Commerce: 60 MCQs with Answers
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0%Q31. साझेदारी के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है ?
Right Answer: यह एक विशिष्ट उद्यम तक सीमित है।
भारतीय साझेदारी अधिनियम 1932 के अनुसार साझेदारी उन व्यक्तियों का सम्बन्ध है जो किसी ऐसे व्यवसाय के लाभ को बाँटने पर सहमत हों जो सबके द्वारा अथवा सबकी ओर से किसी एक के द्वारा चलाया जा रहा हो। यह फर्म के नाम से संचालित होती है और सामान्यतः एक सतत लाभ चाहने वाला उद्यम होती है, जो किसी एक विशिष्ट उद्यम अथवा एकल सौदे तक सीमित नहीं रहती। अतः यह कहना कि साझेदारी एक विशिष्ट उद्यम तक सीमित है, गलत है। ऐसी सीमित व्यवस्था तो विशेष साझेदारी अथवा संयुक्त उपक्रम की विशेषता होती है।
Q32. निम्नलिखित में से कौन - सा ‘एकल उपयोग योजना’ नहीं है ?
Right Answer: नीति
योजनाओं को उनके उपयोग की आवृत्ति के आधार पर दो वर्गों में बाँटा जाता है। एकल उपयोग योजनाएँ किसी एक विशिष्ट उद्देश्य अथवा परिस्थिति के लिए बनाई जाती हैं और उद्देश्य पूरा होते ही समाप्त हो जाती हैं; कार्यक्रम, परियोजना तथा बजट इसी श्रेणी में आते हैं। इसके विपरीत स्थायी योजनाएँ बार-बार आने वाली परिस्थितियों में मार्गदर्शन देती हैं और दीर्घकाल तक प्रयोग में आती रहती हैं। नीति एक स्थायी योजना है, क्योंकि वह निर्णय लेने के लिए सामान्य दिशानिर्देश प्रस्तुत करती है। उद्देश्य, कार्यविधि तथा नियम भी स्थायी योजनाएँ हैं।
Q33. वह मूल्य - निर्धारण रणनीति जिसमें कम्पनी सभी ग्राहकों से समान मूल्य और भाड़ा वसूलती है, चाहे उनका स्थान कुछ भी हो, कहलाती है :
Right Answer: एकरूप - वितरित मूल्य - निर्धारण
एकरूप-वितरित मूल्य-निर्धारण वह रणनीति है जिसमें कंपनी अपने सभी ग्राहकों से वस्तु का समान मूल्य तथा समान भाड़ा वसूलती है, चाहे वे कहीं भी स्थित हों। इसे ‘डाक टिकट मूल्य-निर्धारण’ भी कहा जाता है, क्योंकि डाक टिकट की दर भी दूरी पर निर्भर नहीं करती। इसका लाभ यह है कि प्रशासन सरल हो जाता है, राष्ट्रव्यापी विज्ञापन में एक ही मूल्य बताया जा सकता है और दूरस्थ ग्राहक भी जुड़े रहते हैं; किन्तु निकट के ग्राहकों को यह कुछ महँगा पड़ता है। इसके विपरीत क्षेत्र मूल्य-निर्धारण में देश को भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में बाँटकर अलग-अलग दरें तय की जाती हैं।
Q34. कंपनी अधिनियम 2013 की किस धारा के तहत केन्द्र सरकार को किसी कंपनी को अपना नाम सुधारने का निर्देश देने का अधिकार है, यदि अनजाने में उसका नाम किसी मौजूदा कंपनी के नाम से मिलता-जुलता पंजीकृत हो गया हो ?
Right Answer: धारा 16
कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 16 केन्द्र सरकार को यह अधिकार देती है कि यदि किसी कंपनी का नाम अनजाने में ऐसा पंजीकृत हो गया हो जो किसी पूर्व-विद्यमान कंपनी के नाम के समान अथवा उससे अत्यधिक मिलता-जुलता हो, तो वह उसे नाम बदलने का निर्देश दे सकती है। कंपनी को निर्देश मिलने के तीन माह के भीतर साधारण प्रस्ताव पारित कर नाम बदलना होता है। इसी प्रकार यदि कोई पंजीकृत ट्रेडमार्क का स्वामी आपत्ति करे तो वह निर्धारित अवधि में केन्द्र सरकार को आवेदन कर सकता है। धारा 13 नाम परिवर्तन की सामान्य प्रक्रिया बताती है।
Q35. एक बाज़ार-कवरेज रणनीति जिसमें एक फर्म एक या कुछ खंडों के बड़े हिस्से पर ध्यान केंद्रित करती है, उसे कहते हैं :
Right Answer: आला विपणन
आला विपणन अर्थात् निच मार्केटिंग वह बाजार-कवरेज रणनीति है जिसमें फर्म सम्पूर्ण बाजार अथवा अनेक खण्डों के छोटे-छोटे हिस्सों के स्थान पर एक या कुछ ही खण्डों के बड़े हिस्से पर ध्यान केन्द्रित करती है। इसे संकेन्द्रित विपणन भी कहा जाता है। इसका लाभ यह है कि सीमित संसाधनों वाली फर्म भी अपने चुने हुए खण्ड की आवश्यकताओं की गहरी समझ विकसित कर उसमें प्रबल स्थिति बना लेती है। जोखिम यह है कि वह खण्ड सिकुड़ जाए अथवा कोई बड़ी कंपनी उसमें प्रवेश कर ले। अविभेदित विपणन में सम्पूर्ण बाजार को एक समान माना जाता है।
