूर्ण होती थी। प्रारम्भिक प्रवेश अथवा गृहत्याग को प्रव्रज्या (Pabbajja) कहा जाता था, जिसके पश्चात् व्यक्ति श्रामणेर कहलाता था तथा इसके लिए न्यूनतम आयु आठ वर्ष निर्धारित थी। पूर्ण दीक्षा अर्थात् भिक्षु के रूप में विधिवत् स्वीकृति को उपसम्पदा कहा जाता था, जो सामान्यतः बीस वर्ष की आयु पूर्ण होने पर दी जाती थी। पातिमोक्ख संघ के आचरण नियमों की संहिता थी तथा उपोसथ प्रत्येक पूर्णिमा एवं अमावस्या को होने वाली सामूहिक सभा थी।
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Q86. "एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति" किस ग्रन्थ में मिलता है?

Right Answer: ऋग्वेद


Explanation:

'एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति' यह प्रसिद्ध सूक्ति ऋग्वेद के प्रथम मण्डल के 164वें सूक्त की 46वीं ऋचा में मिलती है। इसका अर्थ है — सत्य एक है, विद्वान लोग उसे अनेक नामों से पुकारते हैं। यह मंत्र भारतीय दर्शन की उदार एवं समन्वयवादी दृष्टि का प्रतीक माना जाता है तथा यह दर्शाता है कि वैदिक ऋषि अनेक देवताओं की स्तुति करते हुए भी परम सत्ता की एकता में विश्वास रखते थे। ऋग्वेद चारों वेदों में सर्वाधिक प्राचीन है और इसमें कुल दस मण्डल हैं।
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Q87. उत्तरमेरूर अभिलेख किस शासक के ग्रामीण प्रशासन का विवरण देता है?

Right Answer: परान्तक प्रथम


Explanation:

उत्तरमेरूर अभिलेख तमिलनाडु के काँचीपुरम जिले में स्थित वैकुण्ठ पेरुमाल मंदिर की दीवारों पर उत्कीर्ण है और यह चोल शासक परान्तक प्रथम के शासनकाल का है। यह अभिलेख चोलकालीन ग्राम प्रशासन तथा स्थानीय स्वशासन की अत्यंत विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। इसमें ग्राम सभा की समितियों के सदस्यों के चुनाव की कुडवोलै पद्धति का वर्णन मिलता है, जिसमें ताड़पत्र की पर्चियों द्वारा चयन किया जाता था। अभिलेख में अभ्यर्थियों की योग्यता, आयु, सम्पत्ति तथा अयोग्यता की शर्तें भी स्पष्ट रूप से उल्लिखित हैं।
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Q88. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है? (महाजनपद – राजधानी)

महाजनपद एवं राजधानी के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  • शूरसेन – मथुरा
  • चेदि – काम्पिल्य
  • पांचाल – अहिच्छत्र
  • अंग – चम्पा

Right Answer: चेदि – काम्पिल्य


Explanation:

बुद्ध के समय भारत में सोलह महाजनपद विद्यमान थे, जिनकी राजधानियों का ज्ञान प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्वपूर्ण है। चेदि महाजनपद की राजधानी शुक्तिमती अथवा सोत्थिवती थी, जो वर्तमान बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित थी — काम्पिल्य नहीं, अतः यही युग्म गलत है। काम्पिल्य वस्तुतः दक्षिण पांचाल की राजधानी थी, जबकि उत्तर पांचाल की राजधानी अहिच्छत्र थी। शूरसेन महाजनपद की राजधानी मथुरा थी तथा अंग महाजनपद की राजधानी चम्पा थी, जो उस काल में व्यापार का प्रमुख केन्द्र मानी जाती थी।
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Q89. मध्यपाषाणकालीन स्थल "सराय नाहर राय" कहाँ स्थित है?

