Music - Tala and Laykari: 12 MCQs with Answers

Tala and Laykari - Music
Music - Tala and Laykari

Music- Tala and Laykari

ताल, मात्रा, विभाग, यति, लयकारी तथा हिन्दुस्तानी एवं कर्नाटक ताल पद्धति पर बहुविकल्पीय प्रश्न।

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Q11. रूपक ताल के एक आवर्तन में धमार के एक आवर्तन को कहा जाता है :

Right Answer: धमार की दुगुन

धमार ताल चौदह मात्राओं का है और रूपक ताल सात मात्राओं का। जब धमार के एक पूरे आवर्तन को रूपक के एक ही आवर्तन में समाहित करना हो, तो चौदह मात्राओं की सामग्री सात मात्राओं में समेटनी पड़ेगी, अर्थात् प्रत्येक बोल आधे समय में बजाना होगा। यह ठीक दुगुनी गति है, इसीलिए इसे धमार की दुगुन कहा जाता है। यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है कि लयकारी का नाम सदैव उस रचना के सन्दर्भ में रखा जाता है जिसे विस्तारित या संकुचित किया जा रहा है, न कि उस ताल के सन्दर्भ में जिसमें वह बजाई जा रही है।

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Q12. झपताल के समान मात्रा संख्या की कर्नाटक ताल का चयन कीजिए :

Right Answer: चतुरश्र जाति मठ

झपताल हिन्दुस्तानी संगीत का दस मात्राओं वाला ताल है, अतः उसके समान मात्रा संख्या वाला कर्नाटक ताल खोजने के लिए प्रत्येक विकल्प की गणना करनी होगी। मठ ताल की रचना लघु, द्रुत तथा लघु से होती है, इसलिए चतुरश्र जाति में उसकी मात्राएँ 4 जोड़ 2 जोड़ 4 अर्थात् ठीक दस होंगी। इसके विपरीत खण्ड जाति झप में 5 जोड़ 1 जोड़ 2 अर्थात् आठ, तिस्र जाति मठ में 3 जोड़ 2 जोड़ 3 अर्थात् आठ, तथा संकीर्ण जाति रूपक में 2 जोड़ 9 अर्थात् ग्यारह मात्राएँ होती हैं। अतः चतुरश्र जाति मठ ही उपयुक्त उत्तर है।

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Published: 04 August 2026 | Last Updated: 04 August 2026 |


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Deepak - Educational Content Creator

Written by Deepak

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