Q36. प्रेषक द्वारा सूचना में हेरा-फेरी करना ताकि प्राप्तकर्ता को यह अधिक अनुकूल लगे, इसे कहा जाता है :
Right Answer: छनन
छनन अर्थात् फिल्टरिंग संचार की एक प्रमुख बाधा है, जिसमें प्रेषक जानबूझकर सूचना में हेरा-फेरी करता है ताकि वह प्राप्तकर्ता को अधिक अनुकूल एवं स्वीकार्य लगे। संगठनों में यह प्रायः तब होता है जब अधीनस्थ अपने वरिष्ठ को केवल अच्छी खबर बताते हैं और प्रतिकूल तथ्य छिपा या हल्का कर देते हैं। संगठन में जितने अधिक ऊर्ध्वाधर स्तर होंगे, छनन की सम्भावना उतनी ही बढ़ जाती है। इसके विपरीत सूचना अधिभार तब होता है जब सूचना व्यक्ति की प्रसंस्करण क्षमता से अधिक हो जाए, और संचार आशंका संवाद के प्रति अनुचित तनाव एवं भय को कहते हैं।
Q37. प्रत्याशा सिद्धांत के अनुसार, ‘किसी दिए गए कार्य को करने वाले व्यक्ति द्वारा अनुभव की जाने वाली संभाव्यता प्रयासों की मात्रा ही निष्पादन की ओर ले जाती है’, को कहा जाता है :
Right Answer: प्रयास-प्रदर्शन संबंध
विक्टर व्रूम के प्रत्याशा सिद्धांत के अनुसार अभिप्रेरणा तीन सम्बन्धों पर निर्भर करती है। प्रयास-प्रदर्शन सम्बन्ध वह सम्भाव्यता है जिसे व्यक्ति यह मानते हुए अनुभव करता है कि एक निश्चित मात्रा में प्रयास लगाने से अपेक्षित निष्पादन प्राप्त हो जाएगा। प्रदर्शन-पुरस्कार सम्बन्ध वह विश्वास है कि निर्धारित स्तर पर निष्पादन करने से वांछित पुरस्कार अवश्य मिलेगा। पुरस्कार-व्यक्तिगत लक्ष्य सम्बन्ध यह बताता है कि मिलने वाला पुरस्कार व्यक्ति की अपनी आवश्यकताओं को कितना संतुष्ट करता है। तीनों प्रबल हों तभी अभिप्रेरणा उच्च होती है।
Q38. एक उद्यमी जो नवाचार पसंद करता है और किसी नई या रचनात्मक चीज पर काम करने का आनंद लेता है, उसे कहा जाता है :
Right Answer: आदर्शवादी
उद्यमियों के व्यक्तित्व-प्रकारों के वर्गीकरण में ‘आदर्शवादी’ वह उद्यमी है जिसे नवाचार पसंद होता है और जो किसी नई अथवा रचनात्मक वस्तु पर कार्य करने में आनन्द अनुभव करता है। ऐसे उद्यमी विचार एवं कल्पना से संचालित होते हैं और प्रायः किसी बड़े उद्देश्य से प्रेरित रहते हैं, यद्यपि नित्य की प्रशासनिक एवं वित्तीय बारीकियों में उनकी रुचि कम होती है। इसके विपरीत ‘ऑप्टिमाइजर’ व्यवस्था सुधारने में, ‘एनालिस्ट’ समस्या के व्यवस्थित विश्लेषण में तथा ‘फायर-बॉल’ अपनी ऊर्जा, उत्साह एवं तीव्र गति से कार्य करने में विश्वास रखता है।
Q39. किसी उद्योग में अपनी बाज़ार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले रनर-अप फर्म को कहा जाता है :
Right Answer: मार्केट चैलेंजर
किसी उद्योग में बाजार हिस्सेदारी के आधार पर फर्मों को चार वर्गों में रखा जाता है। मार्केट लीडर सर्वाधिक हिस्सेदारी वाली अग्रणी फर्म होती है। मार्केट चैलेंजर वह रनर-अप फर्म है जो दूसरे या तीसरे स्थान पर होते हुए भी अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत करती है और नेता अथवा अपने समकक्षों पर आक्रामक रूप से आक्रमण करती है। मार्केट फॉलोवर संघर्ष से बचकर नेता का अनुसरण करते हुए अपनी स्थिति बनाए रखती है, तथा मार्केट निचर बाजार के किसी छोटे एवं उपेक्षित खण्ड में विशेषज्ञता प्राप्त कर लेती है।
Q40. निम्नलिखित में से कौन-सा आंतरिक भर्ती स्रोत नहीं है ?
Right Answer: कार्यकारी खोज फर्म
भर्ती के स्रोत आन्तरिक तथा बाह्य दो प्रकार के होते हैं। आन्तरिक स्रोतों में पदोन्नति, स्थानान्तरण, वर्तमान कर्मचारियों की सिफारिशें तथा कर्मचारी रेफरल सम्मिलित हैं, क्योंकि इनमें रिक्ति संगठन के भीतर से अथवा उसके कर्मचारियों के माध्यम से भरी जाती है। इनसे मनोबल बढ़ता है, लागत घटती है और चयन का जोखिम कम रहता है। कार्यकारी खोज फर्म अर्थात् एग्जीक्यूटिव सर्च फर्म एक बाह्य स्रोत है, जिसे प्रायः ‘हेड हंटर’ कहा जाता है और जो उच्च प्रबंधकीय पदों के लिए बाहर से उपयुक्त प्रतिभा खोजकर लाती है।