Music - Musicians and Gharanas: 15 MCQs with Answers
Music- Musicians and Gharanas
प्रसिद्ध संगीतज्ञ, घराने, उपाधियाँ, गुरु-शिष्य परम्परा तथा पुरस्कारों पर बहुविकल्पीय प्रश्न।Your Progress
0%Q11. कुदऊ सिंह को अयोध्या नरेश द्वारा प्रदत्त उपाधि :
Right Answer: सदाकुंवर
कुदऊ सिंह उन्नीसवीं शताब्दी के महान पखावज वादक थे, जिनका जन्म बुन्देलखण्ड के बाँदा क्षेत्र में हुआ। वे नाना पानसे तथा दक्षिणी परम्परा से भिन्न अपनी विशिष्ट शैली के लिए प्रसिद्ध हुए और उनकी वादन-शक्ति एवं गमक के लिए उन्हें अनेक दरबारों में सम्मान मिला। अयोध्या नरेश ने उनकी असाधारण कला से प्रभावित होकर उन्हें ‘सदाकुंवर’ की उपाधि प्रदान की। उन्होंने अनेक शिष्य तैयार किए और उनकी परम्परा नाना साहेब पानसे तथा कुदऊ सिंह घराने के रूप में आगे बढ़ी। पखावज की परनों में उनकी रचनाएँ आज भी बजाई जाती हैं।
Q12. निम्नलिखित में से कौन - सा विकल्प सही सुमेलित है ? संगीतज्ञ उपनाम
Right Answer: न्यामत खाँ – सदारंग
न्यामत खाँ मुगल बादशाह मुहम्मद शाह रंगीले के दरबारी संगीतज्ञ थे और वे ‘सदारंग’ उपनाम से ख्याल की बन्दिशें रचते थे। उनके भतीजे अथवा पुत्र फिरोज खाँ ‘अदारंग’ के नाम से जाने गए। इन दोनों ने ख्याल गायकी को व्यवस्थित एवं समृद्ध रूप देकर उसे ध्रुपद के समकक्ष प्रतिष्ठा दिलाई, और आज गाई जाने वाली अनेक प्रसिद्ध बन्दिशों में उनका नाम मुद्रा के रूप में आता है। शेष विकल्प गलत हैं — ओंकारनाथ ठाकुर की उपाधि ‘प्रणव रंग’, बड़े गुलाम अली खाँ की ‘सबरंग’ तथा भातखण्डे की ‘चतुर’ रही।
Q13. देबू चौधरी द्वारा स्थापित संस्था का चयन कीजिए :
Right Answer: मुश्ताक अली खाँ सेन्टर फॉर कल्चर
पण्डित देबू चौधरी सेनिया घराने के प्रसिद्ध सितार वादक तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के अध्यक्ष रहे। उन्होंने अपने गुरु उस्ताद मुश्ताक अली खाँ की स्मृति में ‘मुश्ताक अली खाँ सेन्टर फॉर कल्चर’ की स्थापना की, जिसका उद्देश्य शास्त्रीय संगीत के प्रशिक्षण एवं प्रसार के साथ सेनिया परम्परा को जीवित रखना था। उन्होंने अनेक ग्रन्थ लिखे तथा अनुरंजनी सहित कई नए राग रचे। उन्हें पद्मश्री तथा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनके पुत्र प्रतीक चौधरी भी प्रतिष्ठित सितार वादक रहे।
Q14. गुरु - शिष्य की सही जोड़ी का चयन कीजिए : गुरु शिष्य
Right Answer: विलायत खाँ – अरविंद पारीख
पण्डित अरविंद पारीख उस्ताद विलायत खाँ के वरिष्ठतम एवं सर्वाधिक प्रसिद्ध शिष्य रहे। उन्होंने इटावा घराने की गायकी अंग वाली सितार परम्परा को न केवल आत्मसात किया, बल्कि व्यवसाय के साथ-साथ संगीत को समर्पित रहते हुए अध्यापन, अभिलेखन तथा संगीत-संस्थाओं के माध्यम से उसका व्यापक प्रसार भी किया। शेष जोड़ियाँ गलत हैं — बलराम पाठक विलायत खाँ की परम्परा से जुड़े रहे, देबू चौधरी मुश्ताक अली खाँ के शिष्य थे, और निखिल बनर्जी बाबा अल्लाउद्दीन खाँ तथा अन्नपूर्णा देवी के शिष्य रहे, गजानन राव जोशी के गुरु नहीं।
Q15. गीत – ‘सारे जहाँ से अच्छा’ की धुन के रचयिता तथा राग - जोगेश्वरी, परमेश्वरी के रचयिता कौन हैं ?
Right Answer: रविशंकर
पण्डित रविशंकर ने मुहम्मद इकबाल रचित ‘सारे जहाँ से अच्छा’ को राग पीलू पर आधारित उस धुन में ढाला जो आज सर्वत्र गाई जाती है और जिसे भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने भी अपनाया। सितार के इस महान वादक ने जोगेश्वरी, परमेश्वरी, गंगेश्वरी, तिलक श्याम तथा नट भैरव सहित अनेक नए रागों की रचना की। उन्होंने पश्चिम में भारतीय संगीत को लोकप्रिय बनाया, यहूदी मेनुहिन एवं बीटल्स के जॉर्ज हैरिसन के साथ कार्य किया, तथा ‘पथेर पांचाली’ और ‘गांधी’ जैसी फिल्मों को संगीत दिया। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।