Commerce: 60 MCQs with Answers
Your Progress
0%Q41. व्यवसाय खरीदार व्यवहार के मॉडल में ‘उत्पाद एवम्सेवा की पसंद’ निम्न में से किसके अन्तर्गत आता है ?
Right Answer: खरीदारों की प्रतिक्रिया
व्यवसाय क्रेता व्यवहार के प्रतिरूप में विपणन तथा अन्य उद्दीपक क्रय संगठन तक पहुँचते हैं, जहाँ क्रय केन्द्र एवं निर्णय प्रक्रिया उन्हें प्रसंस्कृत करती है, और अन्ततः क्रेता की प्रतिक्रियाएँ प्रकट होती हैं। इन्हीं प्रतिक्रियाओं में उत्पाद एवं सेवा की पसंद, आपूर्तिकर्ता का चुनाव, आदेश की मात्रा, वितरण की शर्तें, सेवा की शर्तें तथा भुगतान की शर्तें सम्मिलित होती हैं। पर्यावरण में आर्थिक, प्रौद्योगिकीय, राजनीतिक एवं प्रतिस्पर्धी शक्तियाँ आती हैं, जो क्रय निर्णय को बाहर से प्रभावित करती हैं।
Q42. हेनरी फेयोल थे :
Right Answer: फ्रेंच उद्योगपति
हेनरी फेयोल फ्रांसीसी खनन इंजीनियर एवं उद्योगपति थे, जिन्हें आधुनिक प्रबंध सिद्धांत का जनक कहा जाता है। वे कोमैम्बॉल्ट नामक कोयला-इस्पात कंपनी के प्रबंध निदेशक रहे और उन्होंने अपने व्यावहारिक अनुभव के आधार पर 1916 में ‘एडमिनिस्ट्रेशन इंडस्ट्रियल एट जनरल’ नामक कृति लिखी। उन्होंने प्रबंध के चौदह सिद्धांत तथा प्रबंध के पाँच कार्य — नियोजन, संगठन, समादेश, समन्वय एवं नियंत्रण — प्रतिपादित किए। इसके विपरीत एफ० डब्ल्यू० टेलर अमेरिकी थे और वैज्ञानिक प्रबंध के जनक माने जाते हैं, जबकि मैक्स वेबर जर्मन समाजशास्त्री थे।
Q43. एक नेतृत्व शैली जो नेताओं के स्वयं के हित से परे जाकर और इसके बजाय अनुयायियों को बढ़ने और विकसित करने में मदद करने के अवसरों पर ध्यान केंद्रित करती है, कहलाती है :
Right Answer: सेवक नेतृत्व
सेवक नेतृत्व की अवधारणा रॉबर्ट ग्रीनलीफ ने दी। यह नेतृत्व शैली नेता के अपने हित एवं महत्त्वाकांक्षा से परे जाकर इस बात पर ध्यान केन्द्रित करती है कि अनुयायियों को बढ़ने, विकसित होने तथा अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुँचने के अवसर कैसे दिए जाएँ। ऐसा नेता पहले सेवा करता है और फिर नेतृत्व करता है; वह सुनने, सहानुभूति, संरक्षकत्व एवं समुदाय-निर्माण को प्राथमिकता देता है। इसके विपरीत आकर्षक नेतृत्व नेता के व्यक्तिगत प्रभामंडल पर टिका होता है और परिस्थितिजन्य नेतृत्व अनुयायियों की परिपक्वता के अनुसार शैली बदलने की बात करता है।
Q44. भारतीय कंपनियों द्वारा अपनाए जाने वाले व्यवसाय लोकाचार सिद्धान्त जिसमें एक व्यक्ति को इस प्रकार प्रशिक्षित किया जाता है कि वह संघर्षों और घर्षण से बच सके, इस सिद्धांत को कहा जाता है :
Right Answer: ‘सद्भाव’ का सिद्धांत
भारतीय कंपनियों द्वारा अपनाए जाने वाले व्यवसाय लोकाचार में ‘सद्भाव’ का सिद्धांत अत्यन्त महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इसके अन्तर्गत व्यक्ति को इस प्रकार प्रशिक्षित किया जाता है कि वह संघर्ष एवं घर्षण की स्थितियों से बचे तथा सहकर्मियों, ग्राहकों एवं समाज के साथ मैत्रीपूर्ण एवं सहयोगपूर्ण सम्बन्ध बनाए रखे। इसका दार्शनिक आधार भारतीय चिन्तन की वह दृष्टि है जो सम्पूर्ण सृष्टि को परस्पर जुड़ा हुआ मानती है, अतः दूसरों के अहित में अपना हित सम्भव नहीं। इससे संगठन में टीम भावना, मनोबल तथा दीर्घकालीन स्थायित्व बढ़ता है।
Q45. ADDIE मॉडल में, 'A' का अर्थ है :
Right Answer: एनैलाइज़
ADDIE प्रशिक्षण एवं अनुदेशात्मक अभिकल्प का सर्वाधिक प्रचलित प्रतिरूप है और इसके पाँच अक्षर पाँच क्रमिक चरणों को दर्शाते हैं। इसमें ‘A’ का अर्थ है एनैलाइज़ अर्थात् विश्लेषण, जिसमें प्रशिक्षण की आवश्यकता, शिक्षार्थियों की विशेषताएँ तथा अपेक्षित परिणाम निर्धारित किए जाते हैं। इसके बाद डिजाइन में उद्देश्य एवं रणनीति तय होती है, डेवलप में वास्तविक सामग्री बनाई जाती है, इम्प्लीमेंट में प्रशिक्षण दिया जाता है और इवैल्युएट में उसकी प्रभावशीलता आँकी जाती है। मूल्यांकन प्रत्येक चरण के साथ सतत रूप से भी चलता रहता है।
Q46. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत निम्नलिखित में से कौन ‘उपभोक्ता’ है ?