Right Answer: उत्तर प्रदेश


Explanation:

सराय नाहर राय उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में स्थित एक प्रसिद्ध मध्यपाषाणकालीन पुरातात्त्विक स्थल है। यहाँ से मानव कंकाल, सामूहिक शवाधान, अग्निकुण्ड तथा सूक्ष्म पाषाण उपकरण (माइक्रोलिथ) प्राप्त हुए हैं, जो तत्कालीन जीवन एवं अंत्येष्टि परंपराओं पर महत्वपूर्ण प्रकाश डालते हैं। यहाँ के निवासी मुख्यतः आखेट तथा मछली पकड़ने पर निर्भर थे। इसी क्षेत्र के महदहा तथा दमदमा भी मध्यपाषाण काल के महत्वपूर्ण स्थल हैं। मध्यपाषाण काल पुरापाषाण एवं नवपाषाण के बीच का संक्रमण काल माना जाता है।
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Q90. निम्नलिखित राजवंशों का सही कालक्रम क्या है?

निम्नलिखित राजवंशों पर विचार कीजिए:

  • A. शुंग
  • B. मौर्य
  • C. सातवाहन
  • D. हर्यक

Right Answer: D, B, A, C


Explanation:

प्राचीन भारत के इन राजवंशों का सही कालानुक्रम इस प्रकार है — सर्वप्रथम हर्यक वंश, जिसकी स्थापना लगभग 544 ईसा पूर्व बिम्बिसार ने की और जिसने मगध को एक शक्तिशाली राज्य बनाया। इसके पश्चात् 322 ईसा पूर्व में चन्द्रगुप्त मौर्य ने मौर्य वंश की स्थापना की, जो प्राचीन भारत का सबसे विशाल साम्राज्य बना। लगभग 185 ईसा पूर्व पुष्यमित्र शुंग ने अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ की हत्या कर शुंग वंश की नींव रखी। तत्पश्चात् दक्कन में सातवाहन वंश एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा।
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Q91. 'ज़ीज-ए-मोहम्मद शाही' का संकलन किसने करवाया?

Right Answer: सवाई जय सिंह


Explanation:

'ज़ीज-ए-मोहम्मद शाही' एक प्रसिद्ध खगोलीय सारणी ग्रंथ है, जिसका संकलन आमेर एवं जयपुर के शासक सवाई जय सिंह द्वितीय ने करवाया था। इसका नामकरण तत्कालीन मुगल सम्राट मुहम्मद शाह के नाम पर किया गया, जिनके निर्देश पर यह कार्य आरम्भ हुआ था। सवाई जय सिंह स्वयं खगोलशास्त्र के गहन ज्ञाता थे और उन्होंने दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, मथुरा तथा वाराणसी में जंतर-मंतर नामक पाँच वेधशालाओं का निर्माण कराया। इन वेधशालाओं में विशाल पाषाण यंत्रों द्वारा ग्रहों की स्थिति एवं समय की सटीक गणना की जाती थी।
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Q92. अवध के नवाबों का सही कालक्रम क्या है?

अवध के निम्नलिखित नवाबों पर विचार कीजिए:

  • सादत अली खान
  • सफदरजंग
  • शुजाउद्दौला
  • आसफउद्दौला

Right Answer: सादत अली खान → सफदरजंग → शुजाउद्दौला → आसफउद्दौला


Explanation:

अवध एक स्वायत्त रियासत के रूप में मुगल साम्राज्य के पतन काल में उभरी। इसके नवाबों का सही कालक्रम इस प्रकार है — सर्वप्रथम सादत अली खान (बुरहान-उल-मुल्क), जिन्हें सन् 1722 में अवध का सूबेदार नियुक्त किया गया और जिन्होंने स्वतंत्र वंश की नींव रखी। उनके पश्चात् सफदरजंग शासक बने, जो मुगल दरबार में वज़ीर भी रहे। तत्पश्चात् शुजाउद्दौला ने शासन सँभाला, जो 1764 के बक्सर युद्ध में पराजित हुए। इसके बाद आसफउद्दौला ने राजधानी फैज़ाबाद से लखनऊ स्थानांतरित की तथा बड़ा इमामबाड़ा बनवाया।
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Q93. सिंध के राजा दाहिर और मुहम्मद बिन कासिम के बीच प्रसिद्ध युद्ध कहाँ हुआ?

