Sociology: 60 MCQs with Answers
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0%Q21. ‘स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी ऐण्ड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड’ रिपोर्ट 2024 में भारत की स्थिति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा मत सही है ?
Right Answer: 2014-16 एवं 2021-23 के मध्य मध्यम से गम्भीर खाद्य असुरक्षा झेल रहे लोगों की संख्या 368 मिलियन से बढ़कर 589 मिलियन हो गयी।
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन सहित पाँच अभिकरणों द्वारा प्रतिवर्ष प्रकाशित यह रिपोर्ट विश्व में भूख एवं कुपोषण की स्थिति प्रस्तुत करती है। इसमें खाद्य असुरक्षा को खाद्य असुरक्षा अनुभव मापनी के आधार पर मध्यम तथा गम्भीर श्रेणियों में मापा जाता है। 2024 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में मध्यम से गम्भीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे लोगों की संख्या 2014-16 के लगभग 368 मिलियन से बढ़कर 2021-23 में लगभग 589 मिलियन हो गई। यह वृद्धि जनसंख्या वृद्धि के साथ-साथ प्रचलन दर बढ़ने के कारण भी हुई।
Q22. कार्ल मार्क्स के किस साहित्य में यह मत (स्टेटमेण्ट) व्यक्त हुआ है, ‘पुराने भौतिकवाद का नज़रिया नागरिकीय समाज है, नये का नज़रिया मानव समाज अथवा सामाजिक मानवता है’ ?
Right Answer: थीसिज ऑन फायरबाख
यह कथन कार्ल मार्क्स की ‘थीसिज ऑन फायरबाख’ की दसवीं थीसिस का है, जिसे उन्होंने 1845 में लिखा और बाद में एंगेल्स ने प्रकाशित किया। ग्यारह संक्षिप्त थीसिस वाली यह रचना फायरबाख के चिन्तनपरक भौतिकवाद की आलोचना करती है। मार्क्स का तर्क है कि पुराना भौतिकवाद समाज को स्वार्थी व्यक्तियों के समुच्चय अर्थात् नागरिकीय समाज के रूप में देखता है, जबकि नया भौतिकवाद मानव समाज अथवा सामाजिक मानवता के दृष्टिकोण से सोचता है। इसी रचना की अन्तिम थीसिस में उनका प्रसिद्ध वाक्य है कि दार्शनिकों ने संसार की व्याख्या ही की है, प्रश्न उसे बदलने का है।
Q23. किसानों के सक्रियकरण के संदर्भ में यह किसका मत है — ‘एक गाँव दूसरे गाँव को सूचना देता था और देखते-देखते पूरा गाँव खाली हो जाता, स्त्री-पुरुष एवं बच्चे एकत्रित होकर सभा स्थल की ओर चल पड़ते’ ?
Right Answer: जवाहरलाल नेहरू
यह वर्णन जवाहरलाल नेहरू ने अपनी आत्मकथा में किया है, जहाँ उन्होंने संयुक्त प्रान्त के अवध क्षेत्र में 1920-21 के किसान आन्दोलन के अपने प्रत्यक्ष अनुभव लिखे हैं। नेहरू ने बताया कि किसानों के पास न कोई औपचारिक संगठन था, न प्रचार-तंत्र, फिर भी सूचना एक गाँव से दूसरे गाँव तक अद्भुत गति से पहुँच जाती थी और हजारों लोग स्वतः सभा-स्थल पर एकत्र हो जाते थे। इस अनुभव ने नेहरू की राजनीतिक चेतना को गहराई से प्रभावित किया और उन्हें भारत की वास्तविक जनशक्ति ग्रामीण किसान में दिखाई देने लगी।
Q24. निम्नलिखित में से कौन-सी अभिधारणा थॉमस रॉबर्ट माल्थस के जनसंख्या सिद्धान्त का हिस्सा नहीं है ?