Right Answer: जो आंशिक रूप से भुगतान किए गए प्रतिफल के लिए किसी सेवा को किराए पर लेता है।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के अनुसार उपभोक्ता वह व्यक्ति है जो प्रतिफल देकर कोई वस्तु क्रय करता है अथवा सेवा किराए पर लेता है, और यह प्रतिफल पूर्णतः चुकाया गया, आंशिक रूप से चुकाया गया अथवा चुकाने का वचन दिया गया हो सकता है। अतः आंशिक रूप से भुगतान किए गए प्रतिफल पर सेवा लेने वाला व्यक्ति उपभोक्ता है। इसके विपरीत जो पुनर्विक्रय अथवा किसी वाणिज्यिक उद्देश्य के लिए क्रय करता है, जो निःशुल्क सेवा लेता है, अथवा जो सेवा के अनुबंध के अन्तर्गत सेवा प्राप्त करता है, वह उपभोक्ता की परिभाषा से बाहर रखा गया है।
Q47. आमने-सामने की बातचीत किसका उदाहरण है ?
Right Answer: उच्च चैनल समृद्धि
चैनल समृद्धि से तात्पर्य किसी संचार माध्यम की उस क्षमता से है जिससे वह एक ही समय में अनेक संकेत सम्प्रेषित कर सके, तत्काल प्रतिपुष्टि दे सके और व्यक्तिगत स्पर्श बनाए रख सके। आमने-सामने की बातचीत उच्चतम चैनल समृद्धि का उदाहरण है, क्योंकि इसमें शब्दों के साथ-साथ स्वर, हाव-भाव, मुद्रा एवं नेत्र-सम्पर्क भी संदेश पहुँचाते हैं और गलतफहमी तत्क्षण दूर की जा सकती है। इसके विपरीत सामान्य पत्र, परिपत्र अथवा सूचना-पट निम्न समृद्धि वाले माध्यम हैं। जटिल एवं अस्पष्ट संदेशों के लिए समृद्ध माध्यम ही उपयुक्त होते हैं।
Q48. कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार, किसी भी वैध उद्देश्य के लिए सार्वजनिक कंपनी का गठन किया जा सकता है :
Right Answer: 7 या अधिक व्यक्तियों द्वारा
कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 3 के अनुसार किसी भी वैध उद्देश्य के लिए सार्वजनिक कंपनी का गठन सात या अधिक व्यक्तियों द्वारा किया जा सकता है, जो ज्ञापन-पत्र पर अपने नाम अभिदान कर पंजीकरण सम्बन्धी अपेक्षाओं का पालन करें। निजी कंपनी के लिए दो या अधिक व्यक्ति पर्याप्त हैं, तथा एक व्यक्ति कंपनी अर्थात् ओपीसी का गठन केवल एक व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है, जो इस अधिनियम की नई विशेषता है। सार्वजनिक कंपनी में सदस्यों की अधिकतम संख्या पर कोई सीमा नहीं है, जबकि निजी कंपनी में यह दो सौ तक सीमित है।
Q49. वह साक्षात्कार जिसमें उम्मीदवारों से यह वर्णन करने के लिए कहा जाता है कि वे वास्तव में किसी दी गई स्थिति को कैसे सँभालते हैं, कहलाता है :
Right Answer: व्यावहारिक साक्षात्कार
व्यावहारिक साक्षात्कार अर्थात् बिहेवियरल इंटरव्यू वह साक्षात्कार है जिसमें उम्मीदवारों से यह वर्णन करने को कहा जाता है कि वे किसी दी गई परिस्थिति को वास्तव में कैसे सँभालते हैं अथवा अतीत में कैसे सँभाला था। इसका आधार यह मान्यता है कि भूतकालीन व्यवहार भविष्य के व्यवहार का सर्वोत्तम पूर्वानुमान है। इससे उम्मीदवार के वास्तविक कौशल, निर्णय-क्षमता एवं दृष्टिकोण का आकलन रटे-रटाए उत्तरों की अपेक्षा अधिक विश्वसनीय ढंग से हो जाता है। इसके विपरीत तनाव साक्षात्कार में उम्मीदवार को जानबूझकर दबाव में डालकर उसकी संयम-क्षमता परखी जाती है।
Q50. किसी विशेष विक्रेता द्वारा बिक्री के लिए पेश की जाने वाली सभी उत्पाद शृंखलाओं और वस्तुओं के समूह को कहा जाता है :
Right Answer: उत्पाद मिश्रण
उत्पाद मिश्रण अथवा उत्पाद वर्गीकरण से तात्पर्य उन समस्त उत्पाद शृंखलाओं तथा वस्तुओं के समूह से है जो कोई विशेष विक्रेता क्रेताओं को बिक्री हेतु प्रस्तुत करता है। इसकी चार विमाएँ होती हैं — चौड़ाई, जो उत्पाद शृंखलाओं की संख्या बताती है; लम्बाई, जो कुल वस्तुओं की संख्या दर्शाती है; गहराई, जो प्रत्येक उत्पाद के विभिन्न रूपों को बताती है; तथा संगतता, जो शृंखलाओं के पारस्परिक सम्बन्ध को दर्शाती है। इसके विपरीत विपणन मिश्रण उत्पाद, मूल्य, स्थान एवं संवर्धन इन चार तत्त्वों का संयोजन है।