Right Answer: रावर


Explanation:

सन् 712 ईस्वी में उमय्यद खलीफा के सेनापति मुहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर आक्रमण किया। सिंध के राजा दाहिर तथा कासिम के बीच निर्णायक युद्ध रावर के मैदान में हुआ, जिसमें राजा दाहिर वीरतापूर्वक लड़ते हुए मारे गए। इस विजय के साथ सिंध में अरब शासन की स्थापना हुई, जिसे भारत में इस्लामी शासन का पहला स्थायी प्रवेश माना जाता है। कासिम ने इसके पश्चात् ब्राह्मणाबाद तथा मुल्तान पर भी अधिकार कर लिया। इस सम्पूर्ण अभियान का विस्तृत विवरण फारसी ग्रंथ 'चचनामा' में मिलता है।
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Q94. निम्न में से कौन-सा भवन फतेहपुर सीकरी में स्थित नहीं है?

Right Answer: जहाँगीरी महल


Explanation:

फतेहपुर सीकरी की स्थापना अकबर ने सन् 1571 में की थी और यह लगभग पंद्रह वर्षों तक मुगल साम्राज्य की राजधानी रही। यहाँ पंचमहल, जोधाबाई महल, तुर्की सुल्ताना की कोठी, दीवान-ए-खास, बुलंद दरवाजा तथा शेख सलीम चिश्ती की दरगाह जैसे प्रसिद्ध भवन स्थित हैं। इसके विपरीत जहाँगीरी महल फतेहपुर सीकरी में नहीं, बल्कि आगरा किले के भीतर स्थित है, जिसका निर्माण अकबर ने अपने पुत्र सलीम अर्थात् जहाँगीर के लिए कराया था। यह भवन हिन्दू एवं मध्य एशियाई स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट समन्वय प्रस्तुत करता है।
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Q95. "वीर सिंह देव चरित्र" एवं "जहाँगीर जसचन्द्रिका" के रचयिता कौन थे?

Right Answer: कवि केशवदास


Explanation:

कवि केशवदास हिन्दी रीतिकाल के प्रवर्तक माने जाते हैं और वे ओरछा के बुंदेला शासकों के आश्रित कवि थे। उन्होंने 'वीर सिंह देव चरित्र' की रचना ओरछा नरेश वीर सिंह देव के पराक्रम एवं जीवन पर की तथा 'जहाँगीर जसचन्द्रिका' में मुगल सम्राट जहाँगीर की प्रशस्ति प्रस्तुत की। उनकी अन्य प्रसिद्ध कृतियाँ रसिकप्रिया, कविप्रिया तथा रामचन्द्रिका हैं। रसिकप्रिया एवं कविप्रिया को हिन्दी में काव्यशास्त्रीय परंपरा का आरम्भ माना जाता है, इसीलिए उन्हें 'कठिन काव्य का प्रेत' भी कहा गया है।
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Q96. शेख हुसैनी गैसुदराज ने अपनी खानकाह कहाँ स्थापित की?

Right Answer: गुलबर्गा


Explanation:

ख्वाजा बंदा नवाज़ गेसूदराज चिश्ती सिलसिले के प्रसिद्ध सूफी संत थे, जो दिल्ली के सूफी संत नसीरुद्दीन चिराग-ए-दिल्ली के शिष्य थे। तैमूर के आक्रमण के पश्चात् वे दिल्ली छोड़कर दक्कन चले गए और बहमनी सुल्तान फिरोज शाह बहमनी के काल में गुलबर्गा, वर्तमान कर्नाटक, में अपनी खानकाह स्थापित की। इससे दक्षिण भारत में चिश्ती सिलसिले का व्यापक प्रसार हुआ। उन्होंने दक्खिनी भाषा में भी अनेक रचनाएँ कीं। गुलबर्गा स्थित उनकी दरगाह आज भी एक प्रमुख तीर्थस्थल मानी जाती है।
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Q97. 1902 ई. में गठित विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग के अध्यक्ष कौन थे?