Right Answer: लालसा (पैशन) पुनरोत्पादन (रीप्रोडक्शन) की शक्ति नहीं है।
थॉमस रॉबर्ट माल्थस ने 1798 के अपने प्रसिद्ध निबन्ध में जनसंख्या सिद्धान्त दो आधारभूत अभिधारणाओं पर खड़ा किया — पहली, भोजन मानव के अस्तित्व की अनिवार्य शर्त है; और दूसरी, स्त्री-पुरुष के बीच की लालसा आवश्यक है तथा लगभग अपनी वर्तमान अवस्था में बनी रहेगी। उन्होंने यह भी माना कि धरती निर्वाह-सामग्री उत्पन्न करती है, किन्तु उसकी शक्ति सीमित है। इन्हीं से उनका निष्कर्ष निकला कि जनसंख्या गुणोत्तर श्रेणी में और खाद्य उत्पादन समान्तर श्रेणी में बढ़ता है। यह कहना कि लालसा पुनरोत्पादन की शक्ति नहीं है, उनकी अभिधारणा के विपरीत है।
Q25. निम्नलिखित विद्वानों में से किन्होंने पहली बार ‘इकोफैमिनिज्म की अवधारणा को प्रयुक्त किया ?
Right Answer: फ्रैनकॉइज डी’इयुबोनि
‘इकोफेमिनिज्म’ शब्द का प्रथम प्रयोग फ्रांसीसी लेखिका फ्रैनकॉइज डी’इयुबोनि ने 1974 में अपनी कृति ‘ल फेमिनिज्म ऊ ला मोर’ अर्थात् ‘नारीवाद या मृत्यु’ में किया। इस विचारधारा का मूल तर्क यह है कि स्त्रियों का शोषण और प्रकृति का दोहन एक ही पितृसत्तात्मक तथा प्रभुत्ववादी मानसिकता की दो अभिव्यक्तियाँ हैं, अतः दोनों की मुक्ति भी साथ-साथ ही सम्भव है। भारत में वन्दना शिवा ने इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया और चिपको आन्दोलन को इसका उदाहरण बताया, जहाँ ग्रामीण महिलाओं ने वनों की रक्षा हेतु अग्रणी भूमिका निभाई।
Q26. निम्नलिखित में से कौन-सी ‘अनिवार्य उपस्थिति’ गलत है जब हम नृवंशीय समूह (एथनिक गु्रप) की मानक परिभाषा को अवधारणात्मक रूप देते हैं ?
Right Answer: प्रथागत व्यवहारों के विविधतामूलक समुच्चय
नृवंशीय समूह की मानक परिभाषा में तीन तत्त्वों की अनिवार्य उपस्थिति मानी जाती है। पहला है सामान्य वंशज की मान्यता, जो वास्तविक भी हो सकती है और काल्पनिक भी, क्योंकि महत्त्वपूर्ण यह है कि सदस्य स्वयं को एक ही मूल का मानते हों। दूसरा है सामाजिक रूप से प्रासंगिक सांस्कृतिक अथवा मनोवैज्ञानिक विशेषताएँ, जैसे भाषा, धर्म एवं परम्पराएँ। तीसरा है एक सामाजिक श्रेणी के भीतर अभिवृत्तियों एवं व्यवहारों का साझा समुच्चय। प्रथागत व्यवहारों का विविधतामूलक समुच्चय इसमें नहीं आता, क्योंकि नृजातीयता का आधार साझापन है, विविधता नहीं।
Q27. निम्नलिखित में से किस जनगणना रिकॉर्ड से हम लगातार भारत में जनसंख्या वृद्धि दर में ह्रास पाते हैं ?
Right Answer: 1991 जनगणना रिकॉर्ड
भारत में दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर 1961 से 1971 के बीच सर्वाधिक 24.80 प्रतिशत रही, जो जनसंख्या विस्फोट का चरम बिन्दु था। इसके बाद 1971-81 में यह 24.66 प्रतिशत, 1981-91 में 23.87 प्रतिशत, 1991-2001 में 21.54 प्रतिशत तथा 2001-11 में घटकर 17.7 प्रतिशत रह गई। इस प्रकार 1991 की जनगणना के अभिलेखों से आगे वृद्धि दर में गिरावट स्पष्ट, निरन्तर एवं तीव्र हो जाती है। इसका कारण साक्षरता एवं विशेषतः स्त्री-शिक्षा का प्रसार, विवाह की आयु बढ़ना, नगरीकरण तथा परिवार नियोजन कार्यक्रमों की सफलता रहा।
Q28. निम्नलिखित अध्ययनों में से किसमें साक्षात्कार पद्धति का व्यापक प्रयोग नहीं किया गया है ?
Right Answer: द सुइसाइड - एमील दुर्खीम
एमील दुर्खीम का ‘सुसाइड’ 1897 में प्रकाशित हुआ और यह समाजशास्त्र का पहला बड़ा सांख्यिकीय अध्ययन माना जाता है। इसमें उन्होंने यूरोप के विभिन्न देशों के सरकारी आत्महत्या अभिलेखों का तुलनात्मक विश्लेषण किया और धर्म, वैवाहिक स्थिति तथा राजनीतिक परिस्थितियों से उनका सम्बन्ध जोड़ा। स्पष्ट है कि इसमें साक्षात्कार पद्धति का कोई प्रयोग नहीं हुआ। इसके विपरीत थॉमस एवं नैनिकी के ‘द पॉलिश पीसेन्ट’, अडोर्नो के ‘द अथॉरिटेरियन पर्सनलिटी’ तथा स्टाउफर के ‘द अमेरिकन सोल्जर’ में साक्षात्कार एवं व्यक्तिगत विवरणों का व्यापक उपयोग हुआ।
Q29. यह किसका मत है, ‘भारत में चाहे कोई भी कारण हो या प्रक्रियाएँ, उत्तरदायित्व का सिद्धान्त (डॉक्ट्रीन) अधिकारों की अपेक्षा में अधिक विकसित हुआ है ?
Right Answer: डी० पी० मुकर्जी
डी० पी० मुकर्जी भारतीय समाजशास्त्र की परम्परावादी धारा के प्रमुख विचारक थे और उन्होंने भारतीय समाज को समझने के लिए उसकी अपनी परम्परा को केन्द्र में रखने पर बल दिया। उनका मत था कि भारत में चाहे जो भी कारण या प्रक्रियाएँ रही हों, उत्तरदायित्व अर्थात् कर्तव्य का सिद्धान्त अधिकारों की तुलना में कहीं अधिक विकसित हुआ। भारतीय परम्परा में धर्म की अवधारणा व्यक्ति के कर्तव्यों को परिभाषित करती है, जबकि पाश्चात्य आधुनिकता व्यक्ति के अधिकारों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने स्वयं को ‘मार्क्सोलॉजिस्ट’ कहा और परम्परा एवं आधुनिकता के संवाद पर बल दिया।
Q30. एमील दुर्खीम के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता आधुनिक (विकसित, जटिल) समाज से जुड़ी है ?
Right Answer: सहयोगात्मक अन्तःनिर्भरता
एमील दुर्खीम ने ‘द डिवीजन ऑफ लेबर इन सोसायटी’ में एकता के दो प्रकार बताए। सरल एवं परम्परागत समाजों में यांत्रिक एकता होती है, जो समानता, प्रबल सामान्य चेतना, श्रम के सरल विभाजन तथा दमनकारी कानून पर टिकी रहती है। आधुनिक, विकसित एवं जटिल समाजों में सावयवी एकता पाई जाती है, जो श्रम के जटिल विभाजन से उत्पन्न होती है। इसमें लोग एक-दूसरे से भिन्न होते हैं, किन्तु इसी भिन्नता के कारण परस्पर निर्भर रहते हैं और यही सहयोगात्मक अन्तःनिर्भरता समाज को जोड़े रखती है। यहाँ कानून भी दमनकारी नहीं, बल्कि क्षतिपूरक हो जाता है।