Right Answer: थॉमस रैले


Explanation:

सन् 1902 में लॉर्ड कर्जन ने भारतीय विश्वविद्यालय आयोग का गठन किया, जिसके अध्यक्ष सर थॉमस रैले थे, जो वायसराय की कार्यकारिणी परिषद् के विधि सदस्य थे। आयोग को विश्वविद्यालयों की स्थिति एवं संभावनाओं की जाँच कर सुधार सुझाने का दायित्व सौंपा गया था। इसकी सिफारिशों के आधार पर सन् 1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारित हुआ, जिसने विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ा दिया तथा सीनेट के सदस्यों की संख्या सीमित कर दी। राष्ट्रवादियों ने इसकी तीव्र आलोचना की और गोपाल कृष्ण गोखले ने इसे प्रतिगामी कदम बताया।
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Q98. निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए।

निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए:

  • A. वेवेल योजना
  • B. कांग्रेस मंत्रिमंडलों का त्यागपत्र
  • C. स्वराज पार्टी का गठन
  • D. मुस्लिम लीग की सीधी कार्यवाही

Right Answer: C, B, A, D


Explanation:

इन घटनाओं का सही कालानुक्रम इस प्रकार है — सर्वप्रथम सन् 1923 में चित्तरंजन दास एवं मोतीलाल नेहरू ने विधान परिषदों में प्रवेश के उद्देश्य से स्वराज पार्टी का गठन किया। इसके पश्चात् सन् 1939 में द्वितीय विश्वयुद्ध में भारत को बिना परामर्श सम्मिलित किए जाने के विरोध में कांग्रेस मंत्रिमंडलों ने त्यागपत्र दे दिया। सन् 1945 में वायसराय लॉर्ड वेवेल ने शिमला सम्मेलन के साथ वेवेल योजना प्रस्तुत की। अंततः 16 अगस्त 1946 को मुस्लिम लीग ने सीधी कार्यवाही दिवस मनाया। अतः सही क्रम C, B, A, D है।
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Q99. रैयतवाड़ी भूमि व्यवस्था का प्रवर्तक कौन था?

Right Answer: थॉमस मुनरो


Explanation:

रैयतवाड़ी भूमि व्यवस्था के प्रमुख प्रवर्तक सर थॉमस मुनरो थे, जिन्होंने कैप्टन अलेक्जेंडर रीड के सहयोग से इसे सर्वप्रथम बारामहल क्षेत्र में लागू किया और बाद में मद्रास प्रेसीडेंसी के गवर्नर के रूप में इसका व्यापक विस्तार किया। इस व्यवस्था में सरकार का सीधा समझौता किसान अर्थात् रैयत से होता था, जिससे बिचौलिए जमींदार समाप्त हो गए। किसान को भूमि का स्वामी माना जाता था, किंतु लगान न चुकाने पर उसे भूमि से बेदखल किया जा सकता था। यह मुख्यतः मद्रास एवं बॉम्बे प्रेसीडेंसी में लागू की गई थी।
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Q100. निम्नलिखित शिक्षा आयोगों का सही कालक्रम क्या है?

निम्नलिखित पर विचार कीजिए:

  • A. हार्टोग समिति
  • B. वुड्स डिस्पैच
  • C. सेडलर आयोग
  • D. सार्जेन्ट योजना

Right Answer: B, C, A, D


Explanation:

ब्रिटिशकालीन शिक्षा से जुड़े इन आयोगों एवं योजनाओं का सही कालानुक्रम इस प्रकार है — सर्वप्रथम सन् 1854 का वुड्स डिस्पैच, जिसे भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा कहा जाता है और जिसने विश्वविद्यालयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। इसके पश्चात् सन् 1917 में कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग अर्थात् सेडलर आयोग गठित हुआ। सन् 1929 में हार्टोग समिति ने प्राथमिक शिक्षा के अपव्यय एवं अवरोधन की गंभीर समस्या उजागर की। अंततः सन् 1944 में सार्जेन्ट योजना प्रस्तुत हुई। अतः सही क्रम B, C, A, D है।
